छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं: श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के नेतृत्व में श्रमिकों के सशक्तिकरण का नया दौर; 56 लाख से अधिक हितग्राहियों को मिला सामाजिक सुरक्षा कवच, आवास और ई-रिक्शा अनुदान में कड़ा इजाफा

छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं

रायपुर | 21 अगस्त 2026


छत्तीसगढ़ के विनिर्माण, संगठित और असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत लाखों श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने, उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं (Chhattisgarh Labor Welfare Schemes) अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आज 21 अगस्त 2026 को रायपुर से जारी विशेष आलेख के अनुसार, राज्य सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल के दौरान श्रम विभाग ने संवेदनशील सुशासन, वित्तीय पारदर्शिता और कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से श्रम कल्याण की एक नई परिभाषा स्थापित की है।

राष्ट्र निर्माण की मुख्य रीढ़ माने जाने वाले श्रमिकों के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए, छत्तीसगढ़ शासन का श्रम विभाग लगातार नए विनियामक और ढांचागत सुधार कर रहा है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के कुशल मार्गदर्शन में विभाग ने न केवल प्रशासनिक कार्यालयों का सुदूर जिलों तक विस्तार किया है, बल्कि आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी (e-Governance) का उपयोग कर ‘ई-श्रम साथी’ मोबाइल ऐप के माध्यम से सभी सेवाओं को शत-प्रतिशत पारदर्शी और बिचौलियों से मुक्त बनाया है।

महत्वपूर्ण संकेतकछत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं एवं विगत ढाई वर्षों की ऐतिहासिक प्रगति
योजनागत नोडल विभागश्रम विभाग, छत्तीसगढ़ शासन (मंत्री: श्री लखन लाल देवांगन)
कुल पंजीकृत श्रमिक (पंजीकरण)छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं के तहत 56.83 लाख श्रमिक पंजीकृत
प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण नेटवर्क10 सहायक श्रमायुक्त (ALC) एवं 23 श्रम पदाधिकारी कार्यालय (कुल 33)
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास अनुदानवित्तीय सहायता राशि ₹1 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹1.50 लाख की गई
दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना अनुदानपंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए अनुदान ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.50 लाख
वित्तीय व्यय प्रगति (30 जून 2026 तक)3.48 लाख श्रमिकों को लाभान्वित करने हेतु कुल ₹173.32 करोड़ का व्यय
श्रम पहचान पंजीयन प्रमाण-पत्रनियमों में कड़े संशोधन के तहत 24 घंटे के भीतर जारी करने का विनियामक नियम

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छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं: प्रशासनिक विस्तार और 56 लाख श्रमिकों का पंजीकरण

श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित व समयबद्ध निपटारे के लिए विभाग ने अपने प्रशासनिक ढांचे का विकेंद्रीकरण किया है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के कुशल निर्देशन में संचालित छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं के अंतर्गत अब तक राज्य के रिकॉर्ड 56.83 लाख संगठित, निर्माण और असंगठित श्रमिकों का सफलतापूर्वक पंजीकरण पूरा किया जा चुका है:

  • प्रशासनिक कार्यालयों का कड़ा संजाल: राज्य के 5 नए जिलों में नवीन श्रम पदाधिकारी कार्यालय स्थापित किए गए हैं और 5 पूर्व कार्यालयों को ‘सहायक श्रमायुक्त कार्यालय’ के रूप में उन्नत किया गया है। वर्तमान में राज्य भर में 10 सहायक श्रमायुक्त और 23 श्रम पदाधिकारी कार्यालय (कुल 33 कार्यालय) पूरी तरह सक्रिय हैं।
  • श्रम कानूनों का सरलीकरण (Ease of Doing Business): ‘छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962’ में संशोधन कर सुरक्षा मानकों के साथ महिला श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाया गया है। साथ ही, ‘छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021’ के तहत अब श्रम पहचान पंजीयन प्रमाण-पत्र मात्र 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन जारी किया जा रहा है।

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आवास, ई-रिक्शा और सामाजिक सुरक्षा राशियों में हुआ कड़ा आर्थिक इजाफा

श्रमिकों के जीवन स्तर को सम्मानजनक बनाने और उनके आश्रितों को भविष्य की वित्तीय असुरक्षा से बचाने के लिए सरकार ने सीधे उनके अनुदानों में 50 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी की है। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं के तहत ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना’ और ‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ की अनुदान राशि को एक-एक लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये (₹1.50 लाख) कर दिया गया है:

  • आवास और स्वरोजगार क्रांति: आवास सहायता में ₹1.5 लाख की एकमुश्त वित्तीय मदद से निर्माण श्रमिक अपने पक्के मकान के सपने को पूरा कर रहे हैं। वहीं, महिला श्रमिकों के लिए ‘दीदी ई-रिक्शा योजना’ के तहत ₹1.5 लाख का अनुदान उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र उद्यमी बना रहा है।
  • मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता का कड़ा ढांचा: ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना’ के तहत सामान्य मृत्यु पर ₹1 लाख, कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु पर ₹5 लाख और स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में ₹2.50 लाख की सहायता दी जा रही है। साथ ही, अपंजीकृत श्रमिकों की दुर्घटना मृत्यु पर भी ₹1 लाख की सहायता का संवेदनशील प्रावधान है।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना, अटल कैरियर निर्माण और स्वास्थ्य परीक्षण का कड़ा क्रियान्वयन

श्रमिक परिवारों के बच्चों को आधुनिक प्रतिस्पर्धात्मक युग में समान अवसर प्रदान करना और उन्हें ‘मानव पूंजी’ (Human Capital) के रूप में विकसित करना इस मिशन का मुख्य शैक्षणिक लक्ष्य है। श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट भविष्य प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं के अंतर्गत ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ के लाभार्थियों की संख्या को चालू शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 100 से बढ़ाकर सीधे 200 कर दिया गया है:

  • अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना: इसके तहत पात्र निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक देश के सबसे उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों (Private Residential Schools) में पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
  • अटल कैरियर निर्माण योजना: यह योजना पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल (NEET) जैसी कठिन राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए उच्च स्तरीय और निःशुल्क कोचिंग प्रदान करती है।
  • नियमित स्वास्थ्य और पौष्टिक भोजन: ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना’ के तहत सभी निर्माण श्रमिकों का नियमित निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। साथ ही ‘शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना’ के माध्यम से राज्य के 18 जिलों में संचालित 39 भोजन केंद्रों पर श्रमिकों को मात्र ₹5 में गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • ई-श्रम साथी मोबाइल ऐप और मॉडल लेबर चौक: विभाग द्वारा विकसित ‘ई-श्रम साथी मोबाइल ऐप’ के माध्यम से श्रमिक अपना स्व-पंजीयन कर सकते हैं और सीधे नियोजकों से संपर्क कर काम पा सकते हैं। साथ ही, राज्य भर में ‘मॉडल लेबर चौक फैसिलिटेशन सेंटर’ बनाए जा रहे हैं जहाँ विश्राम, पेयजल, भोजन और पंजीकरण की आधुनिक व्यवस्था उपलब्ध है।

UPSC & CGPSC Welfare Policy Fact Box: Constitutional Provisions & Labor Boards

  • संविधान के नीति निदेशक तत्व (DPSP) और श्रम कल्याण: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 42 राज्य को काम की न्यायसंगत और मानवीय परिस्थितियां (Just and humane conditions of work) तथा मातृत्व राहत सुनिश्चित करने का निर्देश देता है। अनुच्छेद 43 श्रमिकों के लिए निर्वाह मजदूरी (Living Wage) और शिष्ट जीवन स्तर सुनिश्चित करने की बात करता है।
  • छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण प्रणालियाँ: राज्य में मुख्य रूप से तीन विनियामक मंडल कार्यरत हैं—(1) छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, (2) भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, और (3) असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल।
  • ई-श्रम पोर्टल: केंद्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने के लिए शुरू किया गया पोर्टल है, जिससे राज्य का ‘ई-श्रम साथी’ मोबाइल ऐप सीधे तौर पर एकीकृत है।

UPSC & State PCS Mains Analysis: कल्याणकारी राज्य (Welfare State) के सिद्धांत, श्रम अर्थशास्त्र (Labour Economics) और समावेशी विकास

मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र, लोक नीति, श्रम अर्थशास्त्र और सामाजिक सुरक्षा (Social Security) के दृष्टिकोण से, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं का यह व्यापक सामाजिक और डिजिटल सुरक्षा मॉडल ‘सतत विकास लक्ष्यों’ (SDGs) की प्राप्ति की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। भारत जैसे विकासशील देश में 90% से अधिक श्रम शक्ति ‘असंगठित क्षेत्र’ (Unorganized Sector) में कार्यरत है, जिसके पास किसी भी प्रकार का सामाजिक सुरक्षा कवच (Social Security Net) या पेंशन प्रणालियाँ उपलब्ध नहीं होती हैं।

इस संरचनात्मक संकट को हल करने के लिए, ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण मंडल’ के माध्यम से निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण करना और उन्हें सीधे वित्तीय अनुदान (जैसे ₹1.5 लाख का आवास व ई-रिक्शा अनुदान) देना उनके जीवन की अनिश्चितता को समाप्त करता है। इसके अतिरिक्त, ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा’ और ‘अटल कैरियर निर्माण’ जैसी योजनाएं श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान कर ‘पीढ़ीगत गरीबी’ (Intergenerational Poverty) के दुष्चक्र को तोड़ती हैं। यह सुदृढ़ दृष्टिकोण सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-1: शून्य गरीबी, SDG-4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, SDG-8: सम्मानजनक कार्य और आर्थिक विकास, तथा SDG-10: असमानताओं में कमी) के समयबद्ध लक्ष्यों को पूरा करने में विकसित छत्तीसगढ़ @ 2047 के विजन को साकार करने की सबसे मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।


अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा नीति और संबंधित संवैधानिक प्रावधानों पर अपनी समझ का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में 21 अगस्त 2026 को जारी आलेख के अनुसार, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना’ की वित्तीय अनुदान राशि को ₹1 लाख से बढ़ाकर कितना कर दिया है?

(A) ₹1.25 लाख
(B) ₹1.50 लाख (Increased to ₹1.50 Lakh)
(C) ₹2.00 लाख
(D) ₹3.00 लाख

उत्तर: (B) ₹1.50 लाख (Increased to ₹1.50 Lakh)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्माण श्रमिकों के पक्के मकान के सपने को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत मिलने वाली राशि को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.50 लाख (डेढ़ लाख रुपये) कर दिया है।

प्रश्न 2: भारतीय संविधान का कौन-सा ‘नीति निदेशक तत्व’ (DPSP) का अनुच्छेद राज्य को श्रमिकों के लिए काम की न्यायसंगत और मानवीय परिस्थितियाँ (Just and Humane Conditions of Work) सुनिश्चित करने का निर्देश देता है?

(A) अनुच्छेद 39(a)
(B) अनुच्छेद 42 (Article 42 of DPSP)
(C) अनुच्छेद 43
(D) अनुच्छेद 48

उत्तर: (B) अनुच्छेद 42 (Article 42 of DPSP)
व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 42 स्पष्ट रूप से राज्य को काम की न्यायसंगत और मानवीय परिस्थितियाँ सुनिश्चित करने तथा मातृत्व राहत (Maternity Relief) प्रदान करने का निर्देश देता है, जो श्रम कल्याण नीतियों का मूल आधार है।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं के तहत ‘शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना’ का क्या मुख्य प्रावधान है?

छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं के अंतर्गत संचालित इस योजना के तहत पंजीकृत निर्माण, संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में राज्य के 18 जिलों में ऐसे 39 भोजन केंद्र सफलतापूर्वक चलाए जा रहे हैं।

Q2. ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ के तहत श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए क्या विशेष सुविधा दी जा रही है?

इस योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक देश के सबसे उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों (Private Residential Schools) में पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। वर्ष 2026-27 से इसके लाभार्थियों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।

Q3. ‘ई-श्रम साथी’ मोबाइल ऐप श्रमिकों और नियोजकों के लिए किस प्रकार मददगार है?

यह मोबाइल ऐप श्रम विभाग द्वारा विकसित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से असंगठित और विनिर्माण क्षेत्र के श्रमिक स्वयं का ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं, तथा सीधे रोजगार प्रदाताओं (नियोजकों) से जुड़कर बिना किसी बिचौलिए के सम्मानजनक रोजगार पा सकते हैं।


तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)

  • प्रशासनिक और डिजिटल सुदृढ़ीकरण: छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण योजनाएं के प्रभावी निष्पादन के तहत राज्य भर के 33 जिलों में प्रशासनिक कसावट के लिए 10 सहायक श्रमायुक्त और 23 श्रम पदाधिकारी कार्यालयों का सुदृढ़ संजाल स्थापित किया गया है।
  • अनुदानों में कड़ा आर्थिक सुधार: निर्माण श्रमिकों के लिए आवास और महिला श्रमिकों के लिए ‘दीदी ई-रिक्शा योजना’ के तहत मिलने वाली एकमुश्त अनुदान राशि को ₹1 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹1.50 लाख कर दिया गया है, जो उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाएगा।
  • अटल उत्कृष्ट शिक्षा और स्वास्थ्य कवच: श्रमिक परिवारों के बच्चों को जेईई और नीट जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए ‘अटल कैरियर निर्माण’ योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग तथा उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में 200 बच्चों को पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है।

UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)

यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-6 (छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य, श्रम कल्याण योजनाएं, औद्योगिक नीतियां, और असंगठित श्रमिक मंडल), पेपर-5 (छत्तीसगढ़ का सामान्य आर्थिक नियोजन), तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सरकारी नीतियां और उनका क्रियान्वयन, कमजोर वर्गों विशेषकर असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, ई-गवर्नेंस अनुप्रयोग) और सामान्य अध्ययन पेपर-3 (भारतीय अर्थव्यवस्था – श्रम सुधार, समावेशी विकास, रोजगार नीति और मानव पूंजी निर्माण) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक समसामयिक विषय है।

Official Source (आधिकारिक स्रोत)

यह विशेष आलेख छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग (DPRCG), श्रम विभाग छत्तीसगढ़, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, और जनसंपर्क विभाग के संयुक्त संचालक श्री छगल लाल लोन्हारे द्वारा 21 अगस्त 2026 को रायपुर में जारी की गई आधिकारिक श्रम कल्याण प्रगति रिपोर्ट और सांख्यिकीय आंकड़ों पर आधारित है।

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