रायपुर | 19 अगस्त 2026
भारत सरकार के राष्ट्रीय मानकीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों को सुदृढ़ करने की दिशा में छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्थित आईसीएआर (ICAR) के प्रतिष्ठित संस्थान के संयुक्त निदेशक और प्रख्यात पादप रोग विज्ञानी डॉ पंकज शर्मा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अंतर्गत गठित प्रतिष्ठित ‘एग्रो-टेक्सटाइल्स TXD 35 समिति’ के नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। 16 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, उनकी यह नियुक्ति वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी गहन विशेषज्ञता और मानकीकरण गतिविधियों में उनके दीर्घकालिक अमूल्य योगदान का एक बड़ा राष्ट्रीय सम्मान है।
वर्तमान में रायपुर स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM) के संयुक्त निदेशक के रूप में कार्यरत डॉ. पंकज शर्मा के पास कृषि और पादप रोग प्रबंधन का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। डॉ पंकज शर्मा भारतीय मानक ब्यूरो के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में प्रयुक्त होने वाली तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles) सामग्रियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और परीक्षण विधियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप नया स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
| महत्वपूर्ण संकेतक | एग्रो-टेक्सटाइल्स TXD 35 समिति एवं डॉ. पंकज शर्मा की नियुक्ति का विवरण |
|---|---|
| संबद्ध व्यक्तित्व | डॉ पंकज शर्मा भारतीय मानक ब्यूरो (एग्रो-टेक्सटाइल्स समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष) |
| समिति की तकनीकी श्रेणी | एग्रो-टेक्सटाइल्स TXD 35 समिति (भारतीय मानक ब्यूरो – BIS) |
| वर्तमान मुख्य प्रशासनिक पद | संयुक्त निदेशक – राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर |
| अन्वेषण और अनुसंधान विशेषज्ञता | पादप रोग विज्ञान (Plant Pathology), जैविक स्ट्रेस प्रबंधन और पादप-रोगजनक अंतःक्रिया |
| पूर्व वैज्ञानिक सेवा इतिहास | प्रधान वैज्ञानिक – सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर; सहायक प्राध्यापक – MPUAT, उदयपुर |
| अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व | फ्रांस (GCIRC वैज्ञानिक पैनल), ऑस्ट्रेलिया, चीन, कनाडा, स्वीडन, जर्मनी |
डॉ पंकज शर्मा भारतीय मानक ब्यूरो: एग्रो-टेक्सटाइल्स TXD 35 समिति के लक्ष्य और दायित्व
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अंतर्गत गठित एग्रो-टेक्सटाइल्स समिति देश में कृषि, बागवानी और वानिकी के क्षेत्र में उपयोग होने वाली तकनीकी सामग्रियों के मानकीकरण का कार्य करती है। वर्ष 2016 से इस तकनीकी समिति के सक्रिय सदस्य रहे डॉ पंकज शर्मा भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप संशोधित करने का दीर्घकालिक अनुभव रखते हैं:
- गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना: यह समिति एग्रो-टेक्सटाइल्स (जैसे क्रॉप कवर, शेड नेट, मल्च फिल्म, और बर्ड नेट) के विनिर्देशों, परीक्षण विधियों, तकनीकी शब्दावली और निर्माण मानकों को तय करती है ताकि किसानों को घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों से बचाया जा सके।
- सतत विकास और नवाचार: डॉ. शर्मा के कुशल नेतृत्व में यह तकनीकी समिति भारतीय कपड़ा और वस्त्र क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ और टिकाऊ विकास प्रणालियों को बढ़ावा देने वाली नवीन विनिर्माण तकनीकों को भारतीय मानकों के रूप में शामिल करेगी।
डॉ. पंकज शर्मा का प्रख्यात वैज्ञानिक सफर और अंतरराष्ट्रीय योगदान
एक प्रख्यात पादप रोग विज्ञानी (Plant Pathologist) के रूप में डॉ. शर्मा का अकादमिक और अनुसंधान करियर शानदार रहा है, जो उनकी इस उच्च पद पर नियुक्ति का मुख्य आधार बना है:
- राष्ट्रीय संस्थानों में सेवा: वर्तमान में रायपुर एनआईबीएसएम (NIBSM) के संयुक्त निदेशक होने से पूर्व वे भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर (Rajasthan) में प्रधान एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक और महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
- अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व: वे फ्रांस स्थित रेपसीड एवं कैनोला नवाचार हेतु वैश्विक परिषद (GCIRC) के वैज्ञानिक पैनल के सम्मानित सदस्य रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, चीन, स्वीडन, जर्मनी और कनाडा में आयोजित वैश्विक सम्मेलनों में भारतीय कृषि अनुसंधान और सतत विकास मॉडल को प्रस्तुत किया है।
UPSC & CGPSC Science & Technology Fact Box: BIS & National Technical Textiles Mission
- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS): यह भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय (National Standards Body) है, जिसे ‘भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016’ के तहत स्थापित किया गया था। यह केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है।
- एग्रो-टेक्सटाइल्स (Agro-Textiles): ये तकनीकी वस्त्रों (Technical Textiles) का एक विशिष्ट उप-वर्ग हैं, जिनका उपयोग कृषि, बागवानी, वानिकी और पशुपालन में किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से नेट (Shade Nets), मल्चिंग मैट, फसल सुरक्षा कवर, और जल-पारगम्य झिल्लियां शामिल हैं जो फसल की पैदावार बढ़ाने और पानी के वाष्पीकरण को रोकने में मदद करती हैं।
- ICAR-NIBSM रायपुर: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधीन ‘राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान’ (NIBSM) की स्थापना वर्ष 2012 में बरोन्डा, रायपुर (छत्तीसगढ़) में की गई थी, जो फसलों में कीटों, रोगों और खरपतवारों से होने वाले जैविक नुकसानों पर नियंत्रण के अनुसंधान का देश का शीर्ष संस्थान है।
UPSC & State PCS Mains Analysis: तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles), कृषि सुदृढ़ीकरण और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता
मुख्य परीक्षा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि अर्थशास्त्र और औद्योगिक नीति के दृष्टिकोण से, डॉ पंकज शर्मा भारतीय मानक ब्यूरो की इस महत्वपूर्ण समिति के अध्यक्ष नियुक्त किया जाना भारत के कृषि-औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला रणनीतिक कदम है। भारत सरकार ने देश को तकनीकी वस्त्रों के वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए ‘राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन’ (National Technical Textiles Mission – NTTM) की शुरुआत की है।
इस मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए एग्रो-टेक्सटाइल्स की गुणवत्ता का राष्ट्रीय मानकीकरण अत्यंत आवश्यक है। जब छोटे भारतीय किसानों को शेड नेट या मल्चिंग फिल्मों के सटीक विनिर्देश (Specifications) और गुणवत्ता मानकों की गारंटी मिलती है, तो यह उनकी इनपुट लागत को कम करता है और फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इसके अतिरिक्त, वैश्विक व्यापार समझौतों (जैसे WTO का तकनीकी व्यापार बाधाएं – TBT समझौता) के अनुकूल कठोर मानकों का निर्माण भारतीय एग्रो-टेक्सटाइल्स के कृषि निर्यातों की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करेगा। यह कड़ा ढांचा सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-2: शून्य भुखमरी और सतत कृषि तथा SDG-12: जिम्मेदारीपूर्ण उपभोग और उत्पादन) के समयबद्ध लक्ष्यों को पूरा करने में देश के कृषि और कपड़ा क्षेत्र के नियोजन की एक मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक नियुक्ति और राष्ट्रीय मानकों पर अपनी समझ का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में चर्चा में रहे डॉ पंकज शर्मा भारतीय मानक ब्यूरो की किस तकनीकी समिति के नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, जो कृषि में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों के मानकीकरण का कार्य करती है?
(A) वस्त्र सुरक्षा समिति (TXD 05)
(B) एग्रो-टेक्सटाइल्स समिति (TXD 35) (Agro-Textiles Committee)
(C) कृषि कीटनाशक मानक समिति
(D) मृदा उर्वरता तकनीकी मंच
उत्तर: (B) एग्रो-टेक्सटाइल्स समिति (TXD 35) (Agro-Textiles Committee)
व्याख्या: डॉ. पंकज शर्मा को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के तहत गठित तकनीकी समिति ‘एग्रो-टेक्सटाइल्स TXD 35’ का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो इस क्षेत्र के विनिर्देश और गुणवत्ता मानक तय करती है।
प्रश्न 2: डॉ. पंकज शर्मा वर्तमान में छत्तीसगढ़ के रायपुर (बरोन्डा) में स्थित किस प्रमुख केंद्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान में ‘संयुक्त निदेशक’ के रूप में कार्यरत हैं?
(A) इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV)
(B) राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM)
(C) राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान अकादमी
(D) केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान
उत्तर: (B) राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM)
व्याख्या: डॉ. पंकज शर्मा रायपुर स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM) के संयुक्त निदेशक और प्रसिद्ध पादप रोग विज्ञानी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. डॉ पंकज शर्मा भारतीय मानक ब्यूरो की किस विशिष्ट समिति के अध्यक्ष बने हैं और उनका मूल संस्थान कौन-सा है?
डॉ पंकज शर्मा भारतीय मानक ब्यूरो की एग्रो-टेक्सटाइल्स TXD 35 समिति के अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं; वे वर्तमान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर (ICAR-NIBSM) के संयुक्त निदेशक और प्रख्यात पादप रोग वैज्ञानिक हैं।
Q2. एग्रो-टेक्सटाइल्स (Agro-Textiles) क्या हैं और भारतीय कृषि में इनका क्या मुख्य उपयोग होता है?
ये तकनीकी वस्त्रों का एक उप-वर्ग हैं, जिनका उपयोग फसलों की सुरक्षा और उत्पादकता बढ़ाने के लिए किया जाता है। इनमें शेड नेट (छाया जाल), मल्चिंग शीट, फसल सुरक्षा कवर और एंटी-हेल नेट शामिल हैं, जो पौधों को अत्यधिक धूप, पाले, कीड़ों और ओलावृष्टि से बचाते हैं।
Q3. एग्रो-टेक्सटाइल्स TXD 35 समिति का मुख्य प्रशासनिक और तकनीकी दायित्व क्या है?
यह समिति एग्रो-टेक्सटाइल्स उत्पादों की गुणवत्ता, प्रदर्शन, सुरक्षा और राष्ट्रीय एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए नए भारतीय मानकों का विकास, परीक्षण विधियां, तकनीकी शब्दावलियां तैयार करना और पूर्व के मानकों का पुनरीक्षण (Revision) करने का कार्य करती है।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- राष्ट्रीय स्तर पर रायपुर के वैज्ञानिक का सम्मान: डॉ पंकज शर्मा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अंतर्गत कृषि क्षेत्रों में प्रयुक्त होने वाले तकनीकी धागों और वस्त्रों के मानकीकरण का नेतृत्व करेंगे, जो छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व का विषय है।
- तकनीकी वस्त्र मानकों का सुदृढ़ीकरण: एग्रो-टेक्सटाइल्स TXD 35 समिति का मुख्य कार्य फसलों की उत्पादकता और सुरक्षा बढ़ाने वाले मल्चिंग मेट और शेड नेट की गुणवत्ता को वैज्ञानिक आधार प्रदान करना है।
- वैश्विक अनुभव का लाभ: डॉ. शर्मा के फ्रांस (GCIRC) सहित ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जर्मनी जैसे देशों में वैश्विक वैज्ञानिक प्रतिनिधित्व के अनुभव से भारतीय एग्रो-टेक्सटाइल्स निर्यात को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।
UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-5 (छत्तीसगढ़ का औद्योगिक व कृषि विकास, राष्ट्रीय कृषि संस्थान), पेपर-6 (वैज्ञानिक उपलब्धियां एवं संस्थान), तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-3 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन, औद्योगिक मानकीकरण और खाद्य सुरक्षा) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक समसामयिक नीति व प्रौद्योगिकी विषय है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (NIBSM) रायपुर, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की राष्ट्रीय शासी परिषद, और भारत सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय द्वारा 16 अगस्त 2026 को जारी किए गए आधिकारिक वैज्ञानिक नियुक्ति आदेशों और क्रेडेंशियल रिपोर्टों पर आधारित है।