Padma Shri Godbole Couple: “हम बस्तर नहीं छोड़ना चाहते”, 40 सालों से आदिवासियों का इलाज कर रहे ‘पद्मश्री’ गोडबोले दंपति से मिले सीएम साय

By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर | 29 मई

छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) अंचल में जहां एक तरफ गोलियों और खौफ का साया था, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी थे जो ‘भगवान’ बनकर आदिवासियों की जिंदगी बचा रहे थे।

हाल ही में भारत सरकार द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री (Padma Shri)‘ से सम्मानित होने वाले समाजसेवी चिकित्सक दंपति— डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले (Padma Shri Godbole Couple) ने आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में आत्मीय मुलाकात की।

प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC, Vyapam, UPSC) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘राज्य अलंकरण और चर्चित व्यक्ति (Famous Personalities)’ के नजरिए से यह मुलाकात और इस दौरान सीएम साय द्वारा की गई ‘बस्तर के विकास’ की घोषणाएं एक बहुत ही महत्वपूर्ण ‘करेंट अफेयर्स’ हैं।

4 दशकों का समर्पण: ‘गोंडी-हल्बी’ सीखकर जीता आदिवासियों का दिल

मुलाकात के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री से एक बेहद भावुक बात कही, जिसने सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा, “हमें बस्तर और बस्तरवासियों से गहरा प्रेम है। हम गोंडी और हल्बी (Gondi and Halbi) भाषाओं में उनसे संवाद करते हैं, यही हमारी संस्कृति है और अब हम बस्तर नहीं छोड़ना चाहते हैं।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस आत्मीय भावना को बस्तर और जनजातीय समाज (Tribal Society) के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक बताया।

  • क्या काम किया गोडबोले दंपति ने: डॉ. गोडबोले दंपति ने चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर और अबूझमाड़ (Abujhmad) जैसे सबसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित (Naxal affected) क्षेत्रों में कार्य किया।
  • उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी जनजातीय समाज को निःशुल्क उपचार (Free Treatment) दिया और कुपोषण (Malnutrition), टीबी, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी। वे ‘वनवासी कल्याण आश्रम’ और ‘संत गहिरा गुरु’ के विचारों से भी गहराई से जुड़े रहे हैं।

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🎯 UPSC/CGPSC Alert: ‘नियद नेल्लानार’ और ‘सेवा डेरा’ का मास्टरप्लान

इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के विकास को लेकर राज्य सरकार का एक बहुत बड़ा ‘मास्टरप्लान’ साझा किया, जो सीधे आपके एग्जाम (Exam) में छपने वाला है:

  1. सुरक्षा कैंप अब बनेंगे “सेवा डेरा (Seva Dera)”:
    मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार बस्तर में स्थापित सुरक्षा कैंपों (Security Camps) को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती। अब इन कैंपों को “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी मिलेंगी।
  2. नियद नेल्लानार (Niyad Nellanar) योजना:
    नक्सल प्रभावित सुदूर गांवों तक सीधे शासन की पहुंच सुनिश्चित करने और वहां विकास कार्यों को तेजी से लागू करने के लिए ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) योजना चलाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बस्तर में ‘विकास, सुरक्षा और विश्वास’ का जो नया वातावरण बना है, वह संवेदनशील शासन का परिणाम है।

📚 The Exam Hub – चर्चित व्यक्ति व योजनाएं (Fact-Check)

आगामी CGPSC, Vyapam और अन्य प्रशासनिक परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):

  • चर्चित व्यक्ति (पद्मश्री विजेता 2026): डॉ. रामचंद्र गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले।
  • कार्यक्षेत्र (Region): बस्तर और अबूझमाड़ के नक्सल प्रभावित इलाके (40 वर्षों से)।
  • आदिवासी भाषाएं जिनका जिक्र हुआ: गोंडी और हल्बी।
  • बस्तर में सुरक्षा कैंपों का नया नाम/स्वरूप: सेवा डेरा (Seva Dera)।
  • चर्चित योजना: नियद नेल्लानार योजना (Niyad Nellanar Scheme)।
  • चर्चित संस्थाएं: वनवासी कल्याण आश्रम और संत गहिरा गुरु।

Padma Shri Godbole Couple: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित ‘डॉ. रामचंद्र गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले’ का संबंध छत्तीसगढ़ के किस क्षेत्र से है?
उत्तर: ‘पद्मश्री’ से सम्मानित डॉ. गोडबोले दंपति का संबंध छत्तीसगढ़ के ‘बस्तर और अबूझमाड़’ क्षेत्र से है, जहाँ उन्होंने पिछले 40 वर्षों से भी अधिक समय तक आदिवासी समाज को निःशुल्क चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं।

प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर में स्थापित सुरक्षा कैंपों (Security Camps) को अब किस रूप में विकसित किया जा रहा है?
उत्तर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुसार, बस्तर में स्थापित सुरक्षा कैंपों को अब “सेवा डेरा” (Seva Dera) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और बैंकिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी।


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