Surguja Free NEET JEE Coaching: 35 सरकारी स्कूलों में लाइव कोचिंग का शुभारंभ; फिजिक्स वाला के जरिए 2,120 छात्रों को 2 साल तक मिलेगा मुफ्त प्रशिक्षण

Surguja Free NEET JEE Coaching Surguja Free NEET JEE Coaching

रायपुर, 17 अक्टूबर: सरगुजा संभाग के दूरस्थ वनांचल और ग्रामीण परिवेश में पढ़ने वाले गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपनों को अब पंख लग गए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित भव्य कार्यक्रम में Surguja Free NEET JEE Coaching (सरगुजा फ्री नीट जेईई कोचिंग) परियोजना का आधिकारिक शुभारंभ किया। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुई इस परियोजना के तहत जिले के 35 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 2,120 विद्यार्थियों को 2 वर्षों तक देश के शीर्ष शिक्षकों द्वारा निःशुल्क लाइव ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। विख्यात एडटेक संस्थान फिजिक्स वाला लिमिटेड (Physics Wallah) द्वारा 75 इंच के 4K इंटरैक्टिव स्मार्ट पैनल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैकिंग सिस्टम से यह कक्षाएं सीधे स्कूलों में संचालित होंगी, जिससे विद्यार्थियों को कोटा या दिल्ली जैसे महंगे शहरों में जाने की मजबूरी से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Surguja Free NEET JEE Coaching’: सरगुजा जिले के 35 सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में राष्ट्रीय स्तर की नीट व जेईई की लाइव कोचिंग शुरू।
  • 2,120 विद्यार्थियों को 2 साल तक मुफ्त शिक्षा: शैक्षणिक सत्र 2026-27 और 2027-28 के लिए 11वीं विज्ञान संकाय (मैथ्स/बायो) के छात्र चयनित।
  • फिजिक्स वाला करेगा संचालन: राष्ट्रीय स्तर के विषय विशेषज्ञ शिक्षक हिंदी-अंग्रेजी माध्यम में लेंगे टू-वे लाइव इंटरैक्टिव डिजिटल क्लास।
  • हाई-टेक स्मार्ट क्लासरूम: सभी 35 स्कूलों में 75 इंच का 4K इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल, कंप्यूटर, एचडी वेबकैम, वायरलेस माइक और 3 घंटे का पावर बैकअप।
  • एआई (AI) आधारित प्रगति ट्रैकिंग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लर्निंग एनालिटिक्स और पैरेंट रिपोर्टिंग डैशबोर्ड से हर छात्र के टेस्ट स्कोर की होगी निगरानी।
  • 166 पशु सखियों को प्रमाण-पत्र: मंत्री राजेश अग्रवाल ने ए-हेल्प (A-HELP) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित पशु सखियों को वितरित किए प्रमाण-पत्र।

Surguja Free NEET JEE Coaching: प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं

अंबिकापुर कलेक्टोरेट में आयोजित इस प्रेरणादायी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह केवल एक कोचिंग का उद्घाटन नहीं, बल्कि सरगुजा के गरीब और होनहार बच्चों के सपनों को सच करने का पवित्र संकल्प है।

Surguja Free NEET JEE Coaching की महत्ता समझाते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज की तस्वीर बदलने का सबसे सशक्त माध्यम है। अक्सर देखा जाता है कि सरगुजा, बलरामपुर या सूरजपुर के होनहार बच्चे केवल इसलिए डॉक्टर या आईआईटीयन नहीं बन पाते थे क्योंकि उनके माता-पिता लाखों रुपये की कोचिंग फीस और बड़े शहरों के हॉस्टल का खर्च नहीं उठा सकते थे। अब राज्य सरकार ने तय किया है कि अगर बच्चे बड़े शहरों में नहीं जा सकते, तो देश के सबसे बेहतरीन शिक्षकों को सीधे उनके गांव के सरकारी स्कूल तक पहुंचाया जाएगा।

35 स्कूलों के 2,120 छात्रों के लिए 2-वर्षीय योजना: मैथ्स के लिए जेईई और बायो के लिए नीट

जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा और फिजिक्स वाला की तकनीकी टीम ने परियोजना की संरचना की विस्तृत जानकारी दी:

  • लक्षित बैच: शैक्षणिक सत्र 2026-27 और 2027-28 के दौरान कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने वाले 2,120 छात्र अगले दो वर्षों तक 12वीं बोर्ड के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे।
  • विषयवार तैयारी: गणित संकाय के विद्यार्थी जेईई (JEE Main & Advanced) और जीव विज्ञान संकाय के विद्यार्थी नीट (NEET-UG) के लिए तैयार होंगे।
  • पूर्ण अध्ययन सामग्री: छात्रों को लाइव क्लासेस के साथ रिकॉर्डेड लेक्चर्स, मोबाइल ऐप एक्सेस, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS), क्लास नोट्स, मुद्रित बुक्स, प्रश्न बैंक, ऑनलाइन मॉक टेस्ट और ऑल इंडिया टेस्ट सीरीज (AITS) की सुविधा शत-प्रतिशत निःशुल्क मिलेगी।

यह भी पढ़ें: Chhattisgarh Skill Development MoU: टीसीएस और अडानी संग 4 बड़े करार; आईटीआई व पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे AI-मशीन लर्निंग कोर्स


75 इंच के 4K पैनल और एआई तकनीक से लैस हुए 35 स्मार्ट क्लासरूम

परियोजना के तहत जिला प्रशासन ने डीएमएफ फंड से सभी 35 चयनित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के क्लासरूम्स को कॉर्पोरेट कोचिंग जैसा हाई-टेक बना दिया है:

  • आधुनिक हार्डवेयर सेटअप: क्लासरूम्स में 75 इंच के 4K अल्ट्रा-एचडी टच-स्क्रीन इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल लगाए गए हैं। साथ में डेडिकेटेड कंप्यूटर, साउंड सिस्टम, वायरलेस कॉलर माइक, हाई-डेफिनिशन वेब कैमरा और बिजली गुल होने की स्थिति में कम से कम 3 घंटे का पावर बैकअप (UPS) दिया गया है।
  • टू-वे लाइव संवाद: छात्र स्क्रीन पर शिक्षक को केवल देखेंगे ही नहीं, बल्कि माइक के जरिए सीधे दिल्ली-कोटा के शिक्षकों से सवाल पूछकर उसी समय अपना डाउट (शंका समाधान) क्लीयर कर सकेंगे।
  • एआई (AI) लर्निंग एनालिटिक्स: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डैशबोर्ड यह ट्रैक करेगा कि छात्र किस विषय (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायो, मैथ्स) के किस चैप्टर में कमजोर है, और उसी के अनुसार छात्र के मोबाइल पर एक्स्ट्रा प्रैक्टिस टेस्ट भेजे जाएंगे। अभिभावकों को भी एसएमएस व पोर्टल से रिपोर्ट मिलेगी।

कलेक्टर अजीत वसंत: हर 3 माह में होगी प्रगति की समीक्षा

सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कार्यक्रम में कहा कि इस परियोजना को केवल शुरू करके छोड़ना नहीं है, बल्कि इसके परिणामों की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा हर तीन महीने में एक विशेष फीडबैक सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें छात्रों के मॉक टेस्ट स्कोर, शिक्षकों की उपस्थिति और पाठ्यक्रम की गति की समीक्षा होगी। कलेक्टर ने प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी छात्र क्लास बंक न करे और नियमित उपस्थिति दर्ज हो। कार्यक्रम में उपस्थित सांसद चिंतामणि महाराज, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज और राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने भी छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने योग्य बताया।

ए-हेल्प कार्यक्रम: 166 प्रशिक्षित पशु सखियों को प्रमाण-पत्र वितरण

मुख्य कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामीण पशुपालन और महिला आजीविका को सशक्त करने वाले ‘ए-हेल्प’ (A-HELP) कार्यक्रम की 166 प्रशिक्षित पशु सखियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए:

  • संस्थानों का साझा सहयोग: इस प्रशिक्षण में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और पशु चिकित्सा विभाग का विशेष योगदान रहा।
  • ग्रामीण पशुधन की सुरक्षा: प्रशिक्षित पशु सखियां गांवों में घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण, कृमिनाशक दवाओं का वितरण, पशुधन बीमा और प्रारंभिक प्राथमिक उपचार में पशु चिकित्सा विभाग के मैदानी अमले का सहयोग करेंगी।

“बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों का भ्रम अब टूट रहा है। सरगुजा की माटी में असीम प्रतिभा है। यदि हमारे आदिवासी और किसान परिवारों के बच्चों को आधुनिक तकनीक और सही मार्गदर्शन दिया जाए, तो वे देश की सर्वोच्च मेरिट लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। 35 स्कूलों के 2,120 बच्चों को फिजिक्स वाला के जरिए मिल रही यह 2-वर्षीय कोचिंग सरगुजा को शिक्षा का सिरमौर बनाएगी। खूब पढ़िए, बड़े सपने देखिए और अपने माता-पिता व सरगुजा का नाम रोशन कीजिए।”— राजेश अग्रवाल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (अंबिकापुर संबोधन)

सरगुजा के विद्यार्थियों और ग्रामीण परिवारों के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • लाखों रुपये की सीधी बचत: एक छात्र को कोटा या बिलासपुर में रखकर नीट/जेईई की 2 साल कोचिंग कराने में 3 से 4 लाख रुपये का खर्च आता है; यह पूरी सुविधा अब गांव के सरकारी स्कूल में मुफ्त मिलेगी।
  • घर के सुरक्षित माहौल में पढ़ाई: 11वीं के छोटे बच्चों को अपनों से दूर हॉस्टलों के तनाव और अकेलेपन में नहीं रहना पड़ेगा; वे परिवार के बीच रहकर पढ़ाई करेंगे।
  • सरकारी स्कूलों में नामांकन में वृद्धि: इस तरह की अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग सुविधाएं मिलने से अभिभावकों का सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास बढ़ेगा।

सरगुजा फ्री नीट-जेईई ऑनलाइन कोचिंग परियोजना: एक नजर में

  • परियोजना का नाम: सरगुजा निःशुल्क नीट एवं जेईई लाइव ऑनलाइन कोचिंग (Surguja Free NEET JEE Coaching)
  • शुभारंभ स्थल व तिथि: जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष, अंबिकापुर (17 अक्टूबर 2026)
  • मुख्य अतिथि: श्री राजेश अग्रवाल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
  • सहयोगी संस्थाएं: जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) एवं स्कूल शिक्षा विभाग, सरगुजा
  • ऑपरेटिंग एडटेक पार्टनर: फिजिक्स वाला लिमिटेड (Physics Wallah Limited)
  • चयनित स्कूल व विद्यार्थी: 35 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय | 2,120 विद्यार्थी
  • लक्षित कक्षा व संकाय: कक्षा 11वीं विज्ञान संकाय (गणित-जेईई एवं जीव विज्ञान-नीट)
  • कोचिंग अवधि: 2 वर्ष (शैक्षणिक सत्र 2026-27 एवं 2027-28)
  • क्लासरूम हार्डवेयर: 75 इंच 4K इंटरैक्टिव पैनल, कंप्यूटर, वेबकैम, माइक, 3 घंटे पावर बैकअप
  • संबद्ध कार्यक्रम: ए-हेल्प (A-HELP) योजना अंतर्गत 166 प्रशिक्षित पशु सखियों को प्रमाण-पत्र वितरण

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Surguja Free NEET JEE Coaching परियोजना का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा है?

Surguja Free NEET JEE Coaching परियोजना का संचालन जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) और स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से देश की प्रतिष्ठित एडटेक कंपनी फिजिक्स वाला लिमिटेड (Physics Wallah) द्वारा किया जा रहा है।

इस निःशुल्क कोचिंग से कितने स्कूलों के कितने छात्र लाभान्वित होंगे?

इस परियोजना के तहत सरगुजा जिले के 35 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा 11वीं विज्ञान संकाय के लगभग 2,120 विद्यार्थियों को दो वर्षों (11वीं और 12वीं) तक निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी।

स्मार्ट क्लासरूम में छात्रों को क्या तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं?

सभी 35 स्कूलों में 75 इंच के 4K इंटरैक्टिव टच पैनल, वायरलेस माइक, एचडी कैमरा, टू-वे ऑडियो-वीडियो संवाद, रिकॉर्डेड लेक्चर्स, एआई लर्निंग एनालिटिक्स और 3 घंटे का पावर बैकअप दिया गया है।

कार्यक्रम में मंत्री राजेश अग्रवाल ने पशु सखियों को लेकर क्या पहल की?

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने ए-हेल्प (A-HELP) कार्यक्रम के तहत आरसेटी और केवीके द्वारा प्रशिक्षित 166 पशु सखियों को ग्रामीण पशु स्वास्थ्य व टीकाकरण सेवाओं के लिए प्रमाण-पत्र वितरित किए।

आधिकारिक स्रोत: स्कूल शिक्षा विभाग / जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF), सरगुजा / जिला जनसंपर्क कार्यालय (DPR), अंबिकापुर (छत्तीसगढ़ शासन)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *