सिंगापुर/रायपुर, 05 अक्टूबर: सिंगापुर प्रवास के दूसरे दिन SING Forum Chhattisgarh Investment (सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ फोरम में छत्तीसगढ़ निवेश) के मुख्य मंच से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिंगापुर के शीर्ष उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थानों और वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने राज्य को केवल पारंपरिक खनन और भारी उद्योगों तक सीमित न मानकर अत्याधुनिक तकनीक, नवाचार और हरित ऊर्जा के उभरते वैश्विक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने सिंगापुर की उन्नत तकनीकी दक्षता और छत्तीसगढ़ की असीम प्राकृतिक संपदा के तालमेल से 5 प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश, रोजगार और तकनीकी हस्तांतरण का खुला आमंत्रण दिया।
मुख्य बिंदु:
- ‘SING Forum Chhattisgarh Investment’: सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स को दिया छत्तीसगढ़ आने का न्योता।
- “खनिज और पारंपरिक उद्योगों से आगे निकला छत्तीसगढ़, अब तकनीक और नवाचार में भी अग्रणी”: मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश।
- टेक्नोलॉजी व कैपेबिलिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी, औद्योगिक अधोसंरचना और शहरी विकास में साझेदारी का प्रस्ताव।
- सिंगापुर-छत्तीसगढ़ साझेदारी से केवल पूंजी निवेश ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी हस्तांतरण का बनेगा मजबूत सेतु।
पारंपरिक उद्योगों से आगे: तकनीक और नवाचार का नया हब बन रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अब केवल कोयला, लोहा और सीमेंट जैसे कच्चे माल तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों और आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के समन्वय से प्रदेश को देश के सबसे अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश केंद्रों में विकसित करने की दिशा में मिशन मोड में काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर क्लस्टर, डेटा सेंटर पार्क्स और एआई-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हो रहा है। छत्तीसगढ़ अब ‘कच्चे माल के सप्लायर’ से बदलकर ‘वैल्यू-एडेड हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग’ का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
सिंगापुर की तकनीकी दक्षता + छत्तीसगढ़ के संसाधन: साझेदारी का ‘विन-विन’ मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर ने नगर नियोजन, वित्तीय नवाचार और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में पूरी दुनिया के सामने एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया है। यदि सिंगापुर की इस तकनीकी विशेषज्ञता और शहरी विकास के वैश्विक अनुभवों को छत्तीसगढ़ की विशाल भूमि, खनिज और ऊर्जा संपदा के साथ मिला दिया जाए, तो यह दोनों पक्षों के लिए अभूतपूर्व विकास के द्वार खोल सकता है।
राज्य सरकार निवेशकों को पारदर्शी सिंगल-विंडो सिस्टम, 450 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों और प्रगतिशील औद्योगिक नीति के माध्यम से पूरी तरह सुरक्षित, स्थिर और अनुकूल नीतिगत वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है।
इन 5 प्रमुख सेक्टर्स में सहयोग पर हुई गहन रणनीतिक चर्चा
फोरम के दौरान मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने सिंगापुर के निवेशकों के समक्ष 5 प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का विस्तृत रोडमैप रखा:
- 1. टेक्नोलॉजी एवं प्रोफेशनल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs): बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बैक-एंड ऑपरेशंस, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, वित्तीय विश्लेषण और डेटा साइंस के लिए नवा रायपुर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की स्थापना।
- 2. आधुनिक लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग: भारत के केंद्र में स्थित होने के कारण देश के किसी भी कोने तक त्वरित पहुंच के लिए मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और सप्लाई चेन नेटवर्क का विकास।
- 3. ग्रीन एनर्जी एवं क्लीन-टेक: सौर ऊर्जा पार्क, ग्रिड-स्केल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और ग्रीन हाइड्रोजन में बड़े निवेश की संभावनाएं।
- 4. प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक अधोसंरचना: नए निवेशकों को बिना किसी निर्माण देरी के सीधे मशीन लगाकर उत्पादन शुरू करने हेतु तैयार औद्योगिक शेड्स और क्लस्टर्स की उपलब्धता।
- 5. स्मार्ट शहरी विकास एवं टाउनशिप: नवा रायपुर अटल नगर और अन्य प्रमुख शहरों में सिंगापुर की तर्ज पर सस्टेनेबल हाउसिंग, वाटर रीसाइक्लिंग और पर्यावरण-अनुकूल शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर।
निवेश, रोजगार और तकनीकी हस्तांतरण: त्रि-आयामी विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सिंगापुर के साथ यह संभावित साझेदारी केवल पैसों के लेन-देन तक सीमित नहीं रहेगी। इसका मूल ध्येय छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं का कौशल उन्नयन (Skill Development) करना है।
सिंगापुर की कंपनियों के साथ समझौते होने पर तकनीकी हस्तांतरण (Technology Transfer) सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे राज्य के इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और तकनीकी संस्थानों के छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और उच्च वेतन वाली नौकरियां अपने ही राज्य में मिल सकेंगी।
“छत्तीसगढ़ संभावनाओं की भूमि है। हमारे पास पारदर्शी नीतियां हैं, प्रचुर संसाधन हैं और एक ऐसा प्रशासन है जो उद्योगपतियों से सीधे संवाद कर बाधाओं को दूर करता है। सिंगापुर के तकनीकी नवाचार और छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता का मिलन ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई उड़ान देगा। हम सिंगापुर के व्यावसायिक समुदाय का हृदय से स्वागत करते हैं।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
छत्तीसगढ़ के युवाओं, उद्योगों और स्टार्टअप्स के लिए इसके क्या मायने हैं?
- मल्टीनेशनल कंपनियों में सीधी नौकरियां: ग्लोबल कैपेबिलिटी और टेक सेंटर्स की स्थापना से राज्य के युवाओं को आईटी नौकरियों के लिए बेंगलुरु या पुणे जाने की मजबूरी खत्म होगी।
- स्थानीय उद्योगों का आधुनिकीकरण: सिंगापुर की लॉजिस्टिक्स और क्लीन-टेक कंपनियों के साथ काम करने से छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्टील और सीमेंट उद्योगों की कार्यकुशलता बढ़ेगी।
- स्टार्टअप्स के लिए अंतरराष्ट्रीय वेंचर कैपिटल: सिंगापुर के वित्तीय निवेशकों से संपर्क बनने से रायपुर और भिलाई के टेक स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय फंडिंग और वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी।
सिंगापुर निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत प्रमुख औद्योगिक स्तंभ
- रणनीतिक स्थिति: भारत के मध्य में स्थित, सभी प्रमुख बंदरगाहों और महानगरों से सुगम रेल-सड़क-हवाई संपर्क।
- बिजली व ऊर्जा: अधिशेष (Surplus) बिजली वाला राज्य और ग्रीन एनर्जी का तेजी से विस्तार।
- प्रशासनिक सुगमता: सिंगल विंडो 2.0 के तहत समयबद्ध अनुमतियां और 450+ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार।
- साझेदारी के क्षेत्र: आईटी, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी, प्लग-एंड-प्ले शेड्स और सस्टेनेबल अर्बन प्लानिंग।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
SING Forum Chhattisgarh Investment के तहत मुख्यमंत्री ने किन क्षेत्रों में निवेश का न्योता दिया?
मुख्यमंत्री ने टेक्नोलॉजी कैपेबिलिटी सेंटर्स, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी, प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक अधोसंरचना और स्मार्ट शहरी विकास में निवेश का न्योता दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार, आईटी, सेमीकंडक्टर और आधुनिक तकनीक के वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
सिंगापुर और छत्तीसगढ़ की साझेदारी से स्थानीय स्तर पर क्या लाभ मिलेगा?
इस साझेदारी से राज्य में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आएगा, युवाओं को उच्च-तकनीकी रोजगार मिलेगा और राज्य में आधुनिक तकनीकी हस्तांतरण संभव होगा।
सिंगापुर के निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ में कौन-से नीतिगत लाभ उपलब्ध हैं?
राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत सिंगल विंडो क्लीयरेंस, तैयार औद्योगिक भूमि, सब्सिडी और 450 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों का लाभ दे रही है।
स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / सिंगापुर ब्यूरो)