Role Bol Youth Conclave: रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने दिया सफलता का मंत्र, AI और डीपफेक के जिम्मेदार उपयोग पर जोर

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रायपुर, 04 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका रविवार को राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित Role Bol Youth Conclave (रोल बोल यूथ कॉन्क्लेव-2026) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सामाजिक संस्था ‘रोल-बोल’ द्वारा आयोजित इस प्रेरणादायी युवा समागम में राज्यपाल ने सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्यों, निरंतर नवाचार और तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग को जीवन में सफलता का मूल आधार बताया। उन्होंने युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सोशल मीडिया के दौर में फेक न्यूज व डीपफेक जैसी चुनौतियों से समाज को सुरक्षित रखना हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है।

मुख्य बिंदु:

  • ‘Role Bol Youth Conclave’ (रोल बोल यूथ कॉन्क्लेव): रायपुर मेडिकल कॉलेज सभागार में राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं को किया संबोधित।
  • ‘रेस्ट ऑफ लाइफ, बेस्ट ऑफ लाइफ’ के संदेश के साथ सकारात्मक सोच और मानवीय संबंधों को सहेजने पर दिया विशेष बल।
  • इंटरनेट और गूगल के दौर में युवाओं से मौलिक सोच (Original Thinking) और मानसिक अभ्यास जीवित रखने का आह्वान।
  • कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और प्रसिद्ध बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा सहित सिनेमा व मीडिया जगत के दिग्गज रहे उपस्थित।

‘मशीन बुद्धिमान हो सकती है, लेकिन मानवता मनुष्य के भीतर’: राज्यपाल रमेन डेका

राज्यपाल रमेन डेका ने अपने प्रेरक उद्बोधन में तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आज विज्ञान और तकनीक ने हमारी जीवनशैली में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, लेकिन तकनीक का उद्देश्य केवल जानकारी जुटाना नहीं, बल्कि मानव जीवन को अधिक सुगम और संवेदनशील बनाना होना चाहिए।

उन्होंने युवाओं से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग सोच-समझकर और पूरी जिम्मेदारी के साथ करें। तकनीक कितनी भी आधुनिक क्यों न हो जाए, वह कभी भी मानवीय संवेदनाओं, प्रेम और नैतिक मूल्यों का स्थान नहीं ले सकती। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सामग्री, फेक न्यूज और डीपफेक के खतरों से स्वयं को बचाते हुए समाज को भी सचेत करना आज के युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

गूगल के युग में मौलिक सोच जरूरी, असफलताओं से घबराएं नहीं

राज्यपाल ने कहा कि आज इंटरनेट ने पूरी दुनिया की जानकारियां हमारी उंगलियों पर लाकर रख दी हैं। गूगल सर्च के जरिए कोई भी तथ्य आसानी से मिल जाता है, लेकिन इससे युवाओं की खुद सोचने और शोध करने की आदत कम नहीं होनी चाहिए। युवाओं के भीतर मौलिक सोच, मानसिक व्यायाम और नई संभावनाओं को तलाशने की बौद्धिक क्षमता का विकास होना अनिवार्य है।

उन्होंने जीवन में असफलता और हार को सकारात्मक रूप से स्वीकार करने की सीख देते हुए कहा कि हार हमें अपनी कमियों को पहचानकर और अधिक कठिन परिश्रम करने तथा अगली बार शानदार जीत दर्ज करने की प्रेरणा देती है।


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स्वामी विवेकानंद का संदेश: वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करें

राज्यपाल ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के अमर विचारों का स्मरण कराते हुए कहा कि जो बीत गया उसे पीछे छोड़ देना चाहिए और भविष्य की काल्पनिक चिंताओं में उलझने के बजाय अपने वर्तमान पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारे जीवन की वास्तविक सफलता केवल पद, प्रतिष्ठा या व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं आंकी जा सकती, बल्कि इस बात से तय होती है कि हमने समाज में कितने मजबूत और आत्मीय संबंध बनाए हैं। परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध जितने प्रगाढ़ होंगे, हमारा जीवन उतना ही समृद्ध और शांत होगा।

चरित्र और विनम्रता: ‘ज्ञान लीजिए, दीजिए और दान करिए’

समारोह में संस्था ‘रोल-बोल’ (Rest of Life, Best of Life) के मूल मंत्र की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जीवन को हमेशा सकारात्मक दृष्टि से देखना चाहिए। व्यक्ति के जीवन में चरित्र सबसे बड़ी पूंजी है।

उन्होंने भारतीय संस्कृति की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान प्राप्त करना, ज्ञान का विस्तार करना और निस्वार्थ भाव से समाज को ज्ञान का दान करना ही सच्ची मानवीय परंपरा है। सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी व्यक्ति को सदैव विनम्र और शालीन बने रहना चाहिए।

समारोह में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और संगीतकार मोंटी शर्मा की मौजूदगी

रायपुर मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित इस गरिमामय युवा कॉन्क्लेव में कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने युवाओं को तकनीकी कौशल के साथ स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में बॉलीवुड के प्रख्यात संगीतकार मोंटी शर्मा (फिल्म ‘सांवरिया’ और ‘ब्लैक’ फेम) ने भी युवाओं से अपनी कला यात्रा के अनुभव साझा किए। इस अवसर पर ‘रोल-बोल’ सामाजिक संस्था के प्रमुख पदाधिकारी, राजनीति, मीडिया, उद्योग, कला और सिनेमा जगत से जुड़े गणमान्य नागरिक तथा सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

“मानव का बौद्धिक गुण सर्वोपरि है। तकनीक का उपयोग रचनात्मक कार्यों और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि विनाश के लिए। नकारात्मक सोच के साथ कोई भी व्यक्ति जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता। जब युवा सकारात्मक सोच और मानवीय मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी एक सशक्त और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है।”— रमेन डेका, राज्यपाल, छत्तीसगढ़

युवाओं, छात्रों और डिजिटल समाज के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • स्क्रीन निर्भरता से हटकर बौद्धिक विकास: केवल सर्च इंजन और सोशल मीडिया रील्स पर निर्भर रहने के बजाय युवाओं में किताबें पढ़ने, सवाल पूछने और मौलिक विचार विकसित करने की प्रेरणा मिलेगी।
  • मानसिक स्वास्थ्य और संबंधों का महत्व: डिजिटल दुनिया की आभासी पहचान से परे परिवार और वास्तविक मित्रों के साथ समय बिताने से युवाओं में अकेलापन और डिप्रेशन जैसी समस्याएं कम होंगी।
  • साइबर सुरक्षा और डीपफेक से बचाव: राज्यपाल की चेतावनी से छात्र और युवा सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक वीडियो या खबर को बिना सत्यापन के शेयर न करने के प्रति जागरूक होंगे।

रोल-बोल यूथ कॉन्क्लेव 2026 के मुख्य प्रेरक सूत्र

  • संस्था का विजन: रोल-बोल (Rest of Life, Best of Life – शेष जीवन, सर्वश्रेष्ठ जीवन)।
  • मार्गदर्शन: स्वामी विवेकानंद के दर्शन के अनुरूप वर्तमान में जीने की कला।
  • तकनीकी संदेश: एआई और इंटरनेट का रचनात्मक व नैतिक उपयोग, डीपफेक से दूरी।
  • जीवन मूल्य: असफलता से सीख, चरित्र निर्माण और सफलता में विनम्रता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Role Bol Youth Conclave (रोल बोल यूथ कॉन्क्लेव) का आयोजन कहां हुआ?

इस युवा सम्मेलन का आयोजन रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘रोल-बोल’ सामाजिक संस्था द्वारा किया गया।

राज्यपाल रमेन डेका ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर क्या विचार व्यक्त किए?

राज्यपाल ने कहा कि मशीन बुद्धिमान हो सकती है लेकिन मानवता केवल मनुष्य के भीतर होती है; उन्होंने युवाओं से एआई का सोच-समझकर और जिम्मेदारी से उपयोग करने तथा डीपफेक से सतर्क रहने को कहा।

‘रोल-बोल’ संस्था के नाम का मूल संदेश क्या है?

‘रोल-बोल’ का अर्थ है ‘रेस्ट ऑफ लाइफ, बेस्ट ऑफ लाइफ’ (Rest of Life, Best of Life), जो जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखने और शेष जीवन को सर्वश्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा देता है।

इस कॉन्क्लेव में बॉलीवुड से किस प्रमुख हस्ती ने सहभागिता की?

कार्यक्रम में प्रसिद्ध बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की और युवाओं से अपने विचार साझा किए।

स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / राजभवन सचिवालय)

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