Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission: गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचेंगे खिलाड़ी; बिलासपुर सेंटर की क्षमता होगी 300, सीएम साय ने तय किया रोडमैप

Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission

रायपुर, 13 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के गांवों, जनजातीय अंचलों और सुदूर जंगलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आधुनिक वैज्ञानिक प्रशिक्षण देकर विश्वस्तरीय चैंपियन बनाने के लिए राज्य सरकार ने सबसे बड़े खेल सुधार की रूपरेखा तैयार कर ली है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission (मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन) के आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना और वित्तीय प्रबंधन पर विस्तृत मंथन किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक खेल प्रतिभाओं को कम उम्र में चिन्हित कर उन्हें ‘फीडर सेंटर’ से लेकर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ तक पहुँचाने का सुदृढ़ तंत्र तैयार किया जाए। इसके तहत बिलासपुर स्थित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर में आवासीय एथलीटों की वर्तमान क्षमता 165 से बढ़ाकर 300 खिलाड़ी की जाएगी और ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक ‘मुख्यमंत्री ट्रॉफी’ एवं टैलेंट हंट प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन होगा।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission’: प्रतिभा खोज से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक खिलाड़ियों के लिए 5-वर्षीय मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार।
  • बिलासपुर सेंटर का विस्तार: बिलासपुर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की आवासीय क्षमता 165 से बढ़ाकर 300 करने और नई विधाओं को जोड़ने का फैसला।
  • 10 प्राथमिकता वाले खेल: तीरंदाजी, हॉकी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन, तैराकी, बैडमिंटन, जूडो और कबड्डी पर विशेष फोकस।
  • फीडर सेंटर से एक्सीलेंस सेंटर: जमीनी स्तर पर प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए फीडर सेंटर और शीर्ष खिलाड़ियों के लिए उच्च प्रदर्शन केंद्र।
  • स्पोर्ट्स साइंस और पोषण: खेल मनोविज्ञान, बायोमैकेनिक्स, फिजियोथेरेपी और इंजरी रिहैबिलिटेशन को बनाया जाएगा प्रशिक्षण का मुख्य हिस्सा।
  • महिला व पैरा एथलीटों को प्रोत्साहन: दिव्यांग खिलाड़ियों और बालिकाओं के लिए विशेष कोचिंग कैंप; स्कूल स्तर पर व्यायाम शिक्षकों (PTI) की सक्रियता।

Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission: 5 वर्षों का रोडमैप और जमीनी स्पोर्ट्स इकोसिस्टम

मंत्रालय में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत उन्हें सही समय पर तराशने की है।

Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission की समीक्षा करते हुए उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव और एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी का उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां साबित कर चुकी हैं कि वे दुनिया जीत सकती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रतिभा खोज केवल रायपुर या बिलासपुर तक सीमित न रहे, बल्कि बस्तर, जशपुर और सरगुजा के अंतिम गांव तक पहुंचे। मिशन की 5-वर्षीय योजना में खिलाड़ियों के चयन से लेकर उनके उच्च प्रदर्शन वाले एथलीट बनने तक की पूरी यात्रा का स्पष्ट खाका तैयार किया गया है।

फीडर सेंटर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: तीन-स्तरीय वैज्ञानिक प्रशिक्षण मॉडल

बैठक में प्रतिभाओं को चरणबद्ध रूप से निखारने के लिए तीन-स्तरीय पिरामिड प्रशिक्षण संरचना को मंजूरी दी गई:

  • 1. फीडर सेंटर (Feeder Centers): ब्लॉक और ग्रामीण स्तर पर प्राथमिक खेल मैदानों को फीडर सेंटर बनाया जाएगा, जहाँ स्थानीय स्कूलों के व्यायाम शिक्षक (PTI) प्रारंभिक प्रतिभाओं को बुनियादी प्रशिक्षण देंगे।
  • 2. उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र (High-Performance Centers): जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जिला मुख्यालयों में खेल अकादमियों से जोड़ा जाएगा।
  • 3. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centres of Excellence): राज्य स्तर के शीर्ष एथलीटों को बिलासपुर और रायपुर के एक्सीलेंस सेंटर्स में रखकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कोचों द्वारा ओलंपिक स्तर की कोचिंग दी जाएगी।

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10 प्राथमिकता वाले खेल: तीरंदाजी से लेकर कबड्डी और एथलेटिक्स का चयन

राज्य के युवाओं की शारीरिक बनावट, प्राकृतिक क्षमता और पारंपरिक जुड़ाव को देखते हुए मिशन में 10 कोर ओलंपिक खेलों को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है:

  • एथलेटिक्स, तीरंदाजी (Archery), हॉकी, मुक्केबाजी (Boxing), कुश्ती (Wrestling), भारोत्तोलन (Weightlifting), तैराकी (Swimming), बैडमिंटन, जूडो और कबड्डी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिस क्षेत्र का जिस खेल में स्वाभाविक दबदबा है (जैसे बस्तर में तीरंदाजी व फुटबॉल, कवर्धा-बालोद में कबड्डी), वहां उसी खेल के विशेषज्ञ राष्ट्रीय कोच पदस्थ किए जाएं।

बिलासपुर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर का विस्तार: क्षमता 165 से बढ़कर होगी 300

बैठक में बिलासपुर स्थित बहुप्रतीक्षित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर के बुनियादी ढांचे के विस्तार को मंजूरी दी गई।

सेंटर में वर्तमान में 165 आवासीय खिलाड़ियों के रहने और प्रशिक्षण की व्यवस्था है, जिसे बढ़ाकर 300 खिलाड़ी किया जाएगा। इसके साथ ही वहां नए खेल एरेना, सिंथेटिक ट्रैक और आधुनिक हॉस्टल ब्लॉक्स का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि राज्य भर के मौजूदा स्टेडियमों, इंडोर हॉल्स और खेल मैदानों का नियमित रखरखाव कराया जाए ताकि कोई भी सरकारी अधोसंरचना वीरान न रहे।

स्पोर्ट्स साइंस, न्यूट्रिशन और इंजरी रिहैबिलिटेशन पर विशेष जोर

आधुनिक खेल केवल शारीरिक ताकत से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक प्रबंधन से जीते जाते हैं। मिशन में खेल विज्ञान (Sports Science) को अनिवार्य घटक बनाया गया है:

  • पोषण और डाइट मैनेजमेंट: एथलीटों के शरीर और खेल विधा के अनुसार विशेष वैज्ञानिक आहार चार्ट लागू होगा।
  • इंजरी प्रिवेंशन व फिजियोथेरेपी: चोटों से बचाव और इंजरी के बाद त्वरित रिकवरी के लिए आधुनिक पुनर्वास केंद्र और फिजियोथेरेपिस्ट्स की तैनाती होगी।
  • खेल मनोविज्ञान (Sports Psychology): बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और दबाव के क्षणों में खिलाड़ियों के मानसिक संतुलन के लिए मनोवैज्ञानिकों का नियमित मार्गदर्शन मिलेगा।

टैलेंट हंट, ‘मुख्यमंत्री ट्रॉफी’ और महिला व दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहन

नियमित प्रतियोगिताओं के बिना खिलाड़ी की धार कुंद हो जाती है। इसके लिए ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर टैलेंट हंट और ‘मुख्यमंत्री ट्रॉफी’ (Mukhyamantri Trophy) प्रतियोगिताओं का वार्षिक कैलेंडर लागू होगा।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों (दिव्यांग खिलाड़ियों) के लिए सुरक्षित वातावरण, आवासीय सुविधाएं और विशेष कोचिंग कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि राज्य के पैरा-खिलाड़ी भी पैरालंपिक खेलों में तिरंगा लहरा सकें।

“हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के किसी भी बच्चे का खेल सपना केवल इसलिए न टूटे क्योंकि उसके पास जूते, किट या मैदान नहीं था। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के जरिए हम गांव की पगडंडी से शुरू होने वाले सफर को ओलंपिक के पोडियम तक पहुंचाएंगे। खेल विभाग, शिक्षा, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग मिलकर एक ऐसा मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाएं जहाँ प्रतिभा को अवसर और सम्मान दोनों मिले।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (समीक्षा बैठक संबोधन)

समीक्षा बैठक में उपस्थित शीर्ष मंत्रिमंडल एवं प्रशासनिक नेतृत्व

मंत्रालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय मैराथन बैठक में खेल और नीति-निर्माण से जुड़े प्रमुख नेता और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उपस्थित रहे:

  • मंत्रिमंडल: उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी।
  • प्रशासनिक नेतृत्व: मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार।
  • विभागीय सचिवगण: स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, आईटी सचिव श्री अंकित आनंद, पीडब्ल्यूडी सचिव श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण सचिव श्री यशवंत कुमार।

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन 2026: एक नजर में

  • मिशन का नाम: मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन (Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission)
  • बैठक स्थल व तिथि: मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर (13 अक्टूबर 2026)
  • अध्यक्षता: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय (उपस्थिति: अरुण साव, ओ.पी. चौधरी, विकासशील)
  • कार्ययोजना अवधि: आगामी 5 वर्ष (दीर्घकालिक परिणामोन्मुख वित्तीय प्रबंधन)
  • बिलासपुर एक्सीलेंस सेंटर क्षमता: 165 से बढ़ाकर 300 आवासीय खिलाड़ी
  • प्रशिक्षण मॉडल: फीडर सेंटर $\to$ उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र $\to$ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
  • 10 प्राथमिकता खेल: तीरंदाजी, हॉकी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, तैराकी, बैडमिंटन, जूडो, कबड्डी
  • वार्षिक प्रतियोगिताएं: टैलेंट हंट एवं ‘मुख्यमंत्री ट्रॉफी’ (ब्लॉक, जिला व राज्य स्तर)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Mukhyamantri Khel Utkarsh Mission का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं को कम उम्र में पहचानकर उन्हें आधुनिक खेल विज्ञान, पोषण और कोचिंग के जरिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है।

बिलासपुर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर में क्या बड़ा बदलाव किया जा रहा है?

बिलासपुर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर में आवासीय एथलीटों की वर्तमान क्षमता 165 से बढ़ाकर 300 की जा रही है और वहाँ नई खेल विधाओं और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मिशन के तहत किन 10 खेलों को प्राथमिकता सूची में रखा गया है?

मिशन के अंतर्गत तीरंदाजी, हॉकी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग), तैराकी, बैडमिंटन, जूडो और कबड्डी को प्राथमिकता वाले 10 खेलों के रूप में चिन्हित किया गया है।

खिलाड़ियों की पहचान और स्पर्धाओं के लिए क्या व्यवस्था बनाई गई है?

जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज के लिए स्कूलों में फीडर सेंटर बनेंगे, नियमित टैलेंट हंट आयोजित होंगे और ब्लॉक से राज्य स्तर तक ‘मुख्यमंत्री ट्रॉफी’ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / खेल एवं युवा कल्याण विभाग / जनसंपर्क विभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन)

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