मुंगेली (छत्तीसगढ़), 25 सितंबर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली जिले के ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल मदकूद्वीप में समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम की स्मृति में बने नवनिर्मित उद्यान का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने मदकूद्वीप की प्राचीन धरोहरों को सहेजने का संकल्प दोहराते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कल्पवृक्ष का पौधा भी रोपा।
मुख्य बिंदु:
- मदकूद्वीप में समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम की स्मृति को समर्पित भव्य उद्यान का लोकार्पण।
- पर्यावरण संरक्षण को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने परिसर में लगाया दुर्लभ कल्पवृक्ष का पौधा।
- केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और पूर्व राज्यपाल रमेश बैस सहित कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद।
- बैतलपुर अस्पताल विस्तार और नवागढ़ शमी गणेश मंदिर पुनर्निर्माण में शांताराम के योगदान को किया गया याद।
धरोहर संरक्षण में शांताराम का आजीवन समर्पण
पथरिया विकासखंड के अंतर्गत शिवनाथ नदी के तट पर स्थित हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप राज्य की पुरातात्विक और आध्यात्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यहां आयोजित वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में पहुंचकर समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शांताराम ने अपना पूरा जीवन मदकूद्वीप की उपेक्षित पड़ी ऐतिहासिक संपदा को सामने लाने और उसके संरक्षण में खपा दिया। उनके प्रयासों से ही यह क्षेत्र आज देश भर के शोधकर्ताओं और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन सका है।
मंदिर निर्माण से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक रहा दायरा
शांताराम का सामाजिक सरोकार केवल मदकूद्वीप तक सीमित नहीं था। उन्होंने बैतलपुर में शिव मंदिर के निर्माण और वहां कुष्ठ पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में बड़ी भूमिका निभाई थी।
इसके अलावा नवागढ़ के ऐतिहासिक शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उनका सक्रिय योगदान रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी समाज की वास्तविक पूंजी ऐसे निस्वार्थ सेवाभावी लोग ही होते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्ग प्रशस्त करते हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कल्पवृक्ष का रोपण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मदकूद्वीप परिसर में कल्पवृक्ष का रोपण किया। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे केवल पौधा लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उसके वृक्ष बनने तक पूरी देखभाल की जिम्मेदारी उठाएं।
प्रकृति और संस्कृति दोनों का संरक्षण साथ-साथ चलने से ही भावी पीढ़ी सुरक्षित रह सकती है। उन्होंने कहा कि मदकूद्वीप जैसे प्राकृतिक और आध्यात्मिक महत्व के स्थलों को संवारना सबकी साझी जिम्मेदारी है।
“किसी भी भूभाग की असली पहचान उसकी सीमाओं से नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक जड़ों और उन लोगों से बनती है जो इन धरोहरों को बचाने में अपना जीवन लगा देते हैं। शांताराम जी का जीवन यही संदेश देता है कि अपनी विरासत को सहेजना सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
आम जनता और पर्यटकों के लिए इसके क्या मायने हैं?
- पर्यटन सुविधाओं में विस्तार: मदकूद्वीप में नए स्मृति उद्यान के निर्माण से यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर बुनियादी सुविधाएं और शांत प्राकृतिक वातावरण मिलेगा।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार: ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों पर जनसुविधाओं के विस्तार से पथरिया और मुंगेली क्षेत्र में स्थानीय दुकानदारों, गाइडों और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर खुलेंगे।
- धरोहर संरक्षण में जनभागीदारी: इस पहल से स्पष्ट संदेश जाता है कि स्थानीय जनसहयोग से प्राचीन स्थलों के संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उपेक्षित पुरातात्विक स्मारकों का पुनरुद्धार संभव होगा।
पृष्ठभूमि: मदकूद्वीप का ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व
मदकूद्वीप छत्तीसगढ़ में शिवनाथ नदी के बीच स्थित लगभग 35 एकड़ का एक प्राकृतिक द्वीप है। कलचुरी कालीन स्थापत्य, प्राचीन शिव मंदिर और उत्खनन में मिले पुरातात्विक अवशेषों के कारण इसका राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक महत्व है।
यह स्थल धार्मिक सद्भाव का भी बड़ा केंद्र माना जाता है, जहां प्राचीन मंदिरों के साथ-साथ प्रसिद्ध मसीही मेले का आयोजन भी होता रहा है। स्वर्गीय शांताराम ने दशकों तक इस द्वीप की पुरातात्विक संपदा को सहेजने और इसे पहचान दिलाने के लिए काम किया।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
मदकूद्वीप में किस स्मृति उद्यान का लोकार्पण किया गया है?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मदकूद्वीप की पुरातात्विक विरासत को सहेजने वाले समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम की स्मृति में बने नवनिर्मित उद्यान का लोकार्पण किया है।
मदकूद्वीप छत्तीसगढ़ के किस जिले में स्थित है?
मदकूद्वीप छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड में शिवनाथ नदी पर स्थित एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व का द्वीप है।
मुख्यमंत्री ने मदकूद्वीप में कौन सा पौधा लगाया?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत मदकूद्वीप परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कल्पवृक्ष का पौधा रोपा।