CM Vishnu Deo Sai Shivrinarayan: भगवान नर-नारायण व जगन्नाथ मंदिर में किए दर्शन; मठ में की गौ सेवा, प्रदेश की खुशहाली की कामना

CM Vishnu Deo Sai Shivrinarayan CM Vishnu Deo Sai Shivrinarayan

रायपुर, 14 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक आस्था, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के पावन तीर्थ शिवरीनारायण में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शीश नवाया। जांजगीर-चांपा जिले के धार्मिक प्रवास के दौरान CM Vishnu Deo Sai Shivrinarayan (सीएम विष्णु देव साय शिवरीनारायण दर्शन) के तहत मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ ऐतिहासिक भगवान नर-नारायण मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि तथा खुशहाली की मंगलकामना की। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण स्थित प्रसिद्ध मठ मंदिर पहुंचकर गौ माता को गुड़ और केला खिलाकर श्रद्धापूर्वक पूजन किया तथा जगन्नाथ मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और स्थानीय सांसद कमलेश जांगड़े विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘CM Vishnu Deo Sai Shivrinarayan’: मुख्यमंत्री ने सपत्नीक भगवान नर-नारायण, जगन्नाथ मंदिर में किए दर्शन और की विशेष पूजा।
  • मठ मंदिर में गौ सेवा: सनातन परंपरा के अनुसार गौ माता को माल्यार्पण कर गुड़ और केला खिलाया; संतों का लिया आशीर्वाद।
  • माता शबरी और प्रभु श्रीराम की तपोभूमि: सीएम ने कहा—’शिवरीनारायण छत्तीसगढ़ की भक्ति, सामाजिक समरसता और आस्था का हृदयस्थल है।’
  • त्रिवेणी संगम का महत्व: महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के पावन संगम पर स्थित ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का दोहराया संकल्प।
  • विशिष्ट उपस्थिति: केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद कमलेश जांगड़े और राजेश्री महंत रामसुंदर दास रहे मौजूद।

CM Vishnu Deo Sai Shivrinarayan: नर-नारायण मंदिर में सपत्नीक की विधि-विधान से पूजा

शिवरीनारायण की पावन धरा पर आगमन के पश्चात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ सदियों प्राचीन भगवान नर-नारायण मंदिर में प्रवेश किया।

CM Vishnu Deo Sai Shivrinarayan यात्रा के दौरान मुख्य पुजारियों और आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने पंचामृत अभिषेक, चंदन लेपन और आरती कर भगवान से छत्तीसगढ़ को विकास और खुशहाली के पथ पर निरंतर आगे ले जाने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से प्रदेश के हर परिवार में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारा बना रहे तथा समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचे।

मठ मंदिर में गौ सेवा: गायों को खिलाया गुड़-केला, संतों का लिया आशीर्वाद

नर-नारायण मंदिर में पूजा के पश्चात मुख्यमंत्री शिवरीनारायण के ऐतिहासिक मठ मंदिर परिसर पहुंचे, जहाँ उन्होंने सनातन संस्कृति की जीवनधारा ‘गौ सेवा’ का पावन दायित्व निभाया:

  • गौ पूजन एवं भोग: मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों से गौ माता को गुड़ और ताजे केले खिलाए, उनका तिलक कर माल्यार्पण किया और आरती उतारी।
  • ग्रामीण जीवन का आधार है गौ माता: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण लोकजीवन, कृषि और पर्यावरण में गौ माता का स्थान सर्वोपरि है। गौ सेवा से परिवार और समाज में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है।
  • साधु-संतों से आत्मीय भेंट: मठ परिसर में उपस्थित पूज्य संतों और महात्माओं से मुख्यमंत्री ने चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और कहा कि हमारे मठ-मंदिर पीढ़ियों से समाज को संस्कार और सेवा की दिशा दे रहे हैं।

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जगन्नाथ मंदिर में टेका माथा: त्रिवेणी संगम की पावन धरा पर की प्रार्थना

मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में भी सपत्नीक दर्शन कर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की आराधना की।

उन्होंने रेखांकित किया कि महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी का यह पवित्र त्रिवेणी संगम सदियों से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। ओडिशा के पुरी धाम के समान ही शिवरीनारायण के जगन्नाथ मंदिर की मान्यता है, जो छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकात्मता का सबसे बड़ा प्रतीक है।

माता शबरी की भक्ति और प्रभु श्रीराम की स्मृतियों का संगम है शिवरीनारायण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनसंवाद के दौरान कहा कि शिवरीनारायण का नाम आते ही भक्तमाता शबरी की अनन्य निष्काम भक्ति और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के प्रति उनके प्रेम का पावन स्मरण हो उठता है:

“माता शबरी के झूठे बेर स्वीकार कर प्रभु श्रीराम ने पूरी दुनिया को सामाजिक समरसता, प्रेम और समानता का जो संदेश दिया था, वह आज भी हमारी सरकार के सुशासन का मूल आधार है। शबरी की यह भूमि हमें समर्पण और सेवा की सीख देती है। हमारी सरकार राम वनगमन पर्यटन परिपथ और प्रदेश के सभी ऐतिहासिक-धार्मिक तीर्थों के संरक्षण और विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है, ताकि हमारी नई पीढ़ी अपनी गौरवशाली जड़ों से जुड़ी रहे।”

“शिवरीनारायण केवल पत्थरों के मंदिरों का समूह नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक आत्मा और माता शबरी के अगाध प्रेम का जीवंत धाम है। त्रिवेणी संगम के इस पावन तट पर आकर मन को असीम शांति मिलती है। भगवान नर-नारायण और भगवान जगन्नाथ से यही प्रार्थना है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक किसान, युवा, महिला और वनांचलवासी खुशहाल हो और हमारा प्रदेश निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (शिवरीनारायण दर्शन उपरांत)

समारोह में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अमला

इस पावन आध्यात्मिक अवसर पर प्रदेश के शीर्ष जनप्रतिनिधि, साधु-संत और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे:

  • केंद्रीय व राज्य मंत्रिमंडल: भारत सरकार के केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी।
  • जनप्रतिनिधि व संत समाज: जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष राजेश्री महंत रामसुंदर दास।
  • प्रशासन: जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री का शिवरीनारायण प्रवास: एक नजर में

  • धार्मिक तीर्थ: शिवरीनारायण (Shivrinarayan), जिला जांजगीर-चांपा
  • दर्शनार्थी: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय
  • पूजित देवस्थल: भगवान नर-नारायण मंदिर, मठ मंदिर एवं जगन्नाथ मंदिर
  • विशेष धार्मिक अनुष्ठान: मठ मंदिर में गौ पूजन (गुड़-केला भोग व माल्यार्पण)
  • भौगोलिक महत्व: महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी का पावन त्रिवेणी संगम
  • पौराणिक संदर्भ: भक्तमाता शबरी और प्रभु श्रीराम के पावन मिलन का ऐतिहासिक स्थल
  • उपस्थित गणमान्य: केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद कमलेश जांगड़े, राजेश्री महंत रामसुंदर दास

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

CM Vishnu Deo Sai Shivrinarayan यात्रा के दौरान किन प्रमुख मंदिरों में दर्शन किए?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ शिवरीनारायण स्थित भगवान नर-नारायण मंदिर, मठ मंदिर और भगवान जगन्नाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन व पूजा-अर्चना की।

मठ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किस विशेष परंपरा का निर्वहन किया?

मुख्यमंत्री ने मठ मंदिर परिसर में सनातन संस्कृति के अनुरूप गौ माता का पूजन किया, उन्हें माल्यार्पण कर गुड़ और केला खिलाया तथा उपस्थित साधु-संतों से आशीर्वाद लिया।

शिवरीनारायण का धार्मिक और भौगोलिक महत्व क्या है?

शिवरीनारायण महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के पावन त्रिवेणी संगम पर स्थित है और यह भक्तमाता शबरी की अनन्य रामभक्ति और प्रभु श्रीराम के वनवास काल की स्मृतियों का प्रमुख तीर्थ है।

इस दर्शन यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कौन-से प्रमुख नेता उपस्थित रहे?

मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद कमलेश जांगड़े और राजेश्री महंत रामसुंदर दास सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / जिला जनसंपर्क कार्यालय (DPR), जांजगीर-चांपा / जनसंपर्क विभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन)

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