रायपुर, 28 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री निवास में आज रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता, स्नेह और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। इनमें स्व-सहायता समूहों की दीदियां, लखपति दीदियां, ड्रोन दीदियां, ई-रिक्शा दीदियां, टीम प्रहरी, महिला पत्रकार, पद्मश्री सम्मानित, दिव्यांग बहनें और विभिन्न समाजों की महिलाएं शामिल थीं।
बहनों के स्नेह से अभिभूत मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का यह स्नेह उनके लिए अनमोल है और उनका आशीर्वाद प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह बड़े सौभाग्य का दिन है कि समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से आप सभी बहनें रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाने मुख्यमंत्री निवास आई हैं। आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद मुझे प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।”
| विषय | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | रक्षाबंधन — मुख्यमंत्री निवास, रायपुर |
| महतारी वंदन 31वीं किस्त | ₹631 करोड़+ (25 अगस्त को अंतरित) |
| लखपति दीदी | 13.85 लाख महिलाएं (लक्ष्य 8 लाख से आगे) |
| ड्रोन दीदी आय | ₹300/एकड़; ₹6,000-7,000/दिन (20-25 एकड़) |
| ई-रिक्शा दीदी | नया रायपुर में 92, जशपुर में 50 |
| ‘स्नेह की डोर’ | 1600 जवानों को बहनों ने बांधी राखी |
| महिला रजिस्ट्री | 30,000 महिलाओं के नाम रजिस्ट्री (50% छूट) |
| निवेश प्रस्ताव | ₹8.50 लाख करोड़ |
| PM आवास निर्माण | प्रतिदिन ~1600 आवास |
कर्नल अशोक दुबे की पत्नी ने बांधी राखी — भावुक क्षण
कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती सरला दुबे ने मुख्यमंत्री श्री साय को राखी बांधी। इस आत्मीय क्षण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे। उनकी धर्मपत्नी से राखी बंधवाना उनके लिए विशेष रूप से भावुक और गौरवपूर्ण क्षण रहा।
इसके अतिरिक्त प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी एवं स्मृति दीदी, श्रीमती सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
‘स्नेह की डोर’: 1600 जवानों की कलाई पर सजी राखी
मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पर्व को देश और प्रदेश की सुरक्षा में समर्पित जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के भाव से जोड़ना अत्यंत सुखद अनुभव रहा। स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के लगभग 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा के दायित्व का निर्वहन करते हैं। ऐसे वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना सभी का दायित्व है।
महतारी वंदन की 31वीं किस्त: ₹631 करोड़ समय से पहले
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। रक्षाबंधन का पर्व बहनें उत्साह और उमंग के साथ मना सकें, इसके लिए निर्धारित समय से पहले 25 अगस्त को ही 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि बहनों के बैंक खातों में अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए कर रही हैं।
लक्ष्य से आगे: 8 लाख के लक्ष्य पर 13.85 लाख लखपति दीदी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन प्रदेश ने लक्ष्य से आगे बढ़कर पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है — लक्ष्य का लगभग 173%। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के परिश्रम, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का प्रमाण है।
ड्रोन दीदी: ₹300/एकड़ से ₹7,000/दिन तक की कमाई
मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से जुड़ रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरक एवं दवा का छिड़काव कर वे अपनी आय बढ़ा रही हैं। प्रति एकड़ छिड़काव से लगभग ₹300 की आय होती है और 20 से 25 एकड़ में कार्य कर ड्रोन दीदियां प्रतिदिन ₹6,000 से ₹7,000 तक कमा रही हैं।
ई-रिक्शा, सेटरिंग प्लेट: स्वावलंबन के नए माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और विकास प्रक्रिया का मजबूत भागीदार बनाया जा रहा है। नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। जशपुर में रक्षाबंधन पर 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। इन आवासों के निर्माण में उपयोग होने वाली सेटरिंग प्लेट के व्यवसाय से स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जुड़कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।
नई औद्योगिक नीति में महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की महिलाओं को इतना सशक्त बनाना है कि वे स्वयं उद्यम स्थापित करें और दूसरों को भी रोजगार दें। महतारी वंदन योजना से महिलाओं के बैंक खातों में नियमित राशि आने से उनकी आर्थिक विश्वसनीयता भी मजबूत हुई है और बैंक उन्हें व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराने में आगे आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50% छूट दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में लगभग 30,000 महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। प्रदेश को अब तक लगभग ₹8.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
नक्सलवाद के अंत के साथ बस्तर में शांति और विकास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और क्षेत्र की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है। जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई शुरुआत हुई है।
मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवादियों ने अनेक बहनों का सिंदूर उजाड़ा, लेकिन भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध दृढ़ता के साथ जवाब दिया। आज का भारत शांति में विश्वास रखने वाला सशक्त राष्ट्र है, जो किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान को चुनौती देने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना भी जानता है।
महिला पत्रकारों के साहस की सराहना
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला पत्रकारों का विशेष रूप से स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का कार्य है। उन्होंने आत्मीय प्रसंग साझा करते हुए बताया कि दिल्ली प्रवास से लौटने के दौरान आज सुबह एयरपोर्ट पर पत्रकार बहन जिज्ञासा ने उन्हें राखी बांधकर अपना स्नेह व्यक्त किया।
महत्वपूर्ण जानकारी
- महतारी वंदन योजना: छत्तीसगढ़ सरकार की योजना — विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000। 68 लाख लाभार्थी। 31वीं किस्त: ₹631 करोड़+ (25 अगस्त 2026 को अंतरित)।
- लखपति दीदी: वार्षिक ₹1 लाख+ आय अर्जित करने वाली SHG महिलाएं। छत्तीसगढ़ में 13.85 लाख (लक्ष्य 8 लाख का 173%)।
- ड्रोन दीदी: ड्रोन से खेतों में छिड़काव करने वाली महिलाएं। ₹300/एकड़, ₹6,000-7,000/दिन।
- स्नेह की डोर: रक्षाबंधन पर सुरक्षा बलों के जवानों को बहनों द्वारा राखी बांधने का कार्यक्रम। 1600 जवान।
- पंजीयन शुल्क छूट: महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50% छूट। ढाई वर्षों में 30,000 रजिस्ट्रियां।
- कर्नल अशोक कुमार दुबे: छत्तीसगढ़ से भारतीय सेना में शामिल होने वाले पहले जवान।
महिला सशक्तिकरण का समग्र मॉडल: व्यापक संदर्भ
(विश्लेषण)
मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का यह कार्यक्रम केवल एक त्योहारी समारोह नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महिला सशक्तिकरण नीति का एक समग्र प्रदर्शन है। इसमें जिन योजनाओं और पहलों का उल्लेख किया गया, उन्हें एक साथ देखने पर एक बहुआयामी मॉडल दिखता है।
पहला, आर्थिक संबल। महतारी वंदन (68 लाख लाभार्थी, ₹631 करोड़ किस्त) से नियमित आय, लखपति दीदी (13.85 लाख) से स्वावलंबन, और नई औद्योगिक नीति में महिला उद्यमी प्रोत्साहन — यह तीन स्तरीय आर्थिक सशक्तिकरण मॉडल है।
दूसरा, तकनीकी सशक्तिकरण। ड्रोन दीदी (₹7,000/दिन), ई-रिक्शा दीदी (नया रायपुर में 92, जशपुर में 50), सेटरिंग प्लेट दीदी — ये सभी महिलाओं को गैर-परंपरागत क्षेत्रों में ले जाने का प्रयास हैं।
तीसरा, संपत्ति अधिकार। महिलाओं के नाम रजिस्ट्री पर 50% छूट और ढाई वर्षों में 30,000 रजिस्ट्रियां — यह संपत्ति के अधिकार के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का प्रयास है।
चौथा, सामाजिक सम्मान। ‘स्नेह की डोर’ में 1600 जवानों को राखी, कर्नल दुबे की पत्नी का सम्मान, महिला पत्रकारों की सराहना — यह सामाजिक स्तर पर महिलाओं के योगदान को मान्यता देने का प्रयास है।
हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि योजनाओं की संख्या और लाभार्थियों का आंकड़ा एक पहलू है, जबकि इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव — महिलाओं के जीवन स्तर, शिक्षा, स्वास्थ्य और निर्णय लेने की क्षमता पर — दीर्घकालिक अध्ययन का विषय है।
UPSC/CGPSC के लिए प्रासंगिक बिंदु
यह विषय CGPSC पेपर-2 (सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण) और पेपर-4 (शासन व्यवस्था, जनकल्याणकारी योजनाएं) तथा UPSC सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सामाजिक न्याय) के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। परीक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित बिंदु महत्वपूर्ण हैं:
- महतारी वंदन योजना — महिला आर्थिक सशक्तिकरण (DBT)
- लखपति दीदी — NRLM और SHG मॉडल
- ड्रोन दीदी — कृषि प्रौद्योगिकी और महिला स्वरोजगार
- महिला संपत्ति अधिकार — रजिस्ट्री शुल्क छूट
- नई औद्योगिक नीति — महिला उद्यमी प्रोत्साहन
- नक्सलवाद और विकास — सुरक्षा एवं विकास का संतुलन
- पंचायत चुनाव में महिला आरक्षण — 73वां संविधान संशोधन
तीन प्रमुख बातें
- महतारी वंदन ₹631 करोड़+, 13.85 लाख लखपति दीदी: CM ने कहा — “बहनों का स्नेह अनमोल।” 68 लाख बहनों को ₹631 करोड़+ (31वीं किस्त, समय से पहले)। लक्ष्य 8 लाख के मुकाबले 13.85 लाख लखपति दीदी (173%)। ड्रोन दीदी ₹7,000/दिन, ई-रिक्शा दीदी, सेटरिंग प्लेट दीदी।
- ‘स्नेह की डोर’ — 1600 जवानों को राखी: सुरक्षा बलों के जवानों को बहनों ने बांधी राखी। कर्नल अशोक दुबे (CG के पहले सैनिक) की पत्नी ने CM को बांधी राखी — भावुक क्षण। पहलगाम हमले का उल्लेख — “आज का भारत सशक्त राष्ट्र।”
- महिला उद्यमिता की दिशा: नई औद्योगिक नीति में महिला उद्यमी प्रोत्साहन। ₹8.50 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव। 30,000 महिलाओं के नाम रजिस्ट्री (50% छूट)। CM: “बहनें नौकरी तक सीमित न रहें, उद्यमी बनें।”
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1: महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त में कितनी राशि अंतरित की गई?
(A) ₹500 करोड़
(B) ₹550 करोड़
(C) ₹631 करोड़+
(D) ₹700 करोड़
उत्तर: (C) ₹631 करोड़+
व्याख्या: रक्षाबंधन से पहले 25 अगस्त को 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि 68 लाख बहनों के बैंक खातों में अंतरित की गई।
प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ में लखपति दीदी का लक्ष्य कितना था और कितनी बनीं?
(A) लक्ष्य 5 लाख, बनीं 8 लाख
(B) लक्ष्य 8 लाख, बनीं 13.85 लाख
(C) लक्ष्य 10 लाख, बनीं 13.85 लाख
(D) लक्ष्य 6 लाख, बनीं 10 लाख
उत्तर: (B) लक्ष्य 8 लाख, बनीं 13.85 लाख
व्याख्या: छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन प्रदेश ने 13.85 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया — लक्ष्य का लगभग 173%।
प्रश्न 3: ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में कितने जवानों को राखी बांधी गई?
(A) 500
(B) 1000
(C) 1600
(D) 2000
उत्तर: (C) 1600
व्याख्या: ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के लगभग 1600 जवानों को बहनों ने राखी बांधी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. महतारी वंदन योजना क्या है और कितनी बहनों को लाभ मिल रहा है?
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की योजना है, जिसके तहत विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। लगभग 68 लाख बहनें लाभान्वित हो रही हैं। 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़+ 25 अगस्त 2026 को अंतरित किए गए।
Q2. ड्रोन दीदी कितनी कमाती हैं?
ड्रोन दीदी प्रति एकड़ छिड़काव से लगभग ₹300 कमाती हैं। 20-25 एकड़ में कार्य कर प्रतिदिन ₹6,000 से ₹7,000 तक कमा रही हैं।
Q3. ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम क्या है?
‘स्नेह की डोर’ रक्षाबंधन पर आयोजित कार्यक्रम है, जिसमें स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के लगभग 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधी।
Q4. छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में महिलाओं के लिए क्या प्रावधान है?
नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50% पंजीयन शुल्क छूट दी जा रही है। ढाई वर्षों में 30,000 महिलाओं के नाम रजिस्ट्रियां हुई हैं।
स्रोत
छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 28 अगस्त 2026, रायपुर।
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