Published on July 8, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
छत्तीसगढ़ में नागरिकों और विशेष रूप से किसानों को त्वरित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े प्रशासनिक सुधारों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद जारी Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 राज्य के राजस्व प्रशासन को पूरी तरह से बदलने का एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करता है। इस नई नीति के तहत अब किसानों को बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज घर बैठे व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से प्राप्त होंगे, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति के तहत राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। तकनीक आधारित इन नवाचारों और नीतिगत सुधारों को मिलाकर तैयार किया गया Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 न केवल प्रशासनिक सुगमता बढ़ाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इस लेख में हम इस नीतिगत समीक्षा के सभी तकनीकी, प्रशासनिक और परीक्षा उपयोगी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करेंगे।
Chhattisgarh Revenue Reforms 2026: मुख्य आकर्षण (Quick Highlights)
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों और नीतिगत घोषणाओं को नीचे दी गई तालिका में संक्षेपित किया गया है:
| महत्वपूर्ण क्षेत्र | Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 के तहत प्रमुख निर्णय |
|---|---|
| समीक्षाकर्ता एवं तिथि | मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, 07 जुलाई 2026 |
| मुख्य तकनीकी परियोजना | VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) |
| व्हाट्सएप सेवा | बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका और अन्य भूमि दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से सीधे नागरिकों को उपलब्ध कराना। |
| आरबीसी 6-4 (RBC 6-4) सुधार | प्रकरणों का ऑनलाइन एवं त्वरित निराकरण, पंचायतों के माध्यम से अविवादित फौती नामांतरण। |
| नक्शा डिजिटाइजेशन पायलट प्रोजेक्ट | धमतरी, अंबिकापुर और जगदलपुर में पायलट प्रोजेक्ट, दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य। |
| अबूझमाड़ क्षेत्र सर्वेक्षण | विशेष रूप से अबूझमाड़ के असर्वेक्षित ग्रामों में प्राथमिकता के साथ भू-सर्वेक्षण पूर्ण करना। |
| प्रशासनिक नियुक्तियां | पटवारी, राजस्व निरीक्षक (RI), लिपिक आदि के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती के निर्देश। |
Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 के प्रमुख नीतिगत स्तंभ
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई इस उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 के इन प्रमुख नीतिगत स्तंभों का विवरण निम्नलिखित है:
1. वसुंधरा (VASUNDHARA) परियोजना
बैठक में ‘वसुंधरा’ (VASUNDHARA) नामक एक अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की गई। इसका पूरा नाम Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives है।
- एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार: इसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक राजस्व अभिलेखों का एक सुरक्षित एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।
- छेड़छाड़ पर रोक: इस तकनीक के लागू होने से प्रमाणित भू-अभिलेखों का निर्गमन कुछ ही मिनटों में संभव होगा और डिजिटल सुरक्षा के कारण अभिलेखों में किसी भी प्रकार की अनधिकृत छेड़छाड़ की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
- नकल शाखा का ऑनलाइन होना: इस परियोजना के पूर्ण होते ही नकल शाखा की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन हो जाएगी।
2. व्हाट्सएप के माध्यम से भूमि दस्तावेजों की उपलब्धता
किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने एक ऐतिहासिक निर्देश दिया है। अब किसानों को अपनी बी-1 (B-1 Form), खसरा, ऋण पुस्तिका (Kisan Kitab) और भूमि संबंधी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सीधे व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराई जाएंगी। Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 की इस पहल से किसानों को पटवारी या तहसील कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में समय और धन दोनों की बचत होगी।
“राजस्व विभाग सीधे तौर पर राज्य के किसानों और आम जनता के जीवन से जुड़ा हुआ है। इसलिए हमारे नीतिगत सुधारों और डिजिटल नवाचारों का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय सीमा के भीतर पहुंचना चाहिए।”— मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
3. आरबीसी 6-4 (RBC 6-4) और नामांतरण प्रक्रिया में सरलीकरण
आपदा प्रबंधन और राहत वितरण के लिए आरबीसी 6-4 (Revenue Book Circular 6-4) के तहत दी जाने वाली सहायता राशि के प्रकरणों का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं:
- ऑनलाइन आवेदन: आरबीसी 6-4 की ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से प्रभावित लोग स्वयं सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
- पंचायतों को अधिकार: अविवादित फौती नामांतरण (Undisputed Mutation on Death) की प्रक्रिया को और सरल बनाते हुए इसे ग्राम पंचायतों के माध्यम से संपादित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ग्रामीणों को तहसील मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
साइबर तहसील व्यवस्था और अन्य नवाचार
प्रशासनिक दक्षता को और अधिक बढ़ाने के लिए Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 के तहत ‘साइबर तहसील’ (Cyber Tehsil) व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई है:
- केंद्रीयकृत सेवाएं: इस व्यवस्था के लागू होने पर अविवादित नामांतरण और अविवादित बंटवारा जैसी आवश्यक राजस्व सेवाएं बिना मानवीय हस्तक्षेप के पूर्णतः ऑनलाइन और केंद्रीकृत रूप से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
- अन्य राज्यों का अध्ययन: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे उन राज्यों के मॉडल का अध्ययन करें जहां साइबर तहसील व्यवस्था पहले से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, ताकि छत्तीसगढ़ के नागरिकों को सर्वोत्तम सेवाएं प्रदान की जा सकें।
- नक्शा डिजिटाइजेशन पायलट प्रोजेक्ट: राज्य के धमतरी (Dhamtari), अंबिकापुर (Ambikapur) और जगदलपुर (Jagdalpur) जिलों में नक्शा डिजिटाइजेशन का पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस पायलट कार्य को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
अबूझमाड़ क्षेत्र में विशेष भू-सर्वेक्षण (Survey in Abujhmad)
नारायणपुर जिले का ‘अबूझमाड़’ (Abujhmad) क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से असर्वेक्षित रहा है। Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 के तहत मुख्यमंत्री ने अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इससे स्थानीय आदिवासियों के भूमि अभिलेख अद्यतन होंगे और उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं का सीधा लाभ मिलना प्रारंभ हो सकेगा।
एग्रीस्टैक और डिजिटल क्रॉप सर्वे
आधुनिक कृषि प्रबंधन और वास्तविक समय पर फसलों के आंकड़ों के संकलन के लिए भी इस बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की गई:
- एग्रीस्टैक (AgriStack) और फार्मर रजिस्ट्री: राज्य में प्रत्येक किसान की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान बनाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) और एक्सेम्प्टेड कैटेगरी फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
- डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey): आगामी खरीफ सीजन के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी (Girdawari) की सभी तैयारियों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उपार्जन और फसल बीमा दावों का निपटारा पारदर्शी तरीके से हो सके।
- पट्टाधृति अधिनियम-2023: पट्टाधृति (पट्टों का नवीनीकरण एवं प्रविष्टि) अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन और स्वामित्व योजना की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अनुभाग (Exam Relevance Section)
प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष रूप से CGPSC (State Service Exam) और छत्तीसगढ़ व्यापम (CG Vyapam) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 के प्रशासनिक और भौगोलिक तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
CGPSC Prelims Fact Box: Chhattisgarh Revenue Reforms 2026
- RBC 6-4 (राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4): यह छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़, सूखा, बिजली गिरना, सर्पदंश आदि) से प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का एक वैधानिक ढांचा है।
- वसुंधरा (VASUNDHARA): छत्तीसगढ़ का एकीकृत डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और ऐतिहासिक अभिलेखागार तंत्र।
- नक्शा पायलट प्रोजेक्ट जिले: धमतरी, अंबिकापुर (सरगुजा), और जगदलपुर (बस्तर)।
- स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme): पंचायती राज मंत्रालय की राष्ट्रीय योजना, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति कार्ड (Property Cards) प्रदान करना है। छत्तीसगढ़ में इसके प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई है।
CGPSC Mains Analysis (Paper V: छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था एवं भूगोल)
प्रश्न: “राजस्व प्रशासन का डिजिटलीकरण न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाता है बल्कि ग्रामीण विकास और कृषि उत्पादकता में भी सुधार करता है।” हाल ही में घोषित Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 के विशेष संदर्भ में इस कथन का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के मुख्य बिंदु जो शामिल होने चाहिए:
- प्रस्तावना: छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है जहां 70% से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 की प्रासंगिकता और महत्व को रेखांकित करते हुए उत्तर की शुरुआत करें।
- प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन: ‘वसुंधरा’ (VASUNDHARA) परियोजना और ‘साइबर तहसील’ के माध्यम से बिचौलियों की समाप्ति, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और भूमि अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावनाओं का खात्मा।
- किसानों को लाभ (Social-Economic Impact): खसरा और बी-1 की व्हाट्सएप पर उपलब्धता से समय और धन की बचत। ऋण प्राप्ति और फसल बीमा दावों के निपटारे में सुगमता।
- अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों का विकास: ऐतिहासिक रूप से उपेक्षित अबूझमाड़ क्षेत्र में भू-सर्वेक्षण होने से आदिवासियों को भूमि का स्वामित्व मिलेगा, जिससे वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।
- चुनौतियां: ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी का अभाव, डिजिटल साक्षरता की कमी, और विशाल डेटाबेस के रख-रखाव में साइबर सुरक्षा की चुनौतियां।
- निष्कर्ष: यह निष्कर्ष दें कि डिजिटलीकरण के साथ-साथ जमीनी स्तर पर डिजिटल बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण और मानव संसाधन (जैसे पटवारियों और आरआई की रिक्त पदों पर भर्ती) का विकास ही इन सुधारों को दीर्घकालिक रूप से सफल बना सकता है।
संबद्ध स्टेटिक जीके (Static GK Connection)
राजस्व प्रशासन और भूमि सुधारों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण स्टेटिक जीके तथ्य जो अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं:
- गिरदावरी (Girdawari): यह पटवारी द्वारा वर्ष में दो बार (रबी और खरीफ सीजन में) किया जाने वाला खेतों का सर्वेक्षण है, जिसमें बोई गई फसलों का विवरण दर्ज किया जाता है।
- खसरा (Khasra) और खतौनी (Khatauni): खसरा एक विशिष्ट भूमि खंड (पार्सल) का पहचान नंबर और उसका विवरण होता है, जबकि खतौनी एक व्यक्ति या परिवार के स्वामित्व वाले सभी खसरों का एकीकृत विवरण (लेजर) होती है।
- डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP): भारत सरकार द्वारा वर्ष 2008 में शुरू किया गया एक राष्ट्रीय कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य भूमि अभिलेखों का कंप्यूटरीकरण और मानचित्रों का डिजिटलीकरण करना है।
एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)
त्वरित दोहराव के लिए Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:
- WhatsApp Delivery: अब छत्तीसगढ़ में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका व्हाट्सएप पर प्राप्त होगी।
- RBC 6-4: आपदा राहत सहायता प्रणाली को पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा।
- VASUNDHARA Project: ऐतिहासिक और वर्तमान भूमि अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए एकीकृत डिजिटल आर्काइव।
- Abujhmad Survey: बस्तर संभाग के अबूझमाड़ क्षेत्र में असर्वेक्षित गांवों का भूमि सर्वेक्षण प्राथमिकता पर पूरा किया जाएगा।
- Map Pilot Districts: धमतरी, अंबिकापुर, जगदलपुर (लक्ष्य: दिसंबर 2026)।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देकर Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 के संबंध में अपनी तैयारी का आकलन करें:
प्रश्न 1: हाल ही में चर्चा में रही ‘वसुंधरा’ (VASUNDHARA) परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) राज्य में वनों का संरक्षण करना
(B) जल संसाधनों का एकीकृत प्रबंधन
(C) एकीकृत डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और ऐतिहासिक अभिलेखागार विकसित करना
(D) जैविक खेती को बढ़ावा देना
उत्तर: (C) एकीकृत डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और ऐतिहासिक अभिलेखागार विकसित करना
व्याख्या: ‘वसुंधरा’ परियोजना छत्तीसगढ़ के जिला और तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का डिजिटल आर्काइव तैयार करने के लिए शुरू की गई है, जिससे नकल शाखा पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगी।
प्रश्न 2: ‘Chhattisgarh Revenue Reforms 2026’ के तहत किस क्षेत्र के असर्वेक्षित ग्रामों में भू-सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है?
(A) मैनपाट क्षेत्र
(B) अबूझमाड़ क्षेत्र
(C) पेंड्रा रोड क्षेत्र
(D) कवर्धा मैदानी क्षेत्र
उत्तर: (B) अबूझमाड़ क्षेत्र
व्याख्या: नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के असर्वेक्षित गांवों में भूमि अभिलेख तैयार करने और स्थानीय नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए सर्वेक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
प्रश्न 3: छत्तीसगढ़ के किन तीन जिलों में ‘नक्शा डिजिटाइजेशन पायलट प्रोजेक्ट’ शुरू किया गया है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है?
(A) रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग
(B) धमतरी, अंबिकापुर, जगदलपुर
(C) राजनांदगांव, रायगढ़, कोरबा
(D) महासमुंद, कवर्धा, जशपुर
उत्तर: (B) धमतरी, अंबिकापुर, जगदलपुर
व्याख्या: मुख्यमंत्री की बैठक में बताया गया कि धमतरी, अंबिकापुर और जगदलपुर जिलों में नक्शा परियोजना का पायलट कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है।
प्रश्न 4: राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 (RBC 6-4) का संबंध मुख्य रूप से किस विषय से है?
(A) सरकारी पट्टों के आवंटन से
(B) प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों को राहत और आर्थिक सहायता से
(C) कृषि ऋण माफी योजनाओं से
(D) सीमा विवादों के निपटारे से
उत्तर: (B) प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों को राहत और आर्थिक सहायता से
व्याख्या: छत्तीसगढ़ में आरबीसी 6-4 के तहत बाढ़, बिजली गिरने, आकाशीय बिजली या अन्य प्राकृतिक आपदाओं में जान-माल के नुकसान पर त्वरित सहायता राशि दी जाती है, जिसकी प्रक्रिया को अब ऑनलाइन किया जा रहा है।
प्रश्न 5: ‘Chhattisgarh Revenue Reforms 2026’ के तहत अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए इसे किसके माध्यम से संपादित करने के निर्देश दिए गए हैं?
(A) साइबर तहसील कोर्ट के माध्यम से
(B) ग्राम पंचायतों के माध्यम से
(C) जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से
(D) केवल राजस्व मंडल बिलासपुर के माध्यम से
उत्तर: (B) ग्राम पंचायतों के माध्यम से
व्याख्या: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अविवादित फौती नामांतरण (Undisputed Mutation on Death) की प्रक्रिया को ग्राम पंचायतों के माध्यम से पूरा किया जाए ताकि ग्रामीणों को तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 क्या है?
Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजस्व प्रशासन को डिजिटल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए किए गए नीतिगत और तकनीकी सुधारों का एक समूह है, जिसकी उच्चस्तरीय समीक्षा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 7 जुलाई 2026 को की है।
Q2. ‘वसुंधरा’ (VASUNDHARA) परियोजना का छत्तीसगढ़ के नागरिकों को क्या लाभ होगा?
‘वसुंधरा’ (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना के माध्यम से सभी राजस्व अभिलेख डिजिटल और एकीकृत हो जाएंगे। इससे जमीन की नकल कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन मिल सकेगी और अभिलेखों में अवैध फेरबदल की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
Q3. अब किसानों को बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका कैसे प्राप्त होगी?
नई नीति के तहत इन दस्तावेजों को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। किसानों को तहसील या पटवारी के पास जाने की आवश्यकता नहीं होगी; ये सभी दस्तावेज सीधे उनके व्हाट्सएप (WhatsApp) पर पीडीएफ फॉर्मेट में सहज रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे।
Q4. साइबर तहसील (Cyber Tehsil) क्या है और यह छत्तीसगढ़ में कैसे काम करेगी?
साइबर तहसील एक ऐसी ऑनलाइन प्रणाली है जिसके तहत अविवादित नामांतरण और अविवादित बंटवारा जैसे मामलों का निपटारा बिना किसी शारीरिक मानवीय हस्तक्षेप के पूरी तरह ऑनलाइन और फेसलेस तरीके से किया जाता है। छत्तीसगढ़ में इसे लागू करने के लिए नीतिगत निर्णय लिए जा रहे हैं।
Q5. नक्शा डिजिटाइजेशन पायलट प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ के किन जिलों में चल रहा है?
यह पायलट प्रोजेक्ट धमतरी, अंबिकापुर और जगदलपुर जिलों में संचालित किया जा रहा है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के बाद घोषित किए गए सुधार Chhattisgarh Revenue Reforms 2026 सुशासन की दिशा में राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाते हैं। भू-अभिलेखों का डिजिटल एकीकरण, व्हाट्सएप के माध्यम से सुगमता से दस्तावेजों की प्राप्ति और ‘वसुंधरा’ जैसी परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिदृश्य और किसान कल्याण में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की क्षमता रखती हैं।
सफलतापूर्वक क्रियान्वयन होने पर ये नीतिगत सुधार न केवल राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मुकदमों के बोझ को कम करेंगे, बल्कि किसानों को शोषण और लालफीताशाही से भी मुक्ति दिलाएंगे। सुदूर अबूझमाड़ जैसे आदिवासी क्षेत्रों में समय पर भू-सर्वेक्षण पूर्ण करना सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में राज्य सरकार का एक अत्यंत सराहनीय कदम है, जो छत्तीसगढ़ को देश के सर्वाधिक प्रशासनिक रूप से उन्नत राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेगा।
Official Sources:
- Public Relations Department, Government of Chhattisgarh (DPRCG) (https://dprcg.gov.in)