Published on July 8, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, सुशासन, उच्च शिक्षा और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। 8 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत संशोधनों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सबसे उल्लेखनीय ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026’ का अनुमोदन है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ इस तरह का अनूठा कानून लाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
इस कैबिनेट बैठक में बिजली भुगतान प्रणाली को सुरक्षित बनाने, बस्तर फाइटर्स सेवा नियमों में सुधार करने, निजी विश्वविद्यालयों के नियमन को मजबूत करने और पर्यावरण कानूनों को व्यावहारिक बनाने से जुड़े ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026 की यह नीतिगत श्रृंखला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सामान्य अध्ययन (विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था और अधिनियम) के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस विस्तृत विश्लेषण में हम साय कैबिनेट द्वारा लिए गए सभी 11 महत्वपूर्ण निर्णयों, उनके तकनीकी संदर्भों और आर्थिक-प्रशासनिक प्रभावों का गहराई से अध्ययन करेंगे।
Chhattisgarh Revenue Reforms 2026: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)
साय कैबिनेट की इस बैठक में लिए गए प्रमुख नीतिगत फैसलों का एक त्वरित अवलोकन नीचे दी गई तालिका में संक्षेपित किया गया है:
| संबंधित क्षेत्र | Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026 के प्रमुख निर्णय |
|---|---|
| बैठक की तिथि और स्थान | 08 जुलाई 2026, मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर |
| ईज ऑफ डूइंग बिजनेस | छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 को मंजूरी। (देश का पहला राज्य) |
| विद्युत भुगतान सुरक्षा | त्रिपक्षीय अनुबंध के स्थान पर आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ‘डायरेक्ट डेबिट मैंडेट’ (DDM) व्यवस्था। |
| उच्च शिक्षा नियमन | निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, 2026; विन्यास निधि के स्थान पर ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान। |
| कराधान और अपीलीय प्रणाली | वाणिज्यिक कर अधिकरण की समाप्ति और लंबित मामलों का राजस्व मंडल (Board of Revenue) में स्थानांतरण। |
| औद्योगिक और शहरी विकास | नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) के आबंटितियों के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) योजना-2026 लागू। |
| पर्यावरण कानून संशोधन | जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को राज्य में अंगीकार करने हेतु विधानसभा संकल्प। |
| किरायेदारी कानून सुधार | भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 संशोधन विधेयक; केंद्र के आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021 के अनुरूप। |
| स्थानीय बुनियादी ढांचा | राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण हेतु भूमि आबंटन को मंजूरी। |
Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026: प्रमुख नीतिगत और विधायी फैसले
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिए गए सभी 11 ऐतिहासिक फैसलों का बिंदुवार और तकनीकी विश्लेषण नीचे दिया गया है:
1. विद्युत भुगतान के लिए ‘डायरेक्ट डेबिट मैंडेट’ (DDM) व्यवस्था
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (जैसे NTPC आदि) से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है।
- आरबीआई के मानकों के अनुरूप: वर्तमान में लागू त्रिपक्षीय अनुबंध (Tripartite Agreement) के स्थान पर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ‘डायरेक्ट डेबिट मैंडेट’ (Direct Debit Mandate-DDM) व्यवस्था लागू की जाएगी।
- निरंतर बिजली आपूर्ति: इस निर्णय से केंद्रीय उपक्रमों से छत्तीसगढ़ को मिलने वाली बिजली आपूर्ति की निरंतरता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- कोई अतिरिक्त भार नहीं: इस निर्णय से राज्य सरकार पर कोई नया वित्तीय भार नहीं पड़ेगा, क्योंकि भुगतान का पूर्ववत ढांचा और आवश्यक लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) की व्यवस्था यथावत लागू रहेगी।
2. बस्तर फाइटर्स सेवा नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के माध्यम से सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए गठित छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) के सेवा नियमों में सुधार को मंजूरी दी गई है।
Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026 के तहत ‘फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026’ में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति दी गई है, जिससे बस्तर फाइटर्स की भर्ती प्रक्रिया और उनकी सेवा शर्तें अधिक व्यावहारिक व पारदर्शी बनेंगी।
3. निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026
राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और निजी क्षेत्रों में संचालित हो रहे उच्च शिक्षण संस्थानों को और अधिक जवाबदेह बनाने के लिए कड़ा विधायी सुधार किया गया है:
- रक्षित निधि (Reserve Fund) का प्रावधान: निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के समय ‘विन्यास निधि’ के स्थान पर अब ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान लागू किया जाएगा। यह कदम वहां पढ़ रहे छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
- यूजीसी मानकों का अनुपालन: नए संशोधन के तहत आधारभूत संरचना, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं को यूजीसी (UGC) और संबंधित नियामक संस्थाओं के कड़े मानकों के अनुरूप स्थापित करना अनिवार्य होगा।
“छत्तीसगढ़ को देश में व्यापार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर अग्रणी राज्य बनाना साय सरकार का मुख्य ध्येय है। आज के ऐतिहासिक विधायी फैसले इसी दिशा में उठाए गए मजबूत कदम हैं।”— मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
4. मूल्य संवर्धित कर (VAT) संशोधन: वाणिज्यिक कर अधिकरण की समाप्ति
जीएसटी (GST) लागू होने के बाद कर अपीलीय प्रणालियों को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक और विधायी सुधार किया गया है:
- अधिकरण का समापन: राज्य में वैट (VAT) से जुड़ी द्वितीय अपीलों के मामलों में कमी आने और छत्तीसगढ़ में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) की स्थापना हो जाने के बाद, अब पृथक ‘वाणिज्यिक कर अधिकरण’ को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
- राजस्व मंडल को स्थानांतरण: अधिकरण में लंबित सभी प्रकरणों को अब राजस्व मंडल (Board of Revenue) बिलासपुर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे मामलों का समय पर और सुव्यवस्थित निपटारा सुनिश्चित होगा।
5. माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक, 2026
करदाताओं और उद्योगों की सुगमता के लिए राज्य माल एवं सेवा कर अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इस संशोधन का प्राथमिक उद्देश्य जीएसटी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। विशेष रूप से निर्यातकों (Exporters) और ‘इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर’ (जहाँ कच्चे माल पर कर की दर तैयार उत्पाद से अधिक होती है) वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल, तेज और पारदर्शी बनाया जाएगा। इससे कर अनुपालन बढ़ेगा और राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।
6. औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026
छत्तीसगढ़ को देश का पसंदीदा औद्योगिक हब बनाने के लिए Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026 के तहत औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमों में कड़े नीतिगत बदलाव किए गए हैं। देश के अन्य अग्रणी और विकसित राज्यों की औद्योगिक नीतियों का अध्ययन कर इस विधेयक का प्रारूप तैयार किया गया है, ताकि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल वातावरण और आकर्षक प्रोत्साहन (Incentives) दिए जा सकें।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: देश का पहला राज्य
साय कैबिनेट की इस बैठक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी निर्णय व्यापार सुगमता से संबंधित है, जो राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को एक विशेष पहचान दिलाएगा:
छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026
इस प्रकार का व्यापक और उद्योग-अनुकूल विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ पूरे देश का पहला राज्य बन गया है। इस विधेयक के प्रमुख नवाचार इस प्रकार हैं:
- डीम्ड परमिशन (Deemed Permission): यदि कोई निवेशक उद्योग स्थापित करने के लिए आवेदन करता है और निर्धारित समय सीमा के भीतर विभाग से अनुमति नहीं मिलती है, तो उसे स्वतः स्वीकृत (Deemed Permission) मान लिया जाएगा।
- स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification) और तृतीय-पक्ष सत्यापन: जटिल सरकारी निरीक्षणों से मुक्ति देने के लिए स्व-प्रमाणीकरण और थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन को कानूनी मान्यता दी गई है।
- दोहरे लाइसेंसों की समाप्ति: निवेशकों और व्यापारियों को अब एक ही कार्य के लिए विभिन्न विभागों से अलग-अलग लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी; दोहरे लाइसेंसिंग दायित्वों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
नवा रायपुर के आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आवंटित किए गए भूखंडों और निर्मित परिसरों के लिए एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की गई है:
- ब्याज और अधिभार में राहत: जो आबंटिती किश्तों का भुगतान समय पर नहीं कर पाए थे, उनके लिए एक आकर्षक One Time Settlement (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी गई है।
- मुकदमेबाजी में कमी: इससे लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद समाप्त होंगे और नवा रायपुर क्षेत्र में निवेश तथा निर्माण गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
- भूमि सरेंडर की सुविधा: जो विकास करने के इच्छुक नहीं हैं, उन्हें समय सीमा के भीतर आवंटित भूमि को सम्मानजनक तरीके से सरेंडर करने का अवसर भी दिया जाएगा।
पर्यावरण और किरायेदारी कानूनों में राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुधार
कैबिनेट ने केंद्र सरकार के कड़े पर्यावरण और आवास सुगमता मानकों को राज्य में अंगीकार करने के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं:
1. जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024
भारत सरकार द्वारा लाए गए इस राष्ट्रीय पर्यावरण संशोधन अधिनियम को छत्तीसगढ़ में अंगीकार करने के लिए विधानसभा में एक शासकीय संकल्प प्रस्तुत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पर्यावरण नियमों के छोटे उल्लंघनों को ‘अपराध’ (Decriminalization) की श्रेणी से बाहर कर उन पर केवल ‘आर्थिक दंड’ लगाने का प्रावधान किया गया है। इससे पर्यावरण संरक्षण और व्यापारिक सुगमता के बीच एक सुंदर संतुलन स्थापित होगा।
2. भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 (संशोधन) विधेयक, 2026
राज्य में खाली पड़े मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा देने और मकान मालिकों व किरायेदार के अधिकारों को संतुलित करने के लिए इस कानून में बड़ा संशोधन किया गया है। यह संशोधन पूरी तरह से भारत सरकार के ‘आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021’ (Model Tenancy Act, 2021) के अनुरूप तैयार किया गया है। इससे किरायेदारी से जुड़े विवादों का निपटारा त्वरित और विशेषज्ञ अधिकरण के माध्यम से हो सकेगा।
3. राजनांदगांव में आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण
संस्कारधानी राजनांदगांव में कला, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने एक बड़े आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण का निर्णय लिया है। इसके लिए 2000 दर्शक क्षमता वाले अत्याधुनिक ऑडिटोरियम हेतु शासकीय भूमि के आवंटन को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अनुभाग (Exam Relevance Section)
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) राज्य सेवा परीक्षा (मुख्य परीक्षा और प्रारंभिक परीक्षा) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए ये निर्णय सीधे तौर पर पाठ्यक्रम से जुड़े हुए हैं।
CGPSC Prelims Fact Box: Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026
- Direct Debit Mandate (DDM): बिजली बिलों के केंद्रीय भुगतान की सुरक्षा के लिए आरबीआई के नियमों के तहत लागू की गई प्रणाली।
- देश का पहला राज्य: छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 लाने वाला भारत का प्रथम राज्य बना है।
- आदर्श किरायेदारी अधिनियम 2021 (Model Tenancy Act): केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी मॉडल एक्ट, जिसके अनुरूप छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम में सुधार किया गया है।
- नवा रायपुर OTS 2026: एनआरडीए (NRDA) द्वारा ब्याज और अधिभार माफी के लिए लाई गई एकमुश्त निपटान योजना।
CGPSC Mains Analysis (GS Paper V & VI: छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था एवं राजव्यवस्था)
प्रश्न: “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने लालफीताशाही को समाप्त कर औद्योगिक निवेश के नए युग में प्रवेश किया है।” साय कैबिनेट के हालिया निर्णयों के प्रकाश में इस कथन की समालोचनात्मक विवेचना कीजिए।
उत्तर की रूपरेखा:
- प्रस्तावना: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 8 जुलाई 2026 को लिए गए ऐतिहासिक विधायी निर्णयों, विशेषकर भारत के पहले ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक’ का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत करें।
- विधेयक के मुख्य प्रावधान (सुशासन और निवेश):
- डीम्ड परमिशन: समय सीमा में निर्णय न होने पर स्वतः स्वीकृति, जिससे फाइलों का लटकना बंद होगा।
- स्व-प्रमाणीकरण: ‘इंस्पेक्टर राज’ की समाप्ति और उद्यमियों पर सरकारी विश्वास की बहाली।
- दोहरे लाइसेंस की समाप्ति: प्रक्रियात्मक जटिलताओं को कम करना।
- अन्य संबद्ध औद्योगिक सुधार: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम में संशोधन, जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को तेज करना और नवा रायपुर में निवेशकों के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS-2026) की शुरुआत।
- चुनौतियां और आलोचनात्मक बिंदु: कागजी नियमों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में पटवारी, स्थानीय निकायों और जिला स्तर के अधिकारियों की कार्यशैली में बदलाव की आवश्यकता। पर्यावरण नियमों के सरलीकरण (जल प्रदूषण संशोधन अंगीकार) के दौरान प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन और प्रदूषण नियंत्रण की अनदेखी न होने देना।
- निष्कर्ष: यह स्पष्ट करें कि ये सुधार छत्तीसगढ़ को ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकालकर एक आधुनिक, विकसित और सुशासित औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
संबद्ध स्टेटिक जीके (Static GK Connection)
कैबिनेट निर्णयों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और प्रशासनिक स्टेटिक तथ्य:
- छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल (Board of Revenue): इसका मुख्यालय बिलासपुर में स्थित है। यह भूमि और राजस्व मामलों से संबंधित राज्य का सर्वोच्च अपीलीय न्यायालय है। वाणिज्यिक कर अधिकरण की समाप्ति के बाद अब वैट संबंधी द्वितीय अपीलों की सुनवाई भी इसी मंडल द्वारा की जाएगी।
- बस्तर फाइटर्स (Bastar Fighters): वर्ष 2021-22 में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा बस्तर संभाग के सात जिलों में स्थानीय युवाओं को भर्ती कर नक्सल विरोधी अभियानों और स्थानीय खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के लिए इस विशेष बल का गठन किया गया था।
- यूजीसी (UGC – विश्वविद्यालय अनुदान आयोग): इसकी स्थापना वर्ष 1956 में संसद के एक अधिनियम द्वारा की गई थी। यह भारत में विश्वविद्यालयों को अनुदान प्रदान करने और उच्च शिक्षण संस्थानों के मानकों को बनाए रखने वाली सर्वोच्च संस्था है।
एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)
त्वरित परीक्षा उपयोगी पुनरीक्षण के लिए Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026 के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:
- EoDB Pioneer: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना।
- DDM Power: केंद्रीय ऊर्जा कंपनियों के भुगतान के लिए आरबीआई की डायरेक्ट डेबिट मैंडेट प्रणाली को दी गई मंजूरी।
- Vat Reform: वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त, वैट के लंबित मामले राजस्व मंडल बिलासपुर में स्थानांतरित।
- Model Rent Act: केंद्र के 2021 मॉडल कानून के तहत छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण कानून में बड़ा संशोधन।
- NRDA OTS: नवा रायपुर के डिफ़ॉल्टर आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी।
- Auditorium: राजनांदगांव में 2000 सीटर क्षमता के आधुनिक कला केंद्र के लिए भूमि आवंटित।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
अपनी तैयारी का स्व-मूल्यांकन करने के लिए नीचे दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करें:
प्रश्न 1: हाल ही में जुलाई 2026 में छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस प्रकार का विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
2. इसके तहत उद्योगों के लिए ‘डीम्ड परमिशन’ और स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification) का प्रावधान किया गया है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों
व्याख्या: साय कैबिनेट द्वारा अनुमोदित यह विधेयक देश में अपनी तरह का पहला कानून है, जिसका उद्देश्य ‘डीम्ड परमिशन’ और ‘सेल्फ-सर्टिफिकेशन’ के माध्यम से लालफीताशाही को पूरी तरह समाप्त करना है।
प्रश्न 2: ‘Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026’ के तहत वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त कर, वैट (VAT) से जुड़े लंबित मामलों की सुनवाई का अधिकार किसे सौंपा गया है?
(A) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को
(B) राजस्व मंडल (Board of Revenue) को
(C) जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) को
(D) उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को
उत्तर: (B) राजस्व मंडल (Board of Revenue) को
व्याख्या: वाणिज्यिक कर अधिकरण की समाप्ति के बाद वैट संबंधी लंबित और भावी द्वितीय अपीलों की सुनवाई का अधिकार बिलासपुर स्थित राजस्व मंडल को सौंप दिया गया है।
प्रश्न 3: नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आवंटित भूखंडों के बकाया भुगतानों के निपटारे के लिए कैबिनेट द्वारा किस योजना को मंजूरी दी गई है?
(A) छत्तीसगढ़ निवेश प्रोत्साहन योजना
(B) वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026
(C) ईज ऑफ बिजनेस रिलैक्सेशन स्कीम
(D) अटल आवास नियमितीकरण योजना
उत्तर: (B) वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026
व्याख्या: एनआरडीए द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों पर देय ब्याज और अधिभार में बड़ी राहत प्रदान करने के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026’ लागू की गई है।
प्रश्न 4: छत्तीसगढ़ कैबिनेट द्वारा संशोधित ‘निजी विश्वविद्यालय विधेयक, 2026’ के तहत विश्वविद्यालय स्थापना के समय विन्यास निधि के स्थान पर किस नई निधि का प्रावधान लागू किया गया है?
(A) आकस्मिक निधि (Contingency Fund)
(B) रक्षित निधि (Reserve Fund)
(C) विकास कोष (Development Fund)
(D) छात्र कल्याण निधि (Student Welfare Fund)
उत्तर: (B) रक्षित निधि (Reserve Fund)
व्याख्या: निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना संबंधी नियमों को कड़ा और व्यावहारिक बनाते हुए अब विन्यास निधि के स्थान पर रक्षित निधि का अनिवार्य प्रावधान किया गया है, ताकि छात्रों के हितों की रक्षा हो सके।
प्रश्न 5: हाल ही में किस जिले में 2000 दर्शक क्षमता वाले आधुनिक अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण हेतु शासकीय भूमि के आवंटन को मंजूरी दी गई है?
(A) बिलासपुर
(B) राजनांदगांव
(C) जगदलपुर
(D) जशपुर
उत्तर: (B) राजनांदगांव
व्याख्या: मंत्रिपरिषद की बैठक में राजनांदगांव में कला और सामाजिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करने के लिए 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण हेतु भूमि आवंटन की स्वीकृति दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026 की सबसे बड़ी विधायी घोषणा क्या है?
इस बैठक की सबसे बड़ी घोषणा “छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026” को मंजूरी देना है। इस तरह का व्यापार सुगमता और नियामक सरलीकरण कानून लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
Q2. ‘डीम्ड परमिशन’ (Deemed Permission) क्या होती है और यह निवेशकों को कैसे लाभ पहुँचाएगी?
डीम्ड परमिशन का अर्थ है कि यदि कोई उद्यमी उद्योग शुरू करने के लिए आवेदन करता है और सरकारी विभाग से तय समय सीमा में कोई उत्तर या अनुमति नहीं मिलती, तो उस आवेदन को स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा। इससे अनावश्यक प्रशासनिक देरी समाप्त होगी।
Q3. केंद्रीय विद्युत उपक्रमों के भुगतान के लिए लागू ‘डायरेक्ट डेबिट मैंडेट’ (DDM) व्यवस्था क्या है?
यह आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बिजली कंपनियों द्वारा खरीदे जाने वाले बिजली के भुगतान को सुनिश्चित करने की एक पारदर्शी प्रणाली है। त्रिपक्षीय समझौते के स्थान पर इसे लागू करने से एनटीपीसी जैसे उपक्रमों से छत्तीसगढ़ को मिलने वाली विद्युत आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
Q4. छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण को क्यों समाप्त किया गया है?
जीएसटी लागू होने के बाद पुराने वैट (VAT) से जुड़े द्वितीय अपीलों के मामलों में बहुत बड़ी कमी आई है। साथ ही राज्य में ‘जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण’ (GSTAT) की स्थापना भी हो चुकी है, जिसके कारण पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण की आवश्यकता नहीं रह गई थी। इसके लंबित मामले अब राजस्व मंडल को सौंपे गए हैं।
Q5. छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण कानून में किया गया नया संशोधन क्या है?
यह संशोधन केंद्र सरकार के ‘आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021’ के मानकों के अनुरूप किया गया है। इसके जरिए खाली पड़े मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा मिलेगा और मकान मालिक व किरायेदारों के अधिकारों को स्पष्ट करते हुए विवादों के त्वरित समाधान की व्यवस्था की गई है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुई यह बैठक छत्तीसगढ़ को औद्योगिक, न्यायिक और सामाजिक सुधारों के पथ पर ले जाने की दिशा में एक दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026 के तहत स्वीकृत किए गए नए अधिनियम और संशोधन राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को एक नई ऊँचाई प्रदान करते हैं।
लालफीताशाही को समाप्त करने के लिए भारत का पहला अनूठा व्यापार विधेयक लाना, पर्यावरण और किरायेदारी नियमों को राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत करना, और पुराने कर ढांचों को सुव्यवस्थित करना सुशासन के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। ये विधायी सुधार न केवल छत्तीसगढ़ में बहुराष्ट्रीय निवेश के द्वार खोलेंगे बल्कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को समयबद्ध तरीके से साकार करने में रीढ़ की हड्डी साबित होंगे।
Official Sources:
- Public Relations Department, Government of Chhattisgarh (DPRCG) (https://dprcg.gov.in)
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