आइची-नागोया (जापान), 03 अक्टूबर: भारत के सबसे युवा ओलंपिक पदक विजेता अमन सेहरावत ने शनिवार को Asian Games 2026 Wrestling (एशियन गेम्स कुश्ती) में पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए रोमांचक फाइनल में अमन ने मौजूदा विश्व चैंपियन उत्तर कोरिया के हान चोंग सोंग को 11-7 से पटखनी दी। इसके साथ ही अंतिम पंघाल (53kg) ने रजत और दीपक पूनिया (97kg) ने कांस्य पदक जीता। 2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 6 पदकों के साथ भारत ने जकार्ता 1962 के बाद बीते 64 वर्षों में एशियाई खेलों का अपना सर्वश्रेष्ठ कुश्ती अभियान पूरा किया।
मुख्य बिंदु:
- ‘Asian Games 2026 Wrestling’: अमन सेहरावत (57kg) ने मौजूदा विश्व चैंपियन को 11-7 से हराकर जीता स्वर्ण पदक।
- अंतिम पंघाल ने 53 किग्रा में रजत पदक और दीपक पूनिया ने 97 किग्रा फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक अपने नाम किया।
- 64 साल में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज सहित कुल 6 पदकों के साथ अभियान का समापन।
- जकार्ता 1962 (12 पदक) के बाद यह भारत का सबसे सफल एशियाई खेल रहा; सुजीत कलकल (65kg) ने भी जीता था गोल्ड।
अमन सेहरावत का गोल्डन दांव: विश्व चैंपियन को 11-7 से दी पटखनी
पेरिस ओलंपिक 2024 के कांस्य पदक विजेता 23 वर्षीय अमन सेहरावत के लिए फाइनल मुकाबला आसान नहीं था। उनके सामने 2025 के 57 किग्रा विश्व और एशियाई चैंपियन उत्तर कोरिया के हान चोंग सोंग थे।
अमन ने आक्रामक शुरुआत करते हुए 6-1 की मजबूत बढ़त बना ली थी, लेकिन दूसरे पीरियड में हान ने लगातार 6 अंक बटोरकर 7-6 से बढ़त हासिल कर ली। दबाव के इन पलों में अमन ने चार अंकों का अविश्वसनीय काउंटर-दांव लगाकर स्कोर 10-7 कर दिया। उत्तर कोरियाई खेमे द्वारा लिया गया चैलेंज खारिज होने पर भारत को एक अतिरिक्त अंक मिला और मुकाबला 11-7 से अमन के पक्ष में समाप्त हुआ।
अमन का फाइनल तक का सफर: 20-9 और 14-8 की जोरदार वापसी
अमन का स्वर्ण तक का सफर तकनीकी श्रेष्ठता और मानसिक दृढ़ता का शानदार उदाहरण रहा। उन्होंने अपने शुरुआती मुकाबले में जापान के यामातो ओगावा को 20-9 के तकनीकी अंतर (Technical Superiority) से मात दी। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के नुरदानात ऐतानोव को 12-1 से एकतरफा हराया।
सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के आइल बेलोलीबुस्की के खिलाफ पहले पीरियड में 6-2 से पिछड़ने के बाद अमन ने तूफानी वापसी की और 14-8 से बाउट जीतकर फाइनल में प्रवेश किया था।
अंतिम पंघाल को मिला रजत: विश्व चैंपियन मोए कियोका से फाइनल में मुकाबला
महिलाओं के 53 किग्रा भार वर्ग में दो बार की अंडर-20 विश्व चैंपियन अंतिम पंघाल को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। फाइनल में उनका सामना 2024 की 55 किग्रा विश्व चैंपियन जापान की मोए कियोका से हुआ, जहां जापानी पहलवान ने 9-1 से मुकाबला अपने नाम किया।
अंतिम का यह लगातार दूसरा एशियन गेम्स पदक है; इससे पहले उन्होंने हांगझोऊ 2023 में कांस्य पदक जीता था। अंतिम ने शनिवार की शुरुआत कजाकिस्तान की शुगिला ओमीरबेक को 9-0 से हराकर की थी। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने उज्बेकिस्तान की साकिबजमाल को ‘चित्त’ (Win by Fall) किया, जबकि सेमीफाइनल में मौजूदा एशियाई चैंपियन चीन की झांग जिन को 6-1 से पराजित किया था।
दीपक पूनिया का कांस्य: 2-1 से मंगोलियाई पहलवान को हराया
पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन दीपक पूनिया ने कांस्य पदक मुकाबले में मंगोलिया के गनखुयाग गनबातर को 2-1 के कड़े स्कोर से पराजित किया। हांगझोऊ 2023 में रजत पदक जीतने वाले दीपक का यह लगातार दूसरा एशियन गेम्स पदक है।
दीपक ने पहले दौर में चीन के जुनपेंग झोउ को 12-2 से हराया था और क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के खिलाड़ी के हटने से उन्हें वॉकओवर मिला था। सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के शेरजोद पोयोनोव के खिलाफ 9-8 की करीबी हार के बाद उन्होंने कांस्य पदक जीतकर शानदार वापसी की।
अन्य पहलवानों का प्रदर्शन: ग्रीको-रोमन में भी बरसे पदक
अन्य भारतीय मुकाबलों में 74 किग्रा में सागर जागलान कांस्य पदक मुकाबले में 2024 के विश्व चैंपियन कजाकिस्तान के नूरकोझा काइपैनोव से चित्त होकर पदक से चूक गए। वहीं महिलाओं के 57 किग्रा में मनीषा भानवाला ने दक्षिण कोरिया की यंगजिन क्वोन को चित्त किया, लेकिन क्वार्टर फाइनल में वे दो बार की ओलंपिक व विश्व चैंपियन जापान की अकारी फुजिनामी से 3-0 से हार गईं।
भारत के कुल 6 पदकों में ग्रीको-रोमन पहलवानों का भी अहम योगदान रहा। नितेश सिवाच ने 97 किग्रा ग्रीको-रोमन में रजत पदक और सुनील कुमार ने 87 किग्रा में कांस्य पदक जीता। इससे पहले शुक्रवार को सुजीत कलकल ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक जीता था।
64 साल का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: 1962 के बाद भारत का स्वर्णिम दौर
भारतीय कुश्ती के इतिहास में जकार्ता 1962 के बाद यह सबसे सफल एशियाई खेल साबित हुआ है। 1962 में भारत ने 12 पदक (3 स्वर्ण, 6 रजत, 3 कांस्य) जीते थे।
इसके बाद भारत ने बैंकॉक 1978 और जकार्ता 2018 में दो-दो स्वर्ण पदक जरूर जीते थे, लेकिन दोनों ही बार पदकों की कुल संख्या केवल 3-3 थी। आइची-नागोया 2026 में 2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 6 पदक जीतकर भारतीय पहलवानों ने 64 साल के सूखे को समाप्त किया है।
“विश्व चैंपियन के खिलाफ 6-1 से आगे होने के बाद पिछड़ना खतरनाक था, लेकिन मैंने मैट पर अपना फोकस नहीं खोया। चार अंकों का काउंटर थ्रो गेमचेंजर साबित हुआ। पेरिस ओलंपिक के बाद एशियन गेम्स का यह स्वर्ण पदक मेरे आत्मविश्वास को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए नई ऊंचाई देगा।”— अमन सेहरावत, स्वर्ण पदक विजेता, एशियन गेम्स 2026
भारतीय कुश्ती और ओलंपिक 2028 के लिए इसके क्या मायने हैं?
- फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन दोनों में संतुलन: भारत का केवल फ्रीस्टाइल पर निर्भर न रहकर ग्रीको-रोमन में भी 2 पदक (रजत और कांस्य) जीतना दर्शाता है कि देश में संपूर्ण कुश्ती अधोसंरचना मजबूत हुई है।
- विश्व चैंपियनों को पछाड़ने का माद्दा: अमन, अंतिम और सुजीत ने टूर्नामेंट में ओलंपिक पदक विजेताओं और दुनिया के नंबर-1 पहलवानों को हराकर मानसिक मजबूती का परिचय दिया।
- लॉस एंजिल्स 2028 की पुख्ता दावेदारी: युवा उम्र में विश्व स्तरीय पहलवानों को पछाड़कर अमन और अंतिम ने 2028 ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीदों को जीवित कर दिया है।
एशियन गेम्स 2026: भारतीय कुश्ती के सभी 6 पदक विजेता
- अमन सेहरावत (पुरुष 57kg फ्रीस्टाइल): स्वर्ण पदक 🥇
- सुजीत कलकल (पुरुष 65kg फ्रीस्टाइल): स्वर्ण पदक 🥇
- अंतिम पंघाल (महिला 53kg फ्रीस्टाइल): रजत पदक 🥈
- नितेश सिवाच (पुरुष 97kg ग्रीको-रोमन): रजत पदक 🥈
- दीपक पूनिया (पुरुष 97kg फ्रीस्टाइल): कांस्य पदक 🥉
- सुनील कुमार (पुरुष 87kg ग्रीको-रोमन): कांस्य पदक 🥉
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Asian Games 2026 Wrestling में भारत ने कुल कितने पदक जीते?
भारतीय कुश्ती दल ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 6 पदक जीते, जिसमें 2 स्वर्ण (अमन सेहरावत व सुजीत कलकल), 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं।
अमन सेहरावत ने 57 किग्रा के फाइनल में किसे हराया?
अमन सेहरावत ने फाइनल में 2025 के मौजूदा विश्व चैंपियन उत्तर कोरिया के हान चोंग सोंग को 11-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
अंतिम पंघाल और दीपक पूनिया ने कौन-से पदक जीते?
अंतिम पंघाल ने महिलाओं के 53 किग्रा में रजत पदक (Silver) तथा दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक (Bronze) जीता।
इस कुश्ती अभियान को 64 साल में सर्वश्रेष्ठ क्यों कहा जा रहा है?
जकार्ता 1962 (12 पदक) के बाद यह पहला मौका है जब भारत ने किसी एशियाई खेल में 2 स्वर्ण सहित कुल 6 कुश्ती पदक अपने नाम किए हैं।
स्रोत (Source): एशियन गेम्स 2026 आधिकारिक मीडिया सेल / भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI)