रायपुर, 30 अक्टूबर: देश के अन्नदाताओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और उनकी कृषि निवेश क्षमता को सुदृढ़ करने के संकल्प के तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का विधिवत अंतरण संपन्न हुआ। शुक्रवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर में PM Kisan 24th Installment Raipur (पीएम किसान 24वीं किस्त रायपुर) के राज्य स्तरीय सीधा प्रसारण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रिमोट का बटन दबाकर देश के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में सम्मान निधि की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए अंतरित की गई। एनआईबीएसएम रायपुर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में 8 समीपवर्ती गांवों के लगभग 270 किसानों ने हिस्सा लिया, जहां कृषि वैज्ञानिकों ने उन्हें आगामी रबी सीजन के लिए उन्नत दलहन-तिलहन उत्पादन और फसल विविधीकरण का वैज्ञानिक मार्गदर्शन दिया।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘PM Kisan 24th Installment Raipur’: एनआईबीएसएम रायपुर में 24वीं किस्त के राष्ट्रीय कार्यक्रम का हुआ सजीव प्रसारण।
- बनासकांठा से पीएम मोदी का संबोधन: प्रधानमंत्री ने किसानों को ‘विकसित भारत’ का सबसे मजबूत स्तंभ बताया।
- 270 किसानों की उत्साही सहभागिता: 8 ग्रामीण अंचलों से 41 महिला और 229 पुरुष किसान पहुंचे संस्थान।
- वैज्ञानिक रबी योजना पर बल: निदेशक डॉ. पी. के. राय ने जैविक खेती व सरकारी योजनाओं के लाभ उठाने की दी सलाह।
- दलहन-तिलहन से विविधीकरण: संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा ने पारंपरिक धान चक्र के स्थान पर फसल विविधीकरण पर दिया जोर।
- कार्यक्रम का सफल संचालन: एनआईबीएसएम वैज्ञानिक डॉ. के. सी. शर्मा एवं डॉ. प्रियंका मीना ने संभाला मंच।
PM Kisan 24th Installment Raipur: ‘विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभ हैं हमारे किसान’: पीएम मोदी
गुजरात के बनासकांठा से देश भर के किसानों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कृषि कल्याण को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के केंद्र में बताया।
PM Kisan 24th Installment Raipur कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रधानमंत्री का सीधा उद्बोधन सुना। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि आज केवल एक वित्तीय सहायता योजना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसान परिवारों के स्वाभिमान और संबल का आधार बन चुकी है। डीबीटी के माध्यम से बिना किसी बिचौलिये के सीधे बैंक खातों में पहुंच रही यह राशि किसानों को समय पर खाद, बीज और कृषि आदान जुटाने में सक्षम बना रही है। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और कृषि आधारित सह-उद्यमों से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया।
वैज्ञानिक कृषि और सरकारी योजनाओं का लाभ लें: निदेशक डॉ. पी. के. राय
राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रसारण से पूर्व आईसीएआर-एनआईबीएसएम, रायपुर के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने उपस्थित कृषकों को संबोधित किया:
- योजनाओं का अधिकतम लाभ: उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए केंद्र सरकार द्वारा कृषि, मृदा स्वास्थ्य और जैविक तनाव प्रबंधन के लिए चलाई जा रही विविध योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
- वैज्ञानिक पद्धतियों का समावेश: डॉ. पी. के. राय ने किसानों को पारंपरिक खेती के ढर्रे से बाहर निकलकर उन्नत प्रमाणित बीजों, संतुलित उर्वरकों और जैविक कीटनाशकों के प्रयोग की सलाह दी, जिससे मिट्टी की सेहत सुरक्षित रहे और लागत में कमी आए।
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रबी मौसम में फसल विविधीकरण जरूरी: संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा
संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा ने किसानों के साथ सीधा संवाद करते हुए आगामी रबी मौसम की रणनीतियों पर चर्चा की:
- दलहन और तिलहन पर फोकस: उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे रबी में केवल धान या पारंपरिक फसलें न लगाएं, बल्कि चना, मटर, मसूर, सरसों और अलसी जैसी कम पानी वाली दलहन-तिलहन फसलों को अपनी प्रणाली में शामिल करें।
- संसाधनों का कुशल उपयोग: फसल विविधीकरण से न केवल मिट्टी में नाइट्रोजन की प्राकृतिक पूर्ति होती है, बल्कि बाजार में इन फसलों के बेहतर दाम मिलने से किसानों का कुल मुनाफा भी कई गुना बढ़ जाता है।
8 गांवों के 270 किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
एनआईबीएसएम परिसर में आयोजित इस समारोह में रायपुर जिले के आसपास के ग्रामीण अंचलों से भारी संख्या में किसान पहुंचे:
- महिला किसानों की उल्लेखनीय उपस्थिति: कार्यक्रम में कुल 270 किसानों ने भाग लिया, जिसमें 41 महिला कृषक और 229 पुरुष कृषक शामिल रहे।
- सहभागी गांव एवं पंचायत प्रतिनिधि: ग्राम बिटिया, कुर्रा, पचरी, बरोदे, बुड़ेरा, बेलटुकरी, मधई, मुर्रा एवं भैंसा के कृषकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर ग्राम बेलटुकरी के सरपंच श्री संतोष कुर्रे, ग्राम कुर्रा के श्री भुवनेश्वर खूंटे तथा ग्राम बिटिया के श्री दुष्यंत साहू सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- सफल संचालन: कार्यक्रम का सुचारु एवं प्रभावी मंच संचालन संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के. सी. शर्मा एवं डॉ. प्रियंका मीना द्वारा किया गया।
“प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देश के अन्नदाताओं की कड़ी मेहनत का सम्मान और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। बनासकांठा से जारी 24वीं किस्त किसानों को रबी सीजन की तैयारी के लिए समय पर पूंजी उपलब्ध कराएगी। वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थानों का यह दायित्व है कि वे नवीनतम तकनीकों और फसल विविधीकरण को सीधे खेतों तक पहुंचाएं।”— डॉ. पी. के. राय, निदेशक, आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (NIBSM), रायपुर
पीएम किसान 24वीं किस्त एनआईबीएसएम रायपुर: एक नजर में
- योजना का नाम: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan 24th Installment Raipur)
- किस्त संख्या: 24वीं किस्त (DBT वित्तीय अंतरण)
- राष्ट्रीय मंच: बनासकांठा, गुजरात (संबोधनकर्ता: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी)
- सीधा प्रसारण स्थल: आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (NIBSM), रायपुर
- आयोजन तिथि: 30 अक्टूबर 2026
- कुल प्रतिभागी किसान: 270 किसान (41 महिला एवं 229 पुरुष)
- सहभागी गांव: बिटिया, कुर्रा, पचरी, बरोदे, बुड़ेरा, बेलटुकरी, मधई, मुर्रा व भैंसा
- संस्थान नेतृत्व: निदेशक डॉ. पी. के. राय एवं संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा
- कार्यक्रम संचालक: वैज्ञानिक डॉ. के. सी. शर्मा एवं डॉ. प्रियंका मीना
- मुख्य तकनीकी सलाह: रबी में फसल विविधीकरण, दलहन-तिलहन की खेती व जैविक तनाव नियंत्रण
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
PM Kisan 24th Installment Raipur का सीधा प्रसारण रायपुर में कहाँ आयोजित हुआ?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का सीधा प्रसारण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर में आयोजित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24वीं किस्त कहाँ से और किस माध्यम से जारी की?
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से रिमोट का बटन दबाकर देश भर के किसानों के खातों में डीबीटी के जरिए राशि अंतरित की।
एनआईबीएसएम रायपुर में कितने गांवों और किसानों ने भाग लिया?
कार्यक्रम में 8 समीपवर्ती गांवों (बिटिया, कुर्रा, पचरी, बरोदे आदि) से कुल 270 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 41 महिला किसान भी शामिल थीं।
कृषि वैज्ञानिकों ने आगामी रबी मौसम के लिए किसानों को क्या मुख्य सलाह दी?
वैज्ञानिकों ने किसानों को रबी में एकल धान फसल के स्थान पर दलहन और तिलहन अपनाने, फसल विविधीकरण करने और आधुनिक जैविक कृषि पद्धतियों को लागू करने की सलाह दी।
आधिकारिक स्रोत: आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर / कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur)