रायपुर, 28 अक्टूबर: जनजातीय अस्मिता के उत्थान, गरीबों और वंचितों की सेवा तथा सरगुजा अंचल के समग्र विकास को अपना जीवन समर्पित करने वाले प्रखर जननेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय जी की पावन स्मृतियों को चिरस्थायी रूप दिया गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से बलरामपुर जिले के ग्राम चिरई-जसवंतपुर में स्वर्गीय लरंग साय जी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। Larang Sai Statue Balrampur (लरंग साय प्रतिमा बलरामपुर) अनावरण के इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने बलरामपुर जिले को ₹202 करोड़ 65 लाख की लागत के 2,009 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें ₹156 करोड़ 68 लाख के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹45 करोड़ 97 लाख के 146 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने काका लरंग साय के साथ अपने आत्मीय संस्मरण साझा करते हुए शंकरगढ़ में स्कूल, चांदो में सामुदायिक भवन और प्रतिमा स्थल पर भव्य स्मृति द्वार निर्माण की घोषणा की।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Larang Sai Statue Balrampur’: मुख्यमंत्री ने चिरई-जसवंतपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. लरंग साय की प्रतिमा का किया अनावरण।
- बलरामपुर को ₹202.65 करोड़ की सौगात: 1,863 कार्यों का भूमिपूजन और 146 पूर्ण निर्माण कार्यों का लोकार्पण संपन्न।
- क्षेत्र के लिए 3 बड़ी घोषणाएं: शंकरगढ़ में बालक हायर सेकेंडरी स्कूल का नवीन भवन, चांदो में सामुदायिक भवन व भव्य स्मृति द्वार।
- सीएम ने साझा किए संस्मरण: बोले—’पहली बार विधायक बनने पर काका लरंग साय का मिला मार्गदर्शन, दिल्ली में कमरा रहता था आरक्षित।’
- अटल जी के अत्यंत करीबी थे लरंग साय: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ उनके आत्मीय संबंधों को किया गया याद।
- मंत्रिमंडल की मौजूदगी: कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े व विधायक उद्धेश्वरी पैकरा रहीं उपस्थित।
Larang Sai Statue Balrampur: ‘गरीबों और आदिवासियों के अधिकारों के सच्चे प्रहरी थे काका लरंग साय’
बलरामपुर जिले के वनांचल में आयोजित इस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय लरंग साय जी के विराट व्यक्तित्व को नमन किया।
Larang Sai Statue Balrampur के अनावरण अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी ऐसे विरले जननेता थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सादगी, ईमानदारी और वंचितों की सेवा में बिताया। अविभाजित मध्य प्रदेश में विधायक, सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने जनजातीय समाज के अधिकारों, सम्मान और वनांचल के विकास को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया। उनका सहज स्वभाव और जनता से अटूट जुड़ाव आज भी हम सभी के लिए आदर्श है। उनकी यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को निःस्वार्थ जनसेवा और समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी।
मुख्यमंत्री के साथ आत्मीय संस्मरण और अटल जी से गहरा नाता
मुख्यमंत्री ने लरंग साय जी के साथ अपने दशकों पुराने व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंधों को भावुकता से याद किया:
- मार्गदर्शक और पितातुल्य संरक्षक: मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वे वर्ष 1990 में पहली बार विधायक बने, तब से उन्हें काका लरंग साय जी के सानिध्य में काम करने का सौभाग्य मिला। जब वे सांसद के रूप में दिल्ली में थे, तब काका जी अक्सर उनके निवास पर ठहरते थे और उनके लिए एक कमरा सदैव आरक्षित रहता था।
- अटल जी का विशेष स्नेह: पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी लरंग साय जी का अत्यधिक आदर करते थे। जनसंघ के दौर से ही दोनों नेताओं के बीच आत्मीय संबंध रहे, जिसने जनजातीय क्षेत्रों में राष्ट्रवाद की अलख जगाई।
बलरामपुर को ₹202.65 करोड़ के 2,009 कार्यों की सौगात: 3 महत्वपूर्ण घोषणाएं
जिले के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व भूमिपूजन के साथ तीन बड़ी योजनाओं का ऐलान किया:
- शंकरगढ़ में नवीन स्कूल भवन: शंकरगढ़ स्थित बालक हायर सेकेंडरी स्कूल के पुराने व जर्जर भवन के स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नवीन भवन बनेगा।
- चांदो में विशाल सामुदायिक भवन: सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों की सुविधा के लिए चांदो में बड़े सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन का निर्माण होगा।
- प्रतिमा स्थल पर भव्य स्मृति द्वार: चिरई-जसवंतपुर में लरंग साय जी की स्मृतियों को संजोने के लिए प्रतिमा स्थल के समीप एक भव्य स्मृति द्वार बनाया जाएगा।
अंत्योदय और जनजातीय कल्याण: 15 हजार आवास, ₹5500 तेंदूपत्ता दर व धान खरीदी
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं का विस्तृत ब्योरा दिया:
- गरीब आवास और पुनर्वास: प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पीएम आवास बन रहे हैं। बस्तर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार ने 15 हजार अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के लिए ‘पीएम जनमन’ के तहत 32 हजार आवास मंजूर किए गए हैं।
- तेंदूपत्ता व भूमिहीन सहायता: सरगुजा व बस्तर के 13 लाख संग्राहक परिवारों के लिए तेंदूपत्ता पारिश्रमिक दर ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा की गई है तथा चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ हुई है। 5.5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना ₹10,000 की सहायता दी जा रही है।
- 15 नवंबर से धान खरीदी: 360 नए केंद्रों के साथ 15 नवंबर से ₹3,100 प्रति क्विंटल (21 क्विंटल प्रति एकड़) की दर से पारदर्शी धान खरीदी शुरू होगी।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विचार
समारोह में उपस्थित कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी ने सामरी और समूचे सरगुजा के विकास की जो नींव रखी थी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उसे तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जनसंघ काल से लरंग साय जी का त्याग अविस्मरणीय है और महतारी वंदन योजना व 18 लाख आवासों की स्वीकृति उनके अंत्योदय के सपनों को पूरा कर रही है।
“स्वर्गीय लरंग साय जी का संपूर्ण जीवन त्याग, सादगी और जनजातीय समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित रहा। वे हमारे राजनीतिक मार्गदर्शक और पितातुल्य संरक्षक थे। आज उनकी प्रतिमा का अनावरण और बलरामपुर को मिले ₹202 करोड़ के 2,009 विकास कार्य उनके सपनों के समृद्ध सरगुजा को साकार करने की दिशा में हमारी सच्ची श्रद्धांजलि हैं। हमारी सरकार प्रदेश के हर अंचल का संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है।”— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (प्रतिमा अनावरण वर्चुअल संबोधन)
समारोह में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी
बलरामपुर जिले के इस ऐतिहासिक आयोजन में शासन और संगठन के प्रमुख नेता उपस्थित रहे:
- मुख्यमंत्री निवास रायपुर से: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय।
- चिरई-जसवंतपुर (बलरामपुर) कार्यक्रम स्थल से: कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा।
- विशिष्ट अतिथि: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री रामकिशुन सिंह, श्री बब्रुवाहन महाराज, श्री ओम प्रकाश जायसवाल।
- प्रशासनिक प्रतिनिधि: बलरामपुर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण।
स्व. लरंग साय प्रतिमा अनावरण व बलरामपुर विकास कार्य: एक नजर में
- समारोह: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय प्रतिमा अनावरण
- स्थल व तिथि: ग्राम चिरई-जसवंतपुर, जिला बलरामपुर (28 अक्टूबर 2026)
- अनावरणकर्ता: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय (वर्चुअल माध्यम द्वारा)
- कुल विकास सौगात: ₹202 करोड़ 65 लाख (कुल 2,009 कार्य)
- भूमिपूजन: ₹156.68 करोड़ के 1,863 कार्य
- लोकार्पण: ₹45.97 करोड़ के 146 कार्य
- 3 बड़ी घोषणाएं: शंकरगढ़ में नवीन स्कूल भवन, चांदो में सामुदायिक भवन, प्रतिमा स्थल पर भव्य स्मृति द्वार
- प्रमुख योजनाएं: 15 नवंबर से धान खरीदी (₹3,100), ₹5,500 तेंदूपत्ता दर, पीएम जनमन (32 हजार आवास)
- उपस्थित मंत्रीगण: कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक उद्धेश्वरी पैकरा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Larang Sai Statue Balrampur का अनावरण किसने और कहाँ किया?
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से बलरामपुर जिले के ग्राम चिरई-जसवंतपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय जी की प्रतिमा का अनावरण किया।
इस अवसर पर बलरामपुर जिले को कितने विकास कार्यों की सौगात मिली?
बलरामपुर जिले को ₹202.65 करोड़ की लागत के कुल 2,009 विकास कार्यों की सौगात मिली, जिसमें ₹156.68 करोड़ के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन और ₹45.97 करोड़ के 146 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के लिए कौन-सी तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं?
मुख्यमंत्री ने शंकरगढ़ में बालक हायर सेकेंडरी स्कूल का नवीन भवन, चांदो में विशाल सामुदायिक भवन तथा चिरई-जसवंतपुर में प्रतिमा स्थल के समीप भव्य स्मृति द्वार बनाने की घोषणा की।
स्वर्गीय लरंग साय जी का छत्तीसगढ़ और राष्ट्रीय राजनीति में क्या योगदान रहा है?
स्वर्गीय लरंग साय जी अविभाजित मध्य प्रदेश में विधायक, सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे। उन्होंने आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन के अधिकारों, शिक्षा और सरगुजा अंचल के बुनियादी विकास में अग्रणी भूमिका निभाई।
आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन / जिला जनसंपर्क कार्यालय (PRO), बलरामपुर-रामानुजगंज