रायपुर, 23 अक्टूबर: केंद्र सरकार और नीति आयोग द्वारा आयोजित होने वाले आगामी ‘मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन’ में छत्तीसगढ़ के प्रमुख नीतिगत विषयों, प्रशासनिक नवाचारों और गुणात्मक सुधारों को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में Chief Secretaries Conference CG (मुख्य सचिव सम्मेलन छत्तीसगढ़) की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा मुख्य सचिव विकासशील द्वारा की गई। बैठक में पिछले राष्ट्रीय सम्मेलन के एजेंडा बिंदुओं की प्रगति को ‘एक्शन ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम’ के माध्यम से परखा गया। मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को कड़े निर्देश दिए कि शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पोषण और सुशासन में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का दस्तावेजीकरण तय समय-सीमा में पूरा किया जाए। इस दौरान आंगनबाड़ियों में जनसहयोग से शुरू किए गए ‘खिलौना बैंक’ नवाचार की विशेष सराहना की गई, जिसके तहत अब तक 1 लाख से अधिक खिलौने जुटाए जा चुके हैं।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Chief Secretaries Conference CG’: मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए मंत्रालय में सभी प्रमुख सचिवों की मैराथन बैठक संपन्न।
- विकसित भारत 2047 के 4 प्रमुख सत्र: खनन क्षेत्र से राजस्व वृद्धि, सुशासन में तकनीक, अधोसंरचना में तेजी और प्राथमिकताओं पर विमर्श।
- आंगनबाड़ियों में ‘खिलौना बैंक’ की राष्ट्रीय सराहना: जनसहयोग से 1 लाख से अधिक खिलौने जमा; बच्चों के मानसिक विकास का बना माध्यम।
- उर्वरकों के गैर-कृषि उपयोग पर रोक: औद्योगिक कार्यों में कृषि सब्सिडी वाले खादों के दुरुपयोग पर नियंत्रण और प्राकृतिक गैस को बढ़ावा।
- एक्शन ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम: पिछले सम्मेलनों की घोषणाओं और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की रीयल-टाइम प्रगति रिपोर्ट तैयार।
- 14 विभागों के शीर्ष सचिव उपस्थित: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार, पी. दयानंद सहित वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद।
Chief Secretaries Conference CG: राष्ट्रीय मंच पर चमकेगा छत्तीसगढ़ मॉडल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के राज्य अपनी सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) का आदान-प्रदान करते हैं।
Chief Secretaries Conference CG की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव विकासशील ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ केवल औपचारिक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर आए गुणात्मक और सांख्यिकीय बदलावों को मजबूती से रखेगा। उन्होंने स्वास्थ्य, पोषण, डिजिटल गवर्नेंस और अधोसंरचना निर्माण में विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर एक ऐसा प्रस्तुतीकरण तैयार करने को कहा जो अन्य राज्यों के लिए भी नीतिगत प्रेरणा बन सके।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों पर केंद्रित 4 प्रमुख सत्रों की रूपरेखा
बैठक में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य ढांचा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण पर आधारित होगा, जिसके तहत चार मुख्य विषयों पर छत्तीसगढ़ अपनी रणनीति रखेगा:
- 1. विकसित भारत की विशिष्ट प्राथमिकताएं और उद्देश्य: राज्य के विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर छत्तीसगढ़ 2047’ के अनुरूप विकास के प्रमुख लक्ष्यों का निर्धारण।
- 2. खनन क्षेत्र और राज्य का वित्तीय सुदृढ़ीकरण: खनिज संसाधनों (कोयला, लौह अयस्क, लिथियम व क्रिटिकल मिनरल्स) के वैज्ञानिक दोहन से राज्य के राजस्व को बढ़ाने और डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) के प्रभावी उपयोग का रोडमैप।
- 3. सुशासन में आधुनिक तकनीक का उपयोग: सेवा सेतु, ई-ऑफिस, डिजिटल क्रॉप सर्वे और पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्थाओं से प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण।
- 4. अधोसंरचना परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता: सड़कों, पुल-पुलियों, एक्सप्रेसवे और सार्वजनिक भवनों के निर्माण में नई तकनीकों का उपयोग कर लागत और समय की बचत।
आंगनबाड़ियों में ‘खिलौना बैंक’: 1 लाख से अधिक खिलौनों से गढ़ा जा रहा भविष्य
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘खिलौना बैंक’ (Toy Bank) नवाचार को राष्ट्रीय सम्मेलन में एक अनुकरणीय केस स्टडी के रूप में प्रस्तुत करने पर सहमति बनी:
- जनसहयोग की अनूठी मिसाल: इस योजना के तहत समाज के संपन्न लोग, नागरिक और संस्थाएं अपने बच्चों के पुराने व अच्छे खिलौने आंगनबाड़ी केंद्रों में दान करते हैं।
- 1 लाख से अधिक खिलौने संग्रहित: प्रदेश भर में अब तक 1,00,000 से अधिक खिलौने जमा किए जा चुके हैं, जिनका उपयोग निर्धन व ग्रामीण बच्चों के संज्ञानात्मक (Cognitive) व मानसिक विकास और खेल-खेल में पोषण शिक्षा देने के लिए किया जा रहा है।
उर्वरकों के दुरुपयोग पर नियंत्रण और प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा
बैठक में आर्थिक अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े दो नए संवेदनशील मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ:
- गैर-कृषि कार्यों में उर्वरक का दुरुपयोग रोकना: किसानों के लिए सब्सिडी पर मिलने वाले यूरिया और डीएपी (DAP) का कुछ औद्योगिक व गैर-कृषि कार्यों में अवैध इस्तेमाल रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाने के निर्देश दिए गए।
- प्राकृतिक गैस (CNG/PNG) का विस्तार: प्रदूषण कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों और वाहनों में प्राकृतिक गैस के उपयोग को प्रोत्साहित करने की योजना पर चर्चा हुई। इसके साथ ही अंतरराज्यीय प्रतिस्पर्धा (Inter-State Competitiveness) में छत्तीसगढ़ को आगे रखने के लिए नियम सरल बनाने पर जोर दिया गया।
“मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन पूरे देश के सामने छत्तीसगढ़ के सुशासन और विकास के विजन को प्रस्तुत करने का सबसे बड़ा मंच है। हमें अपने नवाचारों को केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि परिणामोन्मुख तरीके से रखना होगा। खिलौना बैंक, खनिज सुधार और तकनीक आधारित सेवा वितरण हमारे मजबूत स्तंभ हैं। सभी सचिव निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण इनपुट तैयार करें।”— विकासशील (IAS), मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन (समीक्षा बैठक संबोधन)
समीक्षा बैठक में उपस्थित शीर्ष प्रशासनिक अमला
मंत्रालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय मैराथन बैठक में राज्य के 14 विभागों के शीर्ष आईएएस अधिकारी उपस्थित रहे:
- श्री सोनमणि बोरा (प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग)
- श्रीमती शहला निगार (प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग)
- सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले (सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग)
- श्री मुकेश कुमार (सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं लोक निर्माण विभाग)
- श्री रजत कुमार (सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग)
- श्री अंकित आनंद (सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग)
- श्री बसवराजू एस. (सचिव, कौशल विकास विभाग)
- श्रीमती शम्मी आबिदी (सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग)
- श्री यशवंत कुमार (सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग)
- श्री भूवनेश यादव (सचिव, आदिम जाति विकास विभाग)
- श्री राजेश सुकुमार टोप्पो (सचिव, जल संसाधन विभाग)
- श्री अमित कटारिया (सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग)
- श्रीमती नेहा चम्पावत (सचिव, गृह विभाग)
- श्री रजत बंसल (विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं आयुक्त जनसंपर्क)।
मुख्य सचिव राष्ट्रीय सम्मेलन तैयारी बैठक: एक नजर में
- बैठक का विषय: मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा (Chief Secretaries Conference CG)
- अध्यक्षता: मुख्य सचिव श्री विकासशील (IAS) | स्थल: मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर
- निगरानी प्रणाली: एक्शन ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (ATMS) द्वारा प्रगति की समीक्षा
- विशेष नवाचार: आंगनबाड़ियों में ‘खिलौना बैंक’ (1 लाख से अधिक खिलौने जमा)
- विकसित भारत 2047 के 4 सत्र: 1. विशिष्ट प्राथमिकताएं, 2. खनन क्षेत्र व राजस्व, 3. तकनीक से सुशासन, 4. अधोसंरचना की समयबद्ध पूर्णता
- नीतिगत फोकस: उर्वरक दुरुपयोग रोकथाम, प्राकृतिक गैस विस्तार, स्वास्थ्य व पोषण
- प्रशासनिक सहभागिता: 14 प्रमुख विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं विभागाध्यक्ष
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Chief Secretaries Conference CG की तैयारी बैठक में किन मुख्य क्षेत्रों पर जोर दिया गया?
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, खनन क्षेत्र से राजस्व सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे की समयबद्धता और सुशासन में तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया।
छत्तीसगढ़ के किस नवाचार को राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए सराहा गया?
राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित ‘खिलौना बैंक’ पहल को विशेष सराहना मिली, जिसके तहत जनसहयोग से 1 लाख से अधिक खिलौने एकत्र कर बच्चों के मानसिक विकास में उपयोग किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय सम्मेलन में ‘विकसित भारत 2047’ के तहत कौन-से 4 सत्र आयोजित होंगे?
चार सत्र होंगे—विकसित भारत की प्राथमिकताएं, आर्थिक विकास में खनन क्षेत्र की भूमिका, सुशासन में तकनीक का उपयोग और सड़क व आधारभूत संरचना परियोजनाओं का समयबद्ध निर्माण।
उर्वरकों और ऊर्जा को लेकर क्या नए नीतिगत निर्देश दिए गए?
कृषि के लिए मिलने वाले रासायनिक उर्वरकों के गैर-कृषि औद्योगिक उपयोग पर कड़े नियंत्रण और राज्य में पर्यावरण-अनुकूल प्राकृतिक गैस (CNG/PNG) के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
आधिकारिक स्रोत: मुख्य सचिव कार्यालय / सामान्य प्रशासन विभाग / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन