Shrimant Jha Para Armwrestling: जर्मनी में छत्तीसगढ़ के श्रीमंत झा ने जीता रजत पदक; शानदार प्रदर्शन पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी बधाई

Shrimant Jha Para Armwrestling Shrimant Jha Para Armwrestling

रायपुर, 21 अक्टूबर: अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं के निरंतर बढ़ते दबदबे में एक और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। यूरोप की धरती पर अपनी बाजु की ताकत और अदम्य इच्छाशक्ति का लोहा मनवाते हुए Shrimant Jha Para Armwrestling (श्रीमंत झा पैरा आर्मरेसलिंग) के अंतरराष्ट्रीय स्टार खिलाड़ी श्रीमंत झा ने ‘जर्मनी पैरा-आर्मरेसलिंग कप 2026’ में भारत के लिए रजत पदक (Silver Medal) जीतकर देश का परचम लहरा दिया है। छत्तीसगढ़ के भिलाई से निकलकर विश्व पटल पर तिरंगा फहराने वाले श्रीमंत झा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेश के वित्त, वाणिज्यिक कर एवं आवास मंत्री ओ.पी. चौधरी ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि श्रीमंत झा ने साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हों और अनुशासन पक्का हो, तो शारीरिक अक्षमता कभी भी विश्व विजय के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Shrimant Jha Para Armwrestling’: जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैरा-आर्मरेसलिंग कप 2026 में श्रीमंत झा ने जीता रजत पदक।
  • विश्व पटल पर लहराया तिरंगा: कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में विदेशी दिग्गजों को हराकर भारत की झोली में डाला प्रतिष्ठित सिल्वर मेडल।
  • वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दी बधाई: कहा—’श्रीमंत झा की यह ऐतिहासिक जीत पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व व हर्ष का विषय है।’
  • दिव्यांगजनों के लिए बने प्रेरणास्रोत: सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद विश्व चैंपियन बनने का सफर युवाओं के लिए मिसाल।
  • खेल इतिहास में एक और स्वर्णिम पन्ना: छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय सफलता से प्रदेश में मजबूत हो रहा स्पोर्ट्स इकोसिस्टम।

Shrimant Jha Para Armwrestling: जर्मनी के पोडियम पर गूंजा भारत का नाम

जर्मनी में आयोजित पैरा-आर्मरेसलिंग कप 2026 में दुनिया भर के शीर्ष और अनुभवी पैरा-आर्मरेसलरों ने भाग लिया था।

Shrimant Jha Para Armwrestling चैंपियनशिप के अपने भार वर्ग में भारतीय दल का नेतृत्व करते हुए श्रीमंत झा ने प्रारंभिक राउंड्स से लेकर सेमीफाइनल तक एकतरफा दबदबा बनाए रखा। फाइनल के बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ के पैरा-एथलीट दुनिया के किसी भी खिलाड़ी से कम नहीं हैं।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की सराहना: ‘चुनौतियों को पार करने का नाम है श्रीमंत’

श्रीमंत झा की ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने उनके संघर्ष और समर्पण की खुलकर प्रशंसा की:

  • अथक परिश्रम और अनुशासन: वित्त मंत्री ने कहा कि श्रीमंत झा ने अपनी मेहनत, कठोर अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर यह सिद्ध किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति से बड़ी से बड़ी बाधा को पार किया जा सकता है।
  • युवाओं के लिए रोल मॉडल: श्री चौधरी ने कहा कि श्रीमंत की यह जीत विशेष रूप से उन सभी खिलाड़ियों और दिव्यांग युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को पूरा करने के लिए मैदान में पसीना बहा रहे हैं।

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कठिन परिस्थितियों को मात देकर बने अंतरराष्ट्रीय चैंपियन

श्रीमंत झा का जीवन संघर्ष और दृढ़ संकल्प की एक खुली किताब है। जन्मजात शारीरिक दिव्यांगता का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी खुद को कमजोर नहीं माना:

  • पैरा-स्पोर्ट्स में निरंतर स्वर्णिम सफर: श्रीमंत झा पहले भी एशियाई पैरा-आर्मरेसलिंग और विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए कई पदक जीत चुके हैं। वे वर्तमान में भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले पैरा-आर्मरेसलर हैं।
  • कड़ा फिटनेस रूटीन: आर्मरेसलिंग में कलाई, उंगलियों और बांह की असाधारण शक्ति (Forearm & Grip Strength) की जरूरत होती है। श्रीमंत प्रतिदिन 4 से 5 घंटे जिम और टेबल पर विशेष तकनीकी अभ्यास करते हैं।

छत्तीसगढ़ के खेल जगत में पैरा-एथलीटों की नई क्रांति

हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ के विशेष खिलाड़ियों ने वैश्विक स्तर पर कई बड़े पदक जीते हैं—चाहे वह हांगकांग स्पेशल ओलंपिक में इभानन साहू का गोल्ड हो या अब जर्मनी में श्रीमंत झा का सिल्वर मेडल।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सामान्य खिलाड़ियों के साथ-साथ पैरा-खिलाड़ियों को भी आधुनिक खेल अधोसंरचना, प्रोत्साहन राशि और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्रीमंत झा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भी भारत के लिए नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

“जर्मनी में रजत पदक जीतकर तिरंगा लहराने वाले हमारे प्रदेश के बेटे श्रीमंत झा को मेरी ओर से हार्दिक बधाई। श्रीमंत ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में जीतने का संकल्प हो, तो परिस्थितियां कभी आड़े नहीं आतीं। उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है और यह हमारे लाखों युवा व दिव्यांग खिलाड़ियों को अपने सपनों को पंख देने की प्रेरणा देगी।”— ओ.पी. चौधरी, वित्त, वाणिज्यिक कर एवं आवास मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

छत्तीसगढ़ के युवाओं और पैरा-खिलाड़ियों के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • दिव्यांगता के प्रति समाज में सम्मान: अंतरराष्ट्रीय पोडियम पर तिरंगा फहराने से समाज में दिव्यांगजनों को देखने का नजरिया पूरी तरह बदला है।
  • आर्मरेसलिंग को मिली नई पहचान: पारंपरिक खेलों से आगे बढ़कर आर्मरेसलिंग जैसी आधुनिक विधाओं में युवाओं का रुझान बढ़ेगा।
  • पैरा-स्पोर्ट्स को बढ़ावा: राज्य के अन्य विशेष बच्चों और युवाओं में यह आत्मविश्वास जगेगा कि वे भी अपनी शारीरिक सीमाओं को पार कर वैश्विक एथलीट बन सकते हैं।

श्रीमंत झा पैरा-आर्मरेसलिंग उपलब्धि: एक नजर में

  • खिलाड़ी का नाम: श्री श्रीमंत झा (Shrimant Jha – अंतरराष्ट्रीय पैरा-आर्मरेसलर)
  • मूल निवास: भिलाई, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़
  • प्रतियोगिता: जर्मनी पैरा-आर्मरेसलिंग कप 2026 (Germany Para-Armwrestling Cup 2026)
  • आयोजन स्थल: जर्मनी (यूरोप)
  • अर्जित उपलब्धि: रजत पदक (Silver Medal – टीम इंडिया)
  • खेल विधा: पैरा-आर्मरेसलिंग (दिव्यांग पंजा कुश्ती)
  • बधाई संदेश: श्री ओ.पी. चौधरी, वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
  • प्रेरणा का संदेश: दृढ़ संकल्प, अनुशासन और अदम्य इच्छाशक्ति से हर चुनौती पर विजय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Shrimant Jha Para Armwrestling में किस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीते हैं?

Shrimant Jha Para Armwrestling के तहत जर्मनी में आयोजित ‘जर्मनी पैरा-आर्मरेसलिंग कप 2026’ में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक (Silver Medal) जीते हैं।

श्रीमंत झा छत्तीसगढ़ के किस जिले से संबंध रखते हैं?

श्रीमंत झा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के इस्पात शहर भिलाई के निवासी हैं और वे भारत के शीर्ष रैंक वाले अंतरराष्ट्रीय पैरा-आर्मरेसलर हैं।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने उनकी सफलता पर क्या कहा?

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि श्रीमंत झा की यह सफलता प्रदेश के युवा और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है और उन्होंने विश्व पटल पर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।

श्रीमंत झा की पूर्व उपलब्धियां क्या रही हैं?

श्रीमंत झा पूर्व में भी विश्व चैंपियनशिप और एशियाई पैरा-आर्मरेसलिंग प्रतियोगिताओं में भारत के लिए कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीत चुके हैं।

आधिकारिक स्रोत: वित्त मंत्री कार्यालय / खेल एवं युवा कल्याण विभाग / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन

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