Police Smriti Diwas Chhattisgarh: माना में अमर शहीदों को सीएम साय ने दी श्रद्धांजलि; कहा- जवानों के बलिदान से बस्तर में लौटी शांति

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रायपुर, 21 अक्टूबर: देश की संप्रभुता, आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले वीर पुलिसकर्मियों की अमर शौर्यगाथा को नमन करते हुए छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पूरी गरिमा और श्रद्धा के साथ मनाया गया। राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के प्रांगण में आयोजित राज्यस्तरीय Police Smriti Diwas Chhattisgarh (पुलिस स्मृति दिवस छत्तीसगढ़) परेड को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अमर शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्य पथ पर प्राण न्योछावर करने वाले जांबाज जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों के परिजनों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और कहा कि बस्तर में पांच दशकों के लाल आतंक के बाद आज जो शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण बना है, वह हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस और शहादत की बदौलत ही संभव हुआ है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Police Smriti Diwas Chhattisgarh’: माना परेड ग्राउंड और राजीव स्मृति वन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि।
  • 1 वर्ष में 84 नक्सली ढेर, 6 जवान शहीद: डीजीपी अरुण देव गौतम ने पेश किया 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक की कार्रवाइयों का लेखा-जोखा।
  • हॉट स्प्रिंग्स लद्दाख 1959 का स्मरण: 21 अक्टूबर 1959 को चीनी सेना से लोहा लेते हुए शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवानों को किया गया याद।
  • शहीद परिवारों का सम्मान: मुख्यमंत्री ने कहा—’शहीदों के परिजनों का त्याग अतुलनीय है, सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है।’
  • बस्तर में विकास की नई सुबह: डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय बलों के पराक्रम से भय की जगह पहुंची ‘नियद नेल्लानार’ की रोशनी।
  • अमर जवान स्तंभ पर श्रद्धासुमन: मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका में पट्टिका पर अर्पित किए पुष्प।

Police Smriti Diwas Chhattisgarh: 21 अक्टूबर 1959 के लद्दाख हॉट स्प्रिंग्स की अमर गाथा

पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व समझाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 1959 के उस ऐतिहासिक दिन का स्मरण कराया जब भारतीय पुलिस ने राष्ट्ररक्षा की मिसाल पेश की थी।

Police Smriti Diwas Chhattisgarh के संबोधन में उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के अत्यंत दुर्गम हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस के जवानों ने चीनी सैनिकों के एक भारी-भरकम सैन्य दस्ते का अदम्य साहस से मुकाबला किया था। इस भीषण संघर्ष में देश के 10 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हीं अमर बलिदानियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है, जो आज कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की अमर प्रेरणा बन चुका है।

1 वर्ष में 84 नक्सली ढेर, 6 जवान शहीद: डीजीपी अरुण देव गौतम ने पेश की रिपोर्ट

परेड के दौरान पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अरुण देव गौतम ने 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक की अवधि में राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियानों का आधिकारिक ब्योरा प्रस्तुत किया:

  • 84 माओवादी न्यूट्रलाइज: इस एक वर्ष की अवधि में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF, BSF, ITBP) के संयुक्त अभियानों में कुल 84 खूंखार नक्सली मारे गए।
  • 6 वीर जवानों की शहादत: कर्तव्य पालन के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के 6 वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। डीजीपी ने कहा कि यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और सशस्त्र नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे तक अभियान जारी रहेगा।
  • शहीद परिवार पुलिस का अंग: डीजीपी ने स्पष्ट किया कि शहीद परिवार पुलिस महकमे का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन व पुनर्वास के लिए विभाग पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रहा है।

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उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा: ‘जवानों का पराक्रम और परिवारों का धैर्य दोनों वंदनीय’

समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और शांति के लिए जीवन कुर्बान करने वाले वीर जवानों का त्याग सदैव स्मरणीय रहेगा:

गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जवानों ने घने जंगलों, जलभराव और आईईडी के खतरों के बीच अपने प्राणों की परवाह किए बिना लड़ाई लड़ी है। आज जब बस्तर के वनांचल में स्कूल खुल रहे हैं, पक्की सड़कें बन रही हैं और सरकारी योजनाओं का राशन व बिजली पहुंच रही है, तो इसके पीछे हमारे जवानों का लहू है। उन्होंने कहा कि एक जवान जब सीमा या मोर्चे पर खड़ा होता है, तो उसका परिवार मौन साधना करता है। जवानों की वीरता के साथ उनके परिवारों का त्याग भी उतना ही महान है।

police smriti diwas chhattisgarh cm vishnu deo sai mana raipur
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बस्तर में विकास की नई सुबह: ‘नियद नेल्लानार’ और ‘पीएम जनमन’ से बदल रही तस्वीर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर अब बारूद के दौर से बाहर निकलकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुका है:

  • हिंसा से बंद 431 स्कूल दोबारा खुले: जिन क्षेत्रों में कभी गोलियों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब बच्चों की किलकारियां और प्रार्थनाएं गूंज रही हैं।
  • बुनियादी सुविधाओं का विस्तार: ‘नियद नेल्लानार’, ‘पीएम जनमन’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के जरिए 500 से अधिक गांवों में पहली बार शुद्ध पेयजल, सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क पहुंचाया गया है।
  • स्थायी शांति का संकल्प: मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद पर निर्णायक बढ़त हासिल करने के बाद अब राज्य सरकार बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका में अमर जवान स्तंभ पर दी श्रद्धांजलि

माना में परेड की सलामी लेने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा रायपुर के राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका पहुंचे:

यहाँ उन्होंने ‘अमर जवान स्तंभ’ पर पुष्पचक्र अर्पित कर मौन श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थापित शहीद जवानों के नाम की पट्टिकाओं पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) विवेकानंद सिन्हा सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

“एक जवान जब देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देता है, तो वह केवल एक वर्दीधारी नहीं खोता, बल्कि एक परिवार का बेटा, पिता और सुहाग खोता है। छत्तीसगढ़ अपने अमर शहीदों के ऋण को कभी नहीं चुका सकता। जवानों के शौर्य से ही आज बस्तर में तिरंगा शान से लहरा रहा है। राज्य सरकार हर कदम पर शहीद परिवारों के साथ खड़ी है। पुलिस बल का आधुनिकीकरण और जवानों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (पुलिस स्मृति दिवस संबोधन)

पुलिस बल के आधुनिकीकरण और सुरक्षा बलों के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • उच्च मनोबल और तकनीकी संबल: नाइट विजन डिवाइसेज, ड्रोन सर्विलांस, आधुनिक आग्नेयास्त्र और बुलेटप्रूफ वाहनों से सुसज्जित होने से जवानों की सुरक्षा और मारक क्षमता बढ़ी है।
  • शहीद परिवारों की सामाजिक सुरक्षा: समय पर बीमा क्लेम, अनुकंपा नियुक्ति और बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार की संवेदनशीलता से बलों में निष्ठा मजबूत हुई है।
  • जन-पुलिस समन्वय: बस्तर में कैंपों के ‘सेवा डेरा’ में बदलने से स्थानीय आदिवासियों और पुलिस के बीच गहरा आत्मीय विश्वास कायम हुआ है।

छत्तीसगढ़ पुलिस स्मृति दिवस 2026: एक नजर में

  • आयोजन: 67वां राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस (Police Smriti Diwas Chhattisgarh)
  • तिथि व मुख्य स्थल: 21 अक्टूबर 2026 | चौथी वाहिनी सीएएफ प्रांगण, माना, रायपुर
  • द्वितीय श्रद्धांजलि स्थल: अमर जवान स्तंभ, शहीद वाटिका, राजीव स्मृति वन, रायपुर
  • मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा
  • शहादत का ऐतिहासिक आधार: 21 अक्टूबर 1959 (हॉट स्प्रिंग्स, लद्दाख में 10 पुलिसकर्मियों का बलिदान)
  • वार्षिक ऑपरेशनल आंकड़े (1 वर्ष): 84 नक्सली ढेर | छत्तीसगढ़ पुलिस के 6 वीर जवान शहीद
  • संबद्ध सुरक्षा बल: छत्तीसगढ़ पुलिस, DRG, बस्तर फाइटर्स, STF एवं केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF)
  • उपस्थित नेतृत्व: डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, विधायक श्री मोतीलाल साहू, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Police Smriti Diwas Chhattisgarh का राज्यस्तरीय कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया गया?

Police Smriti Diwas Chhattisgarh का मुख्य कार्यक्रम राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के परेड ग्राउंड तथा राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका में आयोजित किया गया।

पुलिस स्मृति दिवस 21 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है?

21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में भारत-तिब्बत सीमा पर चीनी सैनिकों के हमले का मुकाबला करते हुए 10 वीर भारतीय पुलिसकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था, जिनकी स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।

डीजीपी अरुण देव गौतम ने पिछले एक वर्ष की क्या ऑपरेशनल रिपोर्ट पेश की?

डीजीपी ने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक की अवधि में सुरक्षा बलों ने 84 नक्सलियों को मार गिराया, जबकि इस कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ पुलिस के 6 वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद परिवारों के लिए क्या संदेश दिया?

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जवानों के परिजनों का त्याग और धैर्य अतुलनीय है और राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके कल्याण, सम्मान और सुरक्षा के लिए उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है।

आधिकारिक स्रोत: पुलिस मुख्यालय (PHQ), छत्तीसगढ़ / गृह विभाग / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन

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