रायपुर, 17 अक्टूबर: किसी भी जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक शक्ति जनता का सरकार पर अटूट भरोसा होता है, और सुशासन उस भरोसे को चिरस्थायी बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। जब जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी सिफारिश या बिचौलिए के समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचता है, समस्याओं का तय समय-सीमा में निपटारा होता है और आम नागरिक को अपने जायज अधिकारों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, तभी लोकतंत्र सार्थक होता है। छत्तीसगढ़ में Vishnu Deo Sai Sushasan Model (विष्णु देव साय सुशासन मॉडल) के तहत इसी भावना को प्रशासनिक कार्यसंस्कृति का आधार बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस, संवेदनशीलता और जन-भागीदारी के समन्वय से ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ की मजबूत नींव रखी है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Vishnu Deo Sai Sushasan Model’: संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के जरिए शासन और आम जनता के बीच मजबूत हुआ विश्वास।
- सशक्त शिकायत निवारण तंत्र: ग्रामीण अंचलों के लिए ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ और शहरी क्षेत्रों के लिए ‘निदान-1100’ से घर बैठे समस्याओं का समाधान।
- डिजिटल सुशासन की क्रांति: ‘सेवा सेतु पोर्टल’ और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के जरिए 900 से अधिक नागरिक सेवाएं गांव के पास उपलब्ध।
- अंत्योदय का संकल्प: महतारी वंदन, पीएम आवास, किसान समृद्धि और स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं से हर परिवार को सामाजिक सुरक्षा।
- बस्तर-सरगुजा का संतुलित विकास: दूरस्थ वनांचल के अंतिम गांव तक पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल और स्कूल-अस्पतालों की पहुंच।
- सेवा संकल्प अभियान का समापन: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चले राज्यव्यापी अभियान से जनभागीदारी को मिली नई ऊंचाई।
Vishnu Deo Sai Sushasan Model: जनसेवा, संवेदनशीलता और पारदर्शी प्रशासन की नई मिसाल
सुशासन की पहली और अनिवार्य शर्त यह है कि सरकार आम नागरिक की आवाज को पूरी गंभीरता से सुने और उसकी तकलीफ पर त्वरित संज्ञान ले।
Vishnu Deo Sai Sushasan Model में मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित किया है कि प्रशासनिक निर्णय केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सीधा और मापने योग्य असर नागरिक के जीवन पर दिखे। जिला और विकासखंड स्तर पर नियमित रूप से आयोजित होने वाले ‘जनसमस्या निवारण शिविर’ प्रशासन को सीधे जनता के दरवाजे तक ले जा रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों की सेवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही आवेदनों का भौतिक सत्यापन कर राशन कार्ड, पेंशन, राजस्व नामांतरण और आयुष्मान कार्ड जैसी सेवाएं ऑन-द-स्पॉट उपलब्ध कराई जा रही हैं।
शिकायत निवारण का मजबूत तंत्र: सीएम हेल्पलाइन 1076 और निदान-1100 से त्वरित राहत
सुशासन केवल योजनाएं शुरू करने का नाम नहीं है, बल्कि योजनाओं में आने वाली रुकावटों को समय पर दूर करने की प्रशासनिक तत्परता है:
- सीएम हेल्पलाइन 1076: राज्य के किसी भी कोने से नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। यहाँ दर्ज 2.31 लाख से अधिक शिकायतों में से 89% का समाधान किया जा चुका है। शिकायत तब तक बंद नहीं होती जब तक नागरिक खुद संतुष्टि दर्ज न कराए।
- शहरी निदान-1100: नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में नागरिकों को साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और आवारा पशुओं से जुड़ी समस्याओं के तुरंत निराकरण के लिए ‘निदान-1100’ कॉल सेंटर सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
डिजिटल सुशासन: ‘सेवा सेतु’ और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों से घर के पास सुविधाएं
छत्तीसगढ़ में तकनीक को शासन का सबसे पारदर्शी और सुलभ माध्यम बनाया गया है ताकि भ्रष्टाचार और बिचौलिया तंत्र पर पूर्ण विराम लगे:
- सेवा सेतु पोर्टल: इस एकल डिजिटल खिड़की के जरिए 900 से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं (जाति, आय, निवास, राजस्व, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र आदि) को ऑनलाइन किया गया है।
- अटल डिजिटल सेवा केंद्र: ग्राम पंचायतों में स्थापित सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण अपने ही गांव में ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं, जिससे उनका समय, श्रम और यात्रा का भारी खर्च बच रहा है।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच: महतारी वंदन, पीएम आवास और किसान संबल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने समाज के चार प्रमुख स्तंभों—गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के समग्र उत्थान को प्राथमिकता दी है:
- मातृशक्ति का स्वावलंबन: महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों (DBT) में दी जा रही है, जिससे 14 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
- गरीबों की पक्की छत: प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के मकान बनाकर गरीबों को सामाजिक सुरक्षा दी गई है।
- अन्नदाता का सम्मान: देश में सर्वाधिक ₹425 प्रति क्विंटल की दर से गन्ने की खरीदी और समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के साथ समय पर बोनस वितरण ने ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत किया है।
बस्तर से सरगुजा तक समावेशी विकास: दूरस्थ वनांचल में बुनियादी ढांचे का विस्तार
सुशासन की वास्तविक कसौटी यह है कि जो सुविधाएं राजधानी रायपुर या दुर्ग-बिलासपुर में उपलब्ध हैं, वही सम्मान और सुविधाएं बस्तर के बीजापुर-सुकमा और सरगुजा के सुदूर वनांचल में रहने वाले नागरिक को भी मिलें:
‘नियद नेल्ला नार’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के माध्यम से बस्तर के 500 से अधिक पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों में पक्की सड़कें, 24 घंटे बिजली, नल से जल और मोबाइल टावर पहुंचाए गए हैं। नक्सल हिंसा के चलते बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा खोलकर आदिवासी बच्चों के हाथों में कलम थमाई गई है।
सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर – 17 अक्टूबर): जनभागीदारी से गढ़ा जा रहा नया छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ ने जनसेवा को एक जन-आंदोलन का रूप दिया:
- अभियान के प्रमुख घटक: ‘सेवा सेतु’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से लाखों नागरिकों, युवाओं और महिला समूहों ने स्वच्छता, पर्यावरण, स्वास्थ्य और रक्तदान जैसे सामाजिक सरोकारों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
- नागरिकों की सहभागिता: शासन ने यह स्थापित किया है कि नीतियां केवल ऊपर से नहीं थोपी जा सकतीं; जब सजग नागरिक अपने सुझाव और श्रमदान देते हैं, तभी विकास स्थायी बनता है।
“सुशासन का सच्चा अर्थ यह है कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे गरीब, किसान, माता-बहन और युवा के चेहरे पर संतोष और आंखों में आत्मविश्वास दिखे। सरकारी दफ्तरों की दूरी कम होना केवल सड़कों के बनने से नहीं, बल्कि नागरिक के मन में यह भरोसा जागने से तय होता है कि सरकार उसकी अपनी है और उसकी हर समस्या पर संवेदनशील है। ‘सुशासन से विश्वास, विश्वास से जनभागीदारी और जनभागीदारी से विकसित छत्तीसगढ़’—यही हमारे नए छत्तीसगढ़ का संकल्प है।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों, किसानों और महिलाओं के लिए इसके क्या मायने हैं?
- बिचौलियों और भ्रष्टाचार से मुक्ति: डीबीटी और ऑनलाइन सेवा सेतु पोर्टल से सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत पैसा और लाभ सीधे वास्तविक हकदार तक पहुंच रहा है।
- सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन: महतारी वंदन, पक्के आवास और मुफ्त खाद्यान्न मिलने से गरीब परिवारों की बुनियादी चिंताएं खत्म हुई हैं।
- जवाबदेह नौकरशाही: सीएम हेल्पलाइन और जनसमस्या निवारण शिविरों से अधिकारियों की जवाबदेही तय हुई है, जिससे आम जनता का आत्मसम्मान बढ़ा है।
विष्णु देव साय सुशासन मॉडल: एक नजर में
- नीतिगत शीर्षक: Vishnu Deo Sai Sushasan Model (संवेदनशील शासन एवं पारदर्शी व्यवस्था)
- मूलमंत्र: सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास
- नागरिक शिकायत समाधान: सीएम हेल्पलाइन 1076 (89% निराकरण) एवं नगरीय निदान-1100
- डिजिटल ई-गवर्नेंस: सेवा सेतु पोर्टल (900+ सेवाएं) एवं अटल डिजिटल सेवा केंद्र
- महिला सशक्तिकरण: महतारी वंदन योजना (68 लाख+ महिलाएं, ₹20,700 करोड़+ अंतरित, 14 लाख लखपति दीदी)
- आवास सुरक्षा: पीएम आवास योजना (ग्रामीण 20.65 लाख + शहरी 2.25 लाख पक्के आवास पूर्ण)
- वनांचल समावेशिता: नियद नेल्ला नार (10 जिलों में 31 व्यक्तिगत व 14 सामुदायिक सुविधाएं), 421 बंद स्कूल पुनः शुरू
- जनभागीदारी अभियान: सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026)
- सर्वोच्च लक्ष्य: अंजोर विजन 2047 के तहत ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का निर्माण
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Vishnu Deo Sai Sushasan Model के प्रमुख आधार स्तंभ क्या हैं?
Vishnu Deo Sai Sushasan Model के प्रमुख आधार स्तंभ संवेदनशील प्रशासन, डिजिटल पारदर्शिता, त्वरित शिकायत निवारण (1076 व 1100), अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच और जनभागीदारी हैं।
छत्तीसगढ़ में नागरिक शिकायत निवारण के लिए कौन-सी हेल्पलाइन संचालित हैं?
राज्य भर के नागरिकों के लिए ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ और नगरीय क्षेत्रों की साफ-सफाई, पेयजल व पथ-प्रकाश जैसी समस्याओं के लिए ‘निदान-1100’ हेल्पलाइन सक्रिय रूप से संचालित हैं।
डिजिटल माध्यम से नागरिक सेवाओं के लिए कौन-सा पोर्टल शुरू किया गया है?
नागरिकों को घर के नजदीक ही 900 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए ‘सेवा सेतु पोर्टल’ और ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन कब से कब तक किया गया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवाकाल के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक राज्यव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया गया।
आधिकारिक आलेख एवं स्रोत: जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन