Ibhanan Sahu Special Olympics: हांगकांग में गोल्ड जीतने वाले इभानन साहू का सम्मान; राज्यपाल रमेन डेका ने दिए 10 कंप्यूटर

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रायपुर, 14 अक्टूबर: अदम्य इच्छाशक्ति, कड़े परिश्रम और अटूट हौसले के बल पर ऑटिज्म जैसी शारीरिक व मानसिक चुनौती को परास्त कर अंतरराष्ट्रीय फलक पर देश का मान बढ़ाने वाले एक विशेष एथलीट को राज्य के सर्वोच्च नागरिक का सानिध्य मिला है। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में Ibhanan Sahu Special Olympics (इभानन साहू स्पेशल ओलंपिक) के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी श्री इभानन साहू ने अपनी माता और शिक्षकों के साथ औपचारिक मुलाकात की। राजधानी रायपुर के आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट के इस 22 वर्षीय छात्र ने हांगकांग में आयोजित ‘स्पेशल ओलंपिक ईस्ट एशिया रीजनल बॉलिंग प्रतियोगिता’ में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है। राज्यपाल ने इभानन की ऐतिहासिक सफलता की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए संस्थान को 10 कंप्यूटर देने का ऐलान किया।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Ibhanan Sahu Special Olympics’: हांगकांग में आयोजित स्पेशल ओलंपिक ईस्ट एशिया रीजनल बॉलिंग प्रतियोगिता में इभानन साहू ने जीता स्वर्ण पदक।
  • ऑटिज्म को दी मात: 22 वर्षीय विशेष एथलीट इभानन ने अपनी शारीरिक और न्यूरोलॉजिकल सीमा को पीछे छोड़कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर गाड़ा झंडा।
  • राज्यपाल रमेन डेका ने बढ़ाया हौसला: लोकभवन में किया आत्मीय स्वागत; प्रोत्साहन राशि स्वीकृत करने की विशेष पहल।
  • स्वेच्छानुदान से 10 कंप्यूटर की सौगात: विशेष बच्चों की शिक्षा और आईटी ट्रेनिंग के लिए आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट को मिलेंगे 10 आधुनिक कंप्यूटर।
  • गुरुओं और माता का सम्मान: संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन धबलिया, निदेशक डॉ. साधना नायक, प्राचार्य प्रतिष्ठा शुक्ला और मां तेजश्री साहू रहीं उपस्थित।

Ibhanan Sahu Special Olympics: हांगकांग में भारत का परचम लहराकर जीता स्वर्ण

हांगकांग में आयोजित स्पेशल ओलंपिक ईस्ट एशिया रीजनल बॉलिंग चैंपियनशिप में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के कई देशों के विशेष एथलीटों ने भाग लिया था।

Ibhanan Sahu Special Olympics दल के प्रमुख खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम की ओर से उतरे। बॉलिंग लेन पर सटीक निशाने, असाधारण एकाग्रता और संयम का प्रदर्शन करते हुए इभानन ने विरोधी खिलाड़ियों को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाला। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से जूझ रहे किसी युवा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का तकनीकी खेल कौशल दिखाना पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गया है।

राज्यपाल रमेन डेका ने की सराहना: स्वेच्छानुदान मद से 10 कंप्यूटर देने की घोषणा

लोकभवन में इभानन से मुलाकात के दौरान राज्यपाल रमेन डेका बेहद भावुक और प्रभावित नजर आए।

राज्यपाल ने कहा कि इभानन साहू की यह स्वर्णिम उपलब्धि यह साबित करती है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी शारीरिक या मानसिक अक्षमता लक्ष्य के आड़े नहीं आ सकती। उन्होंने आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट द्वारा दिव्यांग और विशेष बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। संस्थान के शैक्षणिक और तकनीकी कार्यों को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्यपाल ने अपने स्वेच्छानुदान मद से 10 नए कंप्यूटर प्रदान करने की घोषणा की, जिससे संस्थान के अन्य बच्चों को भी आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा मिल सकेगी।


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आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट रायपुर की भूमिका: विशेष बच्चों का सशक्तिकरण

इभानन की इस अंतरराष्ट्रीय कामयाबी के पीछे रायपुर स्थित आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट के शिक्षकों का वर्षों लंबा धैर्य और वैज्ञानिक प्रशिक्षण रहा है:

  • स्पेशल थेरेपी और स्पोर्ट्स ट्रेनिंग: संस्था ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी और बौद्धिक अक्षमता वाले बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार खेलों, कला और वोकेशनल स्किल्स में प्रशिक्षित करती है।
  • मोटर स्किल्स और एकाग्रता का विकास: बॉलिंग जैसे खेल के जरिए इभानन के हाथ-आंख के समन्वय (Hand-Eye Coordination) और फोकस को निरंतर तराशा गया, जिसका सुखद परिणाम इस स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया।

लोकभवन में मां और शिक्षकों की रही भावुक उपस्थिति

इस सम्मान समारोह के दौरान इभानन के संघर्ष की सच्ची साक्षी रहीं उनकी माताजी श्रीमती तेजश्री साहू की आंखें गर्व से नम थीं।

इस गरिमामय अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन धबलिया, निदेशक डॉ. साधना नायक, प्राचार्य श्रीमती प्रतिष्ठा शुक्ला, हेड ऑफ फाइनेंस एंड ऑपरेशंस (H.F.O.) श्री नित्यानंद जैसवाल तथा संस्था के अन्य समर्पित शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके स्नेह और 10 कंप्यूटरों की सौगात से विशेष बच्चों के पुनर्वास को नई ऊर्जा मिलेगी।

“इभानन साहू की यह स्वर्णिम उपलब्धि अदम्य इच्छाशक्ति, मां के त्याग और गुरुओं के कठोर परिश्रम का जीवंत उदाहरण है। ऑटिज्म की चुनौती को पार कर विदेशी धरती पर तिरंगा लहराना केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए गौरव का क्षण है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों में असीम संभावनाएं छिपी होती हैं, जरूरत सिर्फ उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर देने की है। आकांक्षा लायंस संस्थान का कार्य वंदनीय है।”— रमेन डेका, राज्यपाल, छत्तीसगढ़

दिव्यांग खिलाड़ियों और समाज के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • ऑटिज्म के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव: इभानन की जीत यह संदेश देती है कि विशेष बच्चों को दया की नहीं, बल्कि खेल और कला के अवसरों की जरूरत है।
  • पैरा व स्पेशल स्पोर्ट्स को प्रोत्साहन: राज्य के अन्य दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों में यह विश्वास जगेगा कि वे अपने बच्चों को खेलों से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा सकते हैं।
  • विशेष शिक्षण संस्थानों को सरकारी संबल: राजभवन द्वारा कंप्यूटर और वित्तीय प्रोत्साहन मिलने से विशेष शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे एनजीओ और संस्थानों का मनोबल बढ़ेगा।

इभानन साहू विशेष ओलंपिक उपलब्धि: एक नजर में

  • खिलाड़ी का नाम: श्री इभानन साहू (उम्र: 22 वर्ष)
  • दिव्यांगता की श्रेणी: ऑटिज्म (Autism Spectrum Disorder)
  • माता का नाम: श्रीमती तेजश्री साहू
  • मूल संस्थान: आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट, रायपुर
  • अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता: स्पेशल ओलंपिक ईस्ट एशिया रीजनल बॉलिंग प्रतियोगिता
  • प्रतियोगिता स्थल: हांगकांग (Hong Kong)
  • अर्जित उपलब्धि: स्वर्ण पदक (Gold Medal – भारत का प्रतिनिधित्व)
  • राजभवन द्वारा सम्मान: राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा सराहना, प्रोत्साहन राशि एवं संस्थान को 10 कंप्यूटर की सौगात
  • उपस्थित प्रबंधन: डॉ. नितिन धबलिया (उपाध्यक्ष), डॉ. साधना नायक (निदेशक), श्रीमती प्रतिष्ठा शुक्ला (प्राचार्य), श्री नित्यानंद जैसवाल (HFO)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Ibhanan Sahu Special Olympics में किस खेल और प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है?

Ibhanan Sahu Special Olympics दल के तहत हांगकांग में आयोजित ‘स्पेशल ओलंपिक ईस्ट एशिया रीजनल बॉलिंग प्रतियोगिता’ में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए बॉलिंग में स्वर्ण पदक जीता है।

इभानन साहू किस संस्थान के छात्र हैं और वे किस चुनौती से प्रभावित हैं?

इभानन साहू रायपुर स्थित ‘आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट’ के 22 वर्षीय छात्र हैं और वे ऑटिज्म (Autism) से प्रभावित हैं।

राज्यपाल रमेन डेका ने इस उपलब्धि पर क्या विशेष घोषणा की?

राज्यपाल ने इभानन को प्रोत्साहन राशि देने की पहल की और विशेष बच्चों की शिक्षा में सहयोग हेतु आकांक्षा लायंस संस्थान को अपने स्वेच्छानुदान मद से 10 कंप्यूटर देने की घोषणा की।

लोकभवन में सम्मान के दौरान कौन-कौन उपस्थित थे?

सम्मान के दौरान इभानन की माता श्रीमती तेजश्री साहू, संस्था के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन धबलिया, निदेशक डॉ. साधना नायक, प्राचार्य श्रीमती प्रतिष्ठा शुक्ला और एचएफओ श्री नित्यानंद जैसवाल उपस्थित थे।

आधिकारिक स्रोत: राजभवन सचिवालय, रायपुर / जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन

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