रायपुर, 08 अक्टूबर: बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार के नवाचारों को देश की राजधानी में बड़ी राष्ट्रीय मान्यता मिली है। नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास सम्मेलन-सह-चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ के Vajan Tyohar Chhattisgarh (वजन त्यौहार छत्तीसगढ़) और बाल गृहों के साप्ताहिक न्यूट्रिशन मॉडल की देश भर के प्रतिनिधियों ने मुक्तकंठ से सराहना की। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ चल रही जमीनी लड़ाई का खाका पेश किया।
मुख्य बिंदु:
- ‘Vajan Tyohar Chhattisgarh’: नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर में गूंजा छत्तीसगढ़ का पोषण मॉडल।
- ‘वजन त्यौहार’ की राष्ट्रीय सराहना: जनभागीदारी से बच्चों की वृद्धि निगरानी और कुपोषण ट्रैकिंग को अन्य राज्यों के लिए बताया अनुकरणीय।
- बाल गृहों का साप्ताहिक डाइट प्लान: शासकीय बाल देखरेख संस्थानों (CCIs) के बच्चों के लिए बने विशेष स्वास्थ्य चार्ट की हुई तारीफ।
- प्रधानमंत्री होंगे शामिल: दो दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन (9 अक्टूबर) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चिंतन शिविर को संबोधित करेंगे।
सुषमा स्वराज भवन में राष्ट्रीय मंथन: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने की अध्यक्षता
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय महामंथन में देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के महिला एवं बाल विकास मंत्री, प्रधान सचिव और केंद्रीय अधिकारी भाग ले रहे हैं।
शिविर के उद्घाटन सत्र में सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 (Mission Poshan 2.0), मिशन वात्सल्य (Mission Vatsalya), महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण (Mission Shakti) जैसे प्रमुख राष्ट्रीय एजेंडों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान राज्यों के सर्वश्रेष्ठ नवाचारों (Best Practices) को साझा किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के मॉडल को सबसे प्रभावी पाया गया।
क्या है ‘वजन त्यौहार’? क्यों राष्ट्रीय स्तर पर बना रोल मॉडल?
सम्मेलन के पहले तकनीकी सत्र में छत्तीसगढ़ के ‘वजन त्यौहार’ की केस स्टडी प्रस्तुत की गई, जिसे उपस्थित केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने सराहा:
- सामुदायिक उत्सव के रूप में पोषण जांच: छत्तीसगढ़ में कुपोषण की जांच केवल क्लिनिकल प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसे एक जन-उत्सव (वजन त्यौहार) के रूप में मनाया जाता है, जहाँ माता-पिता स्वयं अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन और ऊंचाई नपवाने आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचते हैं।
- रियल-टाइम डेटा और पोषण ट्रैकिंग: इस अभियान से प्रदेश के लाखों बच्चों के पोषण स्तर (सामान्य, मध्यम कुपोषित और गंभीर कुपोषित) का सटीक डिजिटल डेटाबेस तैयार होता है, जिससे सीधे लक्षित बच्चों को सुपोषण आहार दिया जाता है।
- जनजातीय क्षेत्रों में जागरूकता: बस्तर और सरगुजा जैसे सुदूर वनांचल में पारंपरिक अंधविश्वासों को तोड़कर वैज्ञानिक पोषण को बढ़ावा देने में यह पहल मील का पत्थर साबित हुई है।
बाल गृहों का साप्ताहिक डाइट चार्ट: अनाथ और संकटग्रस्त बच्चों को संतुलित पोषण
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘मिशन वात्सल्य’ के तहत संचालित बाल देखरेख संस्थानों (बाल गृहों) में रहने वाले बच्चों के लिए तैयार किए गए विशेष स्वास्थ्य प्लान और साप्ताहिक आहार चार्ट (Weekly Diet Chart) को भी सराहा गया।
राज्य सरकार ने अनाथ, परित्यक्त और देखरेख के जरूरतमंद बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बाल रोग विशेषज्ञों और डाइटिशियन्स की मदद से एक वैज्ञानिक भोजन व्यवस्था बनाई है। इसमें बच्चों की उम्र के अनुसार प्रोटीन, हरी सब्जियां, फल, दूध और मोटे अनाज (मिलेट्स) को भोजन में शामिल किया गया है, जिसकी नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती है।
9 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे शामिल
राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन, शुक्रवार 9 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से सम्मेलन में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री राज्यों के मंत्रियों से सीधा संवाद करेंगे और देश भर में कुपोषण मुक्त भारत तथा महिला सुरक्षा के लिए आगामी 5 वर्षों के रोडमैप का विजन रखेंगे।
“छत्तीसगढ़ में कुपोषण से लड़ाई हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘वजन त्यौहार’ ने यह साबित किया है कि जब सरकारी योजनाओं में जनता खुद भागीदार बनती है, तो बड़े बदलाव आते हैं। राष्ट्रीय मंच पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी जी द्वारा हमारे प्रयासों की सराहना प्रदेश की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के समर्पण का सम्मान है। हम प्रदेश के अंतिम बच्चे तक संपूर्ण पोषण पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”— लक्ष्मी राजवाड़े, महिला एवं बाल विकास मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
छत्तीसगढ़ के बच्चों और महिलाओं के लिए इसके क्या मायने हैं?
- केंद्र से मिलेगा अतिरिक्त बजट: राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिलने से छत्तीसगढ़ को मिशन वात्सल्य और सक्षम आंगनबाड़ी 2.0 के तहत केंद्र सरकार से अतिरिक्त वित्तीय अनुदान और आधुनिक पोषण किट्स मिलने का रास्ता खुलेगा।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मनोबल: जमीनी स्तर पर वजन त्यौहार का सफल संचालन करने वाली मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम को देशव्यापी पहचान मिली है।
- संस्थागत बच्चों की बेहतर देखरेख: बाल गृहों में आहार चार्ट के सफल क्रियान्वयन से अनाथ बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाकर स्वस्थ नागरिक बनाने में मदद मिल रही है।
राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास चिंतन शिविर: एक नजर में
- आयोजन: राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास सम्मेलन-सह-चिंतन शिविर
- आयोजन स्थल: सुषमा स्वराज भवन, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली
- केंद्रीय नेतृत्व: अन्नपूर्णा देवी (केंद्रीय WCD मंत्री), सावित्री ठाकुर (केंद्रीय राज्य मंत्री)
- छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व: श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े (महिला एवं बाल विकास मंत्री)
- सराहनीय पहल 1: ‘वजन त्यौहार’ (सामुदायिक सहभागिता एवं कुपोषण निगरानी)
- सराहनीय पहल 2: बाल गृहों (CCIs) के लिए वैज्ञानिक स्वास्थ्य प्लान एवं साप्ताहिक डाइट चार्ट
- मुख्य मिशन: मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन शक्ति
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
नई दिल्ली के राष्ट्रीय चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ की किस पहल की सराहना हुई?
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के ‘वजन त्यौहार’ (बच्चों की पोषण वृद्धि निगरानी) और शासकीय बाल गृहों के लिए तैयार किए गए स्वास्थ्य प्लान व साप्ताहिक आहार चार्ट की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई।
छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किसने किया और केंद्रीय नेतृत्व में कौन शामिल था?
छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय WCD मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने की।
छत्तीसगढ़ का ‘वजन त्यौहार’ क्या है?
यह आंगनबाड़ी केंद्रों में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन और ऊंचाई मापकर उनके पोषण स्तर की सटीक डिजिटल निगरानी करने और कुपोषण मिटाने का एक राज्यव्यापी सामुदायिक अभियान है।
इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री कब शामिल होंगे?
सम्मेलन के दूसरे दिन यानी 9 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल होकर राज्यों के प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन करेंगे।
स्रोत (Source): महिला एवं बाल विकास विभाग / जनसंपर्क विभाग, रायपुर-नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ शासन)