रायपुर, 07 अक्टूबर: वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ अपनी निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। Viksit Bharat 2047 Chhattisgarh (विकसित भारत 2047 छत्तीसगढ़) की प्राथमिकताओं और कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। यह महामंथन आगामी 6वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के लिए राज्य के विभागों के प्रस्तावों को तैयार करने के उद्देश्य से किया गया। बैठक में तय किया गया कि छत्तीसगढ़ अनुपयोगी बंजर भूमि (वेस्टलैंड) पर सौर ऊर्जा क्रांति लाने और देश के भविष्य के लिए आवश्यक ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ (Critical Minerals) के खनन में देश का नेतृत्व करेगा।
मुख्य बिंदु:
- ‘Viksit Bharat 2047 Chhattisgarh’: मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला संपन्न।
- 6वां राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन: प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए तैयार हुआ छत्तीसगढ़ का विजन।
- बड़ा एजेंडा: बंजर भूमि पर विशाल सोलर पार्क, क्रिटिकल मिनरल्स का वैज्ञानिक दोहन, रूरल कनेक्टिविटी और नागरिक सेवाओं में डिजिटल तकनीक।
- मुख्य सचिव के कड़े निर्देश: ‘विभाग केवल योजनाएं न बनाएं, स्पष्ट और समयबद्ध माइलस्टोन (Time-bound Milestones) तय करें ताकि जनता पर असर दिखे।’
6वां राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन: पीएम मोदी के सामने रखा जाएगा छत्तीसगढ़ का मॉडल
नीति आयोग और केंद्र सरकार द्वारा हर वर्ष आयोजित होने वाले राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर के राज्यों की प्राथमिकताओं की समीक्षा करते हैं। इसी 6वें सम्मेलन की तैयारी के लिए छत्तीसगढ़ के समस्त प्रमुख विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिवों ने अपनी कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं।
मुख्य सचिव विकासशील ने स्पष्ट किया कि 2047 का लक्ष्य केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक विभाग को अपने वार्षिक और पंचवर्षीय लक्ष्यों को ठोस आंकड़ों और मापने योग्य परिणामों (Measurable Outcomes) में बदलना होगा, जिससे आम नागरिक के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार आ सके।
क्रिटिकल मिनरल्स और बंजर भूमि पर सोलर: बैठक के 2 सबसे बड़े प्रस्ताव
कार्यशाला में विशेषज्ञों और विभागीय सचिवों द्वारा दिए गए दो प्रस्ताव नीतिगत रूप से सबसे महत्वपूर्ण रहे:
- 1. क्रिटिकल मिनरल्स मिशन (खनिज सचिव पी. दयानंद): बैठक में खनिज सचिव ने देश की ऊर्जा सुरक्षा और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्रांति के लिए जरूरी दुर्लभ खनिजों (जैसे कोरबा-कटघोरा का लिथियम, बॉक्साइट, ग्रेफाइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स) के वैज्ञानिक खनन और वैल्यू एडिशन पर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया।
- 2. अनुपयोगी भूमि पर सौर क्रांति (ऊर्जा सचिव सारांश मित्तर): ऊर्जा सचिव ने उपजाऊ कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाए बिना राज्य की अनुपयोगी बंजर जमीन (Wasteland) पर मेगा सोलर पार्क्स विकसित करने की रणनीति रखी। इसका उद्देश्य राज्य के हर घर और उद्योग को सस्ती, निर्बाध और 100% विश्वसनीय ग्रीन एनर्जी उपलब्ध कराना है।
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नागरिक सेवाएं, रूरल कनेक्टिविटी और जल प्रबंधन पर विशेष जोर
कार्यशाला में नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा जल संसाधन विभागों ने अपनी प्राथमिकताएं रखीं:
- लास्ट-माइल रूरल कनेक्टिविटी: सुदूर वनांचल और बस्तर-सरगुजा के अंतिम गांवों तक बारहमासी पक्की सड़कों और डिजिटल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार।
- स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट: जल जीवन मिशन के रखरखाव, भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) और सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation) से हर खेत तक पानी पहुंचाना।
- डिजिटल नागरिक सेवाएं: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जमीन के नामांतरण और राशन कार्ड जैसी बुनियादी सेवाओं को 100% फेसलेस और ऑनलाइन बनाना।
“विकसित भारत @2047 के निर्माण में छत्तीसगढ़ को ग्रोथ इंजन बनना है। हमारे विभागों के लक्ष्य कागजी नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाले होने चाहिए। योजनाएं इस तरह तैयार हों जिनके स्पष्ट, ठोस और समयबद्ध माइलस्टोन हों, ताकि हम यह सटीक आकलन कर सकें कि सरकारी नीतियों से आम नागरिक के जीवन, उसकी आमदनी और उसकी सुविधाओं में कितना सकारात्मक बदलाव आया है।”— विकासशील (IAS), मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन
आम नागरिकों, किसानों और युवाओं के लिए इस रोडमैप के क्या मायने हैं?
- स्थानीय स्तर पर रोजगार: क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग और सोलर पार्क्स आने से तकनीकी युवाओं को राज्य के भीतर ही लाखों नए रोजगार मिलेंगे।
- सस्ती बिजली और सिंचाई: वेस्टलैंड सोलर प्रोजेक्ट्स से किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए पर्याप्त और सस्ती सौर बिजली उपलब्ध होगी।
- भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सेवाएं: प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी।
विकसित भारत 2047 परामर्श कार्यशाला: एक नजर में
- आयोजन: राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला (विकसित भारत 2047)
- आयोजन स्थल: मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर
- अध्यक्षता: मुख्य सचिव श्री विकासशील (IAS)
- मुख्य एजेंडा: 6वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के लिए राज्य के प्रस्तावों को अंतिम रूप देना
- कोर सेक्टर्स: क्रिटिकल मिनरल्स, वेस्टलैंड सोलर एनर्जी, रूरल कनेक्टिविटी, जल प्रबंधन व ई-गवर्नेंस
- प्रमुख सहभागी: नीति आयोग के सदस्य, विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं विभागाध्यक्ष
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित परामर्श कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस कार्यशाला का उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताओं को तय करना और 6वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के लिए राज्य का विजन तैयार करना था।
कार्यशाला की अध्यक्षता किसने की?
इस उच्चस्तरीय कार्यशाला की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने की, जिसमें राज्य के सभी विभागों के सचिव उपस्थित थे।
ऊर्जा और खनिज क्षेत्र में किन प्रमुख रणनीतियों पर सहमति बनी?
खनिज क्षेत्र में महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के वैज्ञानिक खनन और ऊर्जा क्षेत्र में बंजर भूमि (Wasteland) पर सोलर पार्क लगाने की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को क्या विशेष निर्देश दिए?
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपनी योजनाओं के लक्ष्य स्पष्ट, ठोस और समयबद्ध माइलस्टोन (Time-bound Milestones) के साथ तय करने के निर्देश दिए ताकि जनता पर सकारात्मक असर दिखे।
स्रोत (Source): सामान्य प्रशासन विभाग / जनसंपर्क विभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन)