रायगढ़/रायपुर, 03 अक्टूबर: डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और वित्तीय ठगी से आम जनता को बचाने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा संचालित Raigarh Cyber Jagriti Abhiyan (रायगढ़ साइबर जागृति अभियान) के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय लघु फिल्म प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि दुर्ग सांसद विजय बघेल ने दो अलग-अलग श्रेणियों के छह विजेताओं को कुल 3.75 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। इस दौरान रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार की गई जन-जागरूकता शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की विशेष स्क्रीनिंग भी की गई।
मुख्य बिंदु:
- ‘Raigarh Cyber Jagriti Abhiyan’ के तहत लघु फिल्म प्रतियोगिता में देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से मिलीं 162 प्रविष्टियां; रूस से भी आई एक विदेशी एंट्री।
- 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चले 7 सप्ताह के अभियान में रायगढ़ जिले के लगभग 2 लाख नागरिकों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश।
- ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर बनी फिल्मों में ‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ ने जीता प्रथम पुरस्कार; कुल ₹3.75 लाख के नकद इनाम वितरित।
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त ‘भूलन: द मेज़’ के निर्देशक मनोज वर्मा सहित प्रख्यात फिल्मकारों के निर्णायक मंडल ने किया निष्पक्ष मूल्यांकन।
युवा बनें ‘साइबर एम्बेसडर’: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का आह्वान
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज स्मार्टफोन और इंटरनेट हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगों के नए-नए जाल भी फैल रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचने का सबसे अचूक हथियार सतर्कता और जागरूकता है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल खुद जागरूक न रहें, बल्कि समाज में ‘साइबर एम्बेसडर’ (Cyber Ambassador) की सक्रिय भूमिका निभाएं। युवा अपने परिवार के बुजुर्गों, दोस्तों और आसपास के लोगों को यूपीआई फ्रॉड, फर्जी लिंक, लॉटरी स्कैम और अनजान वीडियो कॉल के खतरों से आगाह करें। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के तहत सिनेमा और रचनात्मकता को पुलिसिंग से जोड़ने की रायगढ़ पुलिस की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
11 राज्यों के 35 जिलों से 162 प्रविष्टियां: रूस से भी आई फिल्म
रायगढ़ पुलिस की इस रचनात्मक प्रतियोगिता को देशभर में जबर्दस्त प्रतिसाद मिला। भारत के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्मकारों और युवाओं ने अपनी लघु फिल्में भेजीं। प्रतियोगिता की ख्याति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहुंची और रूस से भी एक प्रतिभागी ने अपनी फिल्म की प्रविष्टि भेजी।
इस पूरे आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि तकनीकी प्रबंधन की जिम्मेदारी ‘टेक 3 स्टूडियोज’ (Take 3 Studios) द्वारा कुशलतापूर्वक संभाली गई।
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विजेताओं की पूरी सूची: ‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ बने नंबर-1
प्रतियोगिता को दो श्रेणियों में बांटा गया था, जिसमें कुल 3.75 लाख रुपये के पुरस्कार वितरित किए गए:
श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट की अवधि):
- प्रथम पुरस्कार (₹1,00,000): स्वपनिल कोटरीवार (फिल्म: ‘दूसर छोर’)
- द्वितीय पुरस्कार (₹75,000): होमेन्द्र कुमार (फिल्म: ‘जरूरत’)
- तृतीय पुरस्कार (₹50,000): प्रकाश पटेल (फिल्म: ‘गुपचुप ठेला’)
श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट की अवधि):
- प्रथम पुरस्कार (₹75,000): दीपक जायसवाल (फिल्म: ‘एक्सेस लिंक’)
- द्वितीय पुरस्कार (₹50,000): तुषार सोलंकी (फिल्म: ‘Dial 1930’)
- तृतीय पुरस्कार (₹25,000): समीर चन्द्रा (फिल्म: ‘Golden Hour’)
प्रतिष्ठित फिल्मकारों के निर्णायक मंडल ने किया मूल्यांकन
162 प्रविष्टियों में से सर्वश्रेष्ठ फिल्मों के चयन के लिए राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिनाम फिल्मकारों की जूरी गठित की गई थी। इसमें 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में बेस्ट छत्तीसगढ़ी फिल्म का खिताब जीतने वाली ‘भूलन: द मेज़’ के निर्देशक मनोज वर्मा, प्रसिद्ध फिल्मकार योगेंद्र चौबे तथा जाने-माने रंगकर्मी, अभिनेता व अभिनय प्रशिक्षक सुनील चिपड़े शामिल रहे।
जूरी ने फिल्मों की कहानी, तकनीकी निर्देशन, अभिनय और साइबर सुरक्षा के सटीक संदेश के आधार पर पारदर्शी मूल्यांकन किया।
रायगढ़ पुलिस की फिल्म ‘The Cyber Trap’ ने बताया ठगी का तरीका
समारोह में रायगढ़ पुलिस द्वारा जनहित में विशेष रूप से तैयार की गई शॉर्ट फिल्म ‘द साइबर ट्रैप’ (The Cyber Trap) का प्रीमियर किया गया। यह फिल्म प्रतियोगिता से अलग थी और इसका निर्माण आम जनता को ब्लैकमेलिंग, डिजिटल अरेस्ट और फेक लोन ऐप के खतरों से आगाह करने के लिए किया गया है।
ऋभू समर्थ सिंह के कहानी व निर्देशन में बनी इस फिल्म में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों—अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष श्रीवास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दिपेश महंत और हर्ष बैरागी ने विभिन्न पात्र निभाकर यथार्थवादी अभिनय प्रस्तुत किया।
7 सप्ताह में 2 लाख लोगों तक पहुंची जागरूकता: SSP शशि मोहन सिंह
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक सात सप्ताह का सघन अभियान चलाया गया। स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों, पंचायतों और औद्योगिक परिसरों में कैंप लगाकर रायगढ़ जिले के लगभग 2 लाख नागरिकों को सीधे जागरूक किया गया।
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं हो सकती, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहकर साइबर फ्रॉड के खिलाफ सामूहिक ढाल बनना होगा।
“डिजिटल क्रांति ने हमारे जीवन को जितना आसान बनाया है, थोड़ी-सी लापरवाही से यह उतना ही खतरनाक हो सकता है। रायगढ़ पुलिस की यह पहल सिनेमा और युवाओं के हुनर को जोड़कर जनचेतना का माध्यम बनी है। हमारे युवा जब ‘साइबर एम्बेसडर’ बनकर परिवार और समाज को जागरूक करेंगे, तभी सुरक्षित और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव होगा।”— ओ.पी. चौधरी, वित्त मंत्री एवं विधायक रायगढ़, छत्तीसगढ़
समारोह में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी मौजूदगी
ऑडिटोरियम में आयोजित इस सम्मान समारोह में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह मंचासीन रहे। इनके अलावा बड़ी संख्या में शहर के प्रबुद्ध नागरिक, कॉलेज-स्कूलों के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
आम नागरिकों और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए इसके क्या मायने हैं?
- हेल्पलाइन 1930 का महत्व: शॉर्ट फिल्मों के जरिए आम जनता को यह जानकारी मिली कि किसी भी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने से खाते से कटी रकम होल्ड कराई जा सकती है।
- गोल्डन आवर में शिकायत: साइबर फ्रॉड होने के शुरुआती 1 से 2 घंटे (Golden Hour) में शिकायत दर्ज कराने से पैसे वापस मिलने की संभावना 90% तक बढ़ जाती है।
- अनजान लिंक पर क्लिक न करने की सीख: ‘एक्सेस लिंक’ और ‘द साइबर ट्रैप’ जैसी फिल्मों से आम गृहिणियों और युवाओं को अनजान एपीके (APK) फाइल्स और फिशिंग लिंक्स से बचने की व्यावहारिक समझ मिली।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Raigarh Cyber Jagriti Abhiyan के तहत आयोजित प्रतियोगिता की थीम क्या थी?
इस लघु फिल्म प्रतियोगिता की मुख्य थीम ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ रखी गई थी, जिसका उद्देश्य युवाओं को डिजिटल सुरक्षा से जोड़ना था।
प्रतियोगिता में किन फिल्मों ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया?
श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट) में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म ‘दूसर छोर’ (₹1 लाख) और श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट) में दीपक जायसवाल की फिल्म ‘एक्सेस लिंक’ (₹75 हजार) ने प्रथम स्थान हासिल किया।
रायगढ़ पुलिस द्वारा बनाई गई शॉर्ट फिल्म का क्या नाम है?
रायगढ़ पुलिस द्वारा साइबर ठगी से बचाव के लिए विशेष रूप से तैयार की गई शॉर्ट फिल्म का नाम ‘The Cyber Trap’ है, जिसका निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह ने किया है।
साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल किस नंबर पर शिकायत करनी चाहिए?
ऑनलाइन वित्तीय ठगी या साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए अथवा cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए।
स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / रायगढ़ जिला पुलिस ब्यूरो)