Chhattisgarh Khadi Sammelan 2026: खादी पर 25% छूट का ऐलान, नया ‘अमारी सिल्क’ ब्रांड हुआ लॉन्च

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रायपुर, 02 अक्टूबर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में Chhattisgarh Khadi Sammelan 2026 (छत्तीसगढ़ खादी सम्मेलन एवं ग्रामोद्योग विकास प्रदर्शनी) का भव्य आयोजन किया गया। ग्रामोद्योग एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस राज्यस्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार खादी वस्त्रों पर 31 मार्च 2027 तक 25 प्रतिशत विशेष छूट देने की आधिकारिक घोषणा की गई। इस अवसर पर रेशम प्रभाग के नए प्रीमियम ब्रांड ‘अमारी सिल्क’ (Amari Silk) का अनावरण किया गया तथा बस्तर के नक्सल-मुक्त क्षेत्रों में नए बुनाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए गए।

मुख्य बिंदु:

  • ‘Chhattisgarh Khadi Sammelan 2026’ में 02 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक खादी वस्त्रों पर 25% विशेष छूट की घोषणा।
  • रेशम विभाग ने लॉन्च किया नया ब्रांड ‘अमारी सिल्क’ (Amari Silk); युवाओं को जोड़ने के लिए ‘सेल्फी विद खादी’ अभियान शुरू।
  • कूंवरगढ़ (रायपुर) में नवनिर्मित खादी उत्पादन केंद्र और अंबिकापुर में प्रीमियम सेल्स आउटलेट का हुआ वर्चुअल लोकार्पण।
  • हथकरघा संघ के ऑनलाइन ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ; बस्तर के सातों जिलों में युवाओं को मिलेगा बुनाई प्रशिक्षण।

खादी वस्त्रों पर 25% विशेष छूट: 31 मार्च 2027 तक उठाएं लाभ

छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर स्वदेशी वस्त्रों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 25 प्रतिशत विशेष छूट की शुरुआत की गई है। यह छूट आगामी 31 मार्च 2027 तक राज्य के सभी खादी इम्पोरियम और विक्रय केंद्रों पर प्रभावी रहेगी।

इसके साथ ही युवाओं और नई पीढ़ी को खादी की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से ‘सेल्फी विद खादी’ (Selfie with Khadi) डिजिटल अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत नागरिक खादी परिधानों में अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर स्थानीय बुनकरों का हौसला बढ़ा सकेंगे।

रेशम प्रभाग का नया ब्रांड ‘अमारी सिल्क’ और बस्तर में बुनाई केंद्र

सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रेशम विभाग द्वारा तैयार किए गए नए ब्रांड ‘अमारी सिल्क’ का अनावरण रहा। यह ब्रांड छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक रेशम और कोसा को राष्ट्रीय तथा वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाएगा।

हाथकरघा प्रभाग ने ऐतिहासिक पहल करते हुए बस्तर संभाग के नक्सल-मुक्त क्षेत्रों में नए बुनाई प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की है। बस्तर के सातों जिलों के पुनर्वासित एवं स्थानीय आदिवासी युवक-युवतियों को आधुनिक बुनाई का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रशिक्षण के तुरंत बाद उन्हें नियमित स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।


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कूंवरगढ़ में उत्पादन केंद्र और अंबिकापुर में खुला प्रीमियम आउटलेट

ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव ने रायपुर जिले के कूंवरगढ़ में खादी उत्पादन केंद्र के नवनिर्मित भवन तथा सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में नवनिर्मित प्रीमियम खादी सेल्स आउटलेट का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया।

इसके अलावा हथकरघा संघ द्वारा तैयार किए गए नए ऑनलाइन मार्केटिंग पोर्टल की शुरुआत की गई। इस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-विदेश के नागरिक छत्तीसगढ़ के प्रामाणिक कोसा, खादी और हैंडलूम उत्पाद घर बैठे ऑनलाइन खरीद सकेंगे।

महिला स्व-सहायता समूहों को ‘वेस्ट क्लॉथ’ से स्वदेशी खिलौने बनाने का प्रशिक्षण

ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश राणा ने बताया कि प्रदर्शनी में वेस्ट-टू-वेल्थ (कबाड़ से कंचन) की अवधारणा पर काम करते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को हैंडलूम की बची हुई कतरनों (वेस्ट क्लॉथ) से सुरक्षित व स्वदेशी खिलौने बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

प्रदर्शनी स्थल पर बस्तर की महिलाओं द्वारा तैयार हस्तशिल्प और खिलौनों का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिससे महिलाओं को अतिरिक्त घरेलू आय का साधन मिल सकेगा।

‘चरखा और खादी स्वावलंबन का प्रतीक’: मंत्रियों ने साझा किए विचार

सम्मेलन में उपस्थित मंत्रियों और अतिथियों ने बापू के स्वदेशी दर्शन को वर्तमान भारत के आर्थिक उत्थान का आधार बताया:

  • ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र को दोहराते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद से ग्रामीण बुनकरों और शिल्पकारों की जेब में सीधे पैसा पहुंचता है। उन्होंने स्थानीय कोसा वस्त्रों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया।
  • महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: उन्होंने कहा कि गांधी जी के लिए खादी केवल कपड़ा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और नारी सशक्तिकरण का हथियार था। खादी अपनाने से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल मिलता है।
  • कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब: उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय स्थानीय हुनर और कुटीर उद्योगों से जुड़कर नौकरी देने वाला बनना होगा।
  • खादी बोर्ड अध्यक्ष राकेश पांडेय: उन्होंने छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए खादी को देश के आत्मसम्मान का प्रतीक बताया।

बुनकरों का सम्मान, चरखा कताई और सांस्कृतिक समागम

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मास्टर बुनकरों, कत्तिनों और रेशम उत्पादकों को सम्मान राशि के चेक और प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए। ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव ने स्वयं प्रदर्शनी में रखे पारंपरिक चरखे को चलाकर सूत कातने का अनुभव लिया।

समारोह में बस्तर की महिला समूहों द्वारा ‘शांति से विकास’ थीम पर आधारित मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे तथा विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में बुनकर समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

“खादी हमारे देश की आत्मा और स्वावलंबन का ध्वजवाहक है। 25 प्रतिशत की विशेष छूट और ‘अमारी सिल्क’ जैसे नए ब्रांड हमारे स्थानीय बुनकरों के जीवन में आर्थिक समृद्धि लाएंगे। जब हम स्वदेशी वस्त्र पहनते हैं, तो हम सीधे तौर पर अपने गांव के एक गरीब कारीगर के परिवार को सहारा देते हैं।”— गजेन्द्र यादव, ग्रामोद्योग एवं स्कूल शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़

बुनकरों, महिलाओं और आम उपभोक्ताओं के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • ग्राहकों को सस्ती खादी: 31 मार्च 2027 तक 25% की सीधी छूट मिलने से आम नागरिक और युवा बजट अनुकूल दरों पर शुद्ध सूती और कोसा खादी खरीद सकेंगे।
  • बुनकरों को सालभर काम: ई-मार्केटिंग पोर्टल और नए शोरूम खुलने से बुनकर समितियों के उत्पादों का स्टॉक नहीं अटकेगा और उन्हें नियमित मजदूरी मिलेगी।
  • बस्तर के युवाओं को रोजगार: नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बुनाई और रेशम प्रशिक्षण मिलने से भटके हुए और आत्मसमर्पित युवाओं को मुख्यधारा में सम्मानजनक आजीविका मिलेगी।

सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियां एक नजर में

  • आयोजन स्थल: पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर
  • विशेष छूट: खादी परिधानों पर 25% छूट (31 मार्च 2027 तक)
  • नया ब्रांड: अमारी सिल्क (Amari Silk – रेशम विभाग)
  • नवनिर्मित केंद्र: कूंवरगढ़ उत्पादन केंद्र (रायपुर) व अंबिकापुर प्रीमियम शोरूम
  • नवाचार: ‘सेल्फी विद खादी’ अभियान व हैंडलूम ऑनलाइन ई-कॉमर्स पोर्टल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Chhattisgarh Khadi Sammelan 2026 में खादी पर कितने प्रतिशत छूट की घोषणा की गई है?

छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा 02 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक खादी वस्त्रों पर 25 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है।

रेशम विभाग द्वारा किस नए सिल्क ब्रांड का अनावरण किया गया है?

रेशम प्रभाग द्वारा राज्य के स्थानीय कोसा और सिल्क उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए ‘अमारी सिल्क’ (Amari Silk) ब्रांड लॉन्च किया गया है।

बस्तर संभाग के लिए हथकरघा विभाग ने क्या नई पहल शुरू की है?

बस्तर के नक्सल-मुक्त क्षेत्रों में नए बुनाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए गए हैं, ताकि सातों जिलों के युवाओं को बुनाई का हुनर सिखाकर स्थायी रोजगार दिया जा सके।

‘सेल्फी विद खादी’ (Selfie with Khadi) अभियान क्या है?

यह नागरिकों और युवाओं में खादी के प्रति आकर्षण बढ़ाने और स्वदेशी वस्त्रों को प्रमोट करने के लिए शुरू किया गया एक डिजिटल जन-जागरूकता अभियान है।

स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / ग्रामोद्योग विभाग)

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