आइची-नागोया (जापान), 02 अक्टूबर: भारतीय मुक्केबाजों ने एशियन गेम्स 2026 के रिंग में नया इतिहास रचते हुए शुक्रवार को एक ही दिन में तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। Asian Games 2026 Boxing Gold की इस स्वर्णिम हैट्रिक में अपने 29वें जन्मदिन पर रिंग में उतरीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन, विश्व चैंपियन को परास्त करने वाली परवीन हुड्डा और युवा सनसनी अंकुश पंघाल ने खिताबी मुकाबले जीते। 3 स्वर्ण और 3 कांस्य सहित कुल 6 पदकों के साथ यह एशियन गेम्स इतिहास में भारतीय मुक्केबाजी का अब तक का सबसे सफल अभियान साबित हुआ है, जिसने ग्वांगझू 2010 (2 स्वर्ण) के 16 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
मुख्य बिंदु:
- ‘Asian Games 2026 Boxing Gold’: लवलीना बोरगोहेन (75kg), परवीन हुड्डा (65kg) और अंकुश पंघाल (80kg) ने जीते 3 स्वर्ण पदक।
- ग्वांगझू 2010 (2 स्वर्ण) का रिकॉर्ड टूटा; 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज सहित कुल 6 पदकों के साथ भारत का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी अभियान।
- मैरी कॉम (इंचियोन 2014) के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं लवलीना बोरगोहेन।
- पदक विजेताओं को कजाकिस्तान में होने वाली वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2027 का सीधा टिकट, जो लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का पहला क्वालीफायर है।
बर्थडे गर्ल लवलीना का पंच: मैरी कॉम के 12 साल पुराने कीर्तिमान की बराबरी
निशियो जिम्नेजियम में 75 किग्रा महिला वर्ग के फाइनल में उतरीं लवलीना बोरगोहेन के लिए यह दिन दोहरी खुशियां लेकर आया। अपने 29वें जन्मदिन पर उन्होंने एशियाई चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता चीन की ज़ियाई बाओ को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से शिकस्त दी।
शुरुआती राउंड में संयमित शुरुआत के बाद लवलीना ने अपने कद और अनुभव का शानदार इस्तेमाल किया और मुकाबले की गति को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा। पांचों जजों ने सर्वसम्मति से लवलीना के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके साथ ही उन्होंने हांगझोऊ 2023 के अपने रजत पदक को स्वर्ण में बदल दिया और महान मुक्केबाज मैरी कॉम (इंचियोन 2014) के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की केवल दूसरी महिला बॉक्सर बनने का गौरव हासिल किया।
परवीन हुड्डा ने पेरिस ओलंपिक पदक विजेता को हराया: 3-2 से जीता 65kg का फाइनल
महिलाओं के 65 किग्रा भार वर्ग में परवीन हुड्डा ने शानदार आक्रामकता का प्रदर्शन करते हुए पेरिस ओलंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
मुकाबले के पहले राउंड में परवीन ने पांचों जजों के कार्ड अपने नाम किए, लेकिन दूसरे राउंड में चीनी ताइपे की बॉक्सर ने जोरदार वापसी की। तीसरे और निर्णायक राउंड में परवीन ने कड़े प्रहार करते हुए स्वर्ण पदक पर अपना कब्जा जमा लिया। इससे पहले परवीन ने उज्बेकिस्तान की नवबाखोर खामिदोवा और चीन की ली शू को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
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अंकुश पंघाल 80kg में बने चैंपियन: एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले 8वें भारतीय पुरुष
पुरुषों के 80 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग के खिलाफ रिंग में पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और 4-0 के स्प्लिट डिसीजन से स्वर्ण पदक जीत लिया। अंकुश एशियन गेम्स के इतिहास में स्वर्ण पदक जीतने वाले आठवें भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए हैं।
अंकुश का स्वर्ण तक का सफर बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने बहरीन के हम्सा वोगेल को 5-0, ताजिकिस्तान के नेकरुज सालिमोव को 5-0 और सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन फजलुद्दीन एर्किनबोएव को 4-1 से हराकर फाइनल का टिकट पक्का किया था।
3 कांस्य पदक भी भारत की झोली में: कपिल, नरेंद्र और प्रिया चमके
स्वर्ण पदकों की हैट्रिक के अलावा भारतीय मुक्केबाजों ने तीन कांस्य पदक भी देश के नाम किए। पुरुषों के 90 किग्रा में कपिल पोखरिया और 90+ किग्रा सुपर हैवीवेट वर्ग में नरेंद्र बेरवाल ने कांस्य पदक जीता।
वहीं महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में युवा मुक्केबाज प्रिया घनघस ने कांस्य पदक हासिल किया। एशियन गेम्स बॉक्सिंग के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों मुक्केबाजों को कांस्य पदक प्रदान किया जाता है।
लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक की राह: वर्ल्ड चैंपियनशिप 2027 का सीधा टिकट
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) के चयन मापदंडों के अनुसार एशियन गेम्स 2026 के सभी पदक विजेता मुक्केबाजों को सीधे ‘वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2027’ में मुख्य प्रविष्टि के रूप में चयनित किया जाएगा।
कजाकिस्तान में आयोजित होने वाली 2027 की विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों (LA 2028 Olympics) के लिए पहला आधिकारिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट होगी। ऐसे में इन तीनों स्वर्ण पदक विजेताओं ने ओलंपिक की राह में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।
“मुझे लगता है कि यह पहली बार है जब मैंने खुद को ऐसा जन्मदिन का उपहार दिया है। यह एक बेहद खास जन्मदिन है और मैं इसका जश्न पहले ही मना चुकी हूँ क्योंकि मैंने देश के लिए गोल्ड मेडल जीत लिया है।”— लवलीना बोरगोहेन, स्वर्ण पदक विजेता, एशियन गेम्स 2026
भारतीय मुक्केबाजी और खेल जगत के लिए इसके क्या मायने हैं?
- वैश्विक मंच पर भारतीय बॉक्सिंग का पुनरुत्थान: पेरिस ओलंपिक में पदकों से चूकने के बाद एशियन गेम्स में 3 स्वर्ण और 3 कांस्य जीतना भारतीय मुक्केबाजी के मजबूत कमबैक को दर्शाता है।
- विश्व चैंपियन मुक्केबाजों का खात्मा: लवलीना, परवीन और अंकुश—तीनों ने टूर्नामेंट में ओलंपिक पदक विजेताओं और मौजूदा विश्व चैंपियनों को हराकर सोना जीता, जो मानसिक मजबूती का प्रमाण है।
- ओलंपिक 2028 की पुख्ता तैयारी: युवा मुक्केबाजों को 2027 वर्ल्ड चैंपियनशिप में सीधे प्रवेश मिलने से वे बिना किसी घरेलू ट्रायल के दबाव के सीधे ओलंपिक क्वालीफिकेशन पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
एशियन गेम्स 2026: भारतीय मुक्केबाजों का संपूर्ण रिपोर्ट कार्ड
- लवलीना बोरगोहेन (महिला 75kg): स्वर्ण पदक (फाइनल में चीन की ज़ियाई बाओ को 5-0 से हराया)
- परवीन हुड्डा (महिला 65kg): स्वर्ण पदक (फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 से हराया)
- अंकुश पंघाल (पुरुष 80kg): स्वर्ण पदक (फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराया)
- कपिल पोखरिया (पुरुष 90kg): कांस्य पदक
- नरेंद्र बेरवाल (पुरुष +90kg): कांस्य पदक
- प्रिया घनघस (महिला 60kg): कांस्य पदक
- कुल पदक: 6 पदक (3 स्वर्ण, 3 कांस्य) – भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Asian Games 2026 Boxing Gold में भारत ने कितने स्वर्ण पदक जीते?
भारतीय मुक्केबाजों ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 3 स्वर्ण पदक (लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल) जीतकर ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया।
लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में कौन-सा नया कीर्तिमान स्थापित किया?
लवलीना अपने 29वें जन्मदिन पर 75 किग्रा में स्वर्ण जीतकर मैरी कॉम (2014) के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली भारत की केवल दूसरी महिला बॉक्सर बनीं।
परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा के फाइनल में किस दिग्गज खिलाड़ी को हराया?
परवीन हुड्डा ने फाइनल में पेरिस ओलंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 से पराजित किया।
इस जीत का लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक से क्या संबंध है?
एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को 2027 की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप (कजाकिस्तान) का सीधा टिकट मिला है, जो एलए 2028 ओलंपिक का पहला आधिकारिक क्वालीफायर होगा।
स्रोत (Source): एशियन गेम्स 2026 आधिकारिक मीडिया सेल / बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI)