रायपुर, 30 सितंबर: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ (BHAVYA) के अंतर्गत नवा रायपुर अटल नगर में विशाल ‘इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क’ स्थापित करने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में आयोजित स्टेट लेवल कमेटी (SLC) की उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CRDA) द्वारा तैयार इस परियोजना प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा के बाद इसे अंतिम मंजूरी दे दी गई। समिति ने इस परियोजना प्रस्ताव को केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) को औपचारिक स्वीकृति के लिए भेजने का निर्णय लिया है।
मुख्य बिंदु:
- भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के तहत नवा रायपुर अटल नगर में 406.72 एकड़ में विकसित होगा आधुनिक इंडस्ट्रियल पार्क।
- मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता वाली स्टेट लेवल कमेटी ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), मास्टर प्लान और लागत को दी मंजूरी।
- छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CRDA) द्वारा तैयार प्रस्ताव को भारत सरकार के DPIIT को भेजा जाएगा।
- विभिन्न सेक्टरों के विनिर्माण, आईटी, आधुनिक लॉजिस्टिक्स और उद्योगों के लिए प्लग-एंड-प्ले अधोसंरचना का होगा निर्माण।
नवा रायपुर के 406.72 एकड़ में सजेगा औद्योगिक हब: मास्टर प्लान और डीपीआर मंजूर
छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CRDA) द्वारा प्रस्तावित यह इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र में लगभग 406.72 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाना है।
स्टेट लेवल कमेटी की बैठक में परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), मास्टर प्लान, भूमि की स्पष्ट उपलब्धता, आवश्यक आधारभूत संरचना, परियोजना की अनुमानित लागत, वित्तीय व्यवस्था और भारत सरकार की ‘भव्य’ (BHAVYA) योजना की संचालन गाइडलाइन के अनुरूप पूरे मॉडल का तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया गया। समिति ने सभी मानकों का परीक्षण करने के उपरांत इसे राज्य के हित में उपयुक्त पाया।
भारत सरकार के DPIIT को भेजा जाएगा परियोजना प्रस्ताव
स्टेट लेवल कमेटी की मुहर लगने के बाद अब निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के तहत इस पूरे प्रोजेक्ट प्रस्ताव को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
केंद्र सरकार से औपचारिक तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होते ही भूमि विकास, बाउंड्रीवाल, आंतरिक सड़कों, बिजली सब-स्टेशन, जल आपूर्ति और प्लग-एंड-प्ले शेड निर्माण जैसी आगामी चरणों की निविदा एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ की जाएगी।
क्या है भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) और इसका महत्व?
भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) केंद्र सरकार की एक विशेष राष्ट्रीय पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्यों में विश्वस्तरीय एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर और मल्टी-सेक्टर औद्योगिक क्षेत्र तैयार करना है।
इस योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराती है, जिससे देश में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिले और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आकर्षित किया जा सके।
CRDA की भूमिका और नवा रायपुर में औद्योगिक विकास का नया खाका
छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CRDA) नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्रों को सुनियोजित आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जिम्मेदार है।
इस मल्टी-सेक्टर पार्क में इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी उपकरण, पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स और हल्के विनिर्माण उद्योगों के लिए अलग-अलग जोन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही पार्क के भीतर सामान्य सुविधा केंद्र (CFC), परीक्षण प्रयोगशालाएं, कौशल विकास केंद्र और आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन (ETP/STP) की व्यवस्था पहले से की जाएगी।
बैठक में शीर्ष नौकरशाहों की मौजूदगी: वित्तीय व तकनीकी पहलुओं पर विमर्श
मंत्रालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व्यक्तिगत और वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) के प्रबंध संचालक उमेश कुमार झा तथा नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार उपस्थित रहे। वहीं रायपुर कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर राजस्व और भूमि प्रबंधन से जुड़े विषयों पर अपना इनपुट दिया।
“नवा रायपुर में 406 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित यह इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल पार्क छत्तीसगढ़ की आर्थिक संरचना को नई दिशा देगा। केंद्र की ‘भव्य’ योजना के मानकों के अनुसार इसे विकसित करने से देश-दुनिया के बड़े निवेशक आकर्षित होंगे, जिससे राज्य में स्थायी औद्योगिक संपदा का निर्माण होगा।”— स्टेट लेवल कमेटी समीक्षा बैठक, मंत्रालय महानदी भवन
स्थानीय अर्थव्यवस्था, युवाओं और निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं?
- हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार: 406.72 एकड़ में दर्जनों औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने से प्रदेश के तकनीकी, गैर-तकनीकी युवाओं, आईटीआई और डिप्लोमा धारकों को गृह जिले में ही बड़े पैमाने पर नौकरियां मिलेंगी।
- नवा रायपुर की विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी का लाभ: स्वामी विवेकानंद विमानतल (माना एयरपोर्ट), रायपुर रेलवे स्टेशन और निर्माणाधीन रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे के समीप होने के कारण उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार उत्पाद देश-विदेश भेजने में न्यूनतम लॉजिस्टिक्स खर्च आएगा।
- एमएसएमई और सहायक उद्योगों को बढ़ावा: इस पार्क में लगने वाले बड़े एंकर उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्थानीय छोटे कारखानों, सप्लायर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स का एक सशक्त इकोसिस्टम तैयार होगा।
प्रस्तावित इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल पार्क की मुख्य रूपरेखा
- योजना का नाम: भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)
- प्रस्तावक संस्था: छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CRDA)
- प्रस्तावित स्थान: नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर
- कुल प्रस्तावित रकबा: 406.72 एकड़
- स्वीकृति का स्तर: स्टेट लेवल कमेटी द्वारा अनुमोदित; केंद्र सरकार (DPIIT) को प्रेषित।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
नवा रायपुर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल पार्क का क्षेत्रफल कितना है?
यह औद्योगिक पार्क नवा रायपुर अटल नगर में लगभग 406.72 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
यह परियोजना किस केंद्रीय योजना के तहत प्रस्तावित की गई है?
यह परियोजना केंद्र सरकार की ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ (BHAVYA) के दिशा-निर्देशों और वित्तीय प्रावधानों के अंतर्गत प्रस्तावित की गई है।
परियोजना का प्रस्ताव किस एजेंसी द्वारा तैयार किया गया है और इसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
इसका प्रस्ताव छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CRDA) ने तैयार किया है, जिसे मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति ने मंजूरी देकर भारत सरकार के DPIIT को भेज दिया है।
स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / वाणिज्य एवं उद्योग विभाग)