मदकूद्वीप के प्राचीन मंदिरों में CM विष्णु देव साय ने की पूजा-अर्चना: कन्या पूजन कर ग्रहण किया प्रसाद, देखा संग्रहालय

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मुंगेली (छत्तीसगढ़), 25 सितंबर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को मुंगेली जिले के ऐतिहासिक हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचकर प्राचीन रामाश्रय एवं गणेश मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। प्रदेश की खुशहाली की कामना करने के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में कन्या पूजन कर कन्या भोज में प्रसाद ग्रहण किया और पुरातत्व विभाग द्वारा स्थापित मंदिर संग्रहालय का अवलोकन किया।

मुख्य बिंदु:

  • मदकूद्वीप के प्राचीन रामाश्रय और गणेश मंदिर में मुख्यमंत्री ने की विशेष पूजा-अर्चना।
  • मातृशक्ति के सम्मान में किया कन्या पूजन, कन्या भोज में शामिल होकर लिया आशीर्वाद।
  • पुरातत्व विभाग के मंदिर संग्रहालय का निरीक्षण कर प्राचीन मूर्तियों और ऐतिहासिक अवशेषों की ली जानकारी।
  • केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और पूर्व राज्यपाल रमेश बैस सहित कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद।

रामाश्रय और गणेश मंदिर में विधि-विधान से अनुष्ठान

शिवनाथ नदी के बीच बसे ऐतिहासिक मदकूद्वीप पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राचीन रामाश्रय मंदिर और गणेश मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दर्शन-पूजन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए प्रार्थना की।

पूजा-अर्चना के बाद मंदिर प्रबंधन ने मुख्यमंत्री को पारंपरिक अंगवस्त्र और प्रसाद भेंट कर उनका स्वागत किया।

कन्या पूजन कर लिया मातृशक्ति का आशीर्वाद

मंदिर परिसर में आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कन्याओं के चरण पखारकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे कन्या भोज में शामिल हुए और जमीन पर बैठकर श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सनातन परंपरा में कन्याएं साक्षात शक्ति का स्वरूप हैं। कन्या पूजन मातृशक्ति के प्रति समाज की कृतज्ञता, आदर और सम्मान प्रकट करने की सबसे पावन परंपरा है।

मंदिर संग्रहालय में पुरातात्विक संपदा का अवलोकन

मुख्यमंत्री ने राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा मदकूद्वीप में स्थापित मंदिर संग्रहालय का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। उन्होंने उत्खनन में मिली प्राचीन कलचुरी कालीन मूर्तियों, नक्काशीदार स्तंभों और अभिलेखों के संरक्षण की प्रक्रिया समझी।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन दुर्लभ ऐतिहासिक धरोहरों को पर्यटकों और शोधार्थियों के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से प्रदर्शित किया जाए, जिससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सके।

“छत्तीसगढ़ की माटी प्राचीन धार्मिक परंपराओं, पुरातात्विक संपदा और आस्था का अद्भुत संगम है। मदकूद्वीप हमारी ऐसी ही अनमोल धरोहर है जो इतिहास और प्रकृति को एक साथ जोड़ती है। हमारी प्राचीन संपदा केवल अतीत की यादें नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति से बांधे रखने की मजबूत कड़ी हैं।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

आम जनता और श्रद्धालुओं के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन: शीर्ष नेतृत्व के दौरों से मदकूद्वीप जैसे प्राचीन तीर्थ स्थलों का प्रचार-प्रसार बढ़ता है, जिससे प्रदेश और देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
  • सांस्कृतिक धरोहरों का बेहतर रखरखाव: मंदिर संग्रहालय के निरीक्षण से इस ऐतिहासिक द्वीप पर पुरातत्व विभाग की सक्रियता बढ़ेगी और पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण के लिए बजट व संसाधन सुनिश्चित होंगे।
  • सामाजिक समरसता और सम्मान का संदेश: मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से कन्या पूजन और कन्या भोज में सहभागिता से समाज में बालिकाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को बल मिलता है।

पृष्ठभूमि: मदकूद्वीप की पुरातात्विक और धार्मिक महत्ता

मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड में शिवनाथ नदी पर स्थित मदकूद्वीप को ‘हरिहर क्षेत्र’ कहा जाता है। यहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य पुरातत्व विभाग के उत्खनन में शिव, गणेश और वैष्णव परंपरा से जुड़े कई प्राचीन मंदिरों के अवशेष मिले हैं, जिनका संबंध 10वीं-11वीं सदी के कलचुरी काल से है।

यह स्थल धार्मिक सह-अस्तित्व का भी बड़ा उदाहरण है, जहां हिंदू तीर्थ के साथ-साथ प्रसिद्ध मसीही मेले का आयोजन भी होता रहा है।

मुख्यमंत्री के मदकूद्वीप प्रवास की प्रमुख झलकियां

  • रामाश्रय व गणेश मंदिर में पूजा: राज्य की समृद्धि और शांति के लिए विशेष अनुष्ठान।
  • कन्या पूजन व भोज: कन्याओं का पूजन कर उनके साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।
  • संग्रहालय अवलोकन: पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित प्राचीन प्रतिमाओं व अभिलेखों का जायजा।
  • प्रमुख उपस्थिति: केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, मंत्री दयाल दास बघेल, लखन लाल देवांगन और स्थानीय विधायक।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मदकूद्वीप के किन मंदिरों में पूजा-अर्चना की?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली जिले के मदकूद्वीप स्थित प्राचीन रामाश्रय मंदिर और गणेश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

मदकूद्वीप किस नदी पर स्थित है और इसका क्या ऐतिहासिक महत्व है?

मदकूद्वीप शिवनाथ नदी पर स्थित एक द्वीप है, जो 10वीं-11वीं सदी के कलचुरी कालीन प्राचीन मंदिरों, मूर्तियों और पुरातात्विक संग्रहालय के लिए विख्यात है।

मदकूद्वीप प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने कौन सा सामाजिक व धार्मिक अनुष्ठान किया?

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में कन्या पूजन कर कन्याओं का आशीर्वाद लिया और कन्या भोज में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।

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