Seva Sankalp Collectors Conference: ‘आप जिले के लीडर हैं’— मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स को दिए प्रभावी परिणाम के निर्देश, 23 सितंबर से मनेगा ‘सेवा मेरा योगदान व दान उत्सव’

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रायपुर, 21 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित हो रहे राज्यव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनसहयोग, आत्मीयता और सुशासन का स्थायी माध्यम बनाने के लिए शासन ने प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस Seva Sankalp Collectors Conference में प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, कलेक्टर्स और संबंधित विभागाध्यक्षों के साथ अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि “आप जिले के लीडर हैं”, इसलिए अपने-अपने जिलों में सभी अभियानों का प्रभावी नेतृत्व करते हुए बेहतर और दृश्यमान परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान की समस्त गतिविधियों को गूगल शीट में व्यवस्थित रूप से दर्ज कर रियल-टाइम मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि 23 से 25 सितंबर तक नगरीय निकायों में तथा 2 से 8 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में ‘सेवा मेरा योगदान एवं दान उत्सव’ का आयोजन किया जाएगा, जिसके अंतर्गत रक्तदान, देहदान, अन्न-वस्त्र दान, विद्या दान, 10 हजार पौधों का रोपण, और वंचित बच्चों को स्कूल किट वितरण जैसे 10 प्रमुख सामाजिक कार्य किए जाएंगे।

मुख्य सचिव ने ब्लॉक और तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले ‘सेवा सेतु’ शिविरों में केंद्र सरकार की चिन्हित 26 प्रमुख योजनाओं के शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण और आवेदनों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। इसके साथ ही, खरीफ फसलों के गिरदावरी सर्वे में शत-प्रतिशत शुद्धता, जल जीवन मिशन (JJM) के तहत 15 अक्टूबर तक नल कनेक्शनों को क्रियाशील करने तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य निर्माण विभागों के उप-अभियंताओं (Sub-Engineers) की ड्यूटी लगाने का कड़ा आदेश जारी किया। वीसी में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, सूचना एवं प्रौद्योगिकी सचिव श्री अंकित आनंद तथा जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल उपस्थित रहे।

कलेक्टर कॉन्फ्रेंस समीक्षा: मुख्य तथ्य (Quick Facts)विवरण
समीक्षा बैठक का नामSeva Sankalp Collectors Conference (राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस)
समीक्षाकर्ताश्री विकासशील (मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन)
अभियान अवधि17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026
‘सेवा मेरा योगदान’ (नगरीय निकाय)23 से 25 सितंबर 2026 (सभी जिलों के नगरीय निकाय)
‘सेवा मेरा योगदान’ (राज्यव्यापी)2 से 8 अक्टूबर 2026 (समस्त प्रदेश में भव्य आयोजन)
‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधारोपणस्थानीय प्रजातियों के 10,000 पौधों का रोपण लक्ष्य
जल जीवन मिशन समय-सीमा15 अक्टूबर तक निर्धारित लक्ष्य अनुसार नल कनेक्शन क्रियाशील करना
शिविरों में शामिल केंद्रीय योजनाएंकेंद्र शासन की चिन्हित 26 प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं

‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘दान उत्सव’: 23-25 सितंबर और 2-8 अक्टूबर की कार्ययोजना

Seva Sankalp Collectors Conference में जनसहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए ‘दान उत्सव’ की विस्तृत रूपरेखा तय की गई:

  • आयोजन तिथियां: 23 से 25 सितंबर तक सभी जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में तथा 2 से 8 अक्टूबर तक समूचे प्रदेशभर में ‘सेवा मेरा योगदान’ एवं ‘सेवा संकल्प व दान उत्सव’ आयोजित होगा।
  • 10 प्रमुख गतिविधियां: सेवा एवं स्वच्छता, अन्न एवं वस्त्र दान, विद्या दान एवं शिक्षा सहयोग, कौशल एवं ज्ञान दान, हरित छत्तीसगढ़ एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं रक्तदान, अंगदान एवं देहदान, सामाजिक सुरक्षा एवं जागरूकता तथा स्थानीय उत्पादन एवं महिला सशक्तिकरण।
  • विशिष्ट कार्यक्रम: महा रक्तदान शिविर, निशुल्क स्वास्थ्य जांच मेगा कैंप, महा अन्नदान अभियान, ‘गरिमा किट’ का वितरण, अनाथालयों व वृद्धाश्रमों में विशेष सहायता, तथा सभी जिलों में ‘बुक ट्री’ (Book Tree) और स्कूल किट वितरण कार्यक्रम।
  • माई भारत (MY Bharat) पोर्टल: इन गतिविधियों में एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS), स्व-सहायता समूह, युवा संगठन और ‘मेरा युवा भारत’ के स्वयंसेवक जुड़ेंगे। सभी गतिविधियों की फोटोग्राफ्स माय भारत पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाएंगी।

अंगदान और देहदान करने वाले परिवारों का होगा राज्य स्तरीय सम्मान

मुख्य सचिव ने अंगदान के प्रति समाज में जागरूकता लाने के लिए संवेदनशील पहल के निर्देश दिए:

  • जिन परिवारों के मृत परिजनों द्वारा देहदान या अंगदान किया गया है, उन परिवारों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए।
  • जिन मरीजों को दान किए गए अंगों से नया जीवन मिला है, उनके परिवारों को भी कार्यक्रमों में शामिल कर उनकी प्रतिक्रिया ली जाए, ताकि समाज में अंगदान के प्रति झिझक समाप्त हो और लोग स्वेच्छा से आगे आएं।

10 हजार पौधों का रोपण और सेवा सेतु शिविरों की समयबद्धता

अभियान के अंतर्गत पर्यावरण और नागरिक सेवाओं के त्वरित निस्तारण का स्पष्ट रोडमैप तय किया गया:

  • हरित छत्तीसगढ़ अभियान: ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
  • सेवा सेतु शिविर (ब्लॉक व तहसील स्तर): जिला प्रभारी मंत्री के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का परीक्षण कर समय-सीमा में समाधान किया जाए। इसमें केंद्र की 26 प्रमुख योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए।
  • शिकायत निवारण: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

फसल गिरदावरी, जल जीवन मिशन (15 अक्टूबर) और स्वच्छ भारत मिशन

मुख्य सचिव ने राजस्व और अधोसंरचना के प्रमुख कार्यों की समीक्षा करते हुए कड़े निर्देश दिए:

  • गिरदावरी में शत-प्रतिशत शुद्धता: खरीफ फसलों के गिरदावरी सर्वे में कोई विसंगति न हो, इसके लिए कलेक्टर स्वयं तहसीलदारों एवं पटवारियों के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करें।
  • जल जीवन मिशन (15 अक्टूबर डेडलाइन): 15 अक्टूबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नल कनेक्शनों को क्रियाशील किया जाए। कलेक्टर साप्ताहिक समीक्षा करें। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि नल-जल कार्यों में तकनीकी अमले की कमी नहीं होनी चाहिए; यदि आवश्यकता हो तो अन्य निर्माण विभागों के उप-अभियंताओं (Sub-Engineers) की ड्यूटी जल जीवन मिशन में लगाई जाए।
  • स्वच्छ भारत मिशन: नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लक्ष्यों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए रिपोर्टिंग मैकेनिज्म को पारदर्शी बनाया जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, सूचना एवं प्रौद्योगिकी सचिव श्री अंकित आनंद, आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल सहित सभी संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला स्तरीय अधिकारी सम्मिलित हुए।


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CGPSC Static Facts: फसल गिरदावरी, अंगदान कानून (THOTA) एवं जिला प्रशासन

प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC राज्य सेवा परीक्षा Paper-2 लोक प्रशासन व भू-राजस्व तथा Paper-6 सामाजिक परिदृश्य) के लिए मानक तथ्य:

  • फसल गिरदावरी (Crop Inspection Survey):
    • विधिक प्रावधान: छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 के तहत पटवारियों द्वारा वर्ष में दो बार (खरीफ एवं रबी) खेतों में जाकर वास्तविक बोई गई फसल का भौतिक सत्यापन।
    • महत्व: समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन (Paddy Procurement), राजीव गांधी किसान न्याय योजना/कृषक उन्नति योजना का इनपुट सब्सिडी वितरण और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का आधार केवल डिजिटल गिरदावरी रिकॉर्ड होता है।
  • मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 (THOTA Act, 1994):
    • भारत में चिकित्सीय प्रयोजनों के लिए मानव अंगों और ऊतकों के निष्कासन, भंडारण और प्रत्यारोपण को विनियमित करने तथा व्यावसायिक खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने वाला केंद्रीय कानून।
    • राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO): नई दिल्ली स्थित शीर्ष समन्वय संस्था; राज्यों में ‘SOTTO’ कार्यरत हैं।
  • जिला कलेक्टर की त्रि-आयामी भूमिका:
    • जिला मजिस्ट्रेट (DM): दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC/BNSS) के तहत कानून एवं शांति व्यवस्था।
    • कलेक्टर (Collector): भू-राजस्व संहिता के तहत राजस्व प्रशासन, भूमि प्रबंधन व अभिलेख।
    • जिला विकास आयुक्त (DDC): केंद्र एवं राज्य की समस्त विकासात्मक और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन का मुख्य समन्वयक।

विश्लेषण: ‘रिजल्ट-ओरिएंटेड’ नौकरशाही और सामाजिक पूंजी का संस्थागत विस्तार

(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Public Administration, Service Delivery & Citizen Engagement)

1. नौकरशाही का पुनर्गठन: ‘प्रक्रिया-उन्मुख’ से ‘परिणाम-उन्मुख’ प्रशासन: मुख्य सचिव का यह कथन कि “आप जिले के लीडर हैं” और अन्य विभागों के उप-अभियंताओं को सीधे जल जीवन मिशन में प्रतिनियुक्त करने का आदेश प्रशासनिक लचीलेपन (Administrative Agility) को प्रदर्शित करता है। अक्सर सरकारी प्रोजेक्ट्स अंतर-विभागीय तकनीकी अमले की कमी के कारण अटक जाते हैं। गूगल शीट पर वास्तविक समय की निगरानी और 15 अक्टूबर की स्पष्ट समय-सीमा प्रशासनिक शिथिलता को समाप्त कर ‘परिणाम-आधारित शासन’ (Outcome-Based Governance) स्थापित करती है।

2. ‘दान उत्सव’ और अंगदान: शासकीय कार्यक्रम का जन-आंदोलन में रूपांतरण: सरकारी अभियान अक्सर औपचारिक फोटो-अप तक सिमट जाते हैं। लेकिन ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत बुक ट्री, गरिमा किट और अंगदाता परिवारों का सम्मान करना समाज में ‘सहानुभूति और दानशीलता’ (Institutional Philanthropy) की संस्कृति को जन्म देता है। जब अंग प्राप्तकर्ताओं और अंगदाताओं के परिवारों को एक मंच पर लाया जाता है, तो यह समाज में भावनात्मक विश्वास पैदा करता है, जो कानून बनाने से कहीं अधिक प्रभावी और स्थायी होता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. Seva Sankalp Collectors Conference में ‘सेवा मेरा योगदान व दान उत्सव’ की क्या तिथियां तय की गईं?

यह उत्सव 23 से 25 सितंबर 2026 तक सभी नगरीय निकायों में तथा 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक पूरे प्रदेशभर में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।

Q2. जल जीवन मिशन के कार्यों को पूरा करने के लिए मुख्य सचिव ने क्या समय-सीमा और व्यवस्था दी?

मुख्य सचिव ने 15 अक्टूबर 2026 तक नल कनेक्शन क्रियाशील करने का लक्ष्य दिया और तकनीकी कर्मचारियों की कमी दूर करने हेतु अन्य विभागों के सब-इंजीनियरों को लगाने के निर्देश दिए।

Q3. ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कितने पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है?

हरित छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

स्रोत (Source)

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Chhattisgarh) आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, 21 सितंबर 2026.

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