जशपुर एक्सप्रेस योजना 2026: रक्षाबंधन पर CM साय ने 50 बहनों को दिया ई-रिक्शा; पिछले साल 14 को मिला था, अब ₹15,000/माह कमा रहीं महिलाएं

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जशपुर, 27 अगस्त 2026: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगिया कैम्प कार्यालय में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले की 50 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान कर उन्हें आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ा। यह संख्या पिछले रक्षाबंधन की तुलना में काफी अधिक है, जब 14 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए थे।

रक्षाबंधन के आत्मीय वातावरण में स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने मुख्यमंत्री श्री साय की कलाई पर राखी बांधी और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें साड़ी और मिठाई उपहार स्वरूप भेंट की। बहनों के बीच मुख्यमंत्री का आत्मीय अंदाज पूरे कार्यक्रम को विशेष बना गया।

विषयविवरण
योजनाजशपुर एक्सप्रेस — ई-रिक्शा वितरण योजना
शुभारंभमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा, रक्षाबंधन पर
लाभार्थीजशपुर जिले की 50 महिलाएं (स्व-सहायता समूह)
पिछले वर्ष14 महिलाओं को ई-रिक्शा दिया गया था
रायपुर में92 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए
आमदनीई-रिक्शा चला रही महिलाएं ₹15,000/माह तक कमा रहीं
भूमिपूजनबगिया विश्राम गृह (~₹3 करोड़) और सीसी सड़क

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पिछले रक्षाबंधन से तीन गुना अधिक बहनों को मिला ई-रिक्शा

‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि यह पहल लगातार आगे बढ़ रही है। पिछले रक्षाबंधन पर्व पर स्व-सहायता समूहों की 14 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए थे। इस वर्ष उस संख्या को तीन गुने से अधिक बढ़ाते हुए 50 बहनों को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। यह वृद्धि दर्शाती है कि सरकार महिलाओं के स्वरोजगार को लेकर गंभीर है और इस दिशा में प्रयास तेज कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि राजधानी रायपुर में भी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से 92 ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। ई-रिक्शा चला रही महिलाएं आज प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपए तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। यह आय न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता भी बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा: “ई-रिक्शा केवल आवागमन का साधन नहीं, सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम”

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना सशक्त परिवार और समृद्ध समाज की बुनियाद है। हमारी बहनें आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर स्वावलंबन की नई इबारत लिख रही हैं। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा उनके लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि नियमित आय और सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी बहन के हाथ में स्वयं की कमाई आती है तो उसका लाभ पूरे परिवार को मिलता है। बच्चों की पढ़ाई, परिवार की आवश्यकताओं और भविष्य के लिए बचत जैसे अनेक कार्यों में यह आय सहारा बनती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उन्हें ऐसी आजीविका गतिविधियों से भी जोड़ा जाए, जिनसे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और परिवार की आर्थिक प्रगति में अपनी भूमिका को और मजबूत कर सकें।

किराना, सब्जी व्यवसाय से लेकर ई-रिक्शा तक: हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं दीदियां

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज उनकी दीदियां किराना दुकान, सब्जी व्यवसाय और विभिन्न छोटे उद्यमों सहित अनेक आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। अब ई-रिक्शा जैसी सेवाओं में भी महिलाएं आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है, ताकि उनके उद्यम टिकाऊ हों और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार प्रारंभ करने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए मुद्रा ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। महिलाओं को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेकर अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप उद्यम शुरू करना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

बगिया में ₹3 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन

रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने बगिया क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत से बगिया में बनने वाले विश्राम गृह का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही बगिया में यादव मोहल्ला तक बनने वाली सीसी सड़क के निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

महत्वपूर्ण जानकारी

  • स्व-सहायता समूह (SHG): ग्रामीण महिलाओं का एक समूह, जो सामूहिक बचत, ऋण और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करता है। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत लाखों स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं।
  • मुद्रा ऋण (PMMY): प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत छोटे उद्यमियों को ₹10 लाख तक का ऋण — शिशु (₹50,000), किशोर (₹5 लाख) और तरुण (₹10 लाख) श्रेणी में।
  • ई-रिक्शा और महिला स्वरोजगार: ई-रिक्शा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक किफायती और व्यावहारिक स्वरोजगार विकल्प है, जिसमें कम निवेश पर नियमित आय संभव है।

महिला स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता: व्यापक संदर्भ

(विश्लेषण)

‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना को व्यापक संदर्भ में देखें तो यह भारत में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका की एक बड़ी दिशा का हिस्सा है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां बड़ी जनजातीय और ग्रामीण आबादी है, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना न केवल आर्थिक, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

जशपुर एक दूरस्थ और जनजातीय बहुल जिला है, जहां महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हैं। ऐसे में ई-रिक्शा जैसा विकल्प व्यावहारिक और टिकाऊ है — कम निवेश, कम रखरखाव और नियमित आय। पिछले वर्ष 14 महिलाओं से शुरू होकर इस वर्ष 50 तक पहुंचना और रायपुर में 92 ई-रिक्शा वितरण दर्शाता है कि यह मॉडल काम कर रहा है। ₹15,000 प्रतिमाह की आय ग्रामीण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राशि है, जो परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य और बचत की जरूरतों को पूरा कर सकती है।

हालांकि, कुछ बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है। ई-रिक्शा की रखरखाव, बैटरी प्रतिस्थापन और बीमा जैसी दीर्घकालिक जरूरतों का भी ध्यान रखना होगा। इसके साथ ही, महिलाओं को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का प्रशिक्षण भी आवश्यक है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ई-रिक्शा वितरण के बाद भी नियमित अनुवर्ती (follow-up) और तकनीकी सहायता उपलब्ध रहे।

UPSC/CGPSC के लिए प्रासंगिक बिंदु

यह विषय CGPSC पेपर-2 (सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण) और पेपर-4 (ग्रामीण विकास, आजीविका) तथा UPSC सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सामाजिक न्याय — महिला, स्व-सहायता समूह) के लिए प्रासंगिक है। परीक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित बिंदु महत्वपूर्ण हैं:

  • स्व-सहायता समूह (SHG) और महिला आर्थिक सशक्तिकरण
  • राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM / DAY-NRLM)
  • मुद्रा योजना और महिला उद्यमिता
  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर
  • ई-रिक्शा और स्वच्छ ऊर्जा आधारित आजीविका
  • जनजातीय क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण

तीन प्रमुख बातें

  • जशपुर एक्सप्रेस योजना शुरू: रक्षाबंधन पर CM विष्णु देव साय ने जशपुर की 50 महिलाओं को ई-रिक्शा सौंपे। पिछले साल 14 को मिला था — तीन गुने से अधिक वृद्धि। रायपुर में भी 92 ई-रिक्शा वितरित।
  • ₹15,000/माह कमा रहीं महिलाएं: ई-रिक्शा चला रही महिलाएं प्रतिमाह ₹15,000 तक कमा रही हैं। CM ने कहा — “ई-रिक्शा केवल आवागमन का साधन नहीं, सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम।”
  • बगिया में विकास कार्य: ₹3 करोड़ के विश्राम गृह और यादव मोहल्ला तक सीसी सड़क का भूमिपूजन। बहनों ने CM की कलाई पर बांधी राखी; CM ने साड़ी और मिठाई भेंट की।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1: ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना में कितनी महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए?

(A) 14
(B) 30
(C) 50
(D) 92

उत्तर: (C) 50
व्याख्या: ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना के तहत जशपुर जिले की 50 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए। पिछले रक्षाबंधन पर 14 महिलाओं को दिया गया था।

प्रश्न 2: ई-रिक्शा चला रही महिलाएं प्रतिमाह कितनी आमदनी अर्जित कर रही हैं?

(A) ₹5,000
(B) ₹10,000
(C) ₹15,000
(D) ₹20,000

उत्तर: (C) ₹15,000
व्याख्या: ई-रिक्शा चला रही महिलाएं प्रतिमाह लगभग ₹15,000 तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं।

प्रश्न 3: बगिया में कितने रुपए की लागत से विश्राम गृह बनेगा?

(A) ₹1 करोड़
(B) ₹2 करोड़
(C) ₹3 करोड़
(D) ₹5 करोड़

उत्तर: (C) ₹3 करोड़
व्याख्या: लगभग ₹3 करोड़ रुपए की लागत से बगिया में विश्राम गृह बनाया जाएगा।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना क्या है?

‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार की दिशा में एक पहल है, जिसके तहत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए जाते हैं। इससे महिलाओं को नियमित आय और सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम मिलता है।

Q2. पिछले रक्षाबंधन और इस बार में क्या अंतर है?

पिछले रक्षाबंधन पर 14 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए थे, जबकि इस वर्ष ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना के तहत 50 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए — तीन गुने से अधिक वृद्धि। रायपुर में भी 92 ई-रिक्शा वितरित किए गए हैं।

Q3. ई-रिक्शा चला रही महिलाएं कितनी कमा रही हैं?

ई-रिक्शा चला रही महिलाएं प्रतिमाह लगभग ₹15,000 तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। यह आय उनके परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य और बचत की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है।

Q4. बगिया में कौन-से विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ?

मुख्यमंत्री ने लगभग ₹3 करोड़ की लागत से बनने वाले विश्राम गृह और यादव मोहल्ला तक बनने वाली सीसी सड़क के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

स्रोत

छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 27 अगस्त 2026, जशपुर।

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