रायपुर, 22 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष सहित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सामाजिक सेवा और निष्ठापूर्वक दायित्व निर्वहन की शपथ दिलाई। साथ ही उन्होंने कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक की राशि देने की बड़ी घोषणा की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रकृति शक्ति और समाज के पुरोधाओं को नमन करते हुए कहा कि कंवर समाज का निर्वाचन निर्विरोध और सर्वसम्मति से संपन्न होना समाज की एकता और संगठन की मजबूती का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने महाराष्ट्र से आए कंवर समाज के प्रतिनिधियों और सगा-बंधुओं का भी आत्मीय स्वागत किया।
शिक्षा से खुलते हैं जीवन में आगे बढ़ने के अनेक रास्ते: विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संत गहिरा गुरु जैसे महान संतों के विचारों को याद करते हुए समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
“शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी भावी पीढ़ी को मिलने वाली शिक्षा, संस्कार और अवसरों पर निर्भर करती है। शिक्षा का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी पाना नहीं, बल्कि एक सफल उद्यमी, व्यापारी, उद्योगपति, समाजसेवी और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज को नेतृत्व देना है।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए प्रदेश में 17 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित कर रही है। समाज के सक्षम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में हाथ बंटाएं।
मोदी की गारंटी से जनकल्याण को मिली नई गति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के वादों को तीव्र गति से पूरा किया है:
- 18 लाख पीएम आवास: सरकार गठन के दूसरे ही दिन स्वीकृति दी गई, जिसके तहत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बन रहे हैं।
- धान खरीदी एवं महतारी वंदन: किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल (21 क्विंटल/एकड़) धान खरीदी और 70 लाख महिलाओं को ₹19,000 करोड़ से अधिक की राशि खातों में अंतरित की गई।
- तेंदूपत्ता व चरण पादुका: तेंदूपत्ता पारिश्रमिक ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा किया गया और चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ हुई।
- मजदूर व तीर्थ दर्शन: भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष ₹10,000 की सहायता, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना और ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के तहत 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराया गया।
जनजातीय समाज का सम्मान और विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रपति बनना गौरव का विषय है। पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने ही पृथक जनजातीय मंत्रालय और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था।
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान: छत्तीसगढ़ के 6,661 गांवों को इसमें शामिल कर मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
- प्रधानमंत्री जनमन योजना: देश में बन रही 4 हजार किमी सड़कों में से 2 हजार किमी से अधिक सड़कें छत्तीसगढ़ में बन रही हैं। इसके अलावा विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 57 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर में विकास की नई सुबह
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर की स्थिति पर बोलते हुए कहा कि चार दशकों से नक्सलवाद की त्रासदी झेल रहा बस्तर अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के खात्मे में ऐतिहासिक सफलता मिली है।
- नियद नेल्लानार योजना: 500 से अधिक संवेदनशील गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल और मोबाइल नेटवर्क पहुंचाए गए हैं।
- बस्तर स्वास्थ्य अभियान: बस्तर अंचल में 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और गंभीर रूप से बीमार 40 हजार से अधिक मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए रेफर किया गया।
- शांति और विश्वास के नए माहौल से बस्तर में शिक्षा, रोजगार और स्थानीय उद्यमिता के नए रास्ते खुल रहे हैं।
प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि बनेगी विकसित छत्तीसगढ़ की ताकत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ आयरन ओर, कोयला, बॉक्साइट, लिथियम, टिन, सोना और हीरा जैसे बहुमूल्य खनिजों से समृद्ध है। बस्तर की वनोपज के वैल्यू एडिशन (Value Addition) पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि स्थानीय आदिवासियों की आय बढ़े। साथ ही खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए ढाई वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
सामुदायिक भवनों के लिए ₹1.55 करोड़ से अधिक की वित्तीय सौगात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कंवर समाज के विभिन्न अंचलों के विकास हेतु वित्तीय घोषणाएं कीं:
- लाभांडी (रायपुर): नवनिर्माणाधीन कंवर भवन के विकास व अधोसंरचना के लिए ₹70 लाख।
- छुरिया परिक्षेत्र (राजनांदगांव): कंवर समाज भवन हेतु ₹25 लाख।
- ग्राम झलप (महासमुंद): सामाजिक भवन निर्माण एवं जीर्णोद्धार हेतु ₹20 लाख।
- ग्राम नरतोरा, पथरी (महासमुंद): सामाजिक भवन निर्माण हेतु ₹10 लाख।
- सर्कल तमोरा: सामुदायिक शेड निर्माण के लिए ₹10 लाख।
- ग्राम खैरझिटी: आदिवासी कंवर पैंकरा समाज भवन हेतु ₹10 लाख।
- ग्राम जोजरा (गरियाबंद): कंवर समाज भवन निर्माण हेतु ₹10 लाख।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान: मुख्यमंत्री ने लगाया सिंदूर का पौधा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सिंदूर का पौधा लगाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्यसभा सांसद श्री नंदकुमार साय ने कहा कि प्रदेश की 42 जनजातियों का छत्तीसगढ़ के विकास में अमूल्य योगदान है। वहीं, कंवर समाज विकास समिति के अध्यक्ष श्री हरवंश सिंह मिरी ने नवनिर्माणाधीन कंवर भवन को समाज के संगठनात्मक विकास का केंद्र बताया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, महासचिव शिव कुमार कंवर, कार्यकारी अध्यक्ष थान सिंह दीवान, महिला प्रभाग अध्यक्ष सविता साय, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह कंवर, आर.के. साय और भीम सिंह कंवर सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।
Official Source (आधिकारिक स्रोत): यह लेख मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के रायपुर कार्यक्रम पर छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग (DPRCG) द्वारा 22 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और भाषण विवरणों पर आधारित है।
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