Published on July 30, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
भारतीय सेना के अदम्य शौर्य और महिला सशक्तिकरण (Nari Shakti) का एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करते हुए Samudra Pradakshina Sailing Expedition India का सफल समापन हुआ है। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में इस ऐतिहासिक अभियान को पूरा करने वाली तीनों सेनाओं की 9 जांबाज महिला सैन्य अधिकारियों को सम्मानित किया।
इन जांबाज महिला अधिकारियों ने भारतीय सेना की पाल नौका ‘IASV त्रिवेणी’ (IASV Triveni) पर सवार होकर इस कठिन यात्रा को पूरा किया। यह देश के इतिहास का पहला ऐसा त्रि-सेवा (Tri-service) अभियान है, जिसने नारी शक्ति और सैन्य समन्वय के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।
| महत्वपूर्ण संकेतक | Samudra Pradakshina Sailing Expedition India के मुख्य तथ्य व आंकड़े |
|---|---|
| अभियान का पूरा नाम | समुद्र प्रदक्षिणा अभियान (Samudra Pradakshina Sailing Expedition India) |
| प्रयुक्त पाल नौका (Vessel) | भारतीय सेना की पाल नौका ‘आईएएसवी त्रिवेणी’ (IASV Triveni) |
| कुल यात्रा अवधि | 314 दिन (11 सितंबर 2025 को हरी झंडी दिखाई गई, 22 जुलाई 2026 को समापन) |
| तय की गई दूरी | चार महासागरों में लगभग 25,500 समुद्री मील (Nautical Miles) |
| चालक दल की संरचना | तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) की 9 जांबाज महिला अधिकारी |
| विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय क्लब | चालक दल ने केप हॉर्न को पार कर प्रतिष्ठित ‘केप हॉर्नर्स’ की सदस्यता हासिल की |
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मुख्य समाचार: 25,500 समुद्री मील की साहसिक वैश्विक परिक्रमा
इस ऐतिहासिक अभियान का शुभारंभ 11 सितंबर 2025 को किया गया था। लगातार 314 दिनों के कठिन संघर्ष और चार महासागरों की लहरों को चीरते हुए यह दल 22 जुलाई 2026 को मुंबई बंदरगाह पर वापस लौटा।
सफल अभियान के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में इन 9 जांबाज महिला सैन्य अधिकारियों को सम्मानित किया। उन्होंने इसे भारतीय सैन्य इतिहास में रूढ़ियों को तोड़ने वाला एक क्रांतिकारी मील का पत्थर बताया।
इस अभियान ने संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा के सभी अंतरराष्ट्रीय मानदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके तहत पृथ्वी के सभी देशांतरों (Meridians) को पार किया गया, भूमध्य रेखा (Equator) को दो बार लांघा गया और अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा (IDL) को सफलतापूर्वक पार किया गया।
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केप हॉर्नर्स (Cape Horners) की प्रतिष्ठित सदस्यता और सैन्य कूटनीति
इस साहसिक यात्रा के दौरान, भारतीय महिला दल ने दुनिया के सबसे अशांत और खतरनाक समुद्री रास्ते ‘ड्रेक पैसेज’ (Drake Passage) को सफलतापूर्वक पार किया। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण अमेरिका के सुदूर छोर ‘केप हॉर्न’ (Cape Horn) का चक्कर लगाया।
इस अत्यंत कठिन समुद्री मार्ग को फतह करने के कारण भारतीय चालक दल ने विश्व प्रसिद्ध ‘केप हॉर्नर्स’ (Cape Horners) बिरादरी की प्रतिष्ठित सदस्यता हासिल की है। यह सम्मान केवल उन गिने-चुने नाविकों को मिलता है जो इस अशांत समुद्री मार्ग को जीतने का अदम्य साहस दिखाते हैं।
इसके अतिरिक्त, इस Samudra Pradakshina Sailing Expedition India अभियान ने सैन्य कूटनीति (Military Diplomacy) के क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभाई। विभिन्न वैश्विक बंदरगाहों पर ठहराव (Port Calls) के दौरान इस स्वदेशी नौका ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, तकनीकी सक्षमता और सैन्य व्यावसायिकता का लोहा मनवाया।
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UPSC Prelims Fact Box: Samudra Pradakshina Sailing Expedition India
- तीन प्रमुख अंतरीप (Three Great Capes): ये दक्षिण गोलार्ध के तीन सबसे महत्वपूर्ण अंतरीप हैं—केप लीउविन (ऑस्ट्रेलिया), केप हॉर्न (दक्षिण अमेरिका), और केप ऑफ गुड होप (अफ्रीका)। इस अभियान में इन तीनों का चक्कर लगाया गया।
- ड्रेक पैसेज (Drake Passage): दक्षिण अमेरिका के केप हॉर्न और अंटार्कटिका के दक्षिण शेटलैंड द्वीपों के बीच स्थित दुनिया का सबसे अशांत जलडमरूमध्य।
- आईएएसवी त्रिवेणी (IASV Triveni): यह भारतीय सेना की उन्नत पाल नौका है, जो पूरी तरह से स्वदेशी अत्याधुनिक नेविगेशन और संचार प्रणालियों से लैस है।
UPSC Mains Analysis: सैन्य एकीकरण और नारी शक्ति का नया युग
रक्षा बलों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और थल सेना, नौसेना व वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल (Jointness) स्थापित करना भारत के रक्षा सुधारों का मुख्य हिस्सा है।
Samudra Pradakshina Sailing Expedition India की यह ऐतिहासिक सफलता यह सिद्ध करती है कि हमारी महिला सैन्य अधिकारी शारीरिक और मानसिक रूप से सबसे कठिन सैन्य अभियानों का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।
तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों का एक ही झंडे के नीचे इस वैश्विक अभियान को पूरा करना भारत के ‘थिएटरकमांड’ और त्रि-सेवा एकीकरण के कड़े विज़नों को धरातल पर साबित करता है, जो ‘विकसित भारत @ 2047’ के हमारे बड़े राष्ट्रीय और रणनीतिक संकल्पों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस कूटनीतिक और रक्षा विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में जुलाई 2026 में संपन्न हुए देश के पहले त्रि-सेवा महिला वैश्विक परिक्रमा अभियान (Samudra Pradakshina Sailing Expedition India) के तहत किस पाल नौका (Vessel) का उपयोग किया गया था?
(A) आईएनएसवी तरिणी (INSV Tarini)
(B) आईएनएसवी म्हादेई (INSV Mhadei)
(C) आईएएसवी त्रिवेणी (IASV Triveni)
(D) आईएनएस विक्रांत
उत्तर: (C) आईएएसवी त्रिवेणी (IASV Triveni)
व्याख्या: इस ऐतिहासिक ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान में भारतीय सेना की पाल नौका ‘आईएएसवी त्रिवेणी’ (IASV Triveni) का उपयोग किया गया, जिसने 314 दिनों में लगभग 25,500 समुद्री मील की दूरी तय की।
प्रश्न 2: इस साहसिक अभियान के दौरान भारतीय महिला सैन्य दल ने दुनिया के सबसे अशांत ‘ड्रेक पैसेज’ और ‘केप हॉर्न’ को पार कर किस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय नाविक बिरादरी की सदस्यता हासिल की है?
(A) रॉयल नेविगेटर्स एसोसिएशन
(B) केप हॉर्नर्स (Cape Horners)
(C) वैश्विक तटीय रक्षक संघ
(D) ड्रेक पैसेज एक्सप्लोरर्स क्लब
उत्तर: (B) केप हॉर्नर्स (Cape Horners)
व्याख्या: ड्रेक पैसेज और दक्षिण अमेरिका के केप हॉर्न को सफलतापूर्वक पार करने वाले नाविकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘केप हॉर्नर्स’ (Cape Horners) की प्रतिष्ठित सदस्यता प्रदान की जाती है, जो इस दल ने हासिल की है।
प्रश्न 3: दक्षिण अमेरिका के सुदूर दक्षिणी छोर और अंटार्कटिका के बीच स्थित दुनिया के सबसे अशांत जलमार्ग ‘ड्रेक पैसेज’ (Drake Passage) का भौगोलिक स्थान क्या है?
(A) अटलांटिक और हिंद महासागर के बीच
(B) प्रशांत और अटलांटिक महासागर के बीच
(C) प्रशांत और हिंद महासागर के बीच
(D) आर्कटिक और अटलांटिक महासागर के बीच
उत्तर: (B) प्रशांत और अटलांटिक महासागर के बीच
व्याख्या: ड्रेक पैसेज दक्षिण अमेरिका के केप हॉर्न को अंटार्कटिका से अलग करता है और यह प्रशांत महासागर को अटलांटिक महासागर से जोड़ने वाला दुनिया का सबसे चौड़ा और अशांत जलमार्ग है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Samudra Pradakshina Sailing Expedition India क्या है?
Samudra Pradakshina Sailing Expedition India भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में पहली बार आयोजित किया गया त्रि-सेवा (सेना, नौसेना, वायुसेना) सर्व-महिला वैश्विक परिक्रमा अभियान है। इसके तहत तीनों सेनाओं की 9 महिला अधिकारियों ने ‘आईएएसवी त्रिवेणी’ नौका पर 314 दिनों में लगभग 25,500 समुद्री मील की दूरी तय कर पृथ्वी की परिक्रमा पूरी की है।
Q2. इस अभियान के तहत कौन से तीन प्रमुख अंतरीपों (Three Great Capes) को पार किया गया?
इस वैश्विक परिक्रमा के अंतरराष्ट्रीय मानदंडों को पूरा करने के लिए चालक दल ने दक्षिण गोलार्ध के तीन सबसे अशांत और महान अंतरीपों—केप लीउविन (ऑस्ट्रेलिया), केप हॉर्न (दक्षिण अमेरिका), और केप ऑफ गुड होप (अफ्रीका) का चक्कर लगाया।
Q3. ‘केप हॉर्नर्स’ (Cape Horners) की सदस्यता क्या है?
यह दुनिया के सबसे अशांत और खतरनाक समुद्री रास्तों में से एक ‘ड्रेक पैसेज’ और ‘केप हॉर्न’ को पाल नौका के जरिए सफलतापूर्वक पार करने वाले नाविकों को दी जाने वाली एक वैश्विक और प्रतिष्ठित सदस्यता है, जो इस भारतीय महिला सैन्य दल ने अपनी वीरता से हासिल की है।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- पहला त्रि-सेवा महिला अभियान: भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की 9 महिला अधिकारियों ने देश का पहला समेकित ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया।
- केप हॉर्नर्स की सदस्यता: खतरनाक ड्रेक पैसेज और केप हॉर्न को फतह कर चालक दल ने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय नाविक बिरादरी की सदस्यता हासिल कर देश का मान बढ़ाया।
- त्रि-सेवा समन्वय (Jointness): तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों का एक ही झंडे के नीचे 314 दिनों का यह सफल सफर सशस्त्र बलों में बढ़ते एकीकरण और नारी शक्ति का उत्कृष्ट वैश्विक उदाहरण है।
UPSC Relevance (यूपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से सामान्य अध्ययन पेपर-1 (भौतिक भूगोल – प्रमुख जलमार्ग, अंतरीप, समुद्री धाराएं) और सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सामाजिक न्याय – सशस्त्र बलों में महिला सशक्तिकरण) तथा सामान्य अध्ययन पेपर-3 (आंतरिक व समुद्री सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB Delhi) द्वारा 30 जुलाई 2026 को जारी की गई आधिकारिक विज्ञप्ति और कड़े नीतिगत विवरणों पर आधारित है।