By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
नई दिल्ली | 7 जून
Major Abhilasha Barak UN Award: भारतीय सेना और नारी शक्ति ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) लेबनान में तैनात भारतीय सेना की जांबाज अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित “यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर” (UN Military Gender Advocate of the Year) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में आयोजित एक विशेष गरिमामयी समारोह के दौरान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (António Guterres) द्वारा प्रदान किया गया। यह पुरस्कार मेजर अभिलाषा को लेबनान में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शांति अभियानों में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए दिया गया है।
🇺🇳 यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर बनीं मेजर अभिलाषा बराक
जून 2025 से दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन (UNIFIL) के तहत ‘भारतीय बटालियन’ में एंगेजमेंट टीम कमांडर और जेंडर फोकल प्वाइंट के रूप में कार्यरत मेजर अभिलाषा बराक ने अपने असाधारण नेतृत्व से शांति मिशन को एक नई दिशा दी है। उनके द्वारा किए गए प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:
1. लेबनान (UNIFIL) में किए अनुकरणीय कार्य
मेजर अभिलाषा ने सैन्य अभियानों, गश्ती दलों और नागरिक-सैन्य गतिविधियों में लैंगिक दृष्टिकोण को शामिल करने का काम किया। उन्होंने केवल छह महीनों के भीतर रिकॉर्ड 539 जेंडर-केंद्रित मैदानी गतिविधियां संचालित कीं, जो मिशन के इतिहास में सबसे अधिक हैं। इसके अलावा, उन्होंने अत्यधिक तनाव के समय पूरी तरह से महिलाओं के नेतृत्व वाले गश्ती दल (All-women patrols) का भी नेतृत्व किया।

2. एआई-आधारित ‘लेबनान जेंडर इनिशिएटिव’ की शुरुआत
मेजर अभिलाषा ने आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक अनूठा डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘लेबनान जेंडर इनिशिएटिव’ (Lebanon Gender Initiative) लॉन्च किया। यह प्लेटफॉर्म महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने, जेंडर-आधारित हिंसा की गोपनीय रिपोर्टिंग करने, हेल्पलाइन सेवाओं, शिकायत ट्रैकिंग और आत्मरक्षा के संसाधनों तक पहुंच आसान बनाने में बेहद मददगार साबित हुआ है।
3. 75 लेबनानी महिलाओं को दिलाई ITEC स्कॉलरशिप
मेजर अभिलाषा के प्रयासों की बदौलत दक्षिणी लेबनान की 75 स्थानीय महिलाओं को भारत सरकार के आईटीईसी (Indian Technical and Economic Cooperation – ITEC) कार्यक्रम के तहत पूरी तरह से वित्त पोषित छात्रवृत्ति (Scholarship) मिली। इसके जरिए इन महिलाओं को नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), कृषि-उद्यमिता और वित्त जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त हो रहा है।
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👑 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी ऐतिहासिक बधाई
इस बड़ी वैश्विक उपलब्धि पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मेजर अभिलाषा बराक को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट किया:
“मेजर अभिलाषा बराक को यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित होने पर बहुत-बहुत बधाई। यह सम्मान उनकी अनुकरणीय सेवा और संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारत के लंबे समय से चले आ रहे योगदान की एक बड़ी पहचान है। उनकी यह सफलता देश के अनगिनत युवाओं, विशेष रूप से हमारी बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो देश और मानवता की सेवा करना चाहती हैं।”
संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों के अवर महासचिव ज्याँ-पियरे लैक्रॉक्स (Jean-Pierre Lacroix) ने भी मेजर अभिलाषा की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह कार्य दर्शाता है कि लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने से शांति अभियानों की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक शांति प्रयासों को कितनी मजबूती मिलती है।
📝 क्या है यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर पुरस्कार?
संयुक्त राष्ट्र द्वारा यह प्रतिष्ठित पुरस्कार साल 2016 से प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है:
- किसे दिया जाता है: यह पुरस्कार किसी भी ऐसे सैन्य शांति रक्षक (महिला या पुरुष) को दिया जाता है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 (UN Security Council Resolution 1325) के सिद्धांतों को बढ़ावा देने में असाधारण प्रतिबद्धता दिखाता है।
- प्रस्ताव 1325 का महत्व: यह प्रस्ताव शांति वार्ताओं, संघर्षों के समाधान और शांति अभियानों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, सुरक्षा और सुरक्षात्मक भूमिका को अनिवार्य बनाने की वकालत करता है।

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आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इस राष्ट्रीय व वैश्विक सम्मान से जुड़े महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी नोट्स:
- पुरस्कार का नाम: यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड (वर्ष 2025)।
- विजेता सैन्य अधिकारी: मेजर अभिलाषा बराक (भारतीय सेना)।
- पुरस्कार प्रदाता: एंटोनियो गुटेरेस, यूएन महासचिव (António Guterres) [समारोह – न्यूयॉर्क]।
- तैनाती क्षेत्र: यूनिफिल (UNIFIL – लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल)।
- भूमिका: एंगेजमेंट टीम कमांडर और जेंडर फोकल प्वाइंट।
- तकनीकी नवाचार: एआई-संचालित ‘लेबनान जेंडर इनिशिएटिव’ की शुरुआत।
- स्कॉलरशिप कार्यक्रम: भारत सरकार का आईटीईसी (ITEC) प्रोग्राम (75 लेबनानी महिलाओं को सहायता)।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव: प्रस्ताव संख्या 1325 (लैंगिक समानता और शांति स्थापना)।
FAQs
प्रश्न 1: मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र (UN) के किस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है और वह कहाँ तैनात हैं?
उत्तर: मेजर अभिलाषा बराक को “यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर पुरस्कार (2025)” से सम्मानित किया गया है। वह वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के तहत शांति सेना में तैनात हैं।
प्रश्न 2: मेजर अभिलाषा बराक ने लेबनान में स्थानीय महिलाओं की सुरक्षा के लिए कौन सा एआई (AI) टूल विकसित किया है?
उत्तर: उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, गोपनीय शिकायत रिपोर्टिंग और आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘लेबनान जेंडर इनिशिएटिव’ लॉन्च किया है।
(देश की सैन्य शक्ति, अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कारों, महिलाओं के नेतृत्व और परीक्षाओं से जुड़े प्रामाणिक अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
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