Regional Meteorological Centre Jammu: पहाड़ों पर मौसम का सटीक हाल बताएगा नया ‘क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र’, जम्मू में डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया उद्घाटन

Regional Meteorological Centre Jammu

By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
जम्मू/नई दिल्ली | 5 जून


Regional Meteorological Centre Jammu: हिमालयी क्षेत्रों में मौसम के सटीक पूर्वानुमान और प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज जम्मू में देश के सातवें ‘क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र’ (Regional Meteorological Centre – RMC) का शानदार उद्घाटन किया।

यह नया केंद्र विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में मौसम की निगरानी, आपदा प्रबंधन और जलवायु सुरक्षा को मजबूत करेगा। इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की मौसम सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जल्द ही लखनऊ में भी एक नया क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाएगा।

🏔️ क्यों खास है जम्मू का यह क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र?

जम्मू का यह नया केंद्र (RMC) अत्यंत विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमालयी राज्यों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। इसके तहत प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएं इस प्रकार हैं:

  • विशिष्ट आपदा चेतावनी: बादलों का फटना (Cloudburst), अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods), हिमस्खलन (Avalanche), भारी बर्फबारी, आंधी-तूफान और भूस्खलन जैसी जानलेवा आपदाओं की समय पर चेतावनी जारी की जाएगी।
  • तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मदद: यह केंद्र माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों, किसानों और सेना के जवानों को जिला-स्तरीय सटीक मौसम रिपोर्ट प्रदान करेगा।
  • शहर-विशिष्ट पूर्वानुमान: विभिन्न महत्वपूर्ण शहरों और पर्वतीय पर्यटन स्थलों के लिए कस्टमाइज्ड वेदर सर्विस दी जाएगी।

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📊 दिल्ली से अलग होकर जम्मू संभालेगा कमान (Restructuring of IMD)

अभी तक भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का दिल्ली स्थित क्षेत्रीय केंद्र ही दिल्ली सहित जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की मौसम सेवाओं का समन्वय करता था।

अब जम्मू में नया केंद्र बनने के बाद जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश की मौसम सेवाओं का संचालन सीधे जम्मू से किया जाएगा। वहीं, भविष्य में बनने वाला लखनऊ केंद्र उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की कमान संभालेगा।

📡 2014 के मुकाबले इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक सुधार

डॉ. जितेंद्र सिंह ने पिछले एक दशक में क्षेत्र के मौसम विज्ञान बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों को रेखांकित किया:

  • डॉप्लर वेदर रडार (DWR): साल 2014 में इस क्षेत्र में एक भी डॉप्लर रडार नहीं था, लेकिन आज जम्मू, श्रीनगर, लेह और बनिहाल टॉप पर 4 डॉप्लर रडार कार्यरत हैं। ‘मिशन मौसम’ के तहत अनंतनाग, राजौरी, बारामूला, किश्तवाड़ और डोडा के लिए 5 और रडार प्रस्तावित हैं।
  • ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS): वेदर स्टेशनों की संख्या 13 (साल 2014) से बढ़कर अब 56 हो गई है, जिनमें कारगिल, रामबन और माता वैष्णो देवी भवन शामिल हैं।

🔬 भूकंप निगरानी और अंतरराष्ट्रीय मान्यता

मौसम सेवाओं के अलावा, क्षेत्र की भूकंपीय निगरानी प्रणाली (Seismological Network) को आधुनिक बनाते हुए जम्मू-कश्मीर में भूकंप स्टेशनों को डिजिटल प्रणालियों में अपग्रेड किया गया है और उधमपुर में एक नई वेधशाला स्थापित की गई है।

एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, श्रीनगर मौसम वेधशाला (Srinagar Meteorological Observatory), जो एक सदी से भी अधिक समय से कार्यरत है, को विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) द्वारा ‘सेंटीनियल ऑब्जर्विंग स्टेशन’ (Centennial Observing Station) के रूप में मान्यता दी गई है।


📚 The Exam Hub – भूगोल व पर्यावरण करंट अफेयर्स (Fact-Check)

आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इस राष्ट्रीय और वैज्ञानिक समाचार से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु:

  • नया केंद्र: क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC), जम्मू (यह देश का 7वां क्षेत्रीय केंद्र है)।
  • उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह।
  • सेवा क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश।
  • अगला प्रस्तावित केंद्र: लखनऊ (उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए)।
  • कार्यरत डॉप्लर रडार: 4 (जम्मू, श्रीनगर, लेह, बनिहाल टॉप)।
  • विशेष प्रयोगशाला: पतनीटॉप में स्विट्जरलैंड के सहयोग से ‘हाई-अल्टीट्यूड क्लाउड फिजिक्स लेबोरेटरी’ स्थापित की गई है।
  • WMO मान्यता प्राप्त स्टेशन: श्रीनगर मौसम वेधशाला (Centennial Observing Station)।

Regional Meteorological Centre Jammu: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: भारत का 7वां क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) कहाँ स्थापित किया गया है?
उत्तर: भारत का सातवां क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र जम्मू में स्थापित किया गया है, जो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश को कस्टमाइज्ड मौसम पूर्वानुमान सेवाएं देगा।

प्रश्न 2: श्रीनगर मौसम वेधशाला को विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने किस विशेष श्रेणी में मान्यता दी है?
उत्तर: श्रीनगर मौसम वेधशाला को 100 वर्षों से अधिक पुरानी होने और लगातार सेवाएं देने के कारण WMO द्वारा ‘सेंटीनियल ऑब्जर्विंग स्टेशन’ (Centennial Observing Station) के रूप में मान्यता दी गई है।

(देश के वैज्ञानिक विकास, मौसम प्रणालियों, नई खोजों और सटीक करंट अफेयर्स अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)


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