By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
रायपुर | 27 मई
‘धान का कटोरा (Rice Bowl)’ कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था (Agricultural Economy) अब एक बहुत बड़े बदलाव के दौर से गुजरने वाली है। भारत सरकार की नई और महत्वाकांक्षी Improved Rice Scheme Chhattisgarh (इम्प्रूव्ड राइस स्कीम) को अब छत्तीसगढ़ में भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC, Vyapam, ADEO) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘कृषि और अर्थव्यवस्था (Economy)’ के नजरिए से यह सबसे अहम करंट अफेयर्स है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए आज रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में एक बड़ी राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।
🌾 क्या है ‘इम्प्रूव्ड राइस स्कीम’ और क्यों पड़ेगी आधुनिकीकरण की जरूरत?
खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार आगामी ‘खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 (Kharif Marketing Season 2026-27)’ से इस ‘इम्प्रूव्ड राइस स्कीम’ को पूरी प्राथमिकता के साथ लागू करने जा रही है।
- क्यों है खास: इस योजना का मुख्य उद्देश्य बाजार में उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले चावल की क्वालिटी और मानकों (Quality standards) को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना है।
- मिलों का अपग्रेडेशन: इस नई योजना को लागू करने के लिए राज्य की सभी राइस मिलों (Rice Mills) को निर्धारित मानकों के अनुरूप तकनीकी रूप से ‘अपग्रेड (Upgrade)’ करना अनिवार्य होगा।
🎯 अरवा और उसना चावल के लिए तय किए गए नए मानक (UPSC/CGPSC Fact)
एग्जाम की दृष्टि से छात्रों को चावल के टूटने (Broken Rice) के मानकों का डेटा जरूर नोट करना चाहिए। कार्यशाला में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नई स्कीम के तहत चावल के ये मानक लागू होंगे:
- अरवा चावल (Raw Rice): इसके लिए 10 प्रतिशत ‘ब्रोकन (टूटा हुआ)’ चावल का मानक निर्धारित किया गया है।
- उसना चावल (Parboiled Rice): इसके लिए 5 प्रतिशत ‘ब्रोकन’ चावल का सख्त मानक लागू होगा।
मिलर्स ने रखी मांग: उन्नत धान किस्मों की खेती और ‘रैक मूवमेंट’
इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कान्ति लाल बोथरा और अन्य पदाधिकारियों ने कुछ व्यवहारिक समस्याएं भी रखीं। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में ‘उन्नत धान किस्मों’ की खेती को बढ़ावा दिया जाए, भारतीय खाद्य निगम (FCI) में ‘रैक मूवमेंट (Rack movement)’ को तेज किया जाए और मिलिंग लागत (Milling cost) में वृद्धि की जाए।
खाद्य सचिव ने आश्वासन दिया है कि मिलर्स के सुझावों का परीक्षण कर भारत सरकार को आवश्यक प्रस्ताव भेजे जाएंगे। इस अवसर पर मार्कफेड के एमडी श्री जितेन्द्र शुक्ला और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के जीएम श्री दीपक शर्मा भी मौजूद रहे।
📚 The Exam Hub – छत्तीसगढ़ अर्थव्यवस्था (Fact-Check)
आगामी CGPSC, ADEO, Patwari और अन्य प्रशासनिक परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- योजना का नाम: इम्प्रूव्ड राइस स्कीम (Improved Rice Scheme)।
- लागू होने का वर्ष: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से।
- अरवा चावल का मानक (Broken Rice): 10 प्रतिशत।
- उसना चावल का मानक (Broken Rice): 5 प्रतिशत।
- खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग (CG) की सचिव: श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले (IAS)।
Improved Rice Scheme Chhattisgarh: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ वर्ष 2026-27 से चावल की गुणवत्ता सुधारने के लिए कौन सी नई योजना लागू की जा रही है?
उत्तर: भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में चावल की गुणवत्ता और मिलों के आधुनिकीकरण के लिए आगामी खरीफ वर्ष 2026-27 से ‘इम्प्रूव्ड राइस स्कीम’ (Improved Rice Scheme) लागू की जा रही है।
प्रश्न 2: नई ‘इम्प्रूव्ड राइस स्कीम’ के तहत उसना और अरवा चावल के लिए ब्रोकन (टूटे चावल) का क्या मानक तय किया गया है?
उत्तर: इस योजना के तहत अरवा चावल (Raw Rice) के लिए 10 प्रतिशत ब्रोकन और उसना चावल (Parboiled Rice) के लिए 5 प्रतिशत ब्रोकन चावल का कड़ा मानक निर्धारित किया गया है।
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