By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
कोरबा/रायपुर | 16 मई
Lakhpati Didi Yojana Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ के दौरान एक ऐसी आत्मीय और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश का दिल जीत लिया है। एक तरफ जहां ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं, वहीं राज्य के मुखिया खुद उनके बीच जाकर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इन दिनों कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र ‘लेमरू’ के प्रवास पर हैं। इसी दौरान उन्होंने Lakhpati Didi Yojana Chhattisgarh (लखपति दीदी योजना) से जुड़ी एक ग्रामीण महिला ‘श्रीमती मंजू’ के संघर्ष और सफलता की कहानी को न सिर्फ सुना, बल्कि उनके स्टॉल पर जाकर उनके हाथों से बने ‘गुपचुप’ का स्वाद भी लिया। प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC/Vyapam) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह ‘महिला सशक्तिकरण’ का एक शानदार केस-स्टडी (Case Study) है।
गुपचुप के ठेले से ‘सेंटरिंग प्लेट’ के व्यवसाय तक का सफर
ग्रामीण आजीविका मिशन (Bihan) से जुड़ी ‘लखपति दीदी’ श्रीमती मंजू ने मुख्यमंत्री के साथ आत्मीय संवाद करते हुए अपनी सफलता की कहानी साझा की।
- छोटे स्तर से शुरुआत: मंजू ने बताया कि उन्होंने बहुत ही छोटे स्तर से सड़क किनारे एक गुपचुप (पानी-पूरी) के ठेले से अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी।
- आत्मनिर्भरता की उड़ान: गुपचुप के स्टॉल से जो भी बचत होती थी, उसे जोड़कर और अपनी लगातार मेहनत के बल पर आज वह भवन निर्माण (Construction) कार्यों में उपयोग होने वाली ‘सेंटरिंग प्लेट’ के बड़े व्यवसाय से भी जुड़ गई हैं।
सीमित संसाधनों के बावजूद मंजू बहन ने अपने हौसले और आत्मविश्वास के दम पर पूरे समाज के सामने आत्मनिर्भरता की एक बड़ी मिसाल पेश की है।
सीएम साय ने दिया 30,000 रुपये का प्रोत्साहन चेक
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती मंजू के इन अथक प्रयासों की जमकर सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रीमती मंजू को ‘लखपति दीदी योजना’ के अंतर्गत 30 हजार रुपये का प्रोत्साहन चेक (Incentive Cheque) भी प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। लखपति दीदी योजना आज महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा आधार बन रही है। जब मेहनत को अवसर और हौसले को सहारा मिलता है, तो बदलाव सिर्फ एक व्यक्ति में नहीं, बल्कि पूरे गांव में दिखाई देता है।”
📚 The Exam Hub – महिला सशक्तिकरण (Fact-Check)
आगामी CGPSC, महिला पर्यवेक्षक (Mahila Supervisor) और अन्य प्रशासनिक परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):
- चर्चित योजना: लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Yojana)।
- चर्चित महिला (लाभार्थी): श्रीमती मंजू (लखपति दीदी)।
- चर्चित स्थान: लेमरू (Lemru), जिला – कोरबा (छत्तीसगढ़)।
- योजना का मुख्य उद्देश्य: ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM/Bihan) के तहत ग्रामीण महिलाओं (SHGs) की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक करना और उन्हें उद्यमी (Entrepreneur) बनाना।
- प्रोत्साहन राशि: मुख्यमंत्री द्वारा 30,000 रुपये का चेक प्रदान किया गया।
Lakhpati Didi Yojana Chhattisgarh: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: ‘लखपति दीदी योजना’ (Lakhpati Didi Yojana) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: भारत सरकार और राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देकर उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये या उससे अधिक करना है।
प्रश्न 2: हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किस जिले में ‘लखपति दीदी’ के स्टॉल पर जाकर गुपचुप खाया और उन्हें सम्मानित किया?
उत्तर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरबा जिले के ‘लेमरू’ (Lemru) क्षेत्र के प्रवास के दौरान लखपति दीदी ‘श्रीमती मंजू’ के स्टॉल पर जाकर गुपचुप खाया और उन्हें 30 हजार रुपये का प्रोत्साहन चेक सौंपा।
(छत्तीसगढ़ की महिला सशक्तिकरण योजनाओं, सफलता की कहानियों और एग्जाम से जुड़े सटीक करेंट अफेयर्स के लिए जुड़े रहें Ishan Verma की वेबसाइट theexamhub.in के साथ।)
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