58th International Chemistry Olympiad 2026 India: भारतीय छात्रों ने रचा इतिहास, पहली बार ताशकंद में हासिल किया शत-प्रतिशत ‘ऑल-गोल्ड’ का कीर्तिमान

58th International Chemistry Olympiad 2026 India 58th International Chemistry Olympiad 2026 India

Published on July 22, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in


भारत के युवा रसायनशास्त्रियों ने अंतर्राष्ट्रीय पटल पर देश का मस्तक गर्व से ऊँचा करते हुए 58th International Chemistry Olympiad 2026 India अभियान के तहत एक नया स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। उज्बेकिस्तान के ताशकंद (Tashkent, Uzbekistan) में 10 से 19 जुलाई 2026 तक आयोजित 58वें अंतर्राष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपिक (IChO) में भारतीय दल के सभी चारों छात्रों ने स्वर्ण पदक (Gold Medals) जीतकर एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड स्थापित किया है।

यह भारत के ओलिंपियाड इतिहास का पहला ऐसा अवसर है जब देश ने इस प्रतियोगिता में शत-प्रतिशत ‘ऑल-गोल्ड’ (All-Gold Haul) हासिल किया है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ ही भारत ने पदक तालिका में चीन, वियतनाम और व्यक्तिगत प्रतिभागी समूह-बी (रूस) के साथ संयुक्त रूप से वैश्विक स्तर पर पहला स्थान (World No. 1) हासिल किया है। इस वर्ष के IChO में 93 देशों के 363 छात्रों ने भाग लिया, जो इसे इतिहास का सबसे बड़ा रसायन विज्ञान ओलिंपियाड बनाता है।

58th International Chemistry Olympiad 2026 India: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)

ताशकंद में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक प्रतियोगिता और भारत के प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका में संक्षेपित किया गया है:

महत्वपूर्ण संकेतक56th International Physics Olympiad 2026 India के प्रमुख तथ्य व आंकड़े
प्रतियोगिता का नाम58वां अंतर्राष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपिक (IChO 2026)
आयोजन स्थल और तिथिताशकंद, उज्बेकिस्तान (10 से 19 जुलाई 2026)
भारतीय दल का प्रदर्शनसभी 4 छात्रों ने जीते स्वर्ण पदक (100% स्वर्ण सफलता)
वैश्विक रैंकिंग (Global Rank)संयुक्त रूप से विश्व में प्रथम स्थान (चीन, वियतनाम और रूस के साथ)
नोडल एजेंसी (प्रशिक्षण शिविर)होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE), मुंबई (TIFR का राष्ट्रीय केंद्र)
सहयोगी सरकारी विभागपरमाणु ऊर्जा विभाग (DAE), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और शिक्षा मंत्रालय (MoE)

58th International Chemistry Olympiad 2026 India: ऐतिहासिक ‘ऑल-गोल्ड’ विजय

IChO को दुनिया भर के प्री-यूनिवर्सिटी स्तर के छात्रों के लिए रसायन विज्ञान की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित बौद्धिक परीक्षा माना जाता है। इस वर्ष आयोजित हुए 58th International Chemistry Olympiad 2026 India संस्करण में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले सभी चारों छात्रों ने स्वर्ण पदक अर्जित किया है।

इन स्वर्णिम विजेताओं की सूची निम्नलिखित है:

  1. देबदत्त प्रियदर्शी (Debadatta Priyadarshi): भुवनेश्वर, ओडिशा (स्वर्ण पदक)
  2. हर्षित सिंगला (Harshit Singla): मंडी गोबिंदगढ़, पंजाब (स्वर्ण पदक)
  3. कबीर चिल्लर (Kabeer Chillar): दिल्ली (स्वर्ण पदक)
  4. संदीप कुची (Sandeep Kuchi): हैदराबाद, तेलंगाना (स्वर्ण पदक)

कठिन सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षा की संरचना

इस वर्ष की परीक्षा को अत्यंत कठिन और व्यापक बनाया गया था, जिसमें छात्रों के गहन विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक प्रयोगशाला कौशल का परीक्षण किया गया:

1. सैद्धांतिक परीक्षा (Theoretical Exam)

इसमें कुल 9 अत्यंत जटिल प्रश्न शामिल थे। इनमें से प्रमुख प्रश्न थे—पौधों के अर्क से बने नीले घोल और कोयले की खदान से मिले पीले पत्थर की संरचना का पता लगाना; ऑसिलेटरी बीजेड (BZ) प्रतिक्रिया का गतिकी विश्लेषण; विभिन्न कार्बनिक यौगिकों का उपयोग करके छिद्रपूर्ण ढांचा सामग्री (COFs) का निर्माण; तथा वर्ष 1966 में उरताबुलक (Urtabulak) में तीन साल से लगी प्राकृतिक गैस की आग को बुझाने के लिए किए गए ऐतिहासिक परमाणु विस्फोट में इस्तेमाल किए गए यूरेनियम के द्रव्यमान का अनुमान लगाना।

इसके अतिरिक्त, इंट्रासेल्युलर झिल्लियों के एक हिस्से चिरल कार्डियोलिपिन (Chiral Cardiolipin) की संरचना को डिकोड करना; कार्बन नैनोबेल्ट के निर्माण के लिए नए कार्बन एलोट्रोप्स (साइक्लोकार्बन्स) का उपयोग; संक्रमण धातु उत्प्रेरकों का उपयोग करके अमोनिया संयंत्रों में नाइट्रोजन स्थिरीकरण; और प्रकाश संवेदी (Photosensitizers) एजेंटों की मदद से वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का उत्प्रेरक अपचयन शामिल थे।

2. प्रायोगिक परीक्षा (Experimental Exam)

प्रयोगशाला के भीतर छात्रों को 3 जटिल समस्याओं का समाधान करना था। इनमें अज्ञात अभिकर्मकों का उपयोग करके एक धातु परिसर (Metal Complex) का संश्लेषण और जटिल रासायनिक अनुमापन (Complexometric Titration) द्वारा उसकी संरचना का विश्लेषण करना; माइक्रोस्केल परीक्षणों के माध्यम से पांच एंजाइमों की मदद से यूरिया, यूरिक एसिड, ग्लूकोज और कोलेस्ट्रॉल जैसे 20 जैव रसायनों के मिश्रण की पहचान करना; तथा पीएच-मीट्रिक अनुमापन के माध्यम से तीन एसिड मिश्रणों की संरचना की सटीक पहचान करना शामिल था।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल और कड़ा प्रशिक्षण ढांचा

इस स्वर्णिम सफलता के पीछे होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE), मुंबई के वैज्ञानिकों और शिक्षकों के कड़े मेंटरशिप कार्यक्रम की केंद्रीय भूमिका रही है। भारतीय जूरी सदस्यों की टीम में निम्नलिखित वैज्ञानिक शामिल थे:

  • हेड मेंटर: प्रो. सुभजीत बंद्योपाध्याय (आईआईएसईआर, कोलकाता)
  • मेंटर: डॉ. इंद्राणी सेन (HBCSE, मुंबई)
  • वैज्ञानिक पर्यवेक्षक (Scientific Observers): डॉ. अनुबेंदु अधिकारी (IIT खड़गपुर) और डॉ. जयश्री गोपालकृष्णन (NES रत्नम कॉलेज, मुंबई)

यह भारत की IChO में 27वीं उपस्थिति थी। अब तक के इतिहास में भारत के 32% छात्रों ने स्वर्ण पदक, 51% ने रजत पदक और 17% ने कांस्य पदक जीते हैं, जो बुनियादी विज्ञान अनुसंधान के प्रति भारत के समर्पित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

ताशकंद की धरती पर भारतीय छात्रों की यह शानदार ‘ऑल-गोल्ड’ जीत भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी आधुनिकीकरण का एक जीवंत प्रमाण है। 58th International Chemistry Olympiad 2026 India की यह सफलता देश के परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और शिक्षा मंत्रालय (MoE) के निरंतर समर्थन और हमारी राष्ट्रीय ओलिंपियाड नीतियों की परिपक्वता को दर्शाती है। यह ऐतिहासिक कीर्तिमान स्कूली स्तर पर हमारे छात्रों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temperament) को मजबूत करेगा, जो आने वाले समय में भारत को वैश्विक नवाचार और अनुसंधान के मानचित्र पर शीर्ष स्थान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।

Official Sources:

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