Published on July 22, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
भारत के होनहार छात्र वैज्ञानिकों ने वैश्विक स्तर पर तिरंगे का मान बढ़ाते हुए 37th International Biology Olympiad 2026 India अभियान के तहत एक और शानदार सफलता अर्जित की है। लिथुआनिया के विलनियस (Vilnius, Lithuania) में 12 से 19 जुलाई 2026 तक आयोजित 37वें अंतर्राष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपिक (IBO) में भारतीय दल के सभी चारों छात्रों ने पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है।
इस वर्ष की कठिन वैश्विक प्रतियोगिता में भारतीय दल ने कुल 1 स्वर्ण पदक (Gold Medal) और 3 रजत पदक (Silver Medals) अपने नाम किए हैं। इस वर्ष के IBO में दुनिया भर के 78 देशों के 307 सर्वश्रेष्ठ छात्रों ने भाग लिया, जिसमें भारतीय दल ने अपने उत्कृष्ट ज्ञान और कठिन प्रायोगिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
37th International Biology Olympiad 2026 India: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)
विलनियस में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक प्रतियोगिता और भारत के प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
| महत्वपूर्ण संकेतक | 37th International Biology Olympiad 2026 India के प्रमुख तथ्य व आंकड़े |
|---|---|
| प्रतियोगिता का नाम | 37वां अंतर्राष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपिक (IBO 2026) |
| आयोजन स्थल और तिथि | विलनियस, लिथुआनिया (12 से 19 जुलाई 2026) |
| भारतीय दल का प्रदर्शन | सभी 4 छात्रों ने जीते पदक (1 स्वर्ण और 3 रजत पदक) |
| कुल पदक वितरण (वैश्विक) | टूर्नामेंट में कुल 31 स्वर्ण, 61 रजत और 91 कांस्य पदक दिए गए |
| नोडल राष्ट्रीय एजेंसी | होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE), मुंबई (TIFR का राष्ट्रीय केंद्र) |
| सहयोगी सरकारी विभाग | परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और शिक्षा मंत्रालय (MoE) |
37th International Biology Olympiad 2026 India: विलनियस में भारतीय दल की ऐतिहासिक गूंज
अंतर्राष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपिक (IBO) को प्री-यूनिवर्सिटी स्तर के छात्रों के लिए जीव विज्ञान की सबसे कठिन और अग्रणी बौद्धिक परीक्षा माना जाता है। इस वर्ष आयोजित हुए 37th International Biology Olympiad 2026 India संस्करण में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले सभी चारों छात्रों ने पदक तालिका में अपना स्थान सुरक्षित किया है।
इन पदक विजेताओं की सूची निम्नलिखित है:
- भव्य गुनवाल (Bhavyaa Gunwal): महेंद्रगढ़, हरियाणा (स्वर्ण पदक)
- सौमिल मैती (Soumil Maity): हावड़ा, पश्चिम बंगाल (रजत पदक)
- निशित कलानी (Nishit Kalani): पाली, राजस्थान (रजत पदक)
- अनमोल कुमार (Anmol Kumar): मानसा, पंजाब (रजत पदक)
कठिन प्रायोगिक और कम्प्यूटेशनल परीक्षा प्रणाली
विलनियस विश्वविद्यालय के लाइफ साइंसेज सेंटर द्वारा तैयार की गई इस वर्ष की परीक्षा ने पारंपरिक जीव विज्ञान की सीमाओं को पार करते हुए छात्रों के व्यावहारिक और कम्प्यूटेशनल कौशल का परीक्षण किया। परीक्षा दो मुख्य कठिन भागों में विभाजित थी:
1. प्रायोगिक परीक्षा (Practical Exam)
कुल छह घंटे की इस परीक्षा में चार विशिष्ट डोमेन शामिल थे। इनमें पहला ‘आणविक जीव विज्ञान और जैव रसायन’ था, जिसमें प्लास्मिड्स का रिस्ट्रिक्शन डाइजेशन और एगारोज़ जेल विश्लेषण करना था। दूसरा ‘पशु शरीर क्रिया विज्ञान’ था, जिसमें एस्पिरिन के फार्माकोकाइनेटिक्स का मूल्यांकन एक इन-हाउस मोबाइल ऐप और लाइट बॉक्स कलरीमीटर के माध्यम से किया गया।
तीसरा ‘पशु आकृति विज्ञान और वर्गीकरण’ था, जिसमें कीड़ों के मुख-भागों का सटीक विच्छेदन (Dissection) करना था। अंतिम ‘प्लांट कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी’ था, जिसमें छात्रों को इमेज-जे (ImageJ) सॉफ्टवेयर की मदद से पौधों की जड़ों की लंबाई और उनके ट्रांसक्रिप्टोम का जटिल डिजिटल विश्लेषण करना था।
2. सैद्धांतिक परीक्षा (Theoretical Exam)
छह घंटे की यह परीक्षा दो अलग-अलग सत्रों में आयोजित की गई थी। इसमें कुल 100 अत्यंत कठिन और शोध-आधारित प्रश्न पूछे गए थे। इन प्रश्नों में सरल याद रखने की क्षमता के स्थान पर सेल्युलर बायोलॉजी, जेनेटिक्स, इवोल्यूशन, इकोलॉजी और बायोसिस्टमैटिक्स से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को सुलझाने की क्षमता का परीक्षण किया गया।
भारतीय मार्गदर्शक और राष्ट्रीय संस्थागत ढांचा
इस स्वर्णिम और रजत सफलता के पीछे होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE), मुंबई के वैज्ञानिकों और शिक्षकों के कड़े ओरिएंटेशन और प्री-डिपार्चर प्रशिक्षण शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारतीय दल का नेतृत्व निम्नलिखित वैज्ञानिकों ने किया:
- दल के नेता (Team Leaders): प्रो. रेखा वर्तक (सेवानिवृत्त, HBCSE-TIFR, मुंबई) और डॉ. अनुपमा रोनाड (HBCSE-TIFR)
- वैज्ञानिक पर्यवेक्षक (Scientific Observers): डॉ. रणजीतसिंह देवकर (एम. एस. यूनिवर्सिटी, बड़ौदा) और डॉ. सिद्धेश घाग (UM-DAE सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन बेसिक साइंसेज, मुंबई)
यह भारत की IBO में 26वीं उपस्थिति थी। अब तक के इतिहास में भारत के 104 छात्रों ने भाग लिया है, जिनमें से 17 ने स्वर्ण, 69 ने रजत और 17 ने कांस्य पदक जीते हैं, जो वैश्विक स्तर पर भारत के उत्कृष्ट जीव विज्ञान अनुसंधान ढांचे को प्रदर्शित करता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
लिथुआनिया की धरती पर भारतीय छात्रों का यह उत्कृष्ट प्रदर्शन देश की बुनियादी विज्ञान शिक्षा की मजबूती को दर्शाता है। 37th International Biology Olympiad 2026 India की यह सफलता देश के परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और शिक्षा मंत्रालय (MoE) के निरंतर समर्थन का परिणाम है। यह ऐतिहासिक कीर्तिमान स्कूली स्तर पर हमारे छात्रों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temperament) को मजबूत करेगा, जो आने वाले समय में भारत को वैश्विक नवाचार और चिकित्सा अनुसंधान के मानचित्र पर शीर्ष स्थान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
Official Sources:
- Press Information Bureau (PIB) Delhi (https://pib.gov.in)