16th BRICS Health Ministers Meeting 2026: भारत की अध्यक्षता में संपन्न हुआ 16वां ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्री सम्मेलन, मानसिक कल्याण नेटवर्क की कमान संभालेगा ‘निमहंस’

16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 Chandigarh 16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 Chandigarh

Published on July 23, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in


भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत चंडीगढ़ में 16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 का सफल समापन हुआ। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों, नीति निर्माताओं और चिकित्सा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

चंडीगढ़ में आयोजित इस सम्मेलन की मुख्य विषयवस्तु (Theme) “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) रखी गई थी। यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ (Global South) के देशों के बीच स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करने का एक बड़ा मंच बना।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस 16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 को संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव और श्रीमती अनुप्रिया पटेल भी उपस्थित थीं।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और विभिन्न राज्य स्तरीय प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए 16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 और इसका संयुक्त घोषणापत्र, बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय संबंध (GS Paper II) और वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों (GS Paper III) के तहत एक अत्यंत प्रासंगिक समसामयिक (Current Affairs) विषय है।

Table of Contents

16th BRICS Health Ministers Meeting 2026: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)

चंडीगढ़ में आयोजित इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन और इसके प्रमुख परिणामों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से संक्षेपित किया गया है:

महत्वपूर्ण संकेतक16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 के प्रमुख तथ्य व आंकड़े
शिखर सम्मेलन का नाम16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक (16th BRICS Health Ministers Meeting 2026)
आयोजन स्थल और तिथिचंडीगढ़, भारत (23 जुलाई 2026 को संपन्न)
अध्यक्षताश्री जगत प्रकाश नड्डा (केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, भारत)
मुख्य अंगीकार घोषणापत्र16वां ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र (16th BRICS Health Ministerial Declaration)
मानसिक स्वास्थ्य नोडल केंद्रनिमहंस (NIMHANS, बेंगलुरु, भारत) – मानसिक कल्याण नेटवर्क का समन्वय करेगा
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चरआयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, ई-संजीवनी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर का वैश्विक प्रदर्शन
पारंपरिक चिकित्सा पहलपारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा (TCIM) पर विशेषज्ञ कार्य समूह का गठन

16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणा और प्रमुख निर्णय

इस सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों ने सर्वसम्मति से ’16वें ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र’ को अपनाया। इस दस्तावेज के तहत भविष्य के सहयोग के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं:

1. मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क की कमान ‘निमहंस’ को

भारत की ऐतिहासिक पहल पर ‘ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन मेंटल वेलनेस’ (BRICS Network of Centres of Excellence on Mental Wellness) की स्थापना की गई है।

भारत के प्रसिद्ध संस्थान निमहंस (NIMHANS, बेंगलुरु) को इस पूरे अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क के समन्वय (Coordinate) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह संस्थान सदस्य देशों में मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान और उपचार के अंतर को कम करने के लिए कड़े वैज्ञानिक रोडमैप तैयार करेगा।

2. टीबी (TB) रिसर्च नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ब्रिक्स देश सामूहिक रूप से दुनिया के लगभग आधे तपेदिक (Tuberculosis) के बोझ के लिए जिम्मेदार हैं।

16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 के दौरान ‘ब्रिक्स टीबी रिसर्च नेटवर्क’ को और अधिक मजबूत बनाने पर सहमति बनी। इससे सस्ती टीबी दवाओं, टीकों और नए डायग्नोस्टिक्स के विकास में तेजी आएगी।

3. भविष्य की महामारियों के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम

भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों और संक्रामक रोगों से निपटने के लिए एक विशेष उप-कार्य समूह (Sub-Working Group) के गठन को मंजूरी दी गई है।

यह समूह ‘ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ (Integrated Early Warning System) के तहत सदस्य देशों के बीच संक्रामक रोगों की वास्तविक समय में निगरानी और खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित करेगा।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और आयुष्मान भारत

केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने सम्मेलन के दौरान भारत के सफल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) मॉडल को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया:

  • ई-संजीवनी (E-Sanjeevani): भारत की प्रसिद्ध टेलीमेडिसिन प्रणाली, जिसने सुदूर ग्रामीण अंचलों तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह को पूरी तरह सुलभ बना दिया है।
  • आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM): इसके तहत देश के नागरिकों के डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एकीकृत किया जा रहा है।
  • डिजिटल क्रेडेंशियल कम्पेन्डियम: बैठक के दौरान ‘ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ आर्किटेक्चर कम्पेन्डियम’ जारी किया गया, जो दूरदराज के क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा पहुँचाने का एक बड़ा वैश्विक ज्ञान संसाधन बनेगा।

पारंपरिक चिकित्सा (TCIM) और स्वस्थ जीवन शैली मिशन

गैर-संचारी रोगों (NCDs) और आधुनिक जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों को रोकने के लिए इस बैठक में दो अभूतपूर्व पहलों की घोषणा की गई:

  • ब्रिक्स एक्सपर्ट वर्किंग ग्रुप ऑन टीसीआईएम (TCIM): आयुष मंत्रालय के सहयोग से ‘पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा’ (Traditional, Complementary and Integrative Medicine) के लिए एक विशेषज्ञ कार्य समूह का गठन किया गया है।
  • ब्रिक्स मिशन फॉर हेल्दी लाइफस्टाइल: इसके तहत वर्ष 2026-2029 के लिए एक रोडमैप अपनाया गया है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों में मोटे अनाजों (Millets) जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों के उपयोग और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अनुभाग (Exam Relevance Section)

यूपीएससी (UPSC) और राज्य स्तरीय मुख्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सामान्य अध्ययन के पेपर-2 (अंतर्राष्ट्रीय संगठन – BRICS, और लोक स्वास्थ्य नीतियां) के दृष्टिकोण से यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है।

UPSC Prelims Fact Box: 16th BRICS Health Ministers Meeting 2026

  • ब्रिक्स (BRICS): यह पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं—ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह है। हाल ही में इसके विस्तार के बाद इसमें नए देश (जैसे मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई) भी शामिल हो चुके हैं।
  • NIMHANS: राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु। यह स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय महत्व का एक स्वायत्त संस्थान (Autonomous Institute of National Importance) है।
  • वसुधैव कुटुंबकम: “विश्व एक परिवार है” – इसी प्राचीन भारतीय विचार के तहत भारत ने इस शिखर सम्मेलन की अगुवाई की है।

UPSC Mains Analysis (GS Paper II: अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं लोक नीति)

प्रश्न: “वैश्विक स्तर पर फैली स्वास्थ्य असमानताओं और महामारियों के खतरों के बीच, ब्रिक्स (BRICS) संगठन ग्लोबल साउथ (Global South) की स्वास्थ्य संप्रभुता और लचीली चिकित्सा प्रणालियों के निर्माण का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है।” हाल ही में संपन्न हुई 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के आलोक में इस कथन का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर की रूपरेखा:

  • प्रस्तावना: चंडीगढ़ में भारत की अध्यक्षता के तहत आयोजित 16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 और ’16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणा’ के महत्व से उत्तर प्रारंभ करें।
  • ग्लोबल साउथ के लिए ब्रिक्स का महत्व: ब्रिक्स देश दुनिया की लगभग 42% आबादी और वैश्विक जीडीपी के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह समूह पश्चिमी देशों के पेटेंट एकाधिकार को चुनौती देकर सस्ती दवाओं और टीकों के समान वितरण की वकालत करता है।
  • रणनीतिक और व्यावहारिक पहलें:
    • टीबी उन्मूलन और अनुसंधान: वैश्विक टीबी बोझ के आधे हिस्से वाले ब्रिक्स देशों के बीच टीबी रिसर्च नेटवर्क को मजबूत करना।
    • मानसिक स्वास्थ्य कूटनीति: निमहंस (NIMHANS) के नेतृत्व में मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान और उपचार प्रणालियों का एकीकरण करना।
    • डिजिटल कूटनीति (DPI): भारत के यूपीआई, ई-संजीवनी और आयुष्मान भारत जैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का वैश्विक स्तर पर विस्तार करना।
  • चुनौतियां: सदस्य देशों के बीच अलग-अलग औषधीय विनियामक मानक (Regulatory Gaps); नए देशों के जुड़ने से प्रशासनिक और नीतिगत आम सहमति बनाने की जटिलताएं; और चीन के साथ कूटनीतिक सीमा विवादों के बीच कड़े स्वास्थ्य सहयोग को बनाए रखना।
  • निष्कर्ष: यह सारांश प्रस्तुत करें कि ‘सेमीकॉन 2.0’ और ‘लकाडोंग हल्दी मिशन’ की तरह ही, स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की यह कूटनीति यह सिद्ध करती है कि भारत वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा का एक जिम्मेदार मार्गदर्शक (Net Health Provider) बनने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।

संबद्ध स्टेटिक जीके (Static GK Connection)

ब्रिक्स और भारत के प्रमुख डिजिटल स्वास्थ्य अभियानों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण स्टेटिक तथ्य जो परीक्षाओं में पूछे जाते हैं:

  1. ब्रिक्स का इतिहास: वर्ष 2001 में गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील (Jim O’Neill) द्वारा ‘BRIC’ शब्द गढ़ा गया था। पहला शिखर सम्मेलन वर्ष 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित किया गया था। वर्ष 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद यह ‘BRICS’ बन गया।
  2. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM): इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा 27 सितंबर 2021 को की गई थी। इसका उद्देश्य देश के नागरिकों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य आईडी (ABHA Card) बनाना और उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स का सुरक्षित कम्प्यूटरीकरण करना है।
  3. राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (NMHP): भारत सरकार द्वारा वर्ष 1982 में देश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मानसिक रोगों के सामाजिक कलंक (Stigma) को दूर करने के उद्देश्य से शुरू किया गया एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम।

एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)

त्वरित परीक्षा उपयोगी पुनरीक्षण के लिए 16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:

  • Historic Summit: भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (2026) के तहत 16वां स्वास्थ्य मंत्री सम्मेलन चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
  • NIMHANS Node: बेंगलुरु स्थित ‘निमहंस’ संस्थान नवनिर्मित ‘ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन मेंटल वेलनेस’ के नोडल समन्वय केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
  • Health Declaration: सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से ’16वें ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र’ को मंजूरी प्रदान की।
  • Early Warning System: महामारियों की पूर्व सूचना और त्वरित कार्रवाई के लिए ‘ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ के उप-कार्य समूह को मंजूरी दी गई।
  • AYUSH & TCIM: पारंपरिक और पूरक चिकित्सा प्रणालियों के संवर्धन के लिए आयुष मंत्रालय के तहत एक विशेषज्ञ कार्य समूह का गठन किया गया।

अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस कूटनीतिक और स्वास्थ्य विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में जुलाई 2026 में भारत की अध्यक्षता के तहत ’16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक’ (16th BRICS Health Ministers Meeting 2026) का सफल आयोजन कहाँ किया गया?

(A) नई दिल्ली
(B) चंडीगढ़
(C) बेंगलुरु
(D) मुंबई

उत्तर: (B) चंडीगढ़
व्याख्या: भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत 16वें ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक का सफल आयोजन चंडीगढ़ में किया गया, जिसके परिणाम 23 जुलाई 2026 को घोषित किए गए।

प्रश्न 2: ’16th BRICS Health Ministers Meeting 2026′ के दौरान मंजूर किए गए ‘ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन मेंटल वेलनेस’ के समन्वय के लिए भारत के किस प्रतिष्ठित संस्थान को नोडल एजेंसी नामित किया गया है?

(A) एम्स (AIIMS), नई दिल्ली
(B) पीजीआईएमईआर (PGIMER), चंडीगढ़
(C) निमहंस (NIMHANS), बेंगलुरु
(D) टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई

उत्तर: (C) निमहंस (NIMHANS), बेंगलुरु
व्याख्या: मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कड़े अनुसंधान और उपचार के लिए स्थापित इस ब्रिक्स नेटवर्क के नोडल समन्वय केंद्र के रूप में भारत के राष्ट्रीय महत्व के संस्थान ‘निमहंस’ (NIMHANS) को चुना गया है।

प्रश्न 3: वैश्विक स्तर पर तपेदिक (Tuberculosis) के कुल बोझ का लगभग कितने प्रतिशत हिस्सा सामूहिक रूप से ब्रिक्स (BRICS) देशों के अंतर्गत आता है, जिसके लिए विशेष टीबी रिसर्च नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है?

(A) लगभग 10%
(B) लगभग 25%
(C) लगभग 50%
(D) लगभग 80%

उत्तर: (C) लगभग 50%
व्याख्या: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, वैश्विक तपेदिक बोझ का लगभग आधा (Nearly Half) हिस्सा ब्रिक्स देशों में है, जिसके कारण ‘ब्रिक्स टीबी रिसर्च नेटवर्क’ को मजबूत करना वैश्विक टीबी उन्मूलन के लिए अनिवार्य है।

प्रश्न 4: पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैज्ञानिक आधार प्रदान करने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच किस नए विशेषज्ञ कार्य समूह के गठन को मंजूरी दी गई है?

(A) ब्रिक्स पारंपरिक और पूरक चिकित्सा समूह (TCIM)
(B) वैश्विक योग संवर्धन समिति
(C) ब्रिक्स प्राकृतिक जड़ी-बूटी अनुसंधान बोर्ड
(D) आयुष डिजिटल नेटवर्क

उत्तर: (A) ब्रिक्स पारंपरिक और पूरक चिकित्सा समूह (TCIM)
व्याख्या: आयुष मंत्रालय के सहयोग से ‘पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा’ (Traditional, Complementary and Integrative Medicine) के लिए एक विशेषज्ञ कार्य समूह के गठन को मंजूरी दी गई है।

प्रश्न 5: वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई उस ऐतिहासिक डिजिटल स्वास्थ्य पहल का क्या नाम है, जिसके तहत प्रत्येक नागरिक के लिए ‘आभा कार्ड’ (ABHA Card) का निर्माण किया जा रहा है?

(A) डिजिटल इंडिया आरोग्य मिशन
(B) आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)
(C) राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन नेटवर्क
(D) ई-संजीवनी योजना

उत्तर: (B) आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)
व्याख्या: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की शुरुआत 27 सितंबर 2021 को की गई थी, जिसका डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) मॉडल इस ब्रिक्स बैठक में वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया गया।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. 16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 का आयोजन कहाँ और कब किया गया?

16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 का सफल आयोजन 21 से 23 जुलाई 2026 के बीच भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत चंडीगढ़ में किया गया। इसमें सभी ब्रिक्स सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

Q2. इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण संस्थागत परिणाम क्या रहा है?

सबसे महत्वपूर्ण संस्थागत परिणाम ‘ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन मेंटल वेलनेस’ की स्थापना और ’16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणा’ को सर्वसम्मति से अपनाना रहा। इसके तहत भारत के ‘निमहंस’ (NIMHANS) संस्थान को मानसिक कल्याण नेटवर्क के समन्वय की कमान सौंपी गई है।

Q3. भविष्य की महामारियों को रोकने के लिए बैठक में क्या विशेष समझौता हुआ?

सदस्य देशों ने संक्रामक रोगों की पूर्व चेतावनी और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए ‘ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ (Integrated Early Warning System) के तहत एक विशेष उप-कार्य समूह (Sub-Working Group) के गठन को मंजूरी दी है, जो महामारियों की जानकारी साझा करेगा।

Q4. डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत ने ब्रिक्स देशों के साथ क्या साझा किया?

भारत ने अपने सफल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) जैसे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के अनुभवों को साझा किया। साथ ही, ‘ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ आर्किटेक्चर कम्पेन्डियम’ जारी किया गया।

Q5. ‘ब्रिक्स मिशन फॉर हेल्दी लाइफस्टाइल’ क्या है?

यह गैर-संचारी और जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों को रोकने के लिए शुरू किया गया एक संयुक्त ब्रिक्स मिशन है। इसके तहत वर्ष 2026-2029 के लिए एक रोडमैप अपनाया गया है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक पौष्टिक खाद्य संस्कृतियों (जैसे मोटे अनाजों/Millets) और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।


निष्कर्ष (Conclusion)

चंडीगढ़ में भारत की अध्यक्षता के तहत संपन्न हुई यह बैठक 16th BRICS Health Ministers Meeting 2026 वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति में भारत के नेतृत्व और ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की मजबूत आवाज को प्रदर्शित करती है। ’16वें ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र’ को सर्वसम्मति से अपनाना और भविष्य के सहयोग के लिए कड़े संस्थागत ढांचों का निर्माण करना सुसुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘निमहंस’ (NIMHANS) को नोडल समन्वय केंद्र बनाना, ‘ब्रिक्स टीबी रिसर्च नेटवर्क’ का सुदृढ़ीकरण, और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों (TCIM) के लिए आयुष मंत्रालय के तहत विशेषज्ञ कार्य समूह का गठन भारत के चिकित्सा विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान की वैश्विक साख को अजेय बनाता है। आयुष्मान भारत जैसी हमारी अपनी डिजिटल स्वास्थ्य पहलों को ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (DPI) के रूप में वैश्विक स्तर पर विस्तारित करने के प्रयास आने वाले समय में विकासशील देशों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेंगे। यह वैश्विक कूटनीतिक समन्वय अंततः ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (Vasudhaiva Kutumbakam) के हमारे महान सांस्कृतिक विज़न को साकार करते हुए संपूर्ण मानवता के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और सतत भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।

Official References

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *