रायपुर, 12 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक अनूठी पहल तेजी से आकार ले रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित Project Anubhav Raipur के तहत शुक्रवार को नेतृत्व साधना केंद्र, फुंडहर में 19 अभ्यर्थियों का निःशुल्क मॉक इंटरव्यू आयोजित किया गया। सेवानिवृत्त IAS अधिकारी श्री संजय अलंग सहित 14 विशेषज्ञों के पैनल ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया और व्यक्तित्व, संवाद शैली, विषयगत ज्ञान और प्रशासनिक दृष्टिकोण का आकलन कर व्यक्तिगत फीडबैक दिया।
Project Anubhav Raipur की खासियत यह है कि यह पूरी तरह निःशुल्क है और इसमें प्रशासनिक सेवा के अनुभवी सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ पैनल सदस्य के रूप में शामिल होते हैं। मॉक इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों से प्रशासन, छत्तीसगढ़, समसामयिक विषयों, शैक्षणिक-व्यक्तिगत अनुभवों और प्रशासनिक परिस्थितियों से जुड़े प्रश्न पूछे गए। इंटरव्यू के बाद प्रत्येक अभ्यर्थी को उनकी प्रस्तुति, उत्तर देने के तरीके और व्यक्तित्व से जुड़े पहलुओं पर व्यक्तिगत सुझाव दिए गए।
यह पहल उन अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो लिखित परीक्षा पास करने के बाद साक्षात्कार (Interview) की तैयारी कर रहे हैं। अक्सर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को अनुभवी पैनल के सामने मॉक इंटरव्यू का अवसर नहीं मिल पाता। Project Anubhav Raipur इस अंतर को पाट रहा है।
| प्रोजेक्ट अनुभव: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| पहल का नाम | प्रोजेक्ट अनुभव (Project Anubhav) |
| संचालक | जिला प्रशासन रायपुर |
| निर्देश / मार्गदर्शन | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय (निर्देश) / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह (मार्गदर्शन) |
| आयोजन स्थल | नेतृत्व साधना केंद्र, फुंडहर, रायपुर |
| मॉक इंटरव्यू में अभ्यर्थी | 19 |
| शुल्क | निःशुल्क (बिल्कुल मुफ्त) |
| पैनल सदस्य (कुल) | 14 विशेषज्ञ |
| प्रमुख पैनल सदस्य | सेवानिवृत्त IAS श्री संजय अलंग |
14 विशेषज्ञों का पैनल: सेवानिवृत्त IAS से लेकर प्रोफेसर तक
Project Anubhav Raipur के मॉक इंटरव्यू में विविध पृष्ठभूमि के 14 विशेषज्ञों ने पैनल सदस्य के रूप में भाग लिया। इनमें शामिल हैं:
- सेवानिवृत्त IAS अधिकारी: श्री संजय अलंग
- IAS एवं सीईओ जिला पंचायत: श्री कुमार विश्वरंजन
- संचालक खेल एवं युवा कल्याण: सुश्री आकांक्षा सिंह
- अपर कलेक्टर: श्री कीर्तिमान सिंह राठौर
- संयुक्त कलेक्टर: श्री के.एम. अग्रवाल
- सेवानिवृत्त एडीएम: श्री एस.एल. नायक
- लेखक एवं सेवानिवृत्त एडीएम: श्री संजीव बक्शी
- सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक: श्री राहुल सिंह
- श्री भुवाल सिंह
- प्रोफेसर: श्री बृज किशोर प्रसाद
- उप संचालक वित्त: श्री बी.के. नायक
- सीटीओ: श्री आभाष सिंह ठाकुर
- जीएम डीआईसी: श्री अमय त्रिपाठी
- डिप्टी कलेक्टर: श्री स्वप्निल वर्मा
इस विविध पैनल का उद्देश्य अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार जैसा अनुभव देना है, जहां विभिन्न पृष्ठभूमि के अधिकारी और विशेषज्ञ अलग-अलग दृष्टिकोण से प्रश्न पूछते हैं।
क्या-क्या आकलन किया गया?
Project Anubhav Raipur के मॉक इंटरव्यू में विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों के निम्नलिखित पहलुओं का आकलन किया:
- व्यक्तित्व क्षमता (Personality): आत्मविश्वास, शारीरिक भाषा, उपस्थिति
- संवाद शैली (Communication): स्पष्टता, प्रभावशीलता, भाषा पर पकड़
- विषयगत ज्ञान (Subject Knowledge): शैक्षणिक विषयों की समझ
- समसामयिक घटनाओं की समझ (Current Affairs): राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों की जानकारी
- प्रशासनिक दृष्टिकोण (Administrative Aptitude): समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता
- व्यक्तिगत अनुभव: शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत पृष्ठभूमि से जुड़े प्रश्न
- प्रशासनिक परिस्थितियां: काल्पनिक प्रशासनिक स्थितियों से निपटने का तरीका
साक्षात्कार के बाद प्रत्येक अभ्यर्थी को उनकी कमियों और बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक सुधारों के संबंध में व्यक्तिगत फीडबैक भी दिया गया।
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UPSC/CGPSC Static Facts: प्रशासनिक सेवा साक्षात्कार, CGPSC प्रक्रिया और Personality Test
प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC Prelims & Mains, UPSC GS) के छात्रों के लिए प्रासंगिक बुनियादी (Static) जानकारी:
- CGPSC राज्य सेवा परीक्षा: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित। तीन चरण— Prelims (वस्तुनिष्ठ), Mains (वर्णनात्मक) और Interview/Personality Test। सफल अभ्यर्थियों को राज्य प्रशासनिक सेवा (Dy. Collector, DSP, BDO आदि) में नियुक्ति मिलती है।
- UPSC साक्षात्कार (Personality Test): संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित CSE के अंतिम चरण में 275 अंकों का Personality Test होता है। यह अभ्यर्थी की व्यक्तित्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता, संवाद कौशल और प्रशासनिक दृष्टिकोण का मूल्यांकन करता है।
- मॉक इंटरव्यू का महत्व: अनेक सफल प्रशासनिक अधिकारी मॉक इंटरव्यू को तैयारी का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हैं। यह अभ्यर्थी को वास्तविक दबाव की स्थिति में अभ्यास करने और अपनी कमजोरियों को पहचानने का अवसर देता है।
- साक्षात्कार में पूछे जाने वाले प्रमुख क्षेत्र: शैक्षणिक पृष्ठभूमि, समसामयिक घटनाक्रम, छत्तीसगढ़/भारत की समस्याएं, प्रशासनिक परिस्थितियां (Situational questions), शौक और रुचियां, नैतिकता (Ethics) और वैकल्पिक विषय से जुड़े प्रश्न।
- नेतृत्व साधना केंद्र: जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित प्रशिक्षण केंद्र, जहां प्रशासनिक अधिकारियों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
- जिला प्रशासन की शैक्षणिक पहल: NEP 2020 और राज्य सरकार की नीतियों के अनुरूप जिला प्रशासन स्तर पर प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देने की पहल एक ‘Decentralized Governance’ का उदाहरण है, जहां जिला स्तर पर ही क्षमता निर्माण (Capacity Building) किया जा रहा है।
विश्लेषण: ‘प्रोजेक्ट अनुभव’— प्रशासनिक साक्षात्कार तैयारी में ‘Democratic Access’
(CGPSC Mains Analysis – Governance & Human Resource Development)
1. ग्रामीण-दूरस्थ अभ्यर्थियों के लिए ‘समान अवसर’ का मॉडल: प्रशासनिक सेवा की तैयारी में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है— अनुभवी पैनल के सामने मॉक इंटरव्यू का अभाव। दिल्ली या बड़े शहरों में यह सुविधा महंगी कोचिंग संस्थानों तक सीमित रहती है। Project Anubhav Raipur इसे जिला प्रशासन स्तर पर निःशुल्क उपलब्ध कराकर ‘Democratic Access’ सुनिश्चित कर रहा है।
2. ‘कैडर रूट’ से तैयारी— प्रशासनिक अधिकारी ही प्रशिक्षक: जब सेवारत IAS, सेवानिवृत्त IAS, डिप्टी कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी स्वयं अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लेते हैं, तो अभ्यर्थियों को वास्तविक प्रशासनिक दृष्टिकोण (Real administrative perspective) समझने को मिलता है। यह किसी भी कोचिंग संस्थान की तुलना में अधिक प्रामाणिक अनुभव है।
3. ‘पर्सनैलिटी डेवलपमेंट’— केवल परीक्षा नहीं, जीवन कौशल: मॉक इंटरव्यू में आत्मविश्वास, संवाद शैली, व्यक्तित्व क्षमता और निर्णय लेने का आकलन— ये सभी कौशल न केवल साक्षात्कार में, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी हैं। यह पहल ‘पर्सनैलिटी डेवलपमेंट’ को प्रतियोगी परीक्षा से आगे ले जाकर एक ‘लाइफ स्किल’ के रूप में स्थापित करती है।
4. कलेक्टर-नेतृत्व में शैक्षणिक पहल— ‘Proactive Governance’: कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह पहल यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन केवल कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव संसाधन विकास (Human Resource Development) में भी सक्रिय भूमिका निभा सकता है। यह ‘Proactive Governance’ का एक सफल उदाहरण है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. प्रोजेक्ट अनुभव क्या है और इसका संचालन कौन करता है?
प्रोजेक्ट अनुभव (Project Anubhav) जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित एक निःशुल्क पहल है, जिसमें प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अनुभवी अधिकारियों और विशेषज्ञों के पैनल के सामने मॉक इंटरव्यू का अवसर दिया जाता है। यह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में संचालित है।
Q2. प्रोजेक्ट अनुभव के मॉक इंटरव्यू में कितने अभ्यर्थियों ने भाग लिया और पैनल में कौन थे?
12 सितंबर 2026 को नेतृत्व साधना केंद्र, फुंडहर में 19 अभ्यर्थियों का निःशुल्क मॉक इंटरव्यू आयोजित किया गया। 14 विशेषज्ञों के पैनल में सेवानिवृत्त IAS श्री संजय अलंग, IAS श्री कुमार विश्वरंजन, सुश्री आकांक्षा सिंह, श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, श्री के.एम. अग्रवाल, श्री एस.एल. नायक, श्री संजीव बक्शी, श्री राहुल सिंह, श्री भुवाल सिंह, प्रो. बृज किशोर प्रसाद, श्री बी.के. नायक, श्री आभाष सिंह ठाकुर, श्री अमय त्रिपाठी और श्री स्वप्निल वर्मा शामिल थे।
Q3. मॉक इंटरव्यू में अभ्यर्थियों का किन-किन पहलुओं पर आकलन किया गया?
विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों की व्यक्तित्व क्षमता, आत्मविश्वास, संवाद शैली, विषयगत ज्ञान, समसामयिक घटनाओं की समझ और प्रशासनिक दृष्टिकोण का आकलन किया। प्रश्न प्रशासन, छत्तीसगढ़, समसामयिक विषयों, शैक्षणिक-व्यक्तिगत अनुभवों और प्रशासनिक परिस्थितियों से जुड़े थे। बाद में प्रत्येक अभ्यर्थी को व्यक्तिगत फीडबैक भी दिया गया।
Q4. प्रोजेक्ट अनुभव का मॉक इंटरव्यू कहां आयोजित किया गया?
मॉक इंटरव्यू नेतृत्व साधना केंद्र, फुंडहर, रायपुर में आयोजित किया गया। यह जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित प्रशिक्षण केंद्र है।
स्रोत (Source)
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) / छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग, रायपुर— 12 सितंबर 2026।
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