KVK Skill Training CG: खेती को ‘स्टार्टअप’ बनाएंगे ग्रामीण युवा, प्रदेश के 27 जिलों में शुरू हुआ कृषि कौशल प्रशिक्षण का महाभियान

KVK Skill Training CG KVK Skill Training CG

रायपुर, 11 सितंबर 2026: खेती अब केवल गुजर-बसर का साधन नहीं, बल्कि युवाओं के लिए एक मुनाफे वाला ‘स्टार्टअप’ (Startup) बनने जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘कौशल भारत, आत्मनिर्भर भारत एवं कौशल आधारित रोजगार’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए छत्तीसगढ़ में एक बड़ी शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम की प्रेरणा से, प्रदेश के ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और किसानों को सीधे कृषि-उद्यमिता (Agri-entrepreneurship) से जोड़ने के लिए KVK Skill Training CG का शंखनाद किया गया है।

राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) द्वारा प्रदेश के 27 जिलों के कृषि विज्ञान केन्द्रों (KVKs) के माध्यम से यह कौशल विकास प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का पहला कदम है— ऐसे ‘मास्टर ट्रेनर्स’ तैयार करना जो गांवों में जाकर युवाओं को मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और जैविक खेती जैसी आधुनिक विधाओं में पारंगत कर सकें।

इस पूरी पहल का मूल उद्देश्य कृषि विज्ञान केंद्रों की तकनीकी विशेषज्ञता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ना है, ताकि खेती से आय सृजन (Income Generation) हो सके और युवा रोजगार मांगने वाले (Job-seeker) के बजाय रोजगार देने वाले (Job-creator) बन सकें।

कृषि कौशल प्रशिक्षण: मुख्य तथ्य (Quick Facts)विवरण
अभियान का नामKVK Skill Training CG (प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण)
आयोजक संस्थानिदेशालय विस्तार सेवाएं, IGKV (रायपुर)
सहयोगी संस्थाकृषि कौशल परिषद, भारत (ASCI)
कवरेज (Coverage)प्रदेश के 27 जिलों के कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs)
संबद्ध योजनामुख्यमंत्री कौशल विकास योजना (MMKVY)

प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (ToT) और 2 बैचों के सटीक आंकड़े

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के मुख्य आतिथ्य और निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा की अध्यक्षता में 08 से 12 सितम्बर 2026 तक दो बैचों में ‘प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम’ (Training of Trainers – ToT) आयोजित किया जा रहा है।

  • प्रथम बैच (8-10 सितम्बर): इसमें 41 प्रतिभागियों ने भाग लिया। दो दिन का गहन प्रशिक्षण हुआ और तीसरे दिन मूल्यांकन (Assessment), परीक्षा एवं मौखिक परीक्षा (Viva) आयोजित की गई।
  • द्वितीय बैच (10-12 सितम्बर): यह बैच 42 प्रतिभागियों के साथ प्रारंभ हुआ है।

इन दोनों बैचों के माध्यम से विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सभी 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।

प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम (Curriculum) और 11 रोजगार भूमिकाएं

इस KVK Skill Training CG के तहत प्रतिभागियों को कई तकनीकी विषयों में पारंगत किया जा रहा है, जैसे— कौशल पारिस्थितिकी तंत्र (Skill Ecosystem), योग्यता पैक-राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (QP-NOS), प्रशिक्षक दक्षता, वयस्क अधिगम (Adult Learning), प्रशिक्षण प्रदान करने की प्रक्रिया एवं मूल्यांकन

स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप 11 प्रमुख रोजगारपरक क्षेत्रों (Job Roles) के लिए मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जा रहे हैं:

  1. मशरूम उत्पादक
  2. जैविक फसल उत्पादक
  3. गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादक
  4. सब्जी उत्पादक
  5. मधुमक्खी पालक
  6. वर्मी कम्पोस्ट उत्पादक
  7. नर्सरी तैयारकर्ता
  8. कृषि मशीनरी प्रदर्शनकर्ता
  9. सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) तकनीशियन
  10. मत्स्य पालन
  11. मुर्गी पालन

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और अन्य प्रमुख गतिविधियां

इस KVK Skill Training CG का मुख्य उद्देश्य 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में ‘कृषि कौशल परिषद, भारत’ द्वारा प्रमाणित मास्टर प्रशिक्षकों का एक सक्षम समूह बनाना है। ये प्रशिक्षक ‘मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना’ (MMKVY) के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।

कार्यक्रम के दौरान श्री आशुतोष पाटिल (कृषि कौशल परिषद, भारत) ने प्रमाणन के महत्व पर विचार रखे। इसके अलावा दो महत्वपूर्ण गतिविधियां संपन्न हुईं:

  • निदेशालय विस्तार सेवाएं द्वारा ‘प्रकाशन परिक्रामी निधि’ (Publication Revolving Fund) से अर्जित लाभांश राशि का चेक विश्वविद्यालय को प्रदान किया गया।
  • कुलपति महोदय द्वारा कृषकों के लिए उपयोगी पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ खेती’ के नवीन अंक का विमोचन किया गया।

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UPSC/CGPSC Static Facts: KVK और QP-NOS क्या है?

चूंकि राज्य सरकार KVK Skill Training CG के जरिए कृषि क्षेत्र में कौशल विकास कर रही है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC Paper-5 Agriculture / UPSC GS-3) के छात्रों के लिए ये बुनियादी (Static) तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

  • कृषि विज्ञान केंद्र (KVK): यह कृषि विज्ञान केंद्र (Farm Science Centre) भारत में कृषि विस्तार (Agricultural Extension) का मुख्य केंद्र है। पहला KVK 1974 में पुडुचेरी में स्थापित किया गया था। ये केंद्र 100% भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा वित्तपोषित होते हैं और जिले की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं।
  • कृषि कौशल परिषद, भारत (ASCI – Agriculture Skill Council of India): यह कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) के अधीन काम करने वाली संस्था है, जो कृषि क्षेत्र में कौशल को मानकीकृत (Standardize) करती है।
  • QP-NOS क्या है?: ‘Qualification Pack – National Occupational Standards’ एक कौशल मापदंड है। इसका मतलब है कि यदि कोई व्यक्ति ‘मधुमक्खी पालक’ बनता है, तो उसे राष्ट्रीय स्तर पर तय किए गए किन मानकों (NOS) को पूरा करना होगा, इसका निर्धारण QP-NOS करता है।

विश्लेषण: कृषि-उद्यमिता से रुकेगा ‘संकटग्रस्त पलायन’ (Distress Migration)

(CGPSC Mains Analysis – Rural Economy & Employment)

1. कृषि में ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ (Demographic Dividend): ग्रामीण युवा अक्सर पारंपरिक खेती (केवल धान उगाना) को घाटे का सौदा मानकर शहरों में मजदूरी करने चले जाते हैं। जब KVK Skill Training CG के जरिए युवाओं को ‘कृषि मशीनरी प्रदर्शनकर्ता’ या ‘सूक्ष्म सिंचाई तकनीशियन’ जैसी आधुनिक स्किल्स मिलेंगी, तो वे गांव में ही एग्री-क्लीनिक या अपना ‘स्टार्टअप’ खोल सकेंगे। इससे कृषि क्षेत्र में युवाओं की वापसी होगी।

2. स्थानीय संसाधनों का मूल्य संवर्धन (Value Addition): मशरूम उत्पादन और वर्मी कम्पोस्ट जैसे व्यवसाय कम लागत (Low investment) में ज्यादा मुनाफा देते हैं। यह ग्रामीण महिलाओं और स्व-सहायता समूहों (SHGs) के लिए ‘लोकल-टू-ग्लोबल’ अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत मॉडल है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. KVK Skill Training CG के तहत कितने जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रशिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई?

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) रायपुर द्वारा इस अभियान के तहत प्रदेश के 27 जिलों के कृषि विज्ञान केन्द्रों (KVKs) के मास्टर प्रशिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई है।

Q2. यह प्रशिक्षण किन प्रमुख रोजगार भूमिकाओं (Job Roles) के लिए दिया जा रहा है?

प्रशिक्षण में 11 प्रमुख भूमिकाओं पर फोकस है, जिनमें मशरूम उत्पादक, जैविक फसल उत्पादक, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादक, मधुमक्खी पालक, सूक्ष्म सिंचाई तकनीशियन और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादक शामिल हैं।

Q3. इस कार्यक्रम में किस कृषि पत्रिका का विमोचन किया गया?

कार्यक्रम के दौरान IGKV के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल द्वारा कृषकों के लिए उपयोगी पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ खेती’ के नवीन अंक का विमोचन किया गया।

स्रोत (Source)

छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 11 सितंबर 2026, रायपुर।

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