Published on July 21, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
भारत के डिजिटल सशक्तिकरण और बहुभाषी सुशासन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हाल ही में Digital India BHASHINI Division Goa Workshop का सफल आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला गोवा की राजधानी पणजी में संपन्न हुई। इसका आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन द्वारा किया गया था।
इस ऐतिहासिक प्रयास में गोवा सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस कार्यशाला का मुख्य ध्यान सुशासन में स्थानीय भाषाओं के समावेशन पर था।
विशेष रूप से गोवा की राजभाषा कोंकणी को एआई-संचालित डिजिटल सेवाओं से जोड़ने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसके माध्यम से भाषा-प्रथम डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रोहन ए. खौंटे ने इस कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में देश भर के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और आईटी विशेषज्ञ भी शामिल हुए।
अभ्यर्थियों के लिए Digital India BHASHINI Division Goa Workshop परियोजना, राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन और समावेशी डिजिटल नीतियों (GS Paper II & III) के तहत एक अत्यंत प्रासंगिक समसामयिक विषय है।
Digital India BHASHINI Division Goa Workshop: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)
इस महत्वपूर्ण डिजिटल आयोजन के मुख्य पहलुओं को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से संक्षेपित किया गया है:
| महत्वपूर्ण आयाम | Digital India BHASHINI Division Goa Workshop के प्रमुख तथ्य |
|---|---|
| कार्यशाला का नाम | भाषिणी राज्यम: राज्य सहभागिता कार्यशाला (BHASHINI Rajyam) |
| मुख्य आयोजक | डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) और गोवा सरकार |
| मुख्य फोकस भाषा | कोंकणी (Konkani) – गोवा की राजभाषा (Official Language) |
| आयोजन स्थल और तिथि | पणजी, गोवा (21 जुलाई 2026) |
| मुख्य अतिथि | डॉ. प्रमोद सावंत (मुख्यमंत्री, गोवा) और श्री रोहन ए. खौंटे (आईटी मंत्री, गोवा) |
| प्रशासनिक प्रमुख | श्री अमिताभ नाग (सीईओ, डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन) |
| भाषिणी की वर्तमान क्षमता | 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटें समर्थित; प्रतिदिन 20+ मिलियन एआई इन्फरेंस निष्पादित |
| भाषा समर्थन क्षमता | 36 भारतीय लिखित भाषाएं, 23 भारतीय मौखिक भाषाएं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं |
Why in News?: चर्चा में क्यों है?
भारत में डिजिटल सेवाओं का विस्तार बहुत तेजी से हुआ है। लेकिन गैर-अंग्रेजी भाषी आबादी के लिए भाषा की बाधा आज भी एक बड़ा डिजिटल विभाजन पैदा करती है।
गोवा जैसे राज्य में कोंकणी भाषा का सुशासन में पूर्ण समावेशन अनिवार्य है। इसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए Digital India BHASHINI Division Goa Workshop का आयोजन किया गया था।
यह कार्यशाला एक ‘आवाज-प्रथम’ (Voice-first) डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करने की दिशा में बड़ा कदम है। इसके तहत एआई-आधारित तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
इन तकनीकों की मदद से सरकारी पोर्टलों पर उपलब्ध जानकारियों को कोंकणी ऑडियो और टेक्स्ट में तुरंत बदला जा सकेगा। इससे सुदूर कोनों में रहने वाले बुजुर्ग और किसान सीधे लाभान्वित होंगे।
भाषिणी राज्यम (BHASHINI Rajyam) पहल के मुख्य उद्देश्य
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इस अनूठी पहल का उद्देश्य देश के सभी राज्यों के भाषाई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।
इस Digital India BHASHINI Division Goa Workshop के दौरान कई महत्वपूर्ण नीतिगत उद्देश्यों को रेखांकित किया गया। इन उद्देश्यों का विवरण नीचे दिया गया है:
1. भाषा-प्रथम डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का विकास
इसके तहत ‘राष्ट्रीय भाषा प्रौद्योगिकी केंद्र’ (National Hub for Language Technology) की भूमिका को विस्तारित किया जा रहा है।
यह केंद्र राज्य सरकारों को ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ओपन एपीआई प्रदान करता है जिन्हें वे अपनी वेबसाइटों के साथ एकीकृत कर सकते हैं। इससे सरकारी प्रणालियों का आधुनिकीकरण होगा।
2. कोंकणी भाषा पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण
कार्यशाला में कोंकणी के लिए एआई मॉडलों को अधिक सटीक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाले ‘कोंकणी डेटासेट्स’ का होना अनिवार्य है।
गोवा सरकार और स्थानीय अकादमिक संस्थान मिलकर कोंकणी के ऑडियो और टेक्स्ट नमूनों को इकट्ठा करेंगे। इस डेटा का उपयोग भाषिणी के एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए किया जाएगा।
3. ‘वॉयस जर्नी’ (Voice Journey) का सफल प्रदर्शन
इस Digital India BHASHINI Division Goa Workshop के दौरान भाषिणी टीम ने एक गोअन युवा की काल्पनिक ‘वॉयस जर्नी’ का सजीव प्रदर्शन किया।
इसमें दिखाया गया कि कैसे एक नागरिक बिना किसी टाइपिंग के, केवल कोंकणी भाषा में अपनी आवाज के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकता है। यह तकनीक प्रशासनिक सुगमता को बढ़ाएगी।
“भाषिणी राज्यम कार्यशाला एक समावेशी और एआई-संचालित डिजिटल गोवा के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। हमारा लक्ष्य भाषा की बाधाओं को पूरी तरह मिटाना है।”— श्री रोहन ए. खौंटे, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, गोवा सरकार
भाषिणी के प्रमुख डिजिटल उपकरण और उनके अनुप्रयोग
इस Digital India BHASHINI Division Goa Workshop के दौरान भाषिणी टीम द्वारा प्रदर्शित किए गए प्रमुख डिजिटल अनुप्रयोग निम्नलिखित हैं:
1. भाषिणी ऐप मित्र (BHASHINI App Mitra)
यह एक उपयोगकर्ता-अनुकूल मोबाइल एप्लिकेशन है जो वास्तविक समय में बातचीत को अनुवादित कर सकता है। यह पर्यटन संवर्धन के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
इसके माध्यम से विदेशी या अन्य राज्यों के पर्यटक स्थानीय कोंकणी भाषियों से आसानी से संवाद कर सकेंगे। इससे पर्यटन उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
2. भाषिणी मित्र (BHASHINI Mitra)
यह एक ऐसा डिजिटल सहायक है जो विभिन्न सरकारी वेबसाइटों पर एक चैटबॉट के रूप में काम करता है। यह नागरिकों के कठिन प्रशासनिक सवालों के उत्तर स्थानीय भाषा में देता है।
3. भाषिणी प्रवक्ता (BHASHINI Pravakta)
यह टूल वास्तविक समय में भाषण-से-भाषण (Speech-to-Speech) और पाठ-से-भाषण रूपांतरण करने की क्षमता रखता है। यह सरकारी बैठकों और प्रेस वार्ताओं में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और भाषाई समानता
भाषिणी के सीईओ श्री अमिताभ नाग ने अपने मुख्य संबोधन में स्पष्ट किया कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर विश्व भर में अपनी सफलता के लिए सराहा जाता है।
अब Digital India BHASHINI Division Goa Workshop जैसे आयोजनों के माध्यम से इस डीपीआई को ‘भाषाई रूप से सुलभ’ बनाया जा रहा है।
कोंकणी भाषा में एआई मॉडलों का विकास न केवल गोवा के नागरिकों को सशक्त बनाएगा बल्कि यह भारत की प्राचीन भाषाई विरासतों को सहेजने का एक बड़ा साधन भी बनेगा।
इससे सुशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह से नागरिक-केंद्रित हो जाएगा। यह देश में ई-गवर्नेंस का एक नया मार्गदर्शक मॉडल स्थापित करेगा।
राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (NLTM) और भारत सरकार की अन्य योजनाएं
भारत सरकार ने देश में डिजिटल और भाषाई समावेशन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (NLTM): इसका मुख्य उद्देश्य इंटरनेट पर उपलब्ध महत्वपूर्ण सामग्री को विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवादित करना है। भाषिणी इसी मिशन का मुख्य तकनीकी अंग है।
- एआई फॉर ऑल (AI for All) रणनीति: नीति आयोग द्वारा तैयार की गई इस रणनीति के तहत सामाजिक समावेशन और सुशासन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को प्राथमिकता दी गई है।
- डिजिटल इंडिया कार्यक्रम: इसके नौ प्रमुख स्तंभों में से एक ‘सार्वभौमिक रूप से सुलभ सूचना’ और ‘भाषाई समावेशन’ है, जो इस Digital India BHASHINI Division Goa Workshop के लक्ष्यों से सीधे मेल खाता है।
भारत और गोवा के लिए इस कार्यशाला के लाभ
इस कड़े तकनीकी समावेशन से राज्य और देश को निम्नलिखित प्रमुख लाभ मिलने की संभावना है:
- डिजिटल विभाजन की समाप्ति: ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के वे लोग जो अंग्रेजी या हिंदी नहीं जानते, अब कोंकणी में डिजिटल सेवाओं का सीधा लाभ उठा सकेंगे।
- पर्यटन कूटनीति में सुधार: एआई-आधारित अनुवाद तकनीकों से गोवा के पर्यटन उद्योग को नई मजबूती मिलेगी और पर्यटकों का अनुभव सुधरेगा।
- प्रशासनिक पारदर्शिता: सुशासन के नियमों और योजनाओं की जानकारी स्थानीय भाषा में उपलब्ध होने से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
बहुभाषी एआई (Multilingual AI) के समक्ष चुनौतियां
इस महत्वाकांक्षी तकनीक के सुचारू संचालन में कुछ व्यावहारिक और तकनीकी चुनौतियां भी विद्यमान हैं:
- उच्च गुणवत्ता वाले डेटासेट्स की कमी: कोंकणी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं के लिए बड़े और सटीक ऑडियो डेटासेट्स का निर्माण करना एक जटिल कार्य है।
- स्थानीय बोलियों में विविधता: कोंकणी की विभिन्न क्षेत्रीय बोलियों (Dialects) और उच्चारणों में अंतर होने के कारण एआई मॉडल की सटीकता प्रभावित हो सकती है।
- साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता: वॉयस डेटा के संग्रह और उनके विश्लेषण के दौरान नागरिकों की व्यक्तिगत गोपनीयता और सुरक्षा को बनाए रखना अनिवार्य होगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अनुभाग (Exam Relevance Section)
यूपीएससी और राज्य सेवा मुख्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सामान्य अध्ययन के पेपर-2 और पेपर-3 के दृष्टिकोण से यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
UPSC Prelims Fact Box: Digital India BHASHINI Division Goa Workshop
- भाषिणी (BHASHINI): यह भारत सरकार का राष्ट्रीय एआई-आधारित भाषा अनुवाद मंच है, जो राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (NLTM) का हिस्सा है।
- डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC): इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत स्थापित एक गैर-लाभकारी कंपनी, जो डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का नेतृत्व करती है।
- कोंकणी का संवैधानिक दर्जा: कोंकणी संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक है। इसे 1992 के 71वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
UPSC Mains Analysis (GS Paper III: विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस)
प्रश्न: “भाषाई विविधता से समृद्ध भारत जैसे देश में, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सफलता उसके भाषाई समावेशन पर निर्भर करती है।” हाल ही में आयोजित Digital India BHASHINI Division Goa Workshop के विशेष संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित अनुवाद प्रणालियों की सुशासन में भूमिका का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर की रूपरेखा:
- प्रस्तावना: पणजी में आयोजित की गई ऐतिहासिक कार्यशाला और इसके भाषा-प्रथम डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विज़न का परिचय देते हुए उत्तर प्रारंभ करें।
- भाषाई बाधाएं और डिजिटल विभाजन: समझाएं कि कैसे अधिकांश सरकारी पोर्टल अंग्रेजी या हिंदी तक सीमित होने के कारण सुदूर भाषाई समुदायों को प्रशासनिक लाभों से दूर रखते हैं।
- भाषिणी और एआई सुशासन की भूमिका:
- आवाज-प्रथम सुशासन: ‘भाषिणी प्रवक्ता’ और ‘ऐप मित्र’ जैसे एआई उपकरणों के माध्यम से आवाज के जरिए सेवाएं पहुँचाना।
- सांस्कृतिक और पर्यटन संवर्धन: गोवा जैसे राज्यों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच सहज संवाद सुगम बनाना।
- चुनौतियां: क्षेत्रीय भाषाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले डेटासेट्स की कमी; स्थानीय बोलियों और उच्चारणों में विविधता के कारण एआई मॉडल की सटीकता सीमित होना; और डिजिटल साक्षरता व साइबर सुरक्षा की चुनौतियां।
- निष्कर्ष: यह सारांश प्रस्तुत करें कि ‘भाषिणी’ कूटनीति केवल एक अनुवाद टूल नहीं है बल्कि यह न्यूनतम सरकार-अधिकतम शासन की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक और तकनीक-आधारित कदम है।
संबद्ध स्टेटिक जीके (Static GK Connection)
भारतीय भाषाओं, संविधान और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगठनों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण स्टेटिक तथ्य जो परीक्षाओं में पूछे जाते हैं:
- संविधान का भाग XVII और आधिकारिक भाषाएं: भारतीय संविधान का भाग 17 (अनुच्छेद 343 से 351) राजभाषा से संबंधित है। इसके तहत केंद्र सरकार का यह कर्तव्य है कि वह हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के विकास और प्रसार को बढ़ावा दे।
- केंद्रीय शास्त्रीय भाषाएं (Classical Languages of India): वर्तमान में भारत सरकार द्वारा 6 भारतीय भाषाओं को ‘शास्त्रीय भाषा’ का दर्जा दिया गया है। ये हैं—तमिल (2004), संस्कृत (2005), कन्नड़ (2008), तेलुगु (2008), मलयालम (2013), और ओडिया (2013)।
- डिजिटल इंडिया कार्यक्रम (Digital India Programme): इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की शुरुआत 1 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री द्वारा देश को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने के उद्देश्य से की गई थी।
एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)
त्वरित परीक्षा उपयोगी पुनरीक्षण के लिए Digital India BHASHINI Division Goa Workshop के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:
- Goa Workshop: 21 जुलाई 2026 को पणजी, गोवा में ‘भाषिणी राज्यम’ कार्यशाला का ऐतिहासिक आयोजन किया गया।
- Key Focus: गोवा की राजभाषा कोंकणी के एआई-संचालित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण करना।
- Bhashini Status: यह देश की राष्ट्रीय एआई भाषा अनुवाद प्रणाली है, जो 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को सेवाएं प्रदान करती है।
- Key Tools: कार्यशाला में ‘भाषिणी ऐप मित्र’, ‘भाषिणी मित्र’ और ‘भाषिणी प्रवक्ता’ जैसे एआई कूटनीति उपकरणों का लाइव प्रदर्शन किया गया।
- Dataset Need: कोंकणी एआई को और अधिक सटीक बनाने के लिए गोवा सरकार और स्थानीय अकादमिक संस्थान मिलकर बड़े डेटासेट्स तैयार करेंगे।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस कूटनीतिक और तकनीकी विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में 21 जुलाई 2026 को डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन द्वारा किस राज्य में ‘भाषिणी राज्यम’ कार्यशाला (Digital India BHASHINI Division Goa Workshop) का सफल आयोजन किया गया है?
(A) मुंबई, महाराष्ट्र
(B) पणजी, गोवा
(C) बेंगलुरु, कर्नाटक
(D) तिरुवनंतपुरम, केरल
उत्तर: (B) पणजी, गोवा
व्याख्या: पणजी में ‘भाषिणी राज्यम: राज्य सहभागिता कार्यशाला’ का सफल आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य सुसुशासन में कोंकणी भाषा का डिजिटल समावेशन सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 2: कोंकणी भाषा, जिसे इस डिजिटल कार्यशाला में विशेष रूप से एआई कूटनीति के केंद्र में रखा गया है, भारतीय संविधान की किस अनुसूची के तहत एक आधिकारिक राजभाषा है?
(A) पांचवीं अनुसूची
(B) सातवीं अनुसूची
(C) आठवीं अनुसूची
(D) दसवीं अनुसूची
उत्तर: (C) आठवीं अनुसूची
व्याख्या: कोंकणी भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 राजभाषाओं में से एक है। इसे वर्ष 1992 के 71वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
प्रश्न 3: ‘Digital India BHASHINI Division Goa Workshop’ के दौरान प्रदर्शित किया गया वह कौन सा विशिष्ट एआई टूल है जो वास्तविक समय में उत्कृष्ट भाषण-से-भाषण (Speech-to-Speech) और पाठ-से-भाषण रूपांतरण करने में सक्षम है?
(A) भाषिणी मित्र
(B) भाषिणी प्रवक्ता (BHASHINI Pravakta)
(C) भाषिणी ऐप मित्र
(D) राष्ट्रीय अनुवाद इंजन
उत्तर: (B) भाषिणी प्रवक्ता (BHASHINI Pravakta)
व्याख्या: ‘भाषिणी प्रवक्ता’ एक उन्नत एआई टूल है जो वास्तविक समय में वॉयस ट्रांसलेशन, स्पीच-टू-स्पीच और टेक्स्ट-टू-स्पीच का कार्य करता है।
प्रश्न 4: भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत ‘भाषिणी’ परियोजना का क्रियान्वयन करने वाली राष्ट्रीय गैर-लाभकारी कंपनी कौन सी है?
(A) राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC)
(B) डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (Digital India Corporation)
(C) राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान
(D) सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग
उत्तर: (B) डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (Digital India Corporation)
व्याख्या: डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन का संचालन MeitY के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत कार्यरत ‘डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन’ (DIC) द्वारा किया जाता है।
प्रश्न 5: वर्ष 1992 के 71वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से कोंकणी के साथ किन दो अन्य भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया था?
(A) बोडो और डोगरी
(B) मैथिली और संथाली
(C) मणिपुरी और नेपाली
(D) सिंधी और संस्कृत
उत्तर: (C) मणिपुरी और नेपाली
व्याख्या: वर्ष 1992 के ऐतिहासिक 71वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में तीन भाषाएं जोड़ी गई थीं—कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Digital India BHASHINI Division Goa Workshop का मुख्य लक्ष्य क्या है?
Digital India BHASHINI Division Goa Workshop का मुख्य उद्देश्य गोवा में बहुभाषी एआई (Multilingual AI) और भाषा-प्रथम डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को बढ़ावा देना है, ताकि गोवा की राजभाषा कोंकणी का डिजिटल सुशासन, पर्यटन और शिक्षा में समेकित उपयोग सुनिश्चित हो सके।
Q2. भाषिणी (BHASHINI) क्या है और यह कैसे काम करती है?
भाषिणी भारत का राष्ट्रीय एआई-संचालित भाषा अनुवाद मंच है। यह कंप्यूटर विज़न, स्पीच-टू-टेक्स्ट और ट्रांसलेशन का उपयोग करके भारतीय वेबसाइटों और डिजिटल सेवाओं को विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में सुलभ बनाती है।
Q3. इस कार्यशाला में कोंकणी भाषा के लिए क्या विशेष निर्णय लिए गए?
कार्यशाला में कोंकणी के एआई मॉडल को और अधिक सटीक बनाने के लिए गोवा सरकार, स्थानीय विश्वविद्यालयों और भाषा वैज्ञानिकों के सहयोग से उच्च गुणवत्ता वाले ‘कोंकणी डेटासेट्स’ (ऑडियो और टेक्स्ट) का एक व्यापक डिजिटल बैंक विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
Q4. भाषिणी के तीन प्रमुख डिजिटल उपकरण कौन-से हैं जिन्हें यहाँ प्रदर्शित किया गया?
कार्यशाला में मुख्य रूप से तीन एआई-संचालित उपकरणों का लाइव प्रदर्शन किया गया: 1. भाषिणी ऐप मित्र (द्विभाषी अनुवाद के लिए), 2. भाषिणी मित्र (वेबसाइटों पर डिजिटल सहायक के रूप में), और 3. भाषिणी प्रवक्ता (वास्तविक समय में वॉयस अनुवाद के लिए)।
Q5. कोंकणी भाषा का भारतीय संविधान में क्या संवैधानिक स्थान है?
कोंकणी भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 आधिकारिक राजभाषाओं में से एक है। इसे वर्ष 1992 के ऐतिहासिक 71वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान का हिस्सा बनाया गया था।
निष्कर्ष (Conclusion)
पणजी में आयोजित हुई यह ऐतिहासिक कार्यशाला Digital India BHASHINI Division Goa Workshop भारत में भाषाई समावेशन और तकनीक-आधारित सुशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। कूटनीति के इस नए युग में, जब भारत ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न की ओर बढ़ रहा है, तब प्रत्येक नागरिक तक उसकी अपनी मातृभाषा में सुशासन की सुविधा पहुँचाना अनिवार्य है।
कोंकणी भाषा में भाषिणी के एआई मॉडलों का विकास न केवल गोवा के नागरिकों को सशक्त बनाएगा, बल्कि यह प्राचीन भारतीय भाषाई विरासतों को सहेजने का एक बड़ा माध्यम भी बनेगा। यह तकनीक-संचालित प्रयास अंततः गोवा को देश का सबसे समावेशी और सुशासित राज्य बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
Official Sources:
- Press Information Bureau (PIB) Delhi (https://pib.gov.in)