रायपुर, 12 अक्टूबर: कृषि विकास, जैविक नवाचार और किसान कल्याण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के जनजातीय अंचल ने पूरे देश में इतिहास रच दिया है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना’ के उत्कृष्ट और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले को पूरे देश में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ (Best District) के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित भव्य राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दंतेवाड़ा को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। जिले की ओर से कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि सूरज कुमार पंसारी ने संयुक्त रूप से यह राष्ट्रीय पुरस्कार ग्रहण किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दंतेवाड़ा के मेहनतकश आदिवासी किसानों और जिला प्रशासन को हार्दिक बधाई दी है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Dantewada Best District National Award’: प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में दंतेवाड़ा बना देश का नंबर-1 जिला।
- केंद्रीय कृषि मंत्री ने सौंपा पुरस्कार: नई दिल्ली के राष्ट्रीय सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव को किया सम्मानित।
- वनांचल में कृषि क्रांति: दूरस्थ गांवों के लघु-सीमांत किसानों को जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मिली सफलता।
- कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी का नेतृत्व: कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव के मार्गदर्शन, नवाचारों और विभागीय अभिसरण से मिली राष्ट्रीय पहचान।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई: कहा—’यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मेहनतकश अन्नदाताओं के पसीने और सुशासन की बड़ी जीत है।’
नई दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सौंपा सम्मान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में देशभर के राज्यों और आकांक्षी जिलों के कृषि प्रदर्शन की गहन समीक्षा की गई थी।
विभिन्न कड़े मापदंडों, भौतिक सत्यापन और मैदानी परिणामों के आधार पर दंतेवाड़ा जिले को देश के सभी जिलों को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि सूरज कुमार पंसारी को प्रशस्ति पत्र एवं राष्ट्रीय ट्रॉफी प्रदान की। केंद्रीय मंत्री ने बस्तर के आदिवासी अंचल में परंपरागत खेती को आधुनिक तकनीकों और मूल्य संवर्धन से जोड़ने के दंतेवाड़ा मॉडल की विशेष सराहना की।
सीएम विष्णु देव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दी बधाई: ‘अन्नदाताओं का सम्मान’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मेहनतकश किसानों के अथक परिश्रम, राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार कृषि को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कभी संघर्षों के लिए जाने जाने वाले दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा का कृषि के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनना यह दर्शाता है कि सुशासन और विकास की रोशनी अब बस्तर के अंतिम छोर तक पहुंच चुकी है।
वहीं कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि दंतेवाड़ा की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सुनियोजित प्रयासों, अंतर-विभागीय तालमेल और किसानों की सक्रिय सहभागिता से वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में भी कृषि विकास के राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं।
कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी का कुशल नेतृत्व: योजनाओं का मैदानी अभिसरण
प्रदेश में कृषि योजनाओं के प्रभावी संचालन, नियमित समीक्षा और अंतर-विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाने में कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) एवं सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व की निर्णायक भूमिका रही।
उनके मार्गदर्शन में कृषि विभाग ने योजनाओं को कागजी औपचारिकताओं से निकालकर सीधे खेत-खलिहान तक पहुंचाया। दंतेवाड़ा जिले में कृषि, उद्यानिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया गया, जिसके फलस्वरूप जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च अंक हासिल किए।
दंतेवाड़ा का विजेता मॉडल: जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य और मूल्य संवर्धन का संगम
प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने कई अनुकरणीय नवाचार किए, जिन्होंने निर्णायक मंडल को प्रभावित किया:
- प्राकृतिक एवं जैविक खेती का विस्तार: रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाकर देशी बीजों के संरक्षण, जीवामृत और वर्मीकम्पोस्ट आधारित प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन बनाया गया।
- मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन (Soil Health): जिले के दूरस्थ वनांचल के छोटे और सीमांत किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच कर उन्हें सॉइल हेल्थ कार्ड दिए गए और संतुलित पोषण प्रबंधन सिखाया गया।
- क्लस्टर आधारित खेती व आदान सहायता: किसानों को उन्नत कृषि आदानों (बीज, उपकरण, ड्रिप इरिगेशन) की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई।
- प्रोसेसिंग और मार्केट लिंकेज: कोदो, कुटकी, रागी और स्थानीय सुगंधित जैविक धान की फसलों की प्राथमिक प्रोसेसिंग और पैकेजिंग कर उन्हें सीधे बड़े बाजारों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा गया, जिससे आदिवासियों की आमदनी दोगुनी हुई।
“दंतेवाड़ा को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान हमारे जिले के मेहनती आदिवासी अन्नदाताओं, कृषि विभाग के मैदानी अमले और मैदानी स्तर पर काम करने वाली पूरी टीम के पसीने का फल है। हमारा प्रयास रहा है कि आधुनिक तकनीक और जैविक खेती का लाभ वनांचल के अंतिम किसान तक पहुंचे। यह पुरस्कार हमें दंतेवाड़ा को प्राकृतिक खेती और समृद्ध ग्रामीण आर्थिकी का देशव्यापी मॉडल बनाने के लिए और अधिक ऊर्जा देगा।”— देवेश कुमार ध्रुव (IAS), कलेक्टर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा
बस्तर के जनजातीय किसानों और छत्तीसगढ़ के लिए इसके क्या मायने हैं?
- बस्तर की राष्ट्रीय छवि में बदलाव: नक्सलवाद की पहचान को पीछे छोड़कर दंतेवाड़ा अब देश के सामने कृषि नवाचार और विकास के रोल मॉडल के रूप में स्थापित हुआ है।
- जैविक उपज का ब्रांड बस्तर: राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से दंतेवाड़ा के जैविक चावल, कोदो-कुटकी और मिलेट्स उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रीमियम ब्रांड वैल्यू मिलेगी।
- अन्य जिलों के लिए प्रेरणा: दंतेवाड़ा की यह ऐतिहासिक जीत सरगुजा, जशपुर, बस्तर और बीजापुर जैसे अन्य आदिवासी बहुल जिलों को भी कृषि विकास के नए कीर्तिमान रचने के लिए प्रेरित करेगी।
दंतेवाड़ा ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ राष्ट्रीय पुरस्कार 2026: एक नजर में
- राष्ट्रीय पुरस्कार: ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ (Best District in India Award)
- योजना का नाम: प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना
- विजेता जिला: दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़
- पुरस्कार प्रदाता: श्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री
- पुरस्कार ग्रहणकर्ता: श्री देवेश कुमार ध्रुव (IAS, कलेक्टर) एवं श्री सूरज कुमार पंसारी (उप संचालक कृषि)
- समारोह स्थल: राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन, नई दिल्ली
- राज्य स्तरीय मार्गदर्शन: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, कृषि सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी
- मुख्य सफलता के कारक: जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मिलेट्स क्लस्टर, विभागीय अभिसरण व मार्केट लिंकेज
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
दंतेवाड़ा जिले को किस योजना में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है?
दंतेवाड़ा जिले को भारत सरकार की ‘प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना’ के उत्कृष्ट एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए देशभर में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।
यह राष्ट्रीय सम्मान किसने प्रदान किया और जिले की ओर से किसने ग्रहण किया?
नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह पुरस्कार दिया, जिसे दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि सूरज कुमार पंसारी ने संयुक्त रूप से ग्रहण किया।
दंतेवाड़ा में कृषि क्षेत्र में किन प्रमुख नवाचारों को सराहा गया?
जिले में सुदूर वनांचल के किसानों तक आधुनिक तकनीकों की पहुंच, जैविक व प्राकृतिक खेती का विस्तार, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, क्लस्टर गतिविधियां और उपज के मार्केट लिंकेज को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
राज्य स्तर पर इस सफलता में किस प्रशासनिक नेतृत्व की भूमिका रही?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन के साथ कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के कुशल प्रशासनिक समन्वय से यह राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल हुई।
आधिकारिक स्रोत: कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग / जिला जनसंपर्क कार्यालय (DPR), दंतेवाड़ा-रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन)