Published on July 23, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण को एक नई वैश्विक पहचान प्रदान करने के उद्देश्य से Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026 की शुरुआत की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य की पहली ‘राजकीय तितली’ (State Butterfly) के चयन के लिए प्रदेशव्यापी ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया शुरू की है।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अनूठी पहल पर शुरू किए गए इस डिजिटल जनमत संग्रह के माध्यम से राज्य के नागरिक 31 अगस्त 2026 तक अपनी पसंदीदा तितली के पक्ष में गूगल फॉर्म (Google Form) द्वारा मतदान कर सकते हैं। वन्यजीव और पर्यावरण विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय समिति ने कड़े वैज्ञानिक, पारिस्थितिक और संरक्षण मानकों के आधार पर तीन विशिष्ट तितली प्रजातियों को इस राजकीय दौड़ के लिए नामांकित किया है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026 का यह समसामयिक विषय पर्यावरण भूगोल (GS Paper I), वन्यजीव संरक्षण और राज्य की जैव विविधता नीतियों (GS Paper VI & III) के तहत एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संभावित प्रश्न-प्रवण विषय है। इस विस्तृत विश्लेषण में हम नामांकित तीनों तितली प्रजातियों के वैज्ञानिक गुणों, उनके पारिस्थितिक महत्व और अन्य राज्यों की राजकीय तितली प्रणालियों का गहराई से अध्ययन करेंगे।
Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)
राजकीय तितली के चयन के लिए शुरू किए गए इस अनूठे जनमत अभियान से जुड़े प्रमुख तथ्यों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से संक्षेपित किया गया है:
| महत्वपूर्ण संकेतक | Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026 के प्रमुख तथ्य |
|---|---|
| अभियान का नाम | छत्तीसगढ़ राजकीय तितली चयन अभियान (Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026) |
| नोडल विभाग | वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन |
| मार्गदर्शक मंत्री | श्री केदार कश्यप (वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री) |
| मतदान की अंतिम तिथि | 31 अगस्त 2026 (गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन मतदान) |
| नामांकित तीन प्रजातियां | कॉमन बैंडेड पीकॉक, ऑरेंज ओकलीफ और स्पॉट स्वोर्डटेल |
| चयन के मुख्य मापदंड | राज्य में प्रचुर उपलब्धता, पारिस्थितिक महत्व, विशिष्टता और जन-आकर्षण |
| अंतिम चयन का आधार | जनता से प्राप्त कुल मतों (वोटों) और विशेषज्ञ समिति की अंतिम अनुशंसा के आधार पर |
Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026: तीन विशिष्ट तितली प्रजातियों के बीच मुकाबला
राजकीय तितली की दौड़ में शामिल तीनों दावेदार प्रजातियों का वैज्ञानिक और पर्यावरणीय विवरण निम्नलिखित है, जो परीक्षा की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है:
1. कॉमन बैंडेड पीकॉक (Common Banded Peacock – Papilio crino)
यह भारत के सबसे चमकीले और आकर्षक तितली समूहों में से एक है। इसकी मखमली गहरे हरे रंग की पंखों पर चमकीली धातुई हरी या नीली पट्टियां (Bands) होती हैं, जो मोर के पंखों जैसी प्रतीत होती हैं।
यह मुख्य रूप से शुष्क और नम पर्णपाती (Deciduous) जंगलों में पाई जाती है। इसकी प्रचुर मौजूदगी वनों के भीतर कीट परागण (Pollination) प्रणालियों के सुचारू संचालन का एक उत्कृष्ट संकेतक है।
2. ऑरेंज ओकलीफ (Orange Oakleaf – Kallima inachus)
यह तितली पूरी दुनिया में छलावरण (Camouflage) की अपनी अद्भुत वैज्ञानिक क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। जब इसके पंख बंद होते हैं, तो यह बिल्कुल एक सूखे भूरे पत्ते (Dry Oak Leaf) जैसी दिखाई देती है, जिससे यह दुश्मनों से अपनी रक्षा करती है।
लेकिन जैसे ही यह अपने पंख खोलती है, इसके भीतर का चमकीला गहरा नीला और चमकीला नारंगी रंग सबको आकर्षित कर लेता है। इसे पूर्व में भारत की राष्ट्रीय तितली के रूप में भी नामांकित किया जा चुका है, जो इसे Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026 का एक अत्यधिक मजबूत दावेदार बनाता है।
3. स्पॉट स्वोर्डटेल (Spot Swordtail – Graphium nomius)
यह एक अत्यंत सुंदर और तेज उड़ने वाली तितली है, जिसके निचले पंखों पर तलवार जैसी लंबी पूंछ (Sword-like Tail) की संरचना पाई जाती है। इसके सफेद पंखों पर काले रंग के सुंदर धब्बे (Spots) और पट्टियां बनी होती हैं।
यह मुख्य रूप से वनों के नम और रेतीले क्षेत्रों में नमकीन पानी या गीली मिट्टी से खनिज अवशोषित करने (Mud-puddling) के लिए जानी जाती है, जो वन पारिस्थितिकी तंत्र की खनिज प्रचुरता को दर्शाती है।


जनभागीदारी और राजकीय प्रतीक घोषित करने का कूटनीतिक महत्व
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के अनुसार, Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026 के माध्यम से राज्य के आम नागरिकों, प्रकृति प्रेमियों और स्कूली बच्चों को जोड़ने का एक बड़ा रणनीतिक उद्देश्य है:
- संरक्षण के प्रति जागरूकता: तितलियाँ हमारे पारिस्थितिकी तंत्र की ‘संकेतक प्रजातियाँ’ (Indicator Species) हैं। इनके प्रति प्रेम बढ़ने से लोग अप्रत्यक्ष रूप से वनों, घास के मैदानों और जलग्रहण क्षेत्रों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनेंगे।
- पारिस्थितिक कूटनीति: छत्तीसगढ़ के हसदेव और बस्तर के सघन जंगलों में तितलियों की सैकड़ों प्रजातियां पाई जाती हैं। राजकीय तितली घोषित होने से राज्य में विशेष ‘तितली पार्क’ (Butterfly Parks) और पर्यावरण-पर्यटन (Eco-tourism) को बढ़ावा मिलेगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अनुभाग (Exam Relevance Section)
सीजीपीएससी (CGPSC) राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के पेपर-V (छत्तीसगढ़ का भूगोल एवं पर्यावरण) के लिए विभिन्न राज्यों के राजकीय प्रतीक और जैव विविधता नीतियां एक बुनियादी विषय हैं।
CGPSC & UPSC Prelims Fact Box
- राजकीय तितली घोषित करने वाला पहला राज्य: महाराष्ट्र वर्ष 2015 में ‘ब्लू मॉर्मन’ (Blue Mormon) को राजकीय तितली घोषित करने वाला देश का पहला राज्य बना था।
- अन्य राज्यों की राजकीय तितलियां:
- उत्तराखंड: कॉमन पीकॉक (Common Peacock)
- कर्नाटक: सदर्न बर्डविंग (Southern Birdwing – भारत की सबसे बड़ी तितली)
- केरल: मालाबार बैंडेड पीकॉक (Malabar Banded Peacock)
- सिक्किम: ब्लू ड्यूक (Blue Duke)
- छत्तीसगढ़ के वर्तमान राजकीय प्रतीक: राजकीय पशु—वनभैंसा (Wild Water Buffalo), राजकीय पक्षी—पहाड़ी मैना (Hill Myna), और राजकीय वृक्ष—साल/सई (Sal Tree)।
UPSC & CGPSC Mains Analysis (GS Paper III: पर्यावरण एवं जैव विविधता)
प्रश्न: “किसी राज्य द्वारा ‘राजकीय तितली’ या अन्य वन्यजीवों को अपना राजकीय प्रतीक घोषित करना केवल एक प्रतीकात्मक निर्णय नहीं है, बल्कि यह प्रजाति-विशिष्ट संरक्षण और सामुदायिक वानिकी को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण नीतिगत उपकरण है।” हाल ही में छत्तीसगढ़ में शुरू किए गए राजकीय तितली अभियान के विशेष संदर्भ में इस कथन की विवेचना कीजिए।
उत्तर की रूपरेखा:
- प्रस्तावना: छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा शुरू किए गए Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026 के विज़न और नामांकित तीन प्रजातियों का परिचय देते हुए उत्तर प्रारंभ करें।
- पारिस्थितिक संकेतक के रूप में तितलियों का महत्व: तितलियाँ परागण (Pollination) का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनके माध्यम से जंगलों का वानस्पतिक विस्तार होता है। ये वायु गुणवत्ता और वन आवरण की गुणवत्ता को दर्शाती हैं।
- राजकीय प्रतीक घोषित करने के प्रशासनिक लाभ:
- विशिष्ट आवास संरक्षण: राजकीय तितली घोषित होने के बाद उसके प्राकृतिक आवासों (जैसे घास के मैदानों और नम पर्णपाती वनों) के विनाश को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जा सकेंगे।
- शोध और वित्तीय बजट: इस प्रजाति के जीवन चक्र और व्यवहार के वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए राज्य बजट से विशेष अनुदान आवंटित किया जा सकेगा।
- जनभागीदारी और पर्यटन का विकास: ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से नागरिकों और विशेषकर स्कूली छात्रों को मतदान से जोड़ना समाज में ‘पर्यावरण नैतिकता’ (Environmental Ethics) का विकास करता है। इससे राज्य में तितली पार्कों और ईको-टूरिज्म का विस्तार होगा।
- निष्कर्ष: यह निष्कर्ष दें कि ‘कैच द रेन’ और ‘एआई वन निगरानी’ की तरह ही यह अभियान यह सिद्ध करता है कि छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक संपदा को सहेजने के लिए जनभागीदारी को कड़ाई से सुशासन का हिस्सा बना रहा है।
स्टेटिक जीके कनेक्शन (Static GK Connection)
छत्तीसगढ़ के राजकीय प्रतीकों और वन्यजीवों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्टेटिक तथ्य:
- छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु (वनभैंसा): इसका वैज्ञानिक नाम *Bubalus arnee* है। यह अत्यधिक संकटापन्न वन्यजीवों की श्रेणी में शामिल है, जिसका अंतिम प्राकृतिक आवास गरियाबंद के उदंती अभ्यारण्य और बस्तर के इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान में है।
- छत्तीसगढ़ का राजकीय पक्षी (पहाड़ी मैना): इसका वैज्ञानिक नाम *Gracula religiosa peninsularis* है। यह बस्तर संभाग के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है, जिसकी मधुर इंसानी आवाज की नकल करने की क्षमता के कारण इसका ऐतिहासिक महत्व है।
- छत्तीसगढ़ का राजकीय वृक्ष (साल): इसका वैज्ञानिक नाम *Shorea robusta* है। बस्तर को ‘साल वनों का द्वीप’ (Island of Sal Forests) कहा जाता है। इसकी मजबूत लकड़ी का उपयोग रेलवे स्लीपर्स और इमारती लकड़ी के लिए किया जाता है।
एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)
त्वरित परीक्षा उपयोगी पुनरीक्षण के लिए Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026 के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:
- First State Butterfly: छत्तीसगढ़ अपनी पहली राजकीय तितली चुनने की प्रक्रिया में है।
- Voting Deadline: राज्य का कोई भी नागरिक 31 अगस्त 2026 तक गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन मतदान कर सकता है।
- Three Nominees: दौड़ में शामिल तीन विशिष्ट प्रजातियां हैं—कॉमन बैंडेड पीकॉक, ऑरेंज ओकलीफ और स्पॉट स्वोर्डटेल।
- Indicator Species: तितलियों का चयन वनों के स्वास्थ्य, उनकी उपलब्धता और जैव विविधता के कड़े मानदंडों पर किया गया है।
- First State in India: वर्ष 2015 में महाराष्ट्र ‘ब्लू मॉर्मन’ को राजकीय तितली घोषित करने वाला देश का पहला राज्य बना था।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस कूटनीतिक और पर्यावरण विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में जुलाई 2026 में छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा शुरू किए गए ‘Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026’ के तहत राजकीय तितली की दौड़ में निम्नलिखित में से कौन सी प्रजाति शामिल नहीं है?
(A) कॉमन बैंडेड पीकॉक (Common Banded Peacock)
(B) ब्लू मॉर्मन (Blue Mormon)
(C) ऑरेंज ओकलीफ (Orange Oakleaf)
(D) स्पॉट स्वोर्डटेल (Spot Swordtail)
उत्तर: (B) ब्लू मॉर्मन (Blue Mormon)
व्याख्या: ब्लू मॉर्मन महाराष्ट्र की राजकीय तितली है। छत्तीसगढ़ की राजकीय तितली की दौड़ में तीन प्रजातियां शामिल हैं: कॉमन बैंडेड पीकॉक, ऑरेंज ओकलीफ और स्पॉट स्वोर्डटेल।
प्रश्न 2: भारत के किस राज्य को वर्ष 2015 में देश का पहला ऐसा राज्य बनने का गौरव प्राप्त हुआ था जिसने अपनी आधिकारिक ‘राजकीय तितली’ घोषित की थी?
(A) कर्नाटक
(B) उत्तराखंड
(C) महाराष्ट्र
(D) केरल
उत्तर: (C) महाराष्ट्र
व्याख्या: महाराष्ट्र ने वर्ष 2015 में अपनी राजकीय तितली के रूप में ‘ब्लू मॉर्मन’ को घोषित किया था, जिसके बाद देश के कई अन्य राज्यों (जैसे कर्नाटक, उत्तराखंड, सिक्किम) ने भी अपनी राजकीय तितली घोषित की।
प्रश्न 3: ‘ऑरेंज ओकलीफ’ (Orange Oakleaf) तितली, जो छत्तीसगढ़ की राजकीय तितली के रूप में नामांकित है, अपनी किस अनूठी वैज्ञानिक क्षमता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है?
(A) पानी के भीतर सांस लेने की क्षमता
(B) बंद पंखों के साथ सूखे पत्ते की तरह दिखने की अद्भुत छलावरण (Camouflage) क्षमता
(C) अत्यधिक तेज गति से प्रकाश उत्पन्न करने की क्षमता
(D) केवल बर्फीले क्षेत्रों में जीवित रहने की क्षमता
उत्तर: (B) बंद पंखों के साथ सूखे पत्ते की तरह दिखने की अद्भुत छलावरण (Camouflage) क्षमता
व्याख्या: ऑरेंज ओकलीफ (Kallima inachus) जब अपने पंख बंद करती है, तो वह बिल्कुल एक सूखे भूरे पत्ते जैसी दिखती है, जिससे शिकारी पक्षी उसे पहचान नहीं पाते।
प्रश्न 4: छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली के चयन के लिए शुरू किए गए ‘Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026’ के तहत नागरिक किस तिथि तक ऑनलाइन मतदान कर सकते हैं?
(A) 15 अगस्त 2026 तक
(B) 31 अगस्त 2026 तक
(C) 1 नवंबर 2026 तक
(D) 31 दिसंबर 2026 तक
उत्तर: (B) 31 अगस्त 2026 तक
व्याख्या: वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रदेश का प्रत्येक नागरिक 31 अगस्त 2026 तक गूगल फॉर्म के माध्यम से अपनी पसंदीदा तितली के पक्ष में मतदान कर सकता है।
प्रश्न 5: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध ‘साल वृक्ष’ (Sal Tree), जो राज्य का आधिकारिक राजकीय वृक्ष घोषित है, का वैज्ञानिक नाम निम्नलिखित में से क्या है?
(A) शोरेया रोबस्टा (Shorea robusta)
(B) टेक्टोना ग्रैंडिस (Tectona grandis)
(C) ब्युटिया मोनोस्पर्मा (Butea monosperma)
(D) अजाडिरक्टा इंडिका (Azadirachta indica)
उत्तर: (A) शोरेया रोबस्टा (Shorea robusta)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ के राजकीय वृक्ष साल का वैज्ञानिक नाम ‘शोरेया रोबस्टा’ (Shorea robusta) है, जो राज्य के घने जंगलों (विशेषकर बस्तर) की मुख्य पहचान है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026 क्या है?
Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026 छत्तीसगढ़ सरकार के वन विभाग द्वारा शुरू किया गया एक विशेष अभियान है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों के ऑनलाइन मतदान और वन्यजीव विशेषज्ञों की अनुशंसा के आधार पर छत्तीसगढ़ की पहली ‘राजकीय तितली’ (State Butterfly) का चयन करना है।
Q2. राजकीय तितली की दौड़ में कौन सी तीन प्रजातियां शामिल हैं?
विशेषज्ञ समिति द्वारा नामांकित तीन तितली प्रजातियां हैं: 1. कॉमन बैंडेड पीकॉक (Common Banded Peacock), 2. ऑरेंज ओकलीफ (Orange Oakleaf), और 3. स्पॉट स्वोर्डटेल (Spot Swordtail)।
Q3. इस अभियान में नागरिक अपना मतदान कैसे और कब तक कर सकते हैं?
छत्तीसगढ़ का प्रत्येक नागरिक, छात्र और प्रकृति प्रेमी वन विभाग द्वारा जारी किए गए गूगल फॉर्म (Google Form) के माध्यम से अपनी पसंदीदा तितली के पक्ष में 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन मतदान कर सकता है।
Q4. तितलियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘संकेतक प्रजाति’ (Indicator Species) क्यों माना जाता है?
तितलियाँ परागण की प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाती हैं और पर्यावरण के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होती हैं। किसी भी क्षेत्र में इनकी प्रचुरता और विविधता यह दर्शाती है कि वहां का वायुमंडल, तापमान और वन पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त है।
Q5. भारत में ‘राजकीय तितली’ घोषित करने की शुरुआत सबसे पहले किस राज्य ने की थी?
भारत में सबसे पहले महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2015 में ‘ब्लू मॉर्मन’ (Blue Mormon) को अपनी आधिकारिक राजकीय तितली घोषित किया था। इसके बाद कर्नाटक, केरल, उत्तराखंड और सिक्किम जैसे राज्यों ने भी अपनी राजकीय तितली घोषित की।
निष्कर्ष (Conclusion)
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर शुरू किया गया यह जनमत संग्रह Chhattisgarh State Butterfly Campaign 2026 पर्यावरण संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने का एक अत्यंत अनुकरणीय और सुशासनात्मक कदम है। किसी राजकीय प्रतीक का चयन केवल कागजी नियमों तक सीमित न रखकर, उसे सीधे आम जनता के वोटों के आधार पर तय करना सुशासन (Good Governance) का एक सुंदर रूप है।
नामांकित तीनों प्रजातियां—कॉमन बैंडेड पीकॉक, ऑरेंज ओकलीफ और स्पॉट स्वोर्डटेल—छत्तीसगढ़ के पर्णपाती और सघन वनों की समृद्ध जैव विविधता का प्रतिनिधित्व करती हैं। राजकीय तितली घोषित होने से राज्य में विशेष ‘तितली पार्कों’ के निर्माण और पर्यावरण-पर्यटन को बड़ी मजबूती मिलेगी, जो स्थानीय आदिवासी युवाओं के लिए नए रोजगार भी पैदा करेगा। यह कूटनीतिक और पारिस्थितिक प्रयास अंततः छत्तीसगढ़ के वनों को और अधिक सुरक्षित बनाएगा, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को हमारी समृद्ध प्राकृतिक जड़ों और वन्यजीव संपदा के साथ समयबद्ध तरीके से धरातल पर साकार करने की सबसे मजबूत नैतिक पूंजी साबित होगा।
Official Sources:
- Public Relations Department, Government of Chhattisgarh (DPRCG) (https://dprcg.gov.in)