रायपुर, 31 अक्टूबर: देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण की सुदृढ़ आधारशिला रखने वाले भारत रत्न, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पावन जयंती को पूरे छत्तीसगढ़ में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। Sardar Patel Jayanti Raipur (सरदार पटेल जयंती रायपुर) के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र और छत्तीसगढ़वासियों की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल राजनीतिक नेतृत्व से आजादी के बाद बिखरी हुई सैकड़ों देशी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त और अखंड भारत की नींव रखी थी।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Sardar Patel Jayanti Raipur’: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीएम हाउस में सरदार पटेल को अर्पित किए श्रद्धासुमन।
- अखंड भारत के महान शिल्पकार: स्वतंत्रता के बाद सैकड़ों रियासतों का विलय कर गढ़ा था एकीकृत भारत।
- राष्ट्रीय एकता दिवस पर संकल्प: देश की अखंडता, संप्रभुता और सामाजिक समरसता को अक्षुण्ण रखने की शपथ।
- ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ को संबल: पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा सरदार पटेल का सपना।
- विविधता ही भारत की शक्ति: भाषा, संस्कृति और भौगोलिक भिन्नताओं के बावजूद राष्ट्रीय एकता की डोर सबसे मजबूत।
- विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान: सीएम बोले—’सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर विकसित भारत में योगदान देगा छत्तीसगढ़।’
Sardar Patel Jayanti Raipur: सैकड़ों रियासतों का विलय कर गढ़ा अखंड भारत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरदार पटेल के कूटनीतिक कौशल और दृढ़ संकल्प को याद करते हुए उनके राष्ट्र निर्माण के कार्यों को रेखांकित किया।
Sardar Patel Jayanti Raipur के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में जब देश स्वतंत्र हुआ था, तब भारत के सामने विदेशी हुकूमत से छूटी 560 से अधिक देशी रियासतों को एक संघ में जोड़ना सबसे विकट चुनौती थी। सरदार पटेल ने वी. पी. मेनन के साथ मिलकर अपनी सूझबूझ और दृढ़ता से रियासतों का भारतीय संघ में ऐतिहासिक विलय कराया। राष्ट्र निर्माण में उनका यह असाधारण और अदम्य योगदान भारतीय इतिहास के पन्नों में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
‘राष्ट्रहित सर्वोपरि और अटूट समर्पण’: सरदार पटेल का जीवन सदैव रहेगा प्रेरणादायी
मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के जीवनमूल्यों को आधुनिक भारत के नागरिकों के लिए सबसे बड़ा मार्गदर्शक बताया:
- सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्रीय एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
- चुनौतियों पर विजय का मंत्र: उनका जीवन हमें सिखाता है कि दृढ़ संकल्प, सामूहिक प्रयास और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण से बड़ी से बड़ी राष्ट्रीय चुनौतियों का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’: विविधता में एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित राष्ट्रीय अभियानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
- एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संकल्प: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सरदार पटेल के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विजन को धरातल पर साकार कर रही है। आज देश विकास, आधुनिक अधोसंरचना, सुशासन और आत्मनिर्भरता के नए प्रतिमान गढ़ रहा है।
- विविधता का सम्मान: मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, खानपान और परंपराओं को एकता के सूत्र में पिरोकर आगे बढ़ना ही सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान: राष्ट्रीय समरसता की शपथ
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को अपने आचरण में ढालने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह देश के संविधान, सामाजिक सौहार्द और अखंडता की रक्षा के प्रति अपनी निष्ठा दोहराने का दिन है। हम सभी को मिलकर एक सशक्त, समृद्ध, समरस और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए, जिससे हमारा राज्य वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सके।
“सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय एकता और अखंडता के अमर शिल्पकार थे। उन्होंने अपने अदम्य साहस और दृढ़ नेतृत्व से सैकड़ों रियासतों को जोड़कर एक सशक्त और अखंड भारत की नींव रखी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ भी नहीं है। आइए, राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम सब मिलकर सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाएं और एक सशक्त, समरस व विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें।”— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (पटेल जयंती संदेश)
सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस: एक नजर में
- अवसर: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस (Sardar Patel Jayanti Raipur)
- समारोह स्थल: मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाइंस, रायपुर
- तिथि: 31 अक्टूबर 2026
- श्रद्धांजलि प्रदाता: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
- ऐतिहासिक योगदान: 560 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में ऐतिहासिक एकीकरण
- राष्ट्रीय विजन: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’
- मुख्य आह्वान: सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय अखंडता और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Sardar Patel Jayanti Raipur पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहाँ श्रद्धांजलि अर्पित की?
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
31 अक्टूबर को देश भर में कौन-सा राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है?
प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पावन जयंती के अवसर पर देश भर में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ (National Unity Day) मनाया जाता है।
सरदार पटेल को भारत का ‘एकता का शिल्पकार’ क्यों कहा जाता है?
आजादी के समय सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस और कुशल कूटनीति से सैकड़ों देशी रियासतों का भारत संघ में विलय कराकर अखंड भारत की नींव रखी थी।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रदेशवासियों से क्या संकल्प लेने को कहा?
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सरदार पटेल के विचारों को अपनाते हुए सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय अखंडता और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन