रायपुर, 08 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, पौराणिक धरोहरों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है। पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में विभागीय योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को Chitrakote Global Destination (चित्रकोट ग्लोबल डेस्टिनेशन) के रूप में विकसित करने के लिए दो सप्ताह के भीतर भारत सरकार को डीपीआर (DPR) भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही राम वनगमन पर्यटन परिपथ के 31 नवीन स्थलों पर अगले दो महीने के भीतर टेंडर और एजेंसी चयन पूरा कर निर्माण कार्य शुरू करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया गया है।
मुख्य बिंदु:
- ‘Chitrakote Global Destination’: बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल बनाने 2 हफ्ते में केंद्र को जाएगा प्रस्ताव।
- राम वनगमन परिपथ का विस्तार: 31 नए स्थलों पर 2 माह में शुरू होगा निर्माण; माता कौशल्या धाम चंदखुरी में जल्द स्थापित होगी श्रीराम की नवीन प्रतिमा।
- 144 स्थलों का सर्वे पूरा: छत्तीसगढ़ के प्राथमिकता वाले 20 पर्यटन स्थलों पर फास्ट-ट्रैक आधार पर विकसित होंगी बुनियादी नागरिक सुविधाएं।
- रामलला दर्शन योजना: आईआरसीटीसी से तकनीकी दिक्कत आने पर ईओआई (EOI) के जरिए चलाई जाएगी वैकल्पिक स्पेशल ट्रेन।
चित्रकोट जलप्रपात बनेगा ग्लोबल डेस्टिनेशन: 2 सप्ताह में केंद्र को जाएगा प्रस्ताव
इंद्रावती नदी पर स्थित और ‘भारत के नियाग्रा’ के नाम से विख्यात बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात को अंतरराष्ट्रीय स्तर का इको-टूरिज्म और एडवेंचर हब बनाया जाएगा।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से चित्रकोट को ‘ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और प्रेजेंटेशन दो सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। इसके साथ ही बौद्ध धरोहर केंद्र सिरपुर के समग्र विकास की तैयार डीपीआर का भी प्रस्तुतीकरण शीघ्र कराने को कहा गया है।
राम वनगमन परिपथ के 31 नए स्थलों पर 2 माह में काम: चंदखुरी में श्रीराम प्रतिमा
भगवान श्रीराम के ननिहाल और उनके वनवास काल की पावन स्मृतियों को संजोने वाले ‘राम वनगमन पर्यटन परिपथ’ को लेकर मंत्री ने कड़े निर्देश जारी किए:
- 31 नए स्थलों पर कार्य: नवीन चिह्नित 31 स्थलों के लिए डीपीआर, निविदा और एजेंसी चयन की प्रक्रिया अगले दो माह में पूरी कर वर्क ऑर्डर जारी किए जाएंगे।
- बस्तर के स्थल शामिल: प्रथम चरण के 10 स्थलों के अतिरिक्त बस्तर के 1-2 प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों को परिपथ में शामिल कर नया बजट प्रस्तावित किया जाएगा।
- माता कौशल्या धाम चंदखुरी: चंदखुरी स्थित मंदिर परिसर में प्रभु श्रीराम की नवीन प्रतिमा को स्थानांतरित कर मंदिर समिति से समन्वय बनाकर जल्द से जल्द प्राण-प्रतिष्ठा/स्थापना कराई जाएगी।
144 पर्यटन स्थलों का सर्वेक्षण: 20 प्रमुख स्थलों पर फास्ट-ट्रैक सुविधाएं
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड (CTB) ने प्रदेश के 144 प्रमुख पर्यटन स्थलों का ‘गैप फिलिंग असेसमेंट’ (सुविधाओं की कमियों का सर्वेक्षण) पूरा कर लिया है।
मंत्री ने निर्देश दिए कि इनमें से शीर्ष 20 प्राथमिकता वाले पर्यटन स्थलों पर स्वच्छ सार्वजनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल, पार्किंग और कैफे जैसी जरूरी सुविधाएं तुरंत (Fast-track) विकसित की जाएं। इन सुविधाओं के दीर्घकालिक रखरखाव के लिए स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम समितियों अथवा सुलभ इंटरनेशनल जैसी पेशेवर संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
रामलला दर्शन के लिए वैकल्पिक ट्रेन और भोरमदेव कॉरिडोर का ऑनलाइन पोर्टल
समीक्षा बैठक में धार्मिक आस्था और तीर्थयात्रियों की सुविधा से जुड़े दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- अयोध्या यात्रा के लिए वैकल्पिक ट्रेन: श्री रामलला दर्शन योजना के तहत आईआरसीटीसी (IRCTC) द्वारा तकनीकी या पेंट्री बोगी की समस्या आने पर श्रद्धालुओं की यात्रा नहीं रुकेगी। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) के माध्यम से अन्य सक्षम एजेंसी का चयन कर वैकल्पिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
- भोरमदेव कॉरिडोर ऑनलाइन मॉनिटरिंग: कबीरधाम स्थित ‘छत्तीसगढ़ के खजुराहो’ भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता परखने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा।
होमस्टे सब्सिडी वितरण और पुरातात्विक धरोहरों में लाइट एंड साउंड शो
ग्रामीण पर्यटन को आर्थिक ताकत देने के लिए राज्य की ‘होमस्टे नीति’ के तहत पंजीकृत हितग्राहियों को तीन चरणों में कैपिटल सब्सिडी (Capital Subsidy) का भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, सिरपुर के ऐतिहासिक सुरंग टीला और नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो का नियमित संचालन शुरू होगा। कलाकारों के पंजीयन के लिए ‘चिन्हारी पोर्टल’ को अपग्रेड किया जाएगा और सूरजपुर के कुदरगढ़ में प्रस्तावित रोप-वे निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।
“छत्तीसगढ़ को केवल खनिजों का राज्य नहीं, बल्कि देश का सबसे खूबसूरत पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र बनाना हमारी सरकार का संकल्प है। चित्रकोट और सिरपुर जैसे केंद्र दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। 144 स्थलों के सर्वे के बाद अब हमारा ध्यान धरातल पर बुनियादी सुविधाएं देने पर है। पर्यटन केवल सैर-सपाटा नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं और होमस्टे संचालकों के लिए सम्मानजनक रोजगार का सबसे बड़ा जरिया है।”— राजेश अग्रवाल, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
छत्तीसगढ़ के टूरिज्म सेक्टर और स्थानीय लोगों के लिए इसके क्या मायने हैं?
- बस्तर में अंतरराष्ट्रीय टूरिस्ट फुटफॉल: चित्रकोट के ग्लोबल डेस्टिनेशन बनने से विदेशी सैलानियों की आमद बढ़ेगी, जिससे स्थानीय गाइडों, टैक्सी चालकों और हस्तशिल्पियों की आय दोगुनी होगी।
- होमस्टे संचालकों को सीधा आर्थिक लाभ: कैपिटल सब्सिडी सीधे खातों में पहुंचने से ग्रामीण युवा अपने घरों को पर्यटकों के ठहरने योग्य आधुनिक होमस्टे में बदल सकेंगे।
- अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को निर्बाध सुविधा: रामलला दर्शन योजना में ट्रेन की कमी नहीं होगी और बुजुर्गों को सुगम तीर्थ यात्रा का लाभ मिलेगा।
छत्तीसगढ़ पर्यटन समीक्षा 2026: प्रमुख फैसले एक नजर में
- समीक्षा बैठक: पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग
- अध्यक्षता: मंत्री श्री राजेश अग्रवाल
- चित्रकोट जलप्रपात: ग्लोबल डेस्टिनेशन प्रस्ताव 2 सप्ताह में केंद्र सरकार को भेजा जाएगा
- राम वनगमन परिपथ: 31 नए स्थलों पर 2 माह में टेंडर व कार्य प्रारंभ
- पर्यटन स्थल विकास: 144 स्थलों का सर्वे पूर्ण; 20 प्राथमिकता वाले स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं
- श्री रामलला दर्शन: IRCTC के विकल्प के तौर पर EOI से अलग ट्रेन एजेंसी का चयन
- भोरमदेव कॉरिडोर: निर्माण कार्यों की निगरानी हेतु ऑनलाइन पोर्टल का निर्माण
- होमस्टे योजना: पात्र हितग्राहियों को 3 चरणों में कैपिटल सब्सिडी का त्वरित वितरण
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
चित्रकोट जलप्रपात को लेकर क्या बड़ा निर्णय लिया गया है?
चित्रकोट जलप्रपात को ‘ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत डीपीआर तैयार कर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को भेजेगी।
राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत कितने नए स्थलों पर कार्य शुरू होगा?
राम वनगमन परिपथ के अंतर्गत नवीन चिह्नित 31 स्थलों पर आगामी दो माह के भीतर डीपीआर, निविदा और एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
श्री रामलला दर्शन योजना के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है?
आईआरसीटीसी द्वारा तकनीकी कारणों से ट्रेन उपलब्ध न कराए जाने की स्थिति में ईओआई (EOI) के माध्यम से निजी/वैकल्पिक एजेंसी का चयन कर श्रद्धालुओं के लिए ट्रेनें चलाई जाएंगी।
छत्तीसगढ़ के कितने पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता से विकसित होंगी?
पर्यटन मंडल द्वारा 144 स्थलों का सर्वेक्षण पूरा किया गया है, जिनमें से 20 प्राथमिकता वाले स्थलों पर शौचालय, पेयजल और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं फास्ट-ट्रैक आधार पर विकसित की जा रही हैं।
स्रोत (Source): पर्यटन एवं संस्कृति विभाग / छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड (DPR Raipur)