जगदलपुर/रायपुर, 28 सितंबर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का सघन दौरा कर जमीनी स्थिति की समीक्षा की। जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के सर्वाधिक प्रभावित डोंगाघाट पहुंचे मुख्यमंत्री ने पीड़ितों से मिलकर उनका दर्द जाना और मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10-10 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक मदद देने की घोषणा की। यह राशि शासन के सामान्य आपदा नियमों के तहत मिलने वाले मुआवजे के अतिरिक्त होगी।
मुख्य बिंदु:
- जगदलपुर के बाढ़ प्रभावित डोंगाघाट पहुंचे CM विष्णु देव साय, प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद कर जानी समस्याएं।
- शासकीय आपदा प्रावधानों के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹10-10 हजार की अतिरिक्त फौरी मदद।
- इंद्रावती नदी के बड़े पुल पर पहुंचकर जलस्तर और तटीय बस्तियों में जलभराव की स्थिति का लिया जायजा।
- मकान, फसल और पशुधन के नुकसान का मानवीय संवेदनशीलता के साथ त्वरित सर्वे कर मुआवजा बांटने के सख्त निर्देश।
डोंगाघाट में पीड़ितों से आत्मीय संवाद, तुरंत ₹10 हजार की फौरी राहत
डोंगाघाट पहुंचे मुख्यमंत्री ने जलभराव से प्रभावित नागरिकों, महिलाओं और बुजुर्गों से बातचीत की। उन्होंने घरों में घुसे पानी, घरेलू राशन और सामान के नुकसान की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रति परिवार 10 हजार रुपये की घोषित फौरी सहायता राशि बिना किसी लालफीताशाही के तुरंत वितरित की जाए, ताकि लोग अपनी दैनिक जरूरतें पूरी कर सकें।
इंद्रावती पुल से परखा जलस्तर, राहत दलों को 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने इंद्रावती नदी पर बने मुख्य पुल पर जाकर नदी के उफान, बहाव और तटीय इलाकों की भौगोलिक स्थिति का सूक्ष्म मुआयना किया। कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी बी.एन. मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा और एसपी शलभ सिन्हा ने मुख्यमंत्री को जलस्तर की ताजा स्थिति और राहत शिविरों की व्यवस्था से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे नहीं आ जाता, तब तक आपदा प्रबंधन, गोताखोर और नगर सेना के राहत दल संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात रहें।
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मकान, फसल और पशुधन की क्षति का त्वरित और पारदर्शी सर्वे
मुख्यमंत्री ने राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए कच्चे-पक्के मकानों, खेतों में डूबी फसलों और पशुहानि का सर्वे पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ किया जाए।
उन्होंने कहा कि सर्वे का काम युद्धस्तर पर पूरा किया जाए, ताकि शासन की राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के तहत मिलने वाली राहत राशि का वितरण तुरंत शुरू हो सके और कोई भी पात्र प्रभावित परिवार छूटने न पाए।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित बीमारियों से बचाव पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को आगाह किया कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद डायरिया, मलेरिया और त्वचा रोगों जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने प्रभावित बस्तियों में क्लोरीन की गोलियों का वितरण, कुओं और जलस्रोतों का शुद्धिकरण तथा नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने के निर्देश दिए। प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव और शुद्ध पेयजल आपूर्ति पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
“प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार बस्तर के हर प्रभावित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। भोजन, शुद्ध पानी, दवा और सुरक्षित आश्रय की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। ₹10 हजार की फौरी राहत के अलावा मकान और फसल के नुकसान का पूरा मुआवजा पीड़ितों तक पहुंचाया जाएगा।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
बाढ़ पीड़ितों और आम जनता के लिए इसके क्या मायने हैं?
- हाथ में तुरंत नकद सहारा: ₹10,000 की तात्कालिक आर्थिक मदद मिलने से प्रभावित परिवार तुरंत राशन, कपड़े और जरूरी घरेलू सामान खरीद सकेंगे।
- फसल और मकान का पूरा मुआवजा: सर्वे के स्पष्ट आदेश से किसानों और मकान मालिकों को सरकारी नियमों के तहत उचित आर्थिक क्षतिपूर्ति मिलेगी।
- महामारी से सुरक्षा: स्वास्थ्य विभाग के सक्रिय होने और जलस्रोतों की सफाई से बाढ़ के बाद फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश: राहत और पुनर्वास की प्रमुख कार्ययोजना
- आर्थिक सहायता: प्रत्येक प्रभावित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10,000 की फौरी मदद।
- सर्वे कार्य: मकान, घरेलू सामग्री, खड़ी फसल और मवेशियों की क्षति का त्वरित आकलन।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: प्रभावित वार्डों और गांवों में मेडिकल मोबाइल यूनिट और दवाओं का वितरण।
- स्वच्छता अभियान: बाढ़ का पानी घटने के साथ ही बस्तियों में फॉगिंग और जलस्रोतों का विसंक्रमण।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के बाढ़ पीड़ितों को कितनी सहायता राशि देने की घोषणा की है?
मुख्यमंत्री ने आपदा राहत के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को ₹10-10 हजार की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने जगदलपुर के किस बाढ़ प्रभावित इलाके का जमीनी दौरा किया?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के सर्वाधिक प्रभावित डोंगाघाट पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और राहत कार्यों का जायजा लिया।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रशासन को क्या निर्देश दिए गए हैं?
मुख्यमंत्री ने शुद्ध पेयजल आपूर्ति, जलस्रोतों के शुद्धिकरण, जलजनित बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य शिविर लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / Bastar)