गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/रायपुर, 28 सितंबर: आदिवासी वनांचल विकासखंड मरवाही के चार शासकीय शिक्षकों ने अपनी नवाचारी शिक्षण पद्धतियों और रचनात्मक गतिविधियों से राज्य स्तर पर जिले का मान बढ़ाया है। नया रायपुर स्थित कलिंगा यूनिवर्सिटी में आयोजित गरिमामय सम्मान समारोह में राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका अर्चना सामुएल मसीह, व्याख्याता ऐशले कैनिथ डगलस, संतोष प्रजापति और नलिनी राय को उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम और विषय विशेषज्ञों ने शिक्षकों को यह राज्यस्तरीय सम्मान सौंपा।
मुख्य बिंदु:
- मरवाही के 4 शिक्षकों को नवाचार और उत्कृष्ट अध्यापन के लिए कलिंगा यूनिवर्सिटी नया रायपुर में मिला सम्मान।
- राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका अर्चना सामुएल मसीह और व्याख्याता ऐशले कैनिथ डगलस को स्काउट-गाइड व नशामुक्ति अभियानों के लिए सराहना।
- संतोष प्रजापति और नलिनी राय को ‘कबाड़ से जुगाड़’ व टीएलएम (TLM) आधारित रोचक शिक्षण के लिए किया गया सम्मानित।
- शिक्षा आयोग अध्यक्ष सुधीर गौतम, कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी और डीईओ रजनीश तिवारी ने दी शुभकामनाएं।
नवा रायपुर में सम्मानित हुए वनांचल के चार शिक्षक
कलिंगा यूनिवर्सिटी, नया रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ शासन शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी, प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. अनिल कुमार प्रधान और एम.डी. एजुकेशन सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने चारों शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर नवाजा।
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय वर्मा ने इस उपलब्धि को जिले के शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक बताया है।
स्काउट-गाइड, रेडक्रॉस और नशामुक्ति से छात्रों का सर्वांगीण विकास
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मगुरदा की राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका अर्चना सामुएल मसीह और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगरार के व्याख्याता ऐशले कैनिथ डगलस स्काउट-गाइड के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं।
इन दोनों शिक्षकों ने सुदूर ग्रामीण इलाकों में छात्रों की शत-प्रतिशत नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, शैक्षणिक स्तर में सुधार, स्वच्छता जागरूकता और नशामुक्ति अभियानों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में उल्लेखनीय कार्य किया है।
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‘कबाड़ से जुगाड़’: बिना बजट खेल-खेल में पढ़ाई का अनूठा मॉडल
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला करहनी के शिक्षक संतोष प्रजापति और शासकीय प्राथमिक शाला लोहारी की शिक्षिका नलिनी राय ने कक्षाओं को खेल-खेल में सीखने का केंद्र बना दिया है।
दोनों शिक्षकों ने अनुपयोगी घरेलू वस्तुओं और कबाड़ से विज्ञान व गणित के रोचक मॉडल (TLM – टीचिंग लर्निंग मटेरियल) तैयार किए हैं। इस व्यावहारिक पद्धति से प्राथमिक स्तर के जनजातीय बच्चों में पढ़ाई के प्रति डर खत्म हुआ है और जटिल अवधारणाएं भी वे आसानी से समझ रहे हैं।
“वनांचल के स्कूलों में संसाधनों की कमी के बावजूद जब शिक्षक अपनी रचनात्मकता और सेवाभाव से नवाचार करते हैं, तो वे समाज की सोच बदल देते हैं। मरवाही के इन चारों शिक्षकों का समर्पण प्रदेश के सभी शिक्षकों के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है।”— सुधीर गौतम, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ शासन शिक्षा आयोग
आदिवासी अंचल के बच्चों और सरकारी स्कूलों पर क्या असर होगा?
- स्कूलों में ठहराव और उपस्थिति: रोचक और गतिविधि-आधारित शिक्षण से सुदूर वनांचल के बच्चों का स्कूल ड्रॉप-आउट रुका है और कक्षाओं में नियमित उपस्थिति बढ़ी है।
- सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास: कबाड़ से जुगाड़ और स्काउट-गाइड जैसी राष्ट्रीय गतिविधियों से ग्रामीण पालकों का भरोसा सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं पर मजबूत हुआ है।
- अन्य शिक्षकों को प्रेरणा: इन शिक्षकों के सम्मानित होने से विकासखंड के अन्य शिक्षक भी अपनी कक्षाओं में आधुनिक टीएलएम और नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
सम्मानित चारों शिक्षकों का परिचय
- श्रीमती अर्चना सामुएल मसीह: राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मगुरदा (स्काउट-गाइड व नशामुक्ति अभियान)।
- श्री ऐशले कैनिथ डगलस: व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगरार (राष्ट्रीय स्तर पर स्काउट-गाइड सम्मानित)।
- श्री संतोष प्रजापति: शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला करहनी (टीएलएम निर्माण व नवाचारी शिक्षा)।
- श्रीमती नलिनी राय: शिक्षिका, शासकीय प्राथमिक शाला लोहारी (‘कबाड़ से जुगाड़’ बाल-केंद्रित शिक्षण)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
मरवाही के किन चार शिक्षकों को राज्यस्तरीय सम्मान मिला है?
अर्चना सामुएल मसीह, ऐशले कैनिथ डगलस, संतोष प्रजापति और नलिनी राय को शिक्षा में नवाचार के लिए सम्मानित किया गया है।
यह शिक्षक सम्मान समारोह कहां आयोजित किया गया था?
यह सम्मान समारोह नया रायपुर स्थित कलिंगा यूनिवर्सिटी परिसर में एम.डी. एजुकेशन सोसाइटी और शिक्षा आयोग के सहयोग से आयोजित किया गया।
इन शिक्षकों को किस खास पद्धति के लिए पुरस्कार दिया गया है?
इन शिक्षकों को स्काउट-गाइड, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, टीएलएम निर्माण और ‘कबाड़ से जुगाड़’ आधारित रोचक शिक्षण के लिए पुरस्कृत किया गया है।