रायपुर, 27 सितंबर: जापान में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम कर लिया है। भारतीय टीम की प्रमुख खिलाड़ी और छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की रहने वाली संजू देवी की इस ऐतिहासिक सफलता पर उप मुख्यमंत्री तथा खेल मंत्री अरुण साव ने रविवार को वीडियो कॉल पर बात कर उन्हें बधाई दी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संजू देवी के खेल के प्रति जुनून और समर्पण ने पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।
मुख्य बिंदु:
- जापान एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता स्वर्ण पदक।
- उप मुख्यमंत्री व खेल मंत्री अरुण साव ने वीडियो कॉल कर खिलाड़ी संजू देवी को दी बधाई।
- अंतरराष्ट्रीय मंच पर संजू देवी का यह तीसरा गोल्ड मेडल; इससे पहले वर्ल्ड कप और एशियन चैंपियनशिप में भी बनी थीं चैंपियन।
- कोरबा जिले की निवासी संजू देवी बिलासपुर स्थित बहतराई खेल अकादमी में ले रही हैं प्रशिक्षण।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर संजू देवी का तीसरा स्वर्ण पदक
संजू देवी भारतीय महिला कबड्डी टीम की एक मजबूत रेडर और डिफेंडर के रूप में अपनी खास पहचान बना चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए यह उनकी तीसरी स्वर्णिम उपलब्धि है।
इससे पहले उन्होंने कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में भी भारतीय टीम को खिताब दिलाने में मैच जिताऊ प्रदर्शन किया था। जापान में उनके आक्रामक खेल ने विरोधी टीमों को बैकफुट पर धकेलने में निर्णायक भूमिका निभाई।
बहतराई खेल अकादमी बिलासपुर से तय किया स्वर्णिम सफर
मूल रूप से कोरबा जिले की रहने वाली संजू देवी वर्तमान में बिलासपुर स्थित राज्य खेल प्रशिक्षण अकादमी (बहतराई) में अपने खेल को निखार रही हैं। वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान संजू देवी ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के साथ-साथ छत्तीसगढ़ शासन और खेल विभाग से मिले निरंतर सहयोग को दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मिल रहे उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, आहार और खेल सुविधाओं के कारण ही वे बिना किसी दबाव के अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश के लिए खेल पा रही हैं।
‘छत्तीसगढ़ की बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं संजू’: अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि संजू देवी की यह कामयाबी केवल एक पदक नहीं, बल्कि उन लाखों बेटियों के सपनों की जीत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों में मुकाम हासिल करना चाहती हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को इतना सुदृढ़ बनाया जाएगा कि ग्रामीण अंचलों की छिपी हुई प्रतिभाओं को ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे बड़े मंचों तक सीधे पहुंचने का अवसर मिले।
“संजू देवी की स्वर्णिम सफलता उनके अनवरत संघर्ष और खेल के प्रति अटूट समर्पण का प्रतिफल है। उन्होंने साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं में विश्व स्तर पर तिरंगा लहराने का माद्दा है। प्रदेश की हर उभरती हुई बेटी और युवा खिलाड़ी के लिए संजू एक बड़ी प्रेरणा हैं।”— अरुण साव, उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के खेल जगत और युवा खिलाड़ियों के लिए इसके क्या मायने हैं?
- खेल अकादमियों की साख मजबूत: बिलासपुर की बहतराई अकादमी की खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बनना यह सिद्ध करता है कि राज्य की खेल अकादमियों में विश्वस्तरीय कोचिंग दी जा रही है।
- महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन: दूरदराज के आदिवासी और ग्रामीण अंचलों की बालिकाओं में कबड्डी, एथलेटिक्स और अन्य पारंपरिक खेलों के प्रति रुझान और पारिवारिक समर्थन तेजी से बढ़ेगा।
- सरकारी नौकरियों और सम्मान के अवसर: अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए राज्य शासन की सीधी भर्ती नीति और प्रोत्साहन राशि से खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है।
संजू देवी की स्वर्णिम उपलब्धियां एक नजर में
- एशियन गेम्स (जापान): स्वर्ण पदक विजेता (भारतीय महिला कबड्डी टीम सदस्य)
- कबड्डी विश्वकप: भारत को स्वर्ण पदक जिताने में अहम भूमिका
- एशियन कबड्डी चैंपियनशिप: स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य
- गृह जिला व प्रशिक्षण केंद्र: कोरबा (मूल निवास), बहतराई खेल अकादमी बिलासपुर (वर्तमान प्रशिक्षण केंद्र)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
संजू देवी कौन हैं और वे छत्तीसगढ़ के किस जिले की रहने वाली हैं?
संजू देवी भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्टार खिलाड़ी हैं और वे मूल रूप से छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की रहने वाली हैं।
संजू देवी ने एशियन गेम्स में कौन सा पदक जीता है?
संजू देवी ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीता है।
संजू देवी किस खेल अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं?
संजू देवी छत्तीसगढ़ खेल विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर स्थित बहतराई खेल प्रशिक्षण अकादमी में नियमित अभ्यास करती हैं।
स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur)