गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खुले: महानदी में उफान से जांजगीर में अलर्ट, शिवरीनारायण में रेस्क्यू बोट्स के साथ DDRF तैनात

gangrel dam gates opened mahanadi alert gangrel dam gates opened mahanadi alert

रायपुर, 26 सितंबर: धमतरी स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल (गंगरेल) बांध के सभी 14 गेट खोले जाने और लगातार हो रही बारिश के कारण महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने शिवरीनारायण व बसंतपुर बैराज के तटीय इलाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। शिवरीनारायण के प्रमुख घाटों पर मोटर बोट और बचाव उपकरणों के साथ जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF) की टीम तैनात कर दी गई है।

मुख्य बिंदु:

  • गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खुलने से महानदी में भारी जलप्रवाह, तटीय क्षेत्रों में अलर्ट।
  • शिवरीनारायण में मोटर बोट्स के साथ डीडीआरएफ टीम तैनात; बिलासपुर एसडीआरएफ भी स्टैंडबाय पर।
  • शिवरीनारायण और बसंतपुर बैराज के घाटों व पुलों पर बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल तैनात।
  • तटीय गांवों में मुनादी के निर्देश, जलस्तर बढ़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टिंग की तैयारी पूरी।

शिवरीनारायण और बसंतपुर बैराज पर पुलिस का कड़ा पहरा

प्रशासनिक अधिकारियों ने शिवरीनारायण बैराज, प्रमुख स्नान घाटों, नदी के पुलों और बसंतपुर बैराज सहित सभी संवेदनशील जलमग्न क्षेत्रों का सघन मुआयना किया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों और पुलों पर मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है।

कलेक्टर और एसपी ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी रपटे या पुलिया के ऊपर से पानी बहता है, तो वहां आवागमन तुरंत पूरी तरह रोक दिया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय हादसे से बचा जा सके।

नावों और रेस्क्यू किट के साथ मोर्चा संभाले जवान

जिले में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए होमगार्ड और डीडीआरएफ की दो टीमें पूरी तैयारी में हैं। एक टीम को शिवरीनारायण में मोटर बोट, लाइफ जैकेट और गोताखोरों के साथ तैनात किया गया है, जबकि दूसरी टीम को जिला मुख्यालय में रिजर्व रखा गया है।

किसी भी गंभीर आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) बिलासपुर से भी सीधा वायरलेस संपर्क और तालमेल बनाया गया है।


यह भी पढ़ें: बस्तर में बारिश थमी लेकिन आ गई आफत: खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर इंद्रावती, जगदलपुर में बिजली बंद


तटीय गांवों में मुनादी, जोखिम भरे रपटों पर आवागमन बंद

महानदी के किनारे बसे गांवों में कोटवारों और राजस्व अमले के जरिए मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर बांधने की हिदायत दी गई है।

पूर्व में जलभराव से प्रभावित बस्तियों के लोगों को जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट करने के लिए शेल्टर होम और राहत केंद्र तैयार कर लिए गए हैं।

“महानदी में पानी की भारी आवक हो रही है। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और स्थिति नियंत्रण में है। नागरिकों से सख्त अपील है कि वे तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम कतई न लें और प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।”— जिला प्रशासन, जांजगीर-चांपा

तटीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

  • नदी के घाटों से दूरी बनाएं: शिवरीनारायण आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग उफनती नदी में स्नान करने या किनारे जाने से बचें।
  • पुल-पुलियों पर न जाएं: जलमग्न रपटों पर वाहन निकालने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है; वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
  • कंट्रोल रूम से संपर्क: जलभराव या आपात स्थिति होने पर सीधे जिला आपदा नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय थाने को सूचना दें।
  • अफवाहों से बचें: केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

पृष्ठभूमि: गंगरेल बांध और महानदी का जलप्रवाह

धमतरी जिले में स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल जलाशय (गंगरेल बांध) छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े जलाशयों में से एक है। ऊपरी कैचमेंट में भारी बारिश के बाद जब इसके गेट खोले जाते हैं, तो लाखों क्यूसेक पानी महानदी में समाहित होता है।

यह जलप्रवाह धमतरी, रायपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार से होते हुए जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण और आगे ओडिशा की ओर बढ़ता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

गंगरेल बांध के कितने गेट खोले गए हैं और इसका क्या असर होगा?

गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे महानदी में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है और तटीय इलाकों में जलस्तर बढ़ गया है।

जांजगीर-चांपा में किन संवेदनशील स्थानों पर अलर्ट जारी किया गया है?

महानदी के तटीय क्षेत्रों, विशेषकर शिवरीनारायण बैराज, प्रमुख स्नान घाटों, बसंतपुर बैराज और नदी किनारे के गांवों में अलर्ट घोषित किया गया है।

बाढ़ राहत और बचाव के लिए कौन सी टीमें तैनात हैं?

शिवरीनारायण में मोटर बोट और बचाव उपकरणों के साथ DDRF की टीम तैनात की गई है और SDRF बिलासपुर को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / Janjgir-Champa)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *