Teej Milan Samaroh Raipur: माताओं-बहनों का सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता, CM साय ने किया ऐलान— ₹650 करोड़ से बनेगी भव्य फिल्म सिटी

Teej Milan Samaroh Raipur Teej Milan Samaroh Raipur

रायपुर, 22 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति में मातृशक्ति के सर्वोच्च सम्मान, पारिवारिक मूल्यों और आस्था के महापर्व ‘तीज’ के उपलक्ष्य में राजधानी रायपुर स्थित राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के निवास पर भव्य एवं पारंपरिक Teej Milan Samaroh Raipur का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश भर से पधारीं हजारों माताओं-बहनों का आत्मीय अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि माताओं-बहनों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और महिलाएं केवल सरकारी योजनाओं की हितग्राही नहीं, बल्कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की बराबर की साझीदार हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक प्रतिभाओं और फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में सिनेमा निर्माण और स्थानीय कला को विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए लगभग ₹650 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक ‘फिल्म सिटी’ (Film City) तैयार की जा रही है। इससे प्रदेश में फिल्म शूटिंग, पोस्ट-प्रोडक्शन और स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों व युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर खुलेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं संस्कृति को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने वाले वरिष्ठ लोक कलाकारों को मंच से शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की राशि सीधे खातों में दी जा रही है और अब तक 31 किस्तों में ₹20 हजार करोड़ से अधिक अंतरित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही प्रदेश की 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। समारोह में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने जीवन संघर्षों को साझा करते हुए पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकगीत गाकर माताओं-बहनों का भावपूर्ण स्वागत किया, जबकि मुख्यमंत्री ने मंत्री निवास पर विराजित भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

तीज मिलन समारोह रायपुर: मुख्य तथ्य (Quick Facts)विवरण
समारोह का नामTeej Milan Samaroh Raipur (पारंपरिक तीज मिलन समारोह)
आयोजन स्थलराजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा का शासकीय निवास, रायपुर (22 सितंबर 2026)
मुख्य अतिथिश्री विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़)
बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर ऐलानलगभग ₹650 करोड़ की लागत से छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी का निर्माण
महतारी वंदन योजना आंकड़े68 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित | 31 किस्तों में ₹20,000+ करोड़ अंतरित
लखपति दीदी की संख्याप्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनीं
आवास निर्माण उपलब्धि18 लाख पीएम आवास स्वीकृत; प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण
विशेष सांस्कृतिक पहललोक कलाकारों का सम्मान एवं राजस्व मंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुति

सनातन संस्कृति में मातृशक्ति का सर्वोच्च स्थान: मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने Teej Milan Samaroh Raipur के मंच से भारतीय संस्कृति के शाश्वत मूल्यों को रेखांकित किया:

  • यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते: मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से नारी को पूजनीय माना गया है। शास्त्र कहते हैं—“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः”। मां परिवार की प्रथम शिक्षक और संस्कारों की आधारशिला होती है। जब माताएं-बहनें मजबूत होती हैं, तभी सशक्त समाज और समृद्ध राज्य का निर्माण होता है।
  • तीज पर्व की महत्ता: भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का यह पावन पर्व पारिवारिक मूल्यों, प्रेम और पति-परिवार के दीर्घायु जीवन की मंगलकामना का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सभी माताओं-बहनों के सुख, समृद्धि और आरोग्य की कामना की।

महतारी वंदन और 13.85 लाख लखपति दीदियां: आर्थिक स्वतंत्रता की नई तस्वीर

मुख्यमंत्री ने महिला केंद्रित योजनाओं की सफलता के जमीनी प्रभाव को विस्तार से बताया:

  • स्वावलंबन का माध्यम: महतारी वंदन योजना की ₹1,000 मासिक राशि से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। बहनें इस राशि का उपयोग सुकन्या समृद्धि योजना में बेटी का भविष्य संवारने, सिलाई मशीन खरीदकर स्वरोजगार शुरू करने और बच्चों की उच्च शिक्षा में कर रही हैं।
  • 13.85 लाख लखपति दीदियां: राज्य में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं स्व-सहायता समूहों के जरिए विभिन्न आजीविका गतिविधियों (मुर्गी पालन, किराना, हथकरघा, लघु वनोपज प्रसंस्करण) से जुड़कर प्रतिवर्ष ₹1 लाख से अधिक की कमाई कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति को वैश्विक मंच: ₹650 करोड़ की फिल्म सिटी

स्थानीय कला, पर्यटन और सिनेमा को उद्योग का दर्जा देने के क्रम में मुख्यमंत्री ने बड़े प्रोजेक्ट की जानकारी दी:

  • फिल्म सिटी निर्माण: प्रदेश में लगभग ₹650 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक फिल्म सिटी तैयार की जा रही है। इससे छत्तीसगढ़ की विशिष्ट लोकसंस्कृति, जलप्रपातों और ऐतिहासिक स्थलों पर फिल्मों व वेब सीरीज की शूटिंग को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय कलाकारों व तकनीशियनों को सीधा रोजगार मिलेगा।
  • लोक कलाकारों का सम्मान: समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक कला, लोकगीत और लोकनृत्य को जीवंत रखने वाले वरिष्ठ कलाकारों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया और कहा कि वे राज्य की माटी की खुशबू को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं।

बुनियादी विकास: डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल से लेकर पीएम आवास (1,600 प्रतिदिन) तक

मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास के ऐतिहासिक पड़ावों को स्मरण किया:

  • ‘चाउंर वाले बाबा’ का योगदान: मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके समय में सड़क, बिजली और सुदृढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का जाल बिछा, जिससे उन्हें प्रदेश में ‘चाउंर वाले बाबा’ के नाम से लोकप्रिय पहचान मिली।
  • 18 लाख पीएम आवास और शांति बहाली: वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जहाँ प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवासों का निर्माण हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से बस्तर में नक्सलवाद पर निर्णायक बढ़त मिली है और शांति के साथ विकास का नया दौर शुरू हुआ है।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का भावुक संबोधन और लोकगीत

राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने निवास पर पधारीं माताओं-बहनों का छत्तीसगढ़ी लोकगीत गाकर अभिनंदन किया:

  • संघर्ष के संस्मरण: श्री वर्मा ने बताया कि जब वे आठवीं कक्षा में पढ़ते थे, तब पहली बार उनके गांव में बिजली और सड़क पहुंची थी। वर्ष 2003 के बाद प्रदेश के गांवों का तेजी से कायाकल्प हुआ। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर जनता की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए परम सौभाग्य है।

समारोह में उपस्थित विशिष्ट जनप्रतिनिधि एवं आयोग प्रमुख

इस पावन तीज मिलन समारोह में शासन के विभिन्न आयोगों, निगम-मंडलों के प्रमुख और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे:

  • श्री गौरी शंकर श्रीवास (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ केश शिल्पी विकास बोर्ड)
  • श्री ध्रुव कुमार मिर्धा (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड)
  • सुश्री मोना सेन (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम)
  • श्री रोहित साहू (माननीय विधायक)
  • श्री नवीन अग्रवाल (अध्यक्ष, जिला पंचायत रायपुर)
  • श्रीमती वीणा सिंह सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति, प्रबुद्ध नागरिक और लोक कलाकार उपस्थित थे।

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CGPSC Static Facts: तीजा पर्व, छत्तीसगढ़ फिल्म नीति एवं सांविधिक मंडल

प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC राज्य सेवा परीक्षा Paper-6 छत्तीसगढ़ की कला व संस्कृति तथा Paper-5 अर्थव्यवस्था) के दृष्टिकोण से मानक तथ्य:

  • छत्तीसगढ़ में तीजा (हरतालिका तीज) लोकपर्व:
    • सांस्कृतिक परंपरा: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला सुहागिन महिलाओं का सबसे बड़ा निर्जला व्रत। महिलाएं अपने मायके (पीहर) जाकर भगवान शिव और माता पार्वती की बालू/मिट्टी की प्रतिमा बनाकर ‘फुलेरा’ के नीचे रात्रि जागरण कर पूजा करती हैं।
    • पारंपरिक व्यंजन: खुरमी, ठेठरी, चौसेला और गुजिया इस पर्व के पारंपरिक पकवान हैं।
  • छत्तीसगढ़ फिल्म नीति एवं फिल्म सिटी:
    • छत्तीसगढ़ फिल्म नीति 2021: राज्य में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने, अनुदान (Subsidy) प्रदान करने और ‘सिंगल विंडो शूटिंग परमिशन’ देने हेतु लागू की गई।
    • छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम: राज्य में फिल्म निर्माण, राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सहभागिता और नवा रायपुर में प्रस्तावित ₹650 करोड़ की फिल्म सिटी के निर्माण की नोडल संस्था (वर्तमान अध्यक्ष: सुश्री मोना सेन)।
  • पारंपरिक शिल्प एवं कल्याणकारी बोर्ड (Chhattisgarh Boards):
    • छत्तीसगढ़ केश शिल्पी विकास बोर्ड: वर्ष 2014 में स्थापित; सेन/नाई समाज के पारंपरिक केश शिल्पकारों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान और आधुनिक सैलून प्रशिक्षण हेतु कार्यरत।
    • छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड: चर्म उद्योग से जुड़े परंपरागत शिल्पकारों के कौशल विकास और स्वरोजगार हेतु स्थापित संस्था।

विश्लेषण: नकद हस्तांतरण से उद्यमिता और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था (Creative Economy) का निर्माण

(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Gender Budgeting, Cultural Economy & Rural Transformation)

1. महतारी वंदन से लखपति दीदी: महिला सशक्तिकरण की क्रमिक सीढ़ी: Teej Milan Samaroh Raipur में प्रस्तुत किए गए आंकड़े (68 लाख महिलाओं को ₹20,000 करोड़ का अंतरण और 13.85 लाख लखपति दीदियां) यह स्पष्ट करते हैं कि छत्तीसगढ़ में ‘जेंडर बजटिंग’ केवल सहायता अनुदान तक सीमित नहीं है। ₹1,000 की मासिक नकद सहायता महिलाओं को जोखिम उठाने (Risk Appetite) का साहस देती है। जब यह राशि बैंक ऋण और एसएचजी के साथ जुड़ती है, तो महिला ‘सिलाई मशीन’ या ‘पोल्ट्री फार्म’ जैसी उत्पादक संपत्तियां खरीदती है। यह पारिवारिक निर्णयों में महिलाओं की स्वायत्तता (Agency) को बढ़ाता है।

2. ₹650 करोड़ की फिल्म सिटी और क्षेत्रीय ‘सॉफ्ट पावर’: छत्तीसगढ़ प्राकृतिक रूप से बस्तर के जलप्रपातों, सरगुजा की पहाड़ियों और पुरातात्विक स्मारकों से समृद्ध है। लेकिन आधुनिक स्टूडियो और पोस्ट-प्रोडक्शन लैब्स न होने से फिल्म निर्माता बाहर चले जाते थे। ₹650 करोड़ की फिल्म सिटी परियोजना स्थानीय लोक कलाकारों (पंडवानी, भरथरी, सुआ, करमा) और स्थानीय बोली (छत्तीसगढ़ी) को वैश्विक सिनेमाई अर्थव्यवस्था से जोड़ेगी। यह राज्य की सांस्कृतिक ‘सॉफ्ट पावर’ को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यटन में भारी पूंजी निवेश आकर्षित करेगी।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. Teej Milan Samaroh Raipur का आयोजन कहाँ किया गया था?

इस पारंपरिक समारोह का आयोजन छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के रायपुर स्थित शासकीय निवास पर किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

Q2. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में कितनी लागत से फिल्म सिटी बनने की घोषणा की?

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने के लिए लगभग ₹650 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक फिल्म सिटी तैयार की जा रही है।

Q3. छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी की अद्यतन स्थिति क्या है?

महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को 31 किस्तों में ₹20,000 करोड़ से अधिक दिए जा चुके हैं तथा प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

स्रोत (Source)

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Chhattisgarh) आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, 22 सितंबर 2026.

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